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कोरबा

पानी की मारामारी… टुल्लू पंप के उपयोग से 20 हजार मकानों में प्रेशर कम, नल भी सूखे

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कोरबा। निगम के पास पर्याप्त पानी होने के बाद भी 67 वार्ड के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। यहां लोग टुल्लू पंप लगाकर पानी खींच लेते हैं। इससे 20 हजार से अधिक घरों में प्रेशर के साथ पानी नहीं पहुंच रहा है। कई ऐसी बस्तियां हैं, जहां पाइपलाइन होने के बाद भी नलों में पानी नहीं आ रहा है। भीषण गर्मी में लोग बर्तन लेकर टैंकर का इंतजार करते नजर आते हैं।

शहर के 67 वार्डों में करीब 56 हजार नल कनेक्शन हैं। यहां सुबह और शाम को एक-एक घंटे पानी की आपूर्ति होती है। गर्मी के समय पानी की खपत बढ़ जाती है। इससे हर वार्ड में एक से डेढ़ घंटे तक पानी आपूर्ति होती है। वहीं लोग अधिक पानी लेने नल कनेक्शन में टुल्लू पंप लगा चुके हैं। निगम की टीम गुरुवार को वार्ड-19 और वार्ड-20 पथर्रीपारा बस्ती पहुंची, तो लोग पंप निकालते नजर आए। टीम ने तीन पंप जब्त कर लिए। लोगों ने बताया कि पानी का प्रेशर कम होने से एक बाल्टी पानी 15 से 20 मिनट में मिल पाता है।

बाकी दिनों में 10 मिनट भी नहीं लगते हैं। कमरिया वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 79 एमएलडी है। यहां से रोज 55 से 60 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है। गर्मी में पानी की खपत 15 से 20 प्रतिशत बढ़ जाती है। इस हिसाब से ही अधिक पानी दिया जा रहा है। इसके बाद भी अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। अमृत मिशन का काम पूरा होने के बाद अब बोर खनन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस वजह से जहां पानी की समस्या है, वहां सिंटेक्स लगाने की तैयारी की जा रही है। सिंटेक्स लगाने के बाद टैंकर से पानी ले जाकर भरा जाएगा, इससे काफी लोगों की परेशानी कम होगी।

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कोरबा

चलती बस में नवविवाहिता ने बच्चे को जन्म दिया:कोरबा से पटना जा रही राजहंस बस में हुआ प्रसव, जच्चा-बच्चा स्वस्थ

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कोरबा। कोरबा से पटना जा रही राजहंस बस में सफर के दौरान एक नवविवाहिता ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। झमाझम बारिश के बीच बस में मौजूद महिला यात्रियों और बस स्टाफ की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया गया। मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

जानकारी के मुताबिक, कोरबा निवासी सुनती देवी अपने पति के साथ राजहंस बस से पटना जा रही थीं। यह उनका पहला बच्चा है। रात करीब 11 बजे बस अंबिकापुर से आगे पहुंची ही थी कि उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।

बारिश के बीच सड़क किनारे रोकी गई बस

दर्द बढ़ने पर बस चालक ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोक दिया। तेज बारिश के बीच बस में मौजूद सुनती देवी नाम की एक अन्य महिला यात्री और दूसरी महिलाओं ने मिलकर प्रसव कराया। करीब आधे घंटे की कोशिश के बाद महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

यात्रियों ने दी बधाई, आर्थिक मदद भी की

बच्चे के जन्म के बाद बस में सवार 30 से 35 यात्रियों ने नवदंपती को बधाई दी। सभी यात्रियों ने अपनी इच्छा से पैसे इकट्ठा कर परिवार की आर्थिक मदद भी की।

बलरामपुर अस्पताल में कराया गया भर्ती

करीब आधे घंटे बाद बस बलरामपुर पहुंची। वहां प्रसूता और नवजात को तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर मदद मिलने से किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। फिलहाल मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

कोरबा से पटना जा रही थी महिला

परिजनों के मुताबिक, सुनती देवी ने प्रेम विवाह किया था और वह कोरबा से अपने ससुराल पटना जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। यात्रियों और बस स्टाफ की समय पर मदद से सुरक्षित प्रसव हो सका।

यात्रियों ने पेश की इंसानियत की मिसाल

इस घटना के बाद बस में मौजूद यात्री भावुक हो गए। उनका कहना था कि तेज बारिश और रात के अंधेरे के बावजूद सभी ने मिलकर जिस तरह महिला की मदद की, वह इंसानियत की एक अच्छी मिसाल है। फिलहाल मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं।

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कोरबा

जिला अस्पताल कैंटीन में दिखा जहरीला कोबरा:कोरबा में कर्मचारियों-मरीजों में हड़कंप, वाइल्डलाइफ टीम ने किया रेस्क्यू

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कोरबा। कोरबा में लगातार हो रही बारिश के कारण सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। बिलों में पानी भरने से विषैले और विषहीन सांप बड़ी संख्या में बाहर आ रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल परिसर की कैंटीन के पास कोबरा दिखाई देने से अफरा-तफरी मच गई।

अस्पताल की कैंटीन के समीप दीवार पर करीब 5 फीट लंबा कोबरा दिखाई दिया। उसे देखते ही वहां मौजूद कर्मचारी, मरीज और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया। डर के कारण कई लोग इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

घटना की जानकारी तुरंत वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी को दी गई। सूचना मिलने के कुछ ही देर बाद टीम के सदस्य शुभम निषाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाया, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।

काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित पकड़ा गया कोबरा

शुभम निषाद ने पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़कर थैले में रखा गया। इसके बाद उसे अस्पताल परिसर से दूर जंगल के प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

अस्पताल के पीछे जंगल होने से बना रहता है खतरा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अस्पताल के पीछे जंगल होने के कारण बरसात के दिनों में परिसर के आसपास अक्सर सांप दिखाई देते हैं। लोगों ने चिंता जताई कि यदि कोबरा मरीजों के वार्ड या ओपीडी तक पहुंच जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

रेस्क्यू टीम ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

रेस्क्यू के बाद जितेंद्र सारथी ने जिलेवासियों से बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण बिलों में पानी भरने से सांप घरों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंच रहे हैं।

‘सांप दिखे तो न मारें, न पकड़ने की करें कोशिश’

जितेंद्र सारथी ने कहा, “अगर कहीं भी सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें और न ही भीड़ इकट्ठा करें। तुरंत वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दें। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इससे वन्यजीव और आमजन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।”

कोरबा में लगातार हो रही बारिश के कारण सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। बिलों में पानी भरने से विषैले और विषहीन सांप बड़ी संख्या में बाहर आ रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को जिला अस्पताल परिसर की कैंटीन के पास एक जहरीला नाग दिखाई देने से अफरा-तफरी मच गई।

अस्पताल की कैंटीन के समीप दीवार पर करीब 5 फीट का नाग बैठा दिखाई दिया। इसे देखते ही वहां मौजूद कर्मचारी और मरीजों के परिजनों में हड़कंप मच गया। कुछ लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई।

घटना की जानकारी तुरंत वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी को दी गई। सूचना के थोड़ी देर बाद रेस्क्यू टीम से शुभम निषाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले वहां मौजूद भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाया, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।

इसके बाद शुभम निषाद ने पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद नाग को पकड़कर उसे सुरक्षित थैले में रखा गया। रेस्क्यू के बाद नाग को अस्पताल परिसर से दूर जंगल के प्राकृतिक रहवास में छोड़ दिया गया।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि सांप काफी फुर्तीला था। अस्पताल के पीछे जंगल होने के कारण बारिश के दिनों में अक्सर परिसर के आसपास सांप देखे जाते हैं। लोगों ने चिंता जताई कि अगर सांप मरीजों के वार्ड या ओपीडी के अंदर निकल आता तो बड़ी घटना हो सकती थी।

रेस्क्यू के बाद जितेंद्र सारथी ने जिलेवासियों से अपील की है कि बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि पानी भरने के कारण सांप अपने बिल छोड़कर घरों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर आ रहे हैं।

सारथी ने बताया, “अगर कहीं भी सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें और न ही भीड़ इकट्ठा करें। तुरंत वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दें। थोड़ी सी लापरवाही से जानलेवा हादसा हो सकता है। इससे वन्यजीव और आमजन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।”

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कोरबा

शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 20 चालक पकड़े गए:कोरबा में पुलिस की कार्रवाई, 8 कार और 12 बाइक चालक शामिल

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कोरबा। कोरबा पुलिस ने सड़क हादसों को रोकने के लिए चलाए जा रहे ‘सजग कोरबा, सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वाले 20 चालकों पर कार्रवाई की है। जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाकर नशे में वाहन चला रहे लोगों को पकड़ा गया।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले के सभी थाना और यातायात पुलिस ने मुख्य सड़कों और संवेदनशील स्थानों पर चेकिंग की। ब्रेथ एनालाइजर से जांच के दौरान 20 चालक शराब के नशे में वाहन चलाते मिले। पकड़े गए लोगों में 8 चार पहिया और 12 दो पहिया वाहन चालक शामिल हैं।

सभी के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक 1 जनवरी 2024 से अब तक जिले में शराब पीकर वाहन चलाने वाले 1143 चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। सड़क सुरक्षा के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

शराब पीकर गाड़ी चलाना हादसों की बड़ी वजह

पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं की जांच में सामने आया है कि शराब पीकर वाहन चलाना हादसों का बड़ा कारण है। नशे की हालत में चालक की सोचने-समझने की क्षमता और वाहन पर नियंत्रण प्रभावित होता है, जिससे गंभीर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

पुलिस की लोगों से अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शराब या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन करने के बाद वाहन न चलाएं। जरूरत पड़ने पर ड्राइवर, टैक्सी या अन्य सुरक्षित साधनों का इस्तेमाल करें। साथ ही हेलमेट और सीट बेल्ट का हमेशा उपयोग करें। यदि कोई व्यक्ति नशे में वाहन चलाता दिखे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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