Connect with us

देश

वाहन कलपुर्जा उद्योग के 2026-27 में 8-10% दर से बढ़ने का अनुमानः एक्मा

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय वाहन कलपुर्जा उद्योग चालू वित्त वर्ष में घरेलू मांग और मजबूत निर्यात के दम पर 8-10 प्रतिशत की दर से बढ़ सकता है। उद्योग निकाय एक्मा ने मंगलवार को यह संभावना जताई। भारतीय वाहन कलपुर्जा विनिर्माता संघ (एक्मा) ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में उद्योग का कुल कारोबार 7.60 लाख करोड़ रुपये (85.9 अरब डॉलर) रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले रुपये के संदर्भ में 12.7 प्रतिशत अधिक है। 

एक्मा के अध्यक्ष विक्रमपति सिंघानिया ने कहा, “भारतीय वाहन कलपुर्जा उद्योग का मध्यम और दीर्घकालिक परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है।” जेके फेनर (इंडिया) के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सिंघानिया ने कहा कि बढ़ती घरेलू मांग, बुनियादी ढांचा आधारित आर्थिक वृद्धि, विनिर्माण निवेश में विस्तार, मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के जरिये वैश्विक एकीकरण और भारत से बढ़ती वैश्विक खरीद इस क्षेत्र के लिए बड़े अवसर पैदा कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के परिदृश्य पर एक्मा के महानिदेशक विन्नी मेहता ने कहा, “पहली तिमाही काफी मजबूत रही है। यदि यही रफ्तार बनी रहती है तो पूरे साल में आठ से 10 प्रतिशत की वृद्धि हासिल करना संभव है।” 

हालांकि, मेहता ने इस बात को लेकर आगाह किया कि पश्चिम एशिया संकट, अमेरिका में शुल्क संबंधी स्थिति और चीन के व्यापार प्रतिबंध जैसी भू-राजनीतिक चुनौतियां आगे चलकर दबाव बना सकती हैं। दूसरी तरफ, कार्बन निरपेक्षता पर सरकार का जोर, कई एफटीए, भारतीय विनिर्माण में बढ़ता वैश्विक भरोसा, घरेलू मांग में वृद्धि, बुनियादी ढांचा विकास, उपकरण विनिर्माताओं का क्षमता विस्तार और परिवहन क्षेत्र में नई कंपनियों की मौजूदगी उद्योग के लिए सकारात्मक कारक हैं। उद्योग संगठन के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 का प्रदर्शन मजबूत घरेलू मांग, वाहन उत्पादन में वृद्धि, क्षमता और प्रौद्योगिकी में निरंतर निवेश तथा अनिश्चित वैश्विक माहौल के बावजूद स्थिर निर्यात वृद्धि से प्रेरित रहा। 

पिछले पांच साल में इस उद्योग का आकार दोगुना से अधिक हो गया है और इस दौरान चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 17 प्रतिशत रही, जो भारत के वैश्विक प्रतिस्पर्धी विनिर्माण आधार के रूप में उभार को दर्शाती है। पिछले वित्त वर्ष में वाहन कलपुर्जों का निर्यात पांच प्रतिशत बढ़कर 24 अरब डॉलर (2.12 लाख करोड़ रुपए) रहा। यूरोप में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई, जबकि इंजन कलपुर्जे और ड्राइव ट्रांसमिशन एवं स्टीयरिंग की आधे से अधिक हिस्सेदारी रही। वहीं, आयात 13 प्रतिशत बढ़कर 25.4 अरब डॉलर (2.24 लाख करोड़ रुपए) हो गया। चीन, जापान और जर्मनी कलपुर्जों की आपूर्ति के प्रमुख स्रोत बने रहे।

Continue Reading

देश

HDFC Bank ने बढ़ाई MCLR दरें, होम लोन ग्राहकों पर बढ़ सकता है बोझ

Published

on

मुंबई, एजेंसी। देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को झटका दिया है। बैंक ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में बदलाव किया है। नई ब्याज दरें 7 जुलाई 2026 से लागू हो गई हैं। बैंक ने अलग-अलग अवधि के लिए MCLR में संशोधन किया है, जिससे कुछ होम लोन ग्राहकों की EMI या लोन अवधि प्रभावित हो सकती है।

नई MCLR दरें

बैंक ने ओवरनाइट एमसीएलआर को 5 बेसिस प्वाइंट (0.05%) घटाकर 8.10 फीसदी से 8.05 फीसदी कर दिया है। वहीं, 1 साल की MCLR को 5 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 8.40 फीसदी से 8.45 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा 3 साल की MCLR भी 8.65 फीसदी से बढ़कर 8.70 फीसदी हो गई है।हालांकि, 1 महीने, 3 महीने, 6 महीने और 2 साल की एमसीएलआर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये दरें पहले की तरह क्रमश: 8.05 फीसदी, 8.20 फीसदी, 8.35 फीसदी और 8.55 फीसदी पर बनी हुई हैं। अब एचडीएफसी बैंक की एमसीएलआर दरें 8.05 फीसदी से 8.70 फीसदी के बीच हैं।

होम लोन पर क्या होगा असर?

अधिकांश फ्लोटिंग रेट होम लोन 1 वर्ष की MCLR से जुड़े होते हैं। ऐसे में जिन ग्राहकों का लोन इस बेंचमार्क से लिंक है, उनकी अगली ब्याज दर समीक्षा (रीसेट) के समय EMI या लोन की अवधि में मामूली बदलाव हो सकता है। हालांकि, इसका प्रभाव प्रत्येक ग्राहक की लोन शर्तों और रीसेट डेट पर निर्भर करेगा।

Continue Reading

देश

कई शहरों में ATM खाली, शिकायतों पर RBI सख्त, बैंकों से मांगा जवाब

Published

on

मुंबई, एजेंसी। देश के कई शहरों और कस्बों में ATM खाली मिलने की शिकायत सामने आ रही हैं। कई शहरों में लोगों को पिछले लगभग 2 से 3 महीनों से एटीएम से कैश नहीं मिल रहा है। बढ़ती शिकायतों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

RBI ने बैंकों से मांगा डेटा 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने बैंकों से टियर-2 और उससे छोटे शहरों में ATM में उपलब्ध नकदी और उसकी आपूर्ति से जुड़ा विस्तृत डेटा मांगा है। इससे RBI यह पता लगाएगा कि कई इलाकों में ATM लगातार खाली क्यों मिल रहे हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि बैंकों ने कस्बों और छोटे शहरों में जरुरत से कम नकदी तो नहीं डाल दी है या फिर ATM में कैश समय पर रीलोड न किया गया हो। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

इन राज्यों से ज्यादा शिकायतें

ATM से नकदी न निकलने की समस्या को लेकर सबसे ज्यादा असर ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों के लोगों पर पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक इन राज्यों में ज्यादा असर पड़ा जैसे…

  • आंध्र प्रदेश
  • तेलंगाना
  • कर्नाटक

यह ऐसे राज्य हैं, जहां पर एटीएम से कैश न मिलने की शिकायत सामने आई हैं।

Continue Reading

देश

शेयर बाजार में चार दिन से जारी तेजी थमी, सेंसेक्स 104 अंक फिसला

Published

on

मुंबई, एजेंसी। एशियाई बाजारों में कमजोरी और चार दिन की तेजी के बाद मुनाफावसूली हावी होने से स्थानीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 104 अंक टूट गया जबकि निफ्टी में 32 अंक का नुकसान रहा। विश्लेषकों के मुताबिक, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में खरीदारी से गिरावट कुछ हद तक थम गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स बिकवाली के दबाव में 104.35 अंक यानी 0.13 प्रतिशत गिरकर 78,180.72 अंक पर बंद हुआ। 

कारोबार के दौरान एक समय यह 379.85 अंक चढ़कर 78,664.92 अंक तक चला गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 31.65 अंक यानी 0.13 प्रतिशत फिसलकर 24,398.70 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट में सर्वाधिक 12.42 प्रतिशत की गिरावट रही। कंपनी की जून तिमाही की आय वृद्धि बाजार के अनुमान से कम रहने के बाद इसमें भारी बिकवाली देखी गई। इसके अलावा अडानी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक भी नुकसान में रहे। दूसरी तरफ, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टाइटन, इटर्नल और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) प्रमुख रूप से बढ़त में रहे। 

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “कारोबारी सत्र के उत्तरार्ध में मुनाफावसूली हावी रही। एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के ब्योरे से पहले निवेशकों की सतर्कता का असर दिखा। हालांकि, आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिला।” एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 4.91 प्रतिशत तक टूट गया। जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी नुकसान में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार में मिला-जुला रुख देखा गया। अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। 

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.22 प्रतिशत बढ़कर 72.87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 243.03 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे थे। इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 521.16 अंक उछलकर 78,285.07 अंक पर और निफ्टी 159.50 अंक चढ़कर 24,430.35 अंक पर बंद हुआ था। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677