छत्तीसगढ़
बोरदा-सकरेली कलां मार्ग के पुल पर हुआ जलभराव
सक्ती। सक्ती क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बोरदा-सकरेली कलां मार्ग पर स्थित पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। आसपास के ग्रामीणों को रोजाना आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।इस मार्ग से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। बच्चे प्रतिदिन इसी रास्ते से स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन पुल पर पानी का तेज बहाव होने से हादसे का खतरा बना रहता है।
अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कई ग्रामीण मजबूरी में लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं, जिससे उनका समय और खर्च दोनों बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने इस समस्या की जानकारी शासन और प्रशासन को दे दी है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुल पर पानी का बहाव जारी रहा और आवागमन सामान्य नहीं हो सका। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल का तत्काल निरीक्षण कराने, सुरक्षा व्यवस्था लगाने और पानी का बहाव कम होने तक बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
छत्तीसगढ़
अतिथि शिक्षकों को 27 जुलाई तक स्कूल लौटने के निर्देश:नहीं तो जाएगी नौकरी, 22 दिन से आंदोलन कर रहे शिक्षकों को पुलिस ने हटाया
दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने 22 दिन से आंदोलन कर रहे अतिथि शिक्षकों की सेवाएं खत्म करने का अल्टीमेटम दिया है। विभाग ने डीईओ को निर्देश जारी कर कहा है कि 27 जुलाई तक सभी शिक्षक स्कूल नहीं लौटे तो नौकरी जाएगी। इसके साथ ही वैकल्पिक शिक्षकों की व्यवस्था के निर्देश भी दिए हैं।
बता दें कि सभी शिक्षक बस्तर और आदिवासी क्षेत्रों में पदस्थ है। समान वेतन, मानदेय बढ़ाने और संविलियन की मांग को लेकर दुर्ग जिले में हड़ताल कर रहे थे। बुधवार की रात पुलिस ने हिंदी भवन के सामने धरना स्थल से टेंट हटा दिया।
इसके बाद आज (गुरुवार) सुबह धरना स्थल पहुंचे करीब 50 अतिथि शिक्षकों को पुलिस बसों में बैठाकर ले गई। धरनास्थल पर पुलिस बल तैनात है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि कोई नया प्रदर्शनकारी आंदोलन में शामिल न हो सके।
पुलिस ने धरना समाप्त करने की दी थी चेतावनी
इससे पहले दिन में पुलिस ने धरना समाप्त करने की चेतावनी दी थी। चेतावनी के बावजूद शिक्षक धरने पर डटे रहे, जिसके बाद देर रात यह कार्रवाई की गई। पुलिस की कार्रवाई के बाद भी अतिथि शिक्षकों ने साफ कहा कि उनका आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है।
शिक्षकों का कहना है कि वे फिर से धरना देने की कोशिश करेंगे और जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि अब तक सरकार के साथ केवल चर्चा हुई है, लेकिन किसी भी मांग पर फैसला नहीं लिया गया है।
शिक्षा मंत्री के घर का किया था घेराव
इससे पहले अतिथि शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दुर्ग स्थित निवास का करीब 24 घंटे तक घेराव किया था। मंत्री से चर्चा कराने के आश्वासन के बाद शिक्षक वहां से लौटकर हिंदी भवन के सामने फिर धरने पर बैठ गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि बातचीत के बाद उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बुधवार दोपहर दुर्ग पुलिस बड़ी संख्या में जवानों के साथ धरना स्थल पहुंची। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें शाम तक धरना समाप्त करने के लिए कहा था। साथ ही चेतावनी दी थी कि धरना जारी रहा तो अगले दिन से वहां बैठने नहीं दिया जाएगा। इसके बाद देर रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए धरना स्थल से टेंट हटाकर जब्त कर लिया।

दो दिन पहले शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव किया था।
समान वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग पर अड़े अतिथि शिक्षक
अतिथि शिक्षक संघ का कहना है कि उनका आंदोलन संविलियन, सेवा सुरक्षा, समान कार्य के बदले समान वेतन और मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षक कई सालों से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने दूर-दराज और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में भी अपनी सेवाएं दी हैं। इसके बावजूद उनके भविष्य को लेकर अब तक कोई स्थायी नीति नहीं बनाई गई है। उनका आरोप है कि हर बार सिर्फ आश्वासन दिया जाता है, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता।
धरना स्थल पर पुलिस ने किया फ्लैग मार्च
बुधवार को भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी धरना स्थल पहुंचे थे। पुलिस ने अतिथि शिक्षकों से शाम 6 बजे तक धरना समाप्त कर अपने-अपने घर लौटने को कहा था। इस दौरान पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया।
पुलिस की कार्रवाई के बाद आंदोलनकारी शिक्षकों ने कहा कि टेंट हटाने से उनका आंदोलन नहीं रुकेगा। जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित और ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल सरकार और अतिथि शिक्षक संघ के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन सकी है। ऐसे में आंदोलन आगे और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि समाधान होने तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
27 जुलाई तक स्कूल लौटने के निर्देश
22 दिन से हड़ताल कर रहे अतिथि शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग ने अल्टीमेटम दिया है। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 27 जुलाई तक यदि हड़ताल पर गए अतिथि शिक्षक वापस काम पर नहीं लौटते हैं, तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। इसके बाद स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
दूसरे शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश
यदि कोई अतिथि शिक्षक तय समय सीमा तक स्कूल नहीं लौटता है, तो विभागीय निर्देशों के खंड 7.3 के तहत उसकी नौकरी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी। साथ ही पढ़ाई जारी रखने के लिए दूसरे शिक्षकों की व्यवस्था करने को कहा गया है।

छत्तीसगढ़
रायपुर में खम्हारडीह थाने के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन:12 कांग्रेसियों पर FIR से भड़के दीपक बैज, बोले- मंत्री-विधायकों पर भी दर्ज हो काउंटर केस
रायपुर, एजेंसी। रायपुर में बुधवार को भाजपा और कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान जमकर बवाल हुआ। पुलिसकर्मियों के घायल होने पर 12 नामजद और कई अज्ञात कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं पर FIR दर्ज की गई। अब इसके विरोध में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज समेत कई नेता खम्हारडीह थाने में बीजेपी पर काउंटर FIR दर्ज कराने पहुंचे हैं।
थाने के बाहर बैठकर कांग्रेसी प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि बैज समेत कई नेता अंदर पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। कांग्रेस ने कहा कि, जितने मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता आए, उन पर भी काउंटर FIR दर्ज हो। दीपक बैज ने कहा कि, वो पत्थर मारेंगे, तो हम पुलिस के भरोसे बैठे रहेंगे क्या? फिलहाल, अधिकारियों से बातचीत का दौर जारी है।
इससे पहले, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, हम चुप बैठने वाले नहीं हैं, हमने चूड़ियां नहीं पहनी हैं। बीजेपी की यह कार्रवाई पूरी तरह से बदले की भावना से प्रेरित है। कांग्रेस इस कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देगी।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि, कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर सुनियोजित हमला किया गया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि, भाजपा सरकार कुछ ही महीनों की मेहमान है।
कांग्रेस की मांगें और शिकायत पत्र में क्या-क्या दावे किए गए?
रायपुर में बुधवार (22 जुलाई) को राजीव भवन (कांग्रेस प्रदेश कार्यालय) के बाहर हुए भीषण उपद्रव और पथराव के मामले में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने खम्हारडीह थाने में लिखित शिकायत दी है। कांग्रेस ने बीजेपी के कई मंत्रियों, विधायकों और संगठन के दिग्गजों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

मंत्री और विधायकों पर भी दर्ज हो FIR, इन्होंने भीड़ को उकसाया- विकास उपाध्याय
पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि, डिप्टी सीएम अरुण साव, मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक राजेश मूरत, सुनील सोनी, अनुज शर्मा समेत कई मंत्री-विधायक यहां मौजूद थे। सबकी वीडियो क्लिपिंग है। इन्होंने भीड़ को उकसाया और हमारे तरफ भेजने का काम किया। उनके खिलाफ भी FIR होना चाहिए।
कोरबा
कोरबा के उरगा-हाटी मार्ग पर हादसा, दो युवकों की मौत:तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक को मारी टक्कर, पेट्रोल भरवाकर लौट रहे थे, चालक फरार
कोरबा। कोरबा के करतला थाना क्षेत्र के कुदमुरा-कोसाबाड़ी के पास उरगा-हाटी मार्ग पर गुरुवार (23 जुलाई) को हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिसके बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
मृतकों की पहचान चचिया दर्रीपार निवासी राहुल टोप्पो और पोलेश कंवर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार दोनों युवक गांव के पास स्थित पेट्रोल पंप से बाइक में पेट्रोल भरवाकर वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर ही मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेलर की रफ्तार काफी अधिक थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवक सड़क से दूर जा गिरे। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
चालक वाहन लेकर फरार, पुलिस जांच में जुटी
हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और करतला थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए क्षतिग्रस्त बाइक जब्त कर ली है। फरार ट्रेलर चालक की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

रथ यात्रा की खुशियां मातम में बदलीं
घटना ऐसे समय हुई जब चचिया गांव में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर उत्सव और मेले का माहौल था। दो युवकों की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया।
-
Uncategorized10 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
Uncategorized11 months agoबाँकी कॉलोनी के दुर्गा भवन क्लब का होगा नवनिर्माण, नपा अध्यक्षा ने दिया आश्वाशन….देखे पूरी खबर
-
बाँकी मोगरा10 months agoथाना बाँकी–दर्री के सीमा सुमेधा पुल पर हुई लूट कांड, प्रार्थी तीन दिनों से भटक रहा, अब तक नहीं हुई शिकायत दर्ज…..।
-
कोरबा6 months agoकोरबा बांकीमोंगरा क्षेत्र में युवती से दुष्कर्म – मुख्य आरोपी तरुण व एक सहयोगी हिरासत में। अन्य की तलाश जारी…..देखे पूरी खबर…।
-
कोरबा2 years agoमहतारी वंदन योजना से महिलाएं परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने सहित समाज की प्रगति में दे रही योगदान’
-
कोरबा12 months agoबांकीमोंगरा सड़क निर्माण गुणवत्ताहीन की शिकायत पर पहुंची न.प्रशा. विकास विभाग परीक्षण टीम, नवनिर्माण सीसी सड़क का किया कोर कटिंग परीक्षण…देखे पूरी खबर
-
कोरबा11 months agoअंकित सिंह बने श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला उपाध्यक्ष
-
Uncategorized1 year agoबाकी मोगरा में गूंजी या अली या हुसैन की सदाएं, मुहर्रम ताजिया जुलूस व झांकी निकाल इमाम हुसैन को याद कर मनाया मुहर्रम पर्व…..।
