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कोरबा

डीजल संकट से थमे ट्रक-मेटाडोर के पहिए, बाहरी राज्यों से सब्जी की सप्लाई ठप

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कोरबा। डीजल संकट की सीधी मार अब शहरवासियों की थाली पर पड़ने लगी है। बुधवारी व इतवारी बाजार जैसी मुख्य थोक मंडियों में भारी वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है।

यहां की सब्जी मंडी में जिन बड़े ट्रकों और मेटाडोर के जरिए बाहरी राज्यों व दूर-दराज के इलाकों से सब्जियों की बंपर आपूर्ति होती थी, वे ईंधन की किल्लत के कारण अब यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं। फिलहाल, शहर के लोगों की जरूरतों को पूरा करने सिर्फ आसपास के जिलों और स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों से ही सब्जियां आ रही हैं, जिन्हें छोटे वाहनों (जैसे पिकअप और ऑटो) के जरिए जैसे-तैसे लाया जा रहा है। खासकर बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और अंबिकापुर क्षेत्र से आने वाली सप्लाई पर निर्भर हो गई है।

यह स्थिति आगे भी बनी रही है तो सीमित सप्लाई के कारण हरी सब्जियों के दाम आसमान छू सकते हैं। अभी लोकल सब्जी की आवक अच्छी होने से कीमतों में अधिक उछाल नहीं आया है। सब्जी व्यवसायियों के अनुसार स्थानीय उत्पादक सब्जी की मांग को अधिक दिन तक पूरी नहीं कर पाएंगे। शहर की सब्जी मंडी में कटघोरा, कोरबा व करतला ब्लॉक से हरी सब्जियों की आवक काफी अच्छी बनी हुई है। स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित सब्जियों में बरबट्‌टी, भिंडी, लौकी, डोड़का, करेला, लाल भाजी, पालक भाजी, कटहल, आम, पपीता, मूली पर्याप्त मात्रा में बाजार में पहुंच रही है।

बुधवारी मंडी के थोक विक्रेता रमेश बंजारे ने बताया महाराष्ट्र के नासिक, नागपुर व पुणे से बारहमासी सब्जियां विशेषकर प्याज, टमाटर, फूलगोभी, शिमला मिर्च की बड़ी खेप पहुंचती है। वहीं पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से हरी मिर्च, धनिया, आलू, लहसुन और मौसमी हरी सब्जियों की भारी आवक ट्रक और मेटाडोर के जरिए सीधे कोरबा मंडी में होती है। यही नहीं, आंध्र प्रदेश और ओडिशा से कमरख, मुनगा, नींबू और सीजनल सब्जियां कोरबा आती हैं। इनकी आवक अभी नहीं के बराबर है।

सब्जी विक्रेता अनिल पटेल ने बताया कि बाजार में अब टमाटर की आपूर्ति पूरी तरह से बाहर से आने वाली सप्लाई पर निर्भर हो गई है, क्योंकि स्थानीय किसानों के खेतों में टमाटर नहीं रह गया। इससे टमाटर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। 15 दिन पहले 15 रुपए किलो में बिकने वाला टमाटर इन दिनों 40 से 50 रुपए तक पहुंच गया है, जबकि शेष सब्जियों की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी ही हुई है। पटेल ने बताया कि 10 दिन बाद अन्य सब्जियों के दाम भी बढ़ जाएंगे, इससे इनकार नहीं कर सकते। बुधवारी सब्जी मंडी में दो दर्जन थोक विक्रेता हैं। इनका कहना है कि 10 दिन पहले तक ऐसी मंडी रोजाना 6 ट्रक सब्जी पड़ोसी राज्यों से पहुंचती थी, जबकि इतनी गाड़ियां इतवारी बाजार मंडी में आ रही थी। जबसे डीजल की किल्लत बढ़ी है, तब से मंडी से ये गाड़ियां गायब हो गई हैं। ट्रकों में वृद्धि का भी असर हुआ है। पुराने भाड़े पर ट्रक वाले अब सब्जी लाने तैयार नहीं हो रहे हैं, इसलिए आसपास के जिलों से बाहर से आने वाली सब्जियों की पूर्ति छोटे वाहनों से हो रही है।

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कोरबा

जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति नगोईखार का मतदाता सूची प्रकाशित

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दावा- आपत्ति 15 सितंबर तक आमंत्रित
कोरबा 09 सितंबर 2026। जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति मर्यादित नगोईखार पंजीयन क्रमांक 3584 के सदस्यों के मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के लिए मतदाता सूची प्रकाशित किया गया है। मतदाता सूची के सम्बंध में सदस्यों से दावा-आपत्ति 15 सितंबर 2026 तक आमंत्रित किया गया है।
रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्रीमती सुष्मिता लकड़ा ने बताया कि दावा- आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के साथ सोसायटी कार्यालय नगोईखार में समिति प्रबंधक विजय कुमार अग्रवाल के पास  15 सितंबर 2026 तक कार्यालयीन समय पर  प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा- आपत्तियों का निराकरण 16 सितंबर को 12 बजे से किया जायेगा। निराकरण उपरांत अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

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कोरबा

हरदीबाजार अस्पताल के स्थानांतरण पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश, मुआवजा विसंगति, रोजगार और बसाहट की मांग पूरी होने तक स्थानांतरण का उग्र विरोध

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कोरबा/हरदीबाजार। एसईसीएल (SECL) दीपका एरिया परियोजना के विस्तार को लेकर हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हॉस्पिटल) के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों भू-विस्थापितों और जनप्रतिनिधियों का जबरदस्त आक्रोश एवं उग्र विरोध सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मूल संवैधानिक और मौलिक मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा, यदि प्रशासन ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आज हरदीबाजार तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली रोहित सिंह एवं तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरदीबाजार पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।

मुआवजा पत्रक में भारी गड़बड़ी व गुमराह करने का आरोप

बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दीपका एरिया प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नापी-सर्वे के उपरांत एसईसीएल द्वारा तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में 40% घाटा-बढ़ा दर्शाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियम-कानून में इस तरह के 40%-60% के नियम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन किसानों को गुमराह कर ऐसा पत्रक बना रहा है, जिससे उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे मूल किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ।

केंद्रीय कोयला मंत्री के कड़े निर्देशों की याद दिलाई

ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि हाल ही में कटघोरा विधायक के नेतृत्व में विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया था, इस पर कोयला मंत्री ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय (HQ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किसान के अधिकारों का हनन या उनके साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है ।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  1. मुआवजा विसंगति का समाधान:- मुआवजा पत्रक में की गई 40% की विसंगति को तत्काल सुधारकर किसानों को उनकी भूमि का उचित व वास्तविक मूल्य प्रदान किया जाए ।
  2. शीघ्र रोजगार की उपलब्धता:- भूमि अधिग्रहण के एवज में जितने भी पात्र किसान/विस्थापित हैं उन्हें अविलंब और तत्काल प्रभाव से रोजगार उपलब्ध कराया जाए ।
  3. बसाहट कार्य में तेजी:- विस्थापितों के लिए नए बसाहट स्थल पर जारी निर्माण व विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की गई ।
  4. स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा:- जब तक सभी मौलिक व विधिक अधिकारों की बहाली नहीं होती अस्पताल को यथावत रहने दिया जाए ।

शासन-प्रशासन आगे आकर निकाले समाधान

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास और खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों का नुकसान करके विस्तार स्वीकार्य नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आगे आकर किसानों की इन जायज और मूल समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी हो सके और कोयला खदान का विस्तार भी सुचारू रूप से संचालित हो सके ।

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कोरबा

पुष्पलता उद्यान से आगे ब्लू बर्ड स्कूल रोड पर पौधरोपण

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कोरबा। एक पेड़ मां के नाम अभियान से सोमवार को कोसाबाड़ी जोन में पुष्पलता उद्यान से आगे ब्लू बर्ड स्कूल मुख्य मार्ग किनारे पौधारोपण किया गया। नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पौधे लगाए। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हरित कोरबा के संकल्प को आगे बढ़ाया। जिला प्रशासन और नगर निगम कोरबा इसे वन विभाग के सहयोग से करा रहे हैं। कार्यक्रम में उद्यान अधीक्षक आनंद राठौर, संतोष यादव, मनमोहन, गोपी, कार्तिक राम, पूरन, अमर सिंह, फिरतू, किरित राम यादव, सांताराम, गंगाराम, केसर समेत अन्य शामिल हुए।

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