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कोरबा

कोल इंडिया के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अभियान के तहत एसईसीएल ने बिलासपुर में एक ही दिन में 15 हजार पौधों का वृहद् वृक्षारोपण

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सभी संचालन क्षेत्रों में एक ही दिन में रिकॉर्ड 3 लाख से अधिक पौधे लगाने जा रहा है एसईसीएल

एसईसीएल द्वारा बिलासपुर शहर में पहली बार मियावाकी पद्धति से वन विकास की पहल

बिलासपुर/कोरबा। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा 21 जुलाई 2026 को एक ही दिन में सर्वाधिक पौधारोपण कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित करने के राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने आज बिलासपुर के कोनी स्थित नवीन कमिश्नर कार्यालय के पीछे 1.5 हेक्टेयर क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से 15,000 पौधों का वृहद् वृक्षारोपण किया।

यह परियोजना संभवतः बिलासपुर शहर की पहली मियावाकी वन परियोजना है, जिसे एसईसीएल द्वारा विकसित किया जा रहा है। मियावाकी तकनीक के माध्यम से विकसित होने वाला यह सघन शहरी वन आने वाले वर्षों में जैव विविधता के संवर्धन, हरित आवरण में वृद्धि तथा स्थानीय पर्यावरण को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

वृक्षारोपण कार्यक्रम में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन, बिलासपुर संभाग के आयुक्त सुनील कुमार जैन, एसईसीएल के निदेशक (एचआर) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, सीवीओ हिमांशु जैन, निदेशक तकनीकी (यो./परि.) रमेश चन्द्र महापात्र, कोल इंडिया लिमिटेड के कार्यपालक निदेशक के. राजशेखर, महाप्रबंधक (पर्यावरण) संजय सिन्हा, सहित कंपनी के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा जनभागीदारी के महत्व का संदेश दिया।

इस अवसर पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने कहा, “पर्यावरण संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। मियावाकी पद्धति से विकसित किए जा रहे ऐसे सघन वन न केवल हरित आवरण बढ़ाने में सहायक होंगे, बल्कि जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

कोल इंडिया के इस गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अभियान के अंतर्गत सभी अनुषंगी कंपनियों में वृहद स्तर पर पौधरोपन किया जा रहा है। इसी क्रम में एसईसीएल द्वारा अपने विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में कुल 3,20,000 से अधिक पौधों का वृक्षारोपण किया जा रहा है।

यह अभियान न केवल एक विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने का प्रयास है, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए अधिक स्वच्छ, हरित एवं संतुलित पर्यावरण के निर्माण की दिशा में एसईसीएल का एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

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कोरबा

जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति नगोईखार का मतदाता सूची प्रकाशित

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दावा- आपत्ति 15 सितंबर तक आमंत्रित
कोरबा 09 सितंबर 2026। जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति मर्यादित नगोईखार पंजीयन क्रमांक 3584 के सदस्यों के मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के लिए मतदाता सूची प्रकाशित किया गया है। मतदाता सूची के सम्बंध में सदस्यों से दावा-आपत्ति 15 सितंबर 2026 तक आमंत्रित किया गया है।
रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्रीमती सुष्मिता लकड़ा ने बताया कि दावा- आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के साथ सोसायटी कार्यालय नगोईखार में समिति प्रबंधक विजय कुमार अग्रवाल के पास  15 सितंबर 2026 तक कार्यालयीन समय पर  प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा- आपत्तियों का निराकरण 16 सितंबर को 12 बजे से किया जायेगा। निराकरण उपरांत अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

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कोरबा

हरदीबाजार अस्पताल के स्थानांतरण पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश, मुआवजा विसंगति, रोजगार और बसाहट की मांग पूरी होने तक स्थानांतरण का उग्र विरोध

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कोरबा/हरदीबाजार। एसईसीएल (SECL) दीपका एरिया परियोजना के विस्तार को लेकर हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हॉस्पिटल) के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों भू-विस्थापितों और जनप्रतिनिधियों का जबरदस्त आक्रोश एवं उग्र विरोध सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मूल संवैधानिक और मौलिक मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा, यदि प्रशासन ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आज हरदीबाजार तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली रोहित सिंह एवं तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरदीबाजार पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।

मुआवजा पत्रक में भारी गड़बड़ी व गुमराह करने का आरोप

बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दीपका एरिया प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नापी-सर्वे के उपरांत एसईसीएल द्वारा तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में 40% घाटा-बढ़ा दर्शाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियम-कानून में इस तरह के 40%-60% के नियम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन किसानों को गुमराह कर ऐसा पत्रक बना रहा है, जिससे उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे मूल किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ।

केंद्रीय कोयला मंत्री के कड़े निर्देशों की याद दिलाई

ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि हाल ही में कटघोरा विधायक के नेतृत्व में विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया था, इस पर कोयला मंत्री ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय (HQ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किसान के अधिकारों का हनन या उनके साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है ।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  1. मुआवजा विसंगति का समाधान:- मुआवजा पत्रक में की गई 40% की विसंगति को तत्काल सुधारकर किसानों को उनकी भूमि का उचित व वास्तविक मूल्य प्रदान किया जाए ।
  2. शीघ्र रोजगार की उपलब्धता:- भूमि अधिग्रहण के एवज में जितने भी पात्र किसान/विस्थापित हैं उन्हें अविलंब और तत्काल प्रभाव से रोजगार उपलब्ध कराया जाए ।
  3. बसाहट कार्य में तेजी:- विस्थापितों के लिए नए बसाहट स्थल पर जारी निर्माण व विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की गई ।
  4. स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा:- जब तक सभी मौलिक व विधिक अधिकारों की बहाली नहीं होती अस्पताल को यथावत रहने दिया जाए ।

शासन-प्रशासन आगे आकर निकाले समाधान

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास और खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों का नुकसान करके विस्तार स्वीकार्य नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आगे आकर किसानों की इन जायज और मूल समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी हो सके और कोयला खदान का विस्तार भी सुचारू रूप से संचालित हो सके ।

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कोरबा

पुष्पलता उद्यान से आगे ब्लू बर्ड स्कूल रोड पर पौधरोपण

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कोरबा। एक पेड़ मां के नाम अभियान से सोमवार को कोसाबाड़ी जोन में पुष्पलता उद्यान से आगे ब्लू बर्ड स्कूल मुख्य मार्ग किनारे पौधारोपण किया गया। नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पौधे लगाए। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हरित कोरबा के संकल्प को आगे बढ़ाया। जिला प्रशासन और नगर निगम कोरबा इसे वन विभाग के सहयोग से करा रहे हैं। कार्यक्रम में उद्यान अधीक्षक आनंद राठौर, संतोष यादव, मनमोहन, गोपी, कार्तिक राम, पूरन, अमर सिंह, फिरतू, किरित राम यादव, सांताराम, गंगाराम, केसर समेत अन्य शामिल हुए।

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