शीतकालीन-सत्र…35,000 करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट पेश:वित्त मंत्री बोले-विकास को मिलेगी गति, कांग्रेस बोली-कर्ज में डूबता जा रहा छत्तीसगढ़, BJP विधायक ने राशनकार्ड पर घेरा
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में 35,000 करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष खत्म होने से ठीक तीन महीने पहले पेश किए गए इस बड़े सप्लीमेंट्री बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
इस दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इससे प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट है। राजस्व व्यय को बढ़ाने की शुरुआत पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार ने की थी। कांग्रेस सरकार ने धान खरीदी को राजनीतिक विषय बना दिया।
वहीं कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ लगातार कर्ज में डूबता जा रहा है। ऐसे में वित्तीय वर्ष के आखिरी तीन महीनों में 35 हजार करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट क्यों लाया गया, यह समझ से परे है। इस बजट में कोई ठोस विजन नजर नहीं आता।
राघवेंद्र सिंह ने कहा कि महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं, लेकिन बिजली बिल के नाम पर उससे ज्यादा राशि वसूली जा रही है। सरकार का फोकस काम से ज्यादा इवेंट मैनेजमेंट पर है।
राघवेंद्र सिंह ने कहा कि नए पदों पर भर्ती, नियमितीकरण और किसानों को समय पर भुगतान जैसे वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। सड़कों, धान, आदिवासी, किसान, युवा और महिलाओं के विकास के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय कर काम करने की जरूरत बताई।
पक्ष-विपक्ष के सवाल-जवाब सुनते हुए स्पीकर डॉक्टर रमन सिंह।
सुशांत शुक्ला ने राशन कार्ड के मुद्दे पर खाद्य मंत्री को घेरा
इससे पहले भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने APL से BPL राशन कार्ड परिवर्तन के मुद्दे पर खाद्य मंत्री को घेरा। सुशांत शुक्ला ने अपनी ही सरकार पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एपीएल कार्ड डिलीट कर बीपीएल कार्ड बनाए गए। इस संबंध में FIR भी दर्ज हुई है।
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोई परिवर्तन नहीं हुआ। जांच में सिर्फ 19 राशन कार्ड में गड़बड़ी मिली, जिनमें से 4 मामलों में जोन क्रमांक-4 के जोन कमिश्नर की अनुशंसा पर कार्रवाई की गई है और जांच जारी है।
सुशांत शुक्ला ने फिर आपत्ति जताई, जबकि पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने आधे घंटे की चर्चा की मांग की। विधायक इंद्र कुमार साहू ने जैतूसाव मठ की जमीन बेचे जाने का मामला उठाया। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने माना कि रायपुर में भू-माफियाओं 10 जमीनें बेचीं।
उनके मुताबिक दो मामले हाईकोर्ट से पेडिंग है, आठ मामलों में एफआईआर करवा रहे हैं। विधायक ने सचिव स्तर समिति द्वारा जांच कराने की मांग की। वहीं धरमलाल कौशिक ने जल जीवन मिशन के मुद्दे पर डिप्टी सीएम अरुण साव को घेरा।
राजस्व मंत्री ने माना, बस्तर में बाढ़ से 12 लोगों की जान गई
इस दौरान, सदन में बस्तर में आई बाढ़ से बर्बादी का मुद्दा भी उठा, कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी के सवाल का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने माना कि, बाढ़ में 12 लोगों की जान गई थी।
सड़क मरम्मत के मुद्दे पर बहस
इधर, प्रश्नकाल के दौरान ही सड़क मरम्मत को लेकर सदन में तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल ने डोंगरगढ़ क्षेत्र सहित राजनांदगांव और खैरागढ़ जिलों की मरम्मत योग्य सड़कों पर कार्रवाई को लेकर लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के जवाब पर सवाल उठाए।
मंत्री ने बताया कि दोनों जिलों में 48 सड़कें चिह्नित हैं, जिनमें 39 के टेंडर हो चुके हैं, 4 का काम पूरा हो गया है और 5 पर कार्य शुरू होना बाकी है। इस पर हर्षिता बघेल ने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर किसी भी सड़क पर काम शुरू नहीं हुआ और मंत्री ने सदन को गलत जानकारी दी है।
विवाद बढ़ने पर आसंदी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मंत्री की ओर से दी गई जानकारी रिकॉर्ड में ली जाएगी और वही आधिकारिक मानी जाएगी, इसके बाद कार्यवाही आगे बढ़ी।
कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल ने सड़क मरम्मत की जानकारी मांगी।
कैंसर क्लिनिक और सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल निर्माण का मुद्दा उठा
जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने महारानी अस्पताल में प्रस्तावित कैंसर क्लिनिक और सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि 12 जून 2025 को स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक सिर्फ टेंडर प्रक्रिया ही चल रही है।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि डीपीआर निजी एजेंसी से तैयार कराई जाती है और ईएनसी के माध्यम से स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मंत्री ने यह भी बताया कि पूर्व प्रवास के दौरान माताओं के लिए एमआरडी भवन की मांग के बाद उसमें भी स्वीकृति जोड़ी गई।
दोबारा सवाल पर मंत्री ने सदन में आश्वासन दिया कि कैंसर क्लिनिक और सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल दोनों का निर्माण कार्य जनवरी से शुरू कर दिया जाएगा।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।