निरंतर सेवा, निरंतर विकास का सशक्त मॉडल है छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री
हर वर्ग तक विकास पहुंचाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जांजगीर-चांपा में जनादेश परब का भव्य आयोजन
जांजगीर-चांपा । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जांजगीर-चांपा जिले के खोखराभाठा पुलिस लाइन मैदान में आयोजित जनादेश परब में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंच से प्रदेश की उपलब्धियों, जनकल्याण और भविष्य की दिशा पर स्पष्ट संदेश दिया। वंदे मातरम और राज्यगीत के साथ आरंभ हुए कार्यक्रम में जनविश्वास, गौरव और निर्माण के संकल्प को दोहराया गया।
केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने कहा कि “जो कहा था, वह किया – और जो नहीं कहा था, वह भी करके दिखाया।” उन्होंने दो वर्षों के रिपोर्ट-कार्ड को रेखांकित करते हुए बताया कि सरकार ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और श्रमिकों के हित में संवेदनशील और परिणामकारी निर्णय लिए हैं, जिनका असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के पहले महीने में किसानों को 3700 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान और बीते दो वर्षों में 1.25 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष अंतरण अन्नदाताओं के सम्मान का प्रमाण है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 5 लाख से अधिक हितग्राहियों को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी गई, जिससे उनकी सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई।
केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने कहा कि युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती तंत्र, 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया, लोक सेवा आयोग में पारदर्शिता, नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना और आईटीआई के आधुनिकीकरण जैसे कदमों को उन्होंने “भविष्य-निर्माण की नींव” बताया। महिलाओं के स्वावलंबन हेतु महतारी वंदन योजना और महतारी सदन, पीएम जनमन के तहत 70 लाख परिवारों को लाभ तथा धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से आदिवासी समाज के सशक्तिकरण को उन्होंने सरकार की संवेदनशीलता का उदाहरण बताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट 22 गुना बढ़ा है, 32 अमृत स्टेशन वर्ल्ड-क्लास मानकों पर विकसित हो रहे हैं और आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, जल जीवन मिशन, पीएम-किसान जैसी योजनाओं का व्यापक लाभ आमजन तक पहुंचा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि सरकार आम जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन, भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, चरण पादुका सहित अनेक योजनाओं से विकास को गति मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद की कमर तोड़ने और नक्सल-मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में ठोस प्रगति हुई है। सुरक्षा, पुनर्वास और विकास – तीनों मोर्चों पर समन्वित रणनीति से शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट 2047 के माध्यम से संसाधन-समृद्ध छत्तीसगढ़ को सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने का रोडमैप तय किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को अवसरों का राज्य मिल सके।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जांजगीर-चांपा में जनादेश परब का आयोजन जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को एक-एक कर पूरा किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार बनने के बाद 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं और विकास के सभी कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे आमजन को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
वित्त मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि सरकार ने लोकतंत्र, जनविश्वास और सुशासन को सुदृढ़ किया है। विजन डॉक्यूमेंट के माध्यम से छत्तीसगढ़ विकास के नए मानक गढ़ रहा है। जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जनता को बधाई देते हुए कहा कि इस अवधि में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 2 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों के रिपोर्ट-कार्ड और “सेवा के 2 साल” पुस्तक का विमोचन किया, जिसमें सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम के दौरान जांजगीर-चांपा की विशिष्ट पहचान को रेखांकित करते हुए कोसा और कांसा भेंटकर अतिथियों का पारंपरिक स्वागत-अभिनंदन किया गया।कार्यक्रम में बीते दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित वीडियो का प्रदर्शन हुआ।
केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न विभागों की विकासमूलक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, शिक्षा, महिला-बाल विकास, जल संसाधन, ऊर्जा, सहकारिता सहित कई स्टॉलों पर योजनाओं की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं से जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को सुना। कार्यक्रम में पीएम आवास योजनांतर्गत लाभार्थियों को चाबियां सौंपी गईं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।
इस दौरान कृषि मंत्री राम विचार नेताम, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने जनादेश परब को संबोधित करते हुए विगत 02 वर्ष में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य निरंतर विकास होने की बात कही।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्रीगण दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखन लाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, गजेन्द्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल अन्य सांसद-विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
सक्ती। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास योजना को बड़ा विस्तार मिला है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ (पीएमएवाय-जी) के तहत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की मंजूरी दी है। सक्ती जिले में आयोजित ‘प्रधानमंत्री आवास गृह प्रवेश’ और ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की और स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सौंपा।
इस अवसर पर प्रदेश भर में नवनिर्मित 2 लाख आवासों में हितग्राहियों का एक साथ गृह प्रवेश कराया गया और उन्हें चाबियां सौंपी गईं। चौहान ने सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की।
चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक पीएम आवास बनकर तैयार हो रहेहैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास के साथ सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
गरीब का पक्का घर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे: शर्मा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।
कका और कांग्रेस ने राज्य को तबाह किया: चौहान
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और ‘कक्का’(कका) ने मिलकर छत्तीसगढ़ को तबाह कर दिया। उन्होंने सक्ती जिले में शामिल होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही।
चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के आवास के लिए भेजी गई राशि को कांग्रेस सरकार ने दबाकर रखा और प्रदेश के जरूरतमंदों को पक्के मकानों से वंचित किया। उन्होंने याद दिलाया कि गरीबों के हक के लिए भाजपा ने ‘मोर आवास मोर अधिकार’ आंदोलन चलाया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने लाठियां तक खाईं।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चेतन बोरघारिया को 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है।
ED ने कोर्ट में CGPSC घोटाले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के साथ चेतन बोरघारिया की वॉट्सऐप चैट मिलने की जानकारी दी। इसी आधार पर कोर्ट ने पूछताछ के लिए ED को उनकी 6 दिन की रिमांड दी है। अब ED उनसे CGPSC गड़बड़ी मामले में पूछताछ करेगी। चेतन बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में काम कर चुके हैं।
बता दें कि 6 दिन पहले ED ने घोटाले में आरोपी कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को कोर्ट में पेश किया था। ED ने आरोपी उत्कर्ष की रिमांड बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी उत्कर्ष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 दिन पहले ही धमतरी और बलरामपुर में कार्रवाई की थी। धमतरी में एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया के अमलतास पुरम स्थित घर पर टीम ने छापा मारा गया, जबकि बलरामपुर में भी उनसे पूछताछ की गई थी।
इधर, CGPSC घोटाले की जांच में कैंडिडेट्स को परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए लेने की बात सामने आई है। ED के वकील सौरभ पांडेय के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर पहुंचाने से जुड़ी थी।
10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।
नौकरी दिलाने का दावा, 3 करोड़ से ज्यादा वसूली
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास चंद्राकर के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का कथित नेटवर्क तैयार किया था।
अभ्यर्थियों को परीक्षा के अलग-अलग चरणों में मदद और प्री परीक्षा से इंटरव्यू तक सफलता की गारंटी देने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। इसके बदले कैंडिडेट्स से 3 करोड़ रुपए से अधिक रकम वसूले जाने का दावा किया गया है।
ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।
पूर्व CM के PA और OSD के नाम का इस्तेमाल
जांच एजेंसी का दावा है कि, उत्कर्ष चंद्राकर ने कैंडिडेट्स से पैसे जुटाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक (PA) और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ रहे OSD के नाम और प्रभाव का भी इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को प्रभावित करने की बात सामने आई है।
जानिए क्या है CGPSC घोटाला
यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।
इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।
इस घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच में जुटी है।
एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेता कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है। तीनों नेताओं के इंटरव्यू राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से लिए जा रहे हैं।
दिल्ली बुलाए जाने के बाद अब नजर इस बात पर है कि इनमें से किसे राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलती है। हालांकि अभी किसी नेता की नियुक्ति तय नहीं हुई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
राहुल-प्रियंका समेत राष्ट्रीय नेतृत्व ले रहा इंटरव्यू
जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय सचिवों के चयन की प्रक्रिया में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की भूमिका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत राष्ट्रीय नेतृत्व इस प्रक्रिया से जुड़ा है।
छत्तीसगढ़ से 3 नेताओं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे प्रदेश के नेताओं की राष्ट्रीय संगठन में भूमिका बढ़ने की संभावना बनी है।
कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।
चयन हुआ तो प्रदेश से राष्ट्रीय संगठन में बढ़ेगी हिस्सेदारी
तीनों नेताओं के पास युवा कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस और राष्ट्रीय संगठन में काम करने का अनुभव है। ऐसे में राष्ट्रीय सचिव के लिए इंटरव्यू तक पहुंचना ही प्रदेश कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
अगर इनमें से किसी नेता का चयन होता है तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस को राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ प्रदेश के युवा नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका भी बढ़ सकती है। फिलहाल सभी की नजर दिल्ली में चल रही चयन प्रक्रिया और उसके नतीजे पर है।