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छत्तीसगढ़

दस जनवरी…विश्व हिंदी दिवस

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लचीलेपन में समाहित वसुधैवकुटुम्बकम का संदेसा!

साधना सोलंकी
जयपुर। राष्ट्रीय भाषा हिंदी दिवस 14 सितंबर हिंदुस्तान के नाम समर्पित है, पर 10 जनवरी इसे समूची धरती की बोली बनाए जाने का उपक्रम है। इसे हिंदी भाषा के आत्मसम्मान का उत्सव दिवस कहा जा सकता है, जो दर्शाता है कि भारत में ही नहीं विदेशों में भी हिंदी बोली और समझी जाती है। इस उपलब्धि का कारण इस भाषा का सर्वाधिक लचीलापन है। अर्थात यह दुनिया की हर बोली भाषा में घुलमिल कर बड़ी सहजता से अपनी अभिव्यक्ति दे जाती है। इसमें सहज वैज्ञानिकता ही दरअसल वसुधैवकुटुम्बकम का गहन संदेसा है…

मित्र सखा हमजोली
हर बोली की होली!
विश्व हिंदी दिवस आयोजन की शुरुआत 10 जनवरी 1975 को हूई, जब नागपुर में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन मनाया गया। 30 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस तरह यह दिन इसके ऐतिहासिक होने की याद दिलाता है। लगा कि हिंदी केवल हिंदुस्तान की भाषा नहीं, बल्कि वैश्विक संवाद की क्षमता रखने वाली भाषा है।
 हिंदी भाषा की विशेषता का कोई जोड़ नहीं। यह संस्कृति, परंपरा, भाव और मौन की अभिव्यक्ति का असरदार जरिया है। कहीं यह मां की ममता से लबालब मीठी लोरी सी है तो कहीं पिता की जिम्मेदारी सी! गुरु का अनुशासन भी इसमें झलकता है तो अंग्रेजी, उर्दू, बांग्ला, तमिल, पंजाबी आदि से हमजोली होने का मित्र सखा भाव भी! आंदोलन की क्रांति की आग भी यह लिए है।

महक वसुंधरा की!
इसके महत्व को समझने, योगदान को सम्मानित करने और दुनियाभर में इसे प्रचारित प्रसारित करने के लिए ही दस जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के नाम किया गया। 
हिंदी अब सीमा बंधन से मुक्त, महाद्वीपों में अपने कसीदे पढ़ रही है। जब कोई परदेसी हिंदी में नमस्कार कहता है, तो वह हमारी संस्कृति सभ्यता को स्वीकार सम्मानित करता है।
धरोहर यह परंपरा की
महक यह वसुंधरा की
भविष्य की संभावना…
बारिश मरुधरा की!

अपना बहाव, अपनी गति
विश्व स्तर पर हिंदी की बात करें तो हिंदी 190 से ज्यादा देशों में बोली और समझी जाती है। 
संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सुनी जाती है।
बॉलीवुड, ओटीटी, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया में इसका अपना बहाव, अपनी गति है।
प्रवासी भारतीयों ने हिंदी को विश्व के विविध देशों में रोपा और विस्तार दिया।
विदेशों में लगातार हिंदी सीखने वालों की संख्या बढ़ रही है। UN में यह चर्चा का विषय बनी। दूतावासों में आयोजन इसकी पहुंच और सम्मान पर मोहर लगाते हैं। 

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कोरबा

छत्तीसगढ़ में 10 जिलों के DEO बदले:13 प्राचार्यों और अधिकारियों का तबादला, बिलासपुर-सरगुजा के प्रभारी उपसंचालक भी बदले गए

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक आधार पर 13 प्राचार्यों और अधिकारियों का तबादला किया गया है। विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आदेश के तहत संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी स्तर के अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया गया है।

इस फेरबदल में बिलासपुर और सरगुजा संभाग के प्रभारी उप संचालकों की अदला-बदली की गई है। इसके अलावा बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सूरजपुर, दुर्ग, मुंगेली, बलौदाबाजार-भाटापारा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई समेत कई जिलों में DEO स्तर पर जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

बिलासपुर-सुरगुजा संभाग प्रभारी उप संचालकों की अदला-बदली

आदेश के अनुसार राजेश सिंह प्रभारी उप संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर को सरगुजा संभाग के प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। उन्हें संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग सरगुजा का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

वहीं अश्वनी भारद्वाज प्रभारी उप संचालक, शिक्षा संभाग सरगुजा को बिलासपुर संभाग का प्रभारी उप संचालक बनाया गया है। उन्हें संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

जिला शिक्षा अधिकारियों की भी बदली जिम्मेदारी

ए.के. सिन्हा, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर बनाया गया है। वहीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खिसोरा, बलौदा के प्राचार्य मनोहर प्रताप सिंह को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा की जिम्मेदारी दी गई है।

लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर में सहायक संचालक जगजीत धीर को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग बनाया गया है। इसी तरह प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली *एल.पी. डहीरे* को सहायक संचालक, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर के कार्यालय में पदस्थ किया गया है।

डॉ. मोहन लाल पटेल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजेन्द्र नगर, बिलासपुर को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली की जिम्मेदारी दी गई है।

बिलासपुर, बलौदाबाजार समेत कई जिलों में नए प्रभारी DEO

प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर रामेश्वर जायसवाल को प्रतिनियुक्ति पर लेते हुए जिला मिशन समन्वयक, समग्र शिक्षा जांजगीर-चांपा बनाया गया है। वहीं संदीप कुमार पांडे प्राचार्य, कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी करतला, को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर की जिम्मेदारी मिली है।

उपेंद्र कुमार देवांगन, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला विचारपुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई बनाया गया है। शिव कुमार गेंदले प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला धरमपुरा, मुंगेली को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा बनाया गया है।

मोहला-मानपुर और खैरागढ़ में भी बदलाव

पुरुषोत्तम लाल साहू प्राचार्य शासकीय कन्या शिक्षा परिसर चौकी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को इसी जिले का प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। वहीं वर्तमान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी योगदास साहू को प्रतिनियुक्ति पर लेकर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में प्राचार्य बनाया गया है।

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कोरबा

जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति नगोईखार का मतदाता सूची प्रकाशित

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दावा- आपत्ति 15 सितंबर तक आमंत्रित

कोरबा 09 सितंबर 2026। जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति मर्यादित नगोईखार पंजीयन क्रमांक 3584 के सदस्यों के मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के लिए मतदाता सूची प्रकाशित किया गया है। मतदाता सूची के संबंध में सदस्यों से दावा-आपत्ति 15 सितंबर 2026 तक आमंत्रित किया गया है।
रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्रीमती सुष्मिता लकड़ा ने बताया कि दावा- आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के साथ सोसायटी कार्यालय नगोईखार में समिति प्रबंधक विजय कुमार अग्रवाल के पास  15 सितंबर 2026 तक कार्यालयीन समय पर  प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा- आपत्तियों का निराकरण 16 सितंबर को 12 बजे से किया जायेगा। निराकरण उपरांत अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

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कोरबा

रोजगार मेला के आयोजन हेतु नियोजकों से रिक्त पदों की मंगाई गई जानकारी

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कोरबा 09 सितंबर 2026। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, कोरबा के माध्यम से जिला स्तरीय ”रोजगार मेला“ का आयोजन शासकीय ई.व्ही.पी.जी.कॉलेज, कोरबा में किया जायेगा। जो नियोजक अपने संस्थाओं के रिक्त पदों को रोजगार मेला के माध्यम से पूर्ति करना चाहते हैं, वे अपने रिक्त पदों की जानकारी 15 सितंबर 2026 तक रोजगार कार्यालय कोरबा के ई-मेल पर उपलब्ध करा सकते हैं या जिला रोजगार कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। ताकि जिला स्तरीय ”रोजगार मेला“ में  शामिल किया जा सके।

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