Connect with us

देश

वल्र्ड मीडिया में उत्तरकाशी रेस्क्यू-बीबीसी ने लिखा- रेस्क्यू टीम को बड़ी कामयाबी मिली

Published

on

पाकिस्तान मीडिया ने कहा- मजदूर निकलने ही वाले हैं

नई दिल्ली (एजेंसी)। उत्तराखंड की सिल्क्यारा-डंडालगांव टनल में 41 मजदूर 17 दिनों से फंसे हैं। उन्हें रेस्क्यू करने की कोशिशें जारी हैं। मजदूरों के रेस्क्यू की खबरें हमारे पड़ोसी देशों पाकिस्तान और नेपाल के अलावा अमेरिका और ब्रिटेन में भी सुर्खियों में हैं। बीबीसी (ब्रिटेन) बीबीसी के मुताबिक- भारतीय रेस्क्यू टीम को बड़ी कामयाबी मिली। टीम फंसे हुए मजदूरों के करीब पहुंच गई है। रैट माइनर्स ने 800एमएम के पाइप में घुसकर ड्रिलिंग की। सुरंग के अंदर 41 मजदूर फंसे हुए हैं। इन तक पहुंचने के लिए पाइप बिछाने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन उन्हें बाहर निकालने में कुछ समय लग सकता है।

अल जजीरा (कतर)

अल जजीरा ने लिखा- उत्तराखंड में 41 मजदूरों को जल्द बचाया जाएगा। 12 नवंबर को 4.5 किमी (2.8 मील) लंबी सुरंग के ढहने के बाद से मजदूर यहां फंसे हुए हैं। यह प्रोजेक्ट मोदी सरकार के चारधाम रोड प्रोजेक्ट का हिस्सा है। फंसे हुए मजदूर रेस्क्यू करने पहुंचे लोगों की आवाज सुन पा रहे हैं। उन्हें खुदाई की आवाज भी आ रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स (अमेरिका)

न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी खबर में लिखा- 16 दिन बाद भारतीय रेस्क्यू टीम टनल में फंसे मजदूरों तक पहुंची। बार-बार आई तकनीकी परेशानियों के बाद, भारतीय रेस्क्यू टीम मैन्युअल ड्रिलिंग करके मजदूरों तक पहुंचने वाली है। रेस्क्यू के लिए सुरंग में डाला गया पाइप मजदूरों तक पहुंच चुका है।

द डॉन (पाकिस्तान)

पाकिस्तान के सबसे बड़े अंग्रेजी अखबार ‘द डॉन’ ने लिखा- भारतीय बचावकर्मी सुरंग में फंसे 41 लोगों को बाहर निकालने की कगार पर हैं। मजदूर निकलने ही वाले हैं। रेस्क्यू के लिए सुरंग में डाला गया पाइप मजदूरों तक पहुंच चुका है। टनल के पास एंबुलेंस मौजूद हैं।

काठमांडू पोस्ट (नेपाल)

नेपाल के इस अंग्रेजी अखबार ने लिखा- भारतीय रेस्क्यू टीम 41 मजदूरों को सुरंग से बाहर निकालने के बेहद करीब है। ये मजदूर 2 हफ्तों सुरंग में फंसे हैं। टनल से पानी निकालने के लिए बिछाए गए पाइप से मजदूरों तक ऑक्सीजन, दवा, भोजन और पानी अंदर भेजा जा रहा था।

द गार्डियन (जर्मनी)

द गार्डियन ने अपनी खबर में लिखा- रेस्क्यू टीम एक-एक करके 41 मजदूरों को निकाल लेगी। उत्तराखंड की सिल्क्यारा-डंडालगांव टनल में 12 नवंबर से ये मजदूर फंसे हैं। 90 सेंटीमीटर (3 फीट) चौड़े पाइप के जरिए स्ट्रेचर पर एक-एक करके उन्हें बाहर निकालने की प्रोसेस में कुछ घंटे लगेंगे।

सीएनएन (अमेरिका)

सीएनएन ने लिखा- टनल में फंसे 41 मजदूरों को जल्द रेस्क्यू किया जाएगा। रेस्क्यू टीम ड्रिलिंग करते हुए मजदूरों तक पहुंचने वाली है। जल्द उन्हें बाहर निकाला जाएगा। 12 नवंबर को टनल में मलबा गिरना शुरू हुआ तो यह मेन गेट से 200 मीटर अंदर तक भारी मात्रा में जमा हो गया।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (चीन)

चीनी मीडिया साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने लिखा- भारतीय रेस्क्यू टीम हिमालयन टनल में फंसे मजदूरों तक पहुंचे की फाइनल स्टेज पर है। ऑपरेशन में बार-बार असफलताओं के बाद, मिलिट्री इंजीनियर्स और माइनर्स ने रैटहोल तकनीक के जरिए खुदाई की।

रॉयटर्स (ब्रिटिश न्यूज एजेंसी)

रॉयटर्स के मुताबिक, खुदाई के बाद मजदूरों तक पहुंची भारतीय रेस्क्यू टीम, मजदूरों को जल्द निकालेगी। रैट माइनर्स के नेतृत्व में भारतीय बचाव दल ने मंगलवार को सुरंग में 17 दिनों से फंसे 41 मजदूरों तक पहुंचने के लिए चट्टानों और मलबे को ड्रिल किया।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए

पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026

दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026

सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।

12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।

बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया

  • राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
  • प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
  • शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
  • एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।

संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की

सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।

पीएम की 3 अपील

  • 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
  • 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
  • 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी

17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

Continue Reading

देश

‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

PunjabKesari

थरुर ने अपने भाषण में कहा

शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”

PunjabKesari

थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ ब्लास्ट हादसा: धमाके में 20 श्रमिकों की मौत के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन, कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज

Published

on

सक्ती,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सक्ती जिले में वेदांता के विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत की घटना के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया, ”डाभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।” अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह धमाका 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुआ था। उस समय बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दाब वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हो गए। ठाकुर ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि यदि जांच के दौरान और लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनका नाम भी प्राथमिकी में जोड़ा जाएगा।

उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है और मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट सहित कई रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धमाके के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ”सभी रिपोर्ट मिलने के बाद, अगर जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी में और धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।” इस घटना के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677