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कोरबा

07 दिन का अल्टीमेटम:तानाखार सचिव मोहन कौशिक को नहीं हटाया गया, तो जनपद कार्यालय घेरेंगे पंचायत प्रतिनिधि

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बैठेंगे धरने पर
कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा।
जिले की जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत तानाखार के सचिव मोहन कौशिक की हठधर्मिता और मनमानी के खिलाफ पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। आज सरपंच तीजबाई, उपसरपंच भुनेश्वर सहित पंचगणों ने पोड़ी-उपरोड़ा एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और एसडीएम से मांग की कि सचिव मोहन कौशिक को एक सप्ताह के अंदर यहां से हटाएं। एसडीएम ने आश्वासन दिया है, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों ने सात दिन का अल्टीमेट भी दिया है और एसडीएम से कहा है-यदि सचिव मोहन कौशिक सात दिन के अंदर यहां से नहीं हटाए जाते तो जनपद पोड़ी-उपरोड़ा कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
सरपंच तीजबाई बिंझवार ने बताया कि सचिव मोहन कौशिक को पंचायत में रहने और विकास कार्यों में ध्यान देने का कई बार आग्रह किया गया, लेकिन उसकी हठधर्मिता और मनमानी रूकने का नाम ही नहीं ले रही है। 22 सितम्बर को कलेक्टर साहब ने कार्यवाही का आश्वासन दिया है, लेकिन हमने आज एसडीएम पोड़ी-उपरोड़ा को भी ज्ञापन सौंपकर सात दिन का अल्टीमेटम दिया है और यदि सचिव मोहन कौशिक सात दिन में नहीं हटाए जाते तो जनपद कार्यालय का घेराव करेंगे और धरना भी देंगे। हमारा धरना तब तक रहेगा, जब तक मोहन कौशिक को हटा नहीं दिया जाता।


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तानाखार सचिव मोहन कौशिक को हटाने जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को कार्यवाही करने दिए निर्देश
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह के नेतृत्व में सरपंच ने सौंपा ज्ञापन
सचिव मोहन कौशिक पंचायत से रहते हैं नदारद, जनता परेशान
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा।
कोरबा जिले की जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत तानाखार का सचिव मोहन चंद्र कौशिक मुख्यालय छोड़कर 65 किलोमीटर दूर से आना-जाना करते हैं और महीने में एक या दो बार ही पंचायत आते हैं, जिसके कारण ग्राम पंचायत का विकास कार्य जहां ठप्प हो गया है, वहीं अपनी आवश्यकताओं के लिए ग्रामीण जब भी सचिव के पास जाते हैं, नदारद ही मिलते हैं, जिसके कारण जनता परेशान हो गई है।
आज जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह के नेतृत्व में ग्राम पंचायत की सरपंच तीजबाई, उपसरपंच सहित पंचगण एवं ग्रामवासी कलेक्टर अजीत बसंत से मिलकर ज्ञापन सौंपा और सचिव को हटाने की मांग की।
कलेक्टर ने दिया आश्वासन
सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों ने बताया कि कलेक्टर अजीत बसंत ने जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग को निर्देशित करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।
सचिव 65 किलोमीटर दूर कथरीमाल में रहता है
सरपंच तीजबाई ने बताया कि सचिव मोहन कौशिक का रवैय्या कई बार निवेदन करने के बाद भी नहीं सुधरा और वह 65 किलोमीटर दूर कथरीमाल से आना जाना करता है और महीने में एक-दो बार ही पंचायत आता है। जिससे हम परेशान हो गए हैं और जनता हमें सुनाती है। विकास तथा अन्य प्राथमिक कार्य ठप्प पड़ गए हैं। फोन करने से नहीं उठाता।
सचिव कौशिक की मनमानी चरम पर


सरपंच श्रीमती तीजबाई ने बताया कि पिछले पंचवर्षी कार्यकाल में तात्कालीन सीईओ ने जांच कराई थी और जांच में मोहन कौशिक दोषी पाया गया था, लेकिन उसके खिलाफ अब तक कार्यवाही नहीं हुई, जिसके कारण उसकी मनमानी चरम पर है। पिछले सरपंच के साथ-साथ अब वर्तमान सरपंच तीजबाई से भी कहता है कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उसकी तानाशाही रवैय्या के बारे में कलेक्टर साहब को हमने अवगत कराया है और सचिव को तानाखार से हटाने की मांग की है। कलेक्टर साहब ने कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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