Connect with us

देश

ट्रंप की ‘ब्लॉकबेड’ की धमकी से शेयर बाजार में हड़कंप: सेंसेक्स 1400 अंक टूटा, निवेशकों के करोड़ों डूबे

Published

on

मुंबई,एजेंसी। वैश्विक राजनीति में बढ़ते तनाव का सीधा असर आज भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत के बेनतीजा खत्म होने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) पर नौसैनिक नाकाबंदी (Blockade) की धमकी दी है। इस एक खबर ने दलाल स्ट्रीट में डर का माहौल पैदा कर दिया। 

निवेशकों के मिनटभर में 800000 करोड़ रुपये स्वाह
सेंसेक्स में आई आज इस भारी गिरावट के बाद निवेशकों के मिनटभर में  800000 करोड़ रुपये स्वाह हो गए। BSE-पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 9:20 बजे 443 लाख रुपये से पर पहुंच गया, जबकि शुक्रवार को 451 लाख करोड़ रुपये पर बंद हुआ।

बाजार का हाल: खुलते ही मची भगदड़
सोमवार सुबह जैसे ही बाजार खुला, चारों तरफ बिकवाली का दबाव नजर आया:

सेंसेक्स की गोताखोरी: सुबह 9:15 बजे बीएसई (BSE) सेंसेक्स 1,399.77 अंक की भारी गिरावट के साथ 76,150.48 के स्तर पर आ गया।

निफ्टी में गिरावट: एनएसई (NSE) निफ्टी50 भी अछूता नहीं रहा और 410.35 अंक टूटकर 23,640.25 के लेवल पर कारोबार करता दिखा।

शेयरों का रिपोर्ट कार्ड: कौन गिरा, कौन संभला?
बाजार की इस सुनामी में जहां ज्यादातर दिग्गज शेयर बह गए, वहीं कुछ ने मजबूती दिखाई:

इन शेयरों ने दिखाई मजबूती (Top Gainers): बाजार की गिरावट के बावजूद कोल इंडिया (Coal India), ओएनजीसी (ONGC) और सन फार्मा (Sun Pharma) जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। कच्चे तेल और सप्लाई चेन की चिंता ने एनर्जी स्टॉक्स को सहारा दिया।

इन स्टॉक्स में मची भगदड़ (Top Losers): सबसे ज्यादा मार बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, आयशर मोटर्स, इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) और श्रीराम फाइनेंस पर पड़ी। ग्लोबल अनिश्चितता के कारण इन शेयरों में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 7.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 102.2 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को लिवाल रहे थे और उन्होंने 672.09 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सेंसेक्स शुक्रवार को 1.20 प्रतिशत और निफ्टी 1.16 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ था। 

Continue Reading

देश

तबाही के 11 दिन बाद तिब्बत पहुंचा इंटरनेशनल मीडिया:चीनी विदेश मंत्रालय ने दौरा कराया, नेपाल बाढ़ हादसे में अभी भी 5000 लोग लापता

Published

on

काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल-तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर टूटने के बाद आई भीषण बाढ़ से प्रभावित इलाके में पहली बार इंटरनेशनल मीडिया को जाने की इजाजत दी गई है।

चीन के विदेश मंत्रालय ने रविवार को रॉयटर्स समेत कई विदेशी मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग का दौरा कराया।

यह इलाका 26 अगस्त को पानी, कीचड़ और मलबे की तेज लहर की चपेट में आया था। चीन और नेपाल को मिलाकर इस आपदा में 1,300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि 5,000 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।

तिब्बत-नेपाल हादसे से जुड़े फोटोज

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर बाढ़ और मलबे से हुई तबाही की जानकारी देते चीनी अधिकारी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर बाढ़ और मलबे से हुई तबाही की जानकारी देते चीनी अधिकारी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर आपदा की जानकारी देते चीनी वैज्ञानिक सु पेंगचेंग, साथ में चीन-नेपाल सीमा का नक्शा।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर आपदा की जानकारी देते चीनी वैज्ञानिक सु पेंगचेंग, साथ में चीन-नेपाल सीमा का नक्शा।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर चीनी झंडे के पास मलबे में लोगों की तलाश करते बचावकर्मी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर चीनी झंडे के पास मलबे में लोगों की तलाश करते बचावकर्मी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके में मलबे की तलाश करते बचावकर्मी।

तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके में मलबे की तलाश करते बचावकर्मी।

चीन-नेपाल सीमा पर बाढ़ में बह गई इमिग्रेशन बिल्डिंग की जगह पर मलबा हटाते बचावकर्मी।

चीन-नेपाल सीमा पर बाढ़ में बह गई इमिग्रेशन बिल्डिंग की जगह पर मलबा हटाते बचावकर्मी।

चीन ने पहली बार विदेशी मीडिया को दिखाई तबाही

दौरे के दौरान पत्रकारों ने प्रभावित इलाके में चल रहे बचाव अभियान को देखा। नारंगी रंग की वर्दी पहने बचावकर्मी खुदाई मशीनों, फावड़ों और जमीन के नीचे तलाश करने वाले रडार की मदद से लोगों और शवों को खोज रहे हैं।

आपदा से पहले यहां चीन की पांच मंजिला कस्टम्स बिल्डिंग थी, लेकिन अब उसका कोई निशान नहीं बचा है। करीब 20 मीटर ऊंचा बॉर्डर गेट भी मलबे में दब गया है। वहां सिर्फ पास के पानी के टावर का एक हिस्सा दिखाई दे रहा है।

जहां पहले बॉर्डर गेट था, वहां चीन का झंडा लगाया गया है। आसपास का पूरा इलाका भूरे-काले मलबे से ढका हुआ है। बचावकर्मी चेतावनी वाले बोर्ड के पीछे लगातार खुदाई कर रहे हैं।

तिब्बत-नेपाल सीमा पर बनाए गए ग्यिरोंग पोर्ट पर 26 अगस्त को आई बाढ़ के मलबे में कई लोग दब गए थे।

तिब्बत-नेपाल सीमा पर बनाए गए ग्यिरोंग पोर्ट पर 26 अगस्त को आई बाढ़ के मलबे में कई लोग दब गए थे।

नेपाल आर्मी बोली- सुरंगों में बड़ी सफलता मिलने तक रेस्क्यू जारी

नेपाल आर्मी ने कहा है कि बाढ़ से खराब हुई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में सर्च और रेस्क्यू का काम तब तक जारी रहेगा, जब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिलती।

मेजर जनरल सुभाष जंग थापा ने सोमवार को कहा कि सुरंगों के अंदर तेजी से तलाशी और बचाव का काम चल रहा है। सरकार के रोकने का फैसला लेने तक जवान अपना काम जारी रखेंगे।

नेपाल आर्मी के अनुमान के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में करीब 121 लोग फंसे हो सकते हैं।

भारत-नेपाल की टीमें चिलिमे सुरंग में बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं।

भारत-नेपाल की टीमें चिलिमे सुरंग में बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने RSP चीफ से बातचीत की

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के चीफ रवि लामिछाने को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फोन कर भोटेकोशी बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताया।

रुबियो ने बाढ़ में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मुश्किल समय में नेपाली जनता और नेपाल सरकार के साथ खड़ा है।

लामिछाने ने रुबियो को बताया कि भोटेकोशी बाढ़ के बाद राहत, बचाव और लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाल सरकार अपने सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है।

चीन का दावा- नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने से शुरू हुई तबाही

26 अगस्त को नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने के बाद पानी, मिट्टी और मलबे की तेज लहर चीन की सीमा तक पहुंची। इसने ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग को पूरी तरह तबाह कर दिया।

हादसे के वीडियो में पानी, मिट्टी और मलबे की काली लहर तेजी से बॉर्डर क्रॉसिंग की ओर बढ़ती दिखाई देती है। लोगों को संभलने और सुरक्षित जगह पहुंचने का ज्यादा समय नहीं मिला।

चीन का कहना है कि हादसे की शुरुआत नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने से हुई थी। इसके बाद चीन ने प्रभावित इलाके में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया।

शवों की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट-टैटू का रिकॉर्ड

मलबे से मिले शवों की पहचान के लिए बचाव दल फिंगरप्रिंट और टैटू जैसे पहचान वाले निशानों का रिकॉर्ड तैयार कर रहा है। मौके से अब तक 993 निजी सामान भी मिले हैं, जिनसे लापता लोगों की पहचान में मदद मिल सकती है।

हालांकि, लापता विदेशी नागरिकों के परिवार और उनके देशों के राजनयिक चीन से ज्यादा जानकारी साझा करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने नागरिकों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं मिल रही।

रॉयटर्स से बातचीत में चार देशों के प्रतिनिधियों ने कहा कि चीन ने अभी यह साफ नहीं किया है कि बरामद शवों की DNA जांच कैसे होगी। उन्होंने यह भी पूछा कि बॉर्डर की CCTV और चेहरे पहचानने वाली फुटेज से शवों की पहचान की जाएगी या नहीं और क्या यह जानकारी परिवारों को दी जाएगी।

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाढ़ को लेकर दी गई जानकारी पारदर्शी और समय पर है। मंत्रालय ने दूसरे देशों और एजेंसियों के साथ काम करने की तैयारी भी जताई है।

नेपाल-तिब्बत के बीच कारोबार और कैलाश यात्रा का अहम रास्ता

ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग चीन के तिब्बत और नेपाल के बीच कारोबार और आवाजाही का अहम रास्ता है।

2015 के भूकंप में पूर्व की तरफ मौजूद दूसरे रास्ते को नुकसान पहुंचने के बाद ग्यिरोंग नेपाल और तिब्बत के बीच कारोबार और लोगों की आवाजाही का मुख्य रास्ता बन गया था।

इस रास्ते से चीन से नेपाल की ओर इलेक्ट्रिक वाहनों समेत कई तरह का सामान भेजा जाता था। नेपाल के रास्ते तिब्बत में माउंट कैलाश जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए भी यह अहम रास्ता है।

चीन अब इस बॉर्डर क्रॉसिंग को दोबारा बनाने पर विचार कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इसे फिर से बनाया गया तो डिजाइन में बदलाव किया जा सकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

तबाही से पहले ग्योरोंग पोर्ट दिखने में ऐसा था।

तबाही से पहले ग्योरोंग पोर्ट दिखने में ऐसा था।

पहले भी ग्लेशियर की बाढ़ से बंद हुआ था बॉर्डर

ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग इससे पहले भी पिछले साल जुलाई से जनवरी तक बंद रहा था। उस समय ग्लेशियर से आई बाढ़ के कारण रास्ता बंद करना पड़ा था।

इस घटना के बाद ग्लेशियर और उनसे बनने वाली झीलों की निगरानी को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जुलाई 2025 में नेपाल-चीन सीमा पर स्थित ग्यिरोंग पोर्ट में भूस्खलन के बाद का दृश्य। यह आपदा ग्लेशियर की झील का पानी बाहर निकलने से आई बाढ़ के कारण हुई थी।

जुलाई 2025 में नेपाल-चीन सीमा पर स्थित ग्यिरोंग पोर्ट में भूस्खलन के बाद का दृश्य। यह आपदा ग्लेशियर की झील का पानी बाहर निकलने से आई बाढ़ के कारण हुई थी।

चीनी वैज्ञानिकों के मुताबिक, तिब्बत और आसपास के इलाकों में 3,000 से ज्यादा ग्लेशियल झीलें हैं। इनमें से 187 को ज्यादा जोखिम वाली झीलों के तौर पर चिन्हित किया गया है। इनकी निगरानी जमीन पर और दूर से सेंसर की मदद से की जाती है।

चीन के आपातकालीन बचाव मुख्यालय के उप प्रमुख नोरबू त्सेरिंग ने कहा कि ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए निगरानी और समय रहते चेतावनी देने की व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया।

चीन में 43 की मौत, 519 लोग अब भी लापता

चीनी अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार तक चीन की तरफ 43 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि 519 लोग लापता थे। इनमें 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक शामिल हैं। लापता लोगों में 49 भारतीय भी हैं।

लापता विदेशी नागरिकों में कई तीर्थयात्री हैं, जो नेपाल के रास्ते तिब्बत में माउंट कैलाश की यात्रा पर गए थे।

Continue Reading

देश

दिल्ली हाईकोर्ट बोला- हॉस्टल हादसे के लिए नगर निगम जिम्मेदार:सरकार भी जवाबदेही से नहीं बच सकती, बिल्डिंग मालिक हिरासत में, अब तक 7 की मौत

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली हॉस्टल मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- हादसे के लिए दिल्ली नगर निगम और दिल्ली यूनिवर्सिटी दोनों जिम्मेदार हैं।

कोर्ट ने कहा कि बाहर से पढ़ने आने वाले छात्रों के हॉस्टलों की हालत बेहद दयनीय और खराब है। सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है। अदालत ने एमसीडी (MCD), दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, एनएचआरसी (NHRC) और दिल्ली विश्वविद्यालय को 10 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

वहीं, पुलिस ने हॉस्टल के मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था।

हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। 12 लोगों को बचाया गया है। इनमें 5 की हालत गंभीर है। रेस्क्यू ऑपरेश पूरा हो चुका है।

हॉस्टल हादसा दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। हॉस्टल 5 मंजिला इमारत में था, जो करीब 40 साल पुरानी थी। दिल्ली नगर निगम (MCD) के रिकॉर्ड में इस इमारत को खतरनाक घोषित नहीं किया गया था।

हादसे से लेकर रेस्क्यू तक की तस्वीरें

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को दोपहर 1.30 बजे बिल्डिंग गिरी

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को दोपहर 1.30 बजे बिल्डिंग गिरी

हादसे के बाद चारों तरफ मलबा बिखर गया। एक आदमी धूल के बीच खड़ा दिख रहा है।

हादसे के बाद चारों तरफ मलबा बिखर गया। एक आदमी धूल के बीच खड़ा दिख रहा है।

रेस्क्यू टीम हादसे के बाद बिल्डिंग के मलबे को हटाने में जुटी है। अभी भी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

रेस्क्यू टीम हादसे के बाद बिल्डिंग के मलबे को हटाने में जुटी है। अभी भी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए दमकल, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दलों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए दमकल, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दलों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

राहुल बोले- कुछ छोटे अफसरों पर जिम्मेदारी मढ़ दी जाती है

राहुल गांधी ने सोमवार को X पर लिखा कि हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न – हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाजी होती है, कुछ छोटे अफसरों पर जिम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।

उन्होंने कहा कि 12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की।

दिल्ली सरकार ने कार्रवाई का आदेश दिया

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन घटना के बाद सख्त और व्यापक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

Continue Reading

देश

दिल्ली में 5 मंजिला हॉस्टल गिरा, 1 की मौत:दावा– बेसमेंट में खुदाई जारी थी, मलबे में दबा युवक दोस्त से फोन पर बोला- बचा लो

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। इसमें एक स्टूडेंट की मौत हो गई। वहीं, 3 गंभीर रूप से घायल हैं।

बिल्डिंग में हॉस्टल चलता था। चश्मदीदों के मुताबिक हादसे के वक्त छात्र कमरों में थे और बेसमेंट में खुदाई चल रही थी। 5 का रेस्क्यू कर लिया गया है। हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि मलबे में कितने बच्चे फंसे हैं।

मौके पर मौजूद एक युवक ने भास्कर रिपोर्टर को बताया कि उसका एक दोस्त मलबे में दबा है। वह बार-बार फोन करके कह रहा है कि मुझे बचा लो।

घटना दोपहर 1:30 बजे की है। स्थानीय लोग हथौड़े से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं। मलबे में कुछ गाड़ियां भी दब गई हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मलबे के बगल में एक और बिल्डिंग गिरने की हालत में है। लेकिन लोगों को वहां से निकाल लिया गया है।

एक आदमी मलबे में दबा है। लोग उसे निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

एक आदमी मलबे में दबा है। लोग उसे निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

बिल्डिंग गिरने के बाद स्थानीय तुरंत मौके पर पहुंचे। कुछ हथौड़े से मलबा हटाने लगे।

बिल्डिंग गिरने के बाद स्थानीय तुरंत मौके पर पहुंचे। कुछ हथौड़े से मलबा हटाने लगे।

जिस गली में यह हादसा हुआ, वह बहुत पतली है। आसपास कई ऊंची बिल्डिंग मौजूद हैं।

जिस गली में यह हादसा हुआ, वह बहुत पतली है। आसपास कई ऊंची बिल्डिंग मौजूद हैं।

बिल्डिंग का पूरा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया है।

बिल्डिंग का पूरा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया है।

बिल्डिंग गिरने से नीचे खड़ी गाड़ियां भी मलबे की चपेट में आ गईं।

बिल्डिंग गिरने से नीचे खड़ी गाड़ियां भी मलबे की चपेट में आ गईं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677