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छत्तीसगढ़

पुल पर सीढ़ी बांधकर आना-जाना कर रहे ग्रामीण :बस्तर में 200 घर ढहे, 5 मौतें, 2196 लोग राहत-शिविर में, नाले में डूबे 2 जुड़वा भाई

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रायपुर,एजेंसी। बस्तर संभाग में पिछले चार दिनों में मूसलाधार बारिश के बाद चार जिलों दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर में बाढ़ के बाद की तस्वीरें सामने आई हैं। यहां 200 से ज्यादा मकान ढह गए। 2196 लोग राहत शिविर में शिफ्ट किए गए। इन्हें स्कूल, इंडोर स्टेडियम, आश्रम जैसे जगहों पर ठहराए गए हैं। वहीं अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है।

दंतेवाड़ा नगर समेत आस-पास के गांवों में कुल करीब 50 करोड़ से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है। दंतेवाड़ा में इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे शंखनी-डंकनी नदी का पानी नहीं बह पाया और आसपास के गांवों में भारी तबाही मच गई।

शुक्रवार को बारसूर का साप्ताहिक बाजार लगता है। नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर के 55 से 60 गांवों के ग्रामीण अपनी रोजमर्रा की सामानों के लिए बारसूर बाजार पहुंचते हैं। पुल टूटने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेट हाईवे 5 के टूटे पुल पर सीढ़ी बांधा गया है। इसी सीढ़ी से ग्रामीण आना जाना कर रहे हैं।

पुल टूटने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पुल टूटने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्टेट हाईवे 5 के टूटे पुल पर सीढ़ी बांधकर लोग आना-जान कर रह हैं।

स्टेट हाईवे 5 के टूटे पुल पर सीढ़ी बांधकर लोग आना-जान कर रह हैं।

इस बीच दंतेवाड़ा में धनिकारका नाले में डूबने से 2 जुड़वा भाइयों की मौत हो गई। नहाते वक्त दोनों गहराई में चले गए थे। सालभर पहले ही पिता की डूबने से मौत हो गई थी। कुआकोंडा थाना क्षेत्र की घटना। धनिकरका खाले पारा के निवासी सुरेंद्र भास्कर और नरेंद्र भास्कर दोनों 6 साल के थे।

मौसम विभाग ने आज बिलासपुर, GPM, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, सरगुजा और रायगढ़ में बादल गरजने, बिजली गिरने और आंधी चलने का अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है।

बस्तर में बाढ़ के बाद की तस्वीरें…

बस्तर में बाढ़ के बाद बर्बादी की ये तस्वीरें दंतेवाड़ा जिले की है।

बस्तर में बाढ़ के बाद बर्बादी की ये तस्वीरें दंतेवाड़ा जिले की है।

बाढ़ का पानी घुसने से घर को भारी नुकसान पहुंचा है। सामने अब भी पानी भरा हुआ है।

बाढ़ का पानी घुसने से घर को भारी नुकसान पहुंचा है। सामने अब भी पानी भरा हुआ है।

घर के बाहर के खड़े वाहनों को भी बाढ़ के पानी से नुकसान हुआ है।

घर के बाहर के खड़े वाहनों को भी बाढ़ के पानी से नुकसान हुआ है।

बाढ़ से 165 मकानों को आंशिक और 86 मकानों को पूर्ण क्षति हुई है।

बाढ़ से 165 मकानों को आंशिक और 86 मकानों को पूर्ण क्षति हुई है।

प्रभावित परिवारों तक सूखा राशन, पीने का स्वच्छ पानी, दूध और आवश्यक दवाइयां पहुंचाई गई।

प्रभावित परिवारों तक सूखा राशन, पीने का स्वच्छ पानी, दूध और आवश्यक दवाइयां पहुंचाई गई।

राहत शिविर में लोगों के लिए आवश्यक चीजें पहुंचाई जा रही है।

राहत शिविर में लोगों के लिए आवश्यक चीजें पहुंचाई जा रही है।

मोबाइल टीमें लगातार राहत शिविरों का दौरा कर रही हैं और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं।

मोबाइल टीमें लगातार राहत शिविरों का दौरा कर रही हैं और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं।

दंतेवाड़ा में पनेड़ा के पास नेशनल हाईवे के पास पुल का अप्रोच बह गया।

दंतेवाड़ा में पनेड़ा के पास नेशनल हाईवे के पास पुल का अप्रोच बह गया।

दंतेवाड़ा में नाले में नहाते वक्त दो भाइयों की डूबने से मौत हो गई।

दंतेवाड़ा में नाले में नहाते वक्त दो भाइयों की डूबने से मौत हो गई।

पिछले 24 घंटे की बात करें तो दुर्ग, बस्तर और रायपुर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। वहीं, बिलासपुर और सरगुजा संभागों के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई।

किसी भी जिले में सामान्य से अधिक बारिश नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ में मानसून की द्रोणिका (ट्रफ) और एक लो-प्रेशर एरिया एक्टिव है, जिसके कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।

तापमान की बात करें तो प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बिलासपुर में 32.5°C और सबसे कम न्यूनतम तापमान पेण्ड्रा रोड में 22.8°C रहा।

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कोरबा

किताबों से मिलती है ज्ञान व अच्छे संस्कार की शिक्षा: सीताराम

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कोरबा/छुरीकला। नगर के सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक स्कूल में शिक्षक दिवस कार्यक्रम में शिक्षकों का सम्मान किया। स्कूल के प्राचार्य सीताराम केंवट ने कहा कि किताबों से ज्ञान व अच्छे संस्कार की शिक्षा मिलती है। जीवन जीने की कला सिखाती है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक की जिम्मेदारी छात्रों को अच्छी शिक्षा व अच्छे इंसान बनाने की है। छात्रों ने शिक्षकों का श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। इस मौके पर स्कूल की शिक्षा समिति के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।

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कोरबा

कॉलेज छात्रा ने खाया जहर:3 दिन बाद मौत, 17 साल के नाबालिग पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

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कोरबा। कोरबा के पाली थाना क्षेत्र में 21 साल की कॉलेज छात्रा ने छेड़छाड़ से परेशान होकर जहर खा लिया। तीन दिन तक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चलने के बाद रविवार शाम उसकी मौत हो गई। परिजनों ने गांव के ही 17 साल के नाबालिग पर छेड़छाड़ और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।

युवती के पिता नहीं थे। उसके दो भाई बाहर काम करते हैं। वह अपनी मां के साथ रहकर पढ़ाई कर रही थी। 12वीं पास करने के बाद उसने कॉलेज में दाखिला लिया था। परिजनों के मुताबिक, वह पढ़ाई में अच्छी थी।

कॉलेज आते-जाते रास्ता रोककर करता था परेशान

युवती की मां और भाइयों ने आरोप लगाया कि गांव का 17 साल का नाबालिग लंबे समय से युवती को परेशान कर रहा था। वह कॉलेज आते-जाते उसका रास्ता रोककर छेड़छाड़ करता था। साथ ही मां और भाई के नाम सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या की धमकी देता था और युवती पर मिलने का दबाव बनाता था।

समझाने के बाद भी नहीं माना

परिजनों का कहना है कि उन्होंने नाबालिग को कई बार समझाया, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। उसकी हरकतों से युवती काफी तनाव में थी। वह परेशान होकर आत्महत्या करने की बात भी कहती थी।

3 सितंबर को चूहा मारने की दवा खाई

परेशान होकर युवती ने 3 सितंबर को चूहा मारने वाली दवा खा ली। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे लगातार उल्टियां होने लगीं। परिजनों ने उसे पाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। शुरुआती इलाज के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां तीन दिन इलाज के बाद रविवार शाम उसकी मौत हो गई।

रक्षाबंधन पर दोनों भाई घर आए थे

बताया गया कि दोनों भाई रक्षाबंधन पर बहन से राखी बंधवाने घर आए थे। छोटा भाई रक्षाबंधन के बाद काम के लिए दिल्ली चला गया, जबकि बड़ा भाई कोरबा में ही था। घटना की जानकारी दोनों को फोन पर दी गई।

पहले भी थाने में की थी शिकायत

परिजनों का कहना है कि नाबालिग की हरकतों को लेकर पहले भी थाने में मौखिक शिकायत की गई थी। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि जिला मेडिकल कॉलेज से मिले मेमो के आधार पर जिला अस्पताल चौकी में परिजनों का बयान दर्ज किया गया है।

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कोरबा

गर्भवती महिला को खाट पर ले जाने का वीडियो वायरल:कोरबा के राजाडाही में 500 मीटर सड़क के लिए ग्रामीण सालों से कर रहे गुहार

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कोरबा। कोरबा जिले में करोड़ों रुपए के विकास कार्यों के दावों के बीच वनांचल क्षेत्र की जमीनी हकीकत सामने आई है। कोरबा जनपद पंचायत के बरपाली गांव के राजाडाही से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

जिसमें ग्रामीण एक गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर कीचड़ भरे कच्चे रास्ते से ले जाते नजर आ रहे हैं। वीडियो ने गांव की बदहाल सड़क और ग्रामीणों की परेशानी को सामने ला दिया है।

बारिश में घुटनों तक कीचड़, एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंचती

बारिश में घुटनों तक कीचड़, एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंचती

500 मीटर रास्ता बना मुसीबत

जंगलों के बीच बसे राजाडाही गांव में 600 से ज्यादा लोग रहते हैं। गांव में आंगनबाड़ी केंद्र से बस्ती पारा तक करीब 500 मीटर का रास्ता बेहद खराब है। बारिश के दिनों में इस रास्ते पर बड़े गड्ढों के साथ घुटनों तक कीचड़ भर जाता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दूसरे ग्रामीणों को इसी रास्ते से रोज आना-जाना पड़ता है।

एंबुलेंस नहीं पहुंचती, खाट पर मरीज ले जाने की मजबूरी

ग्रामीणों के मुताबिक, सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को होती है। सड़क खराब होने के कारण जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों को मरीजों को खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। वायरल वीडियो में भी एक गर्भवती महिला को इसी तरह खाट पर ले जाते हुए देखा जा रहा है।

कई बार शिकायत, फिर भी नहीं बनी सीसी रोड

ग्रामीण लंबे समय से आंगनबाड़ी केंद्र से बस्ती पारा तक 500 मीटर सीसी रोड बनाने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान सरपंच और ग्रामीणों का कहना है कि जनपद पंचायत, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई है।

जनदर्शन और समाधान शिविर में भी आवेदन दिए गए, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार अब तक सड़क निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कई बार मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

ग्रामीणों ने फिर कलेक्टर से लगाई गुहार

ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ 500 मीटर सीसी रोड बनने से उनकी वर्षों पुरानी बड़ी समस्या खत्म हो सकती है। उन्होंने एक बार फिर जनदर्शन में कलेक्टर से सड़क निर्माण कराने की मांग की है।

अब ग्रामीणों को इंतजार है कि उनकी लंबित मांग पर प्रशासन कब ठोस कार्रवाई करता है और राजाडाही की कीचड़ भरी सड़क कब पक्के रास्ते में बदलती है।

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