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राजस्थान में भारी बारिश से 16 की मौत:MP में नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर, UP में उद्घाटन से पहले 4 पुलों की सड़कें बहीं
नई दिल्ली/भोपाल/लखनऊ,एजेंसी। राजस्थान में भारी बारिश के चलते बाढ़ के हालात हैं। प्रदेश में बरसात के कारण हुए अलग-अलग हादसों में 24 घंटे में 16 लोगों की मौत हो गई। सोमवार को कोटा में प्रदेश में सबसे ज्यादा 198mm बारिश हुई। यहां कोटा बैराज के 12 गेट खोले गए हैं।
मध्य प्रदेश में मानसून जमकर बरस रहा है। नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जबलपुर, रीवा समेत 10 जिलों में एक सप्ताह से लगातार बारिश जारी है। इन जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। सोमवार को श्योपुर के कई इलाके और गांव पानी से घिरे रहे। मकान-दुकानों से लेकर अस्पताल तक में पानी भर गया।
UP के लखनऊ, कानपुर, बरेली समेत 15 शहरों में तेज बारिश के कारण जलभराव-बाढ़ के हालात हैं। प्रदेश के कई बांध ओवरफ्लो होने लगे हैं। सोमवार को ललितपुर के गोविंद सागर बांध के 17 गेट खोले गए। चित्रकूट में उद्घाटन से पहले 51 करोड़ से बने 4 पुलों की एप्रोच सड़कें बह गईं।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 दिन में 105 लोगों की मौत बारिश से जुड़ी घटनाओं में हो चुकी हैं। राज्य की 200 से ज्यादा सड़कें अभी भी बंद हैं। मनाली-चंडीगढ़ हाईवे पिछले 3 दिन से रोजाना लैंडस्लाइड के चलते बंद हो रहा है।
देशभर में बारिश-बाढ़ की तस्वीरें…

सवाई माधोपुर में शिवाड़-चौथ का बरवाड़ा रोड पर बनी पुलिया के ऊपर से बनास नदी का पानी बह रहा है।

चित्रकूट जिले में धारकुंडी आश्रम को एमपी से जोड़ने वाले पुल की एप्रोच रोड बारिश में बह गई। इससे जिले के 10 गांवों का एमपी से संपर्क कट गया है।

UP के ललितपुर में गोविंद सागर बांध के 18 में से 17 गेट खोले गए।

पंजाब के बठिंडा में लगातार बारिश के कारण स्कूल वैन खराब होने के बाद एक स्कूली बच्चे को कमर तक पानी में ले जाते हुए वैन चालक।

प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी उफान पर हैं। नदी किनारे बने ओपन जिम में पानी भर गया है।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश, 4 वाटरफॉल के नजारे

जगदलपुर का तीरथगढ़ वाटरफॉल।

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में का तीरथगढ़ वाटरफॉल।

छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ का अमृतधारा।

बस्तर का चित्रकोट वाटरफॉल
राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश जारी
राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में आज तेज बारिश हो रही है। निचले इलाकों कई फीट तक पानी भरा हुआ है। जोधपुर में साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस रद्द की गई।
भीलवाड़ा के बिजोलिया में सबसे ज्यादा 183.0 mm बारिश दर्ज की गई। चित्तौड़गढ़ के भैंसरोड़गढ़, नागौर के मकराना में 136 mm, टोंक के निवाई में 127 mm, कोटा के मंडाना में 117.0 mm और जयपुर के सांभर में 102 mm बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे के पाली मारवाड़-बोमाडा रेलवे खंड पर पटरियों पर जलभराव के कारण ट्रेन रद्द करनी पड़ी हैं।
मौसम विभाग ने कहा कि कोटा, अजमेर और जोधपुर संभागों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभागों में मध्यम से भारी बारिश जारी रहेगी।
16 जुलाई को जोधपुर, बीकानेर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 17 जुलाई से और पश्चिमी राजस्थान में 18 जुलाई से तेज बारिश में कमी आएगी।
मुंबई में भारी बारिश जारी
मुंबई में सोमवार सुबह से हो रही भारी बारिश की वजह से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया है। सड़कों पर पानी भरने से यातायात धीमा हो गया और लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर पर
नई दिल्ली,एजेंसी। देश की विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गई। सोमवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई। घरेलू मांग में मजबूत सुधार के कारण यह बढ़ोतरी हुई, हालांकि नए निर्यात ऑर्डर की वृद्धि में कमी देखी गई। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जनवरी के 55.4 से बढ़कर फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गया। पीएमआई की भाषा में 50 से ऊपर का अंक विस्तार जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन दर्शाता है। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ”फरवरी महीने में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में पहले से ज्यादा तेजी देखने को मिली। मजबूत घरेलू ऑर्डर की वजह से उत्पादन लगातार दूसरे महीने भी तेज गति से बढ़ा।”
सर्वेक्षण में कहा गया, “समिति के सदस्यों के अनुसार, काम करने की दक्षता में सुधार, बाजार में मजबूत मांग, नए ऑर्डर में बढ़ोतरी और तकनीक में निवेश की वजह से उत्पादन में कुल मिलाकर अच्छी बढ़त दर्ज की गई।” एक क्षेत्र जहां वृद्धि में कुछ कमी आई, वह नए निर्यात ऑर्डर रहे। हालांकि, जिन कंपनियों की विदेशों में बिक्री बढ़ी, उन्होंने एशिया, यूरोप, पश्चिम एशिया और अमेरिका से ऑर्डर मिलने की बात कही। भंडारी ने कहा, “नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि ने 2025 के मध्य में शुरू हुई धीमी गति को जारी रखा, जिससे विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन कुछ हद तक सीमित हो गया।”
कुल नए ऑर्डर में लगातार तेज बढ़ोतरी होने के कारण भारत के विनिर्माताओं ने उत्पादन बढ़ाने और भंडारण करने के लिए अतिरिक्त कच्चे माल की खरीद की। काम का दबाव बढ़ने पर कंपनियों ने कच्चे माल की खरीद तेज की, अपना भंडार बढ़ाया और अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति भी की। आने वाले एक वर्ष के लिए उत्पादन को लेकर कंपनियों का रुख सकारात्मक बना हुआ है। लगभग 16 प्रतिशत कंपनियों ने उत्पादन बढ़ने का अनुमान जताया है, जबकि एक प्रतिशत से भी कम कंपनियों को गिरावट की आशंका है।
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Gold Bangle Cost: 18 कैरेट vs 14 कैरेट: 2 तोले के सोने के कड़े बनवाने में कितना आएगा खर्चा
मुंबई, एजेंसी। अगर आप अपनी कलाई की शोभा बढ़ाने के लिए सोने के कड़े (Bangles) बनवाने की सोच रहे हैं, तो केवल डिजाइन देखना काफी नहीं है, बल्कि सोने के ‘गणित’ को समझना भी बेहद जरूरी है। भारतीय बाजार में सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच 14 कैरेट और 18 कैरेट के विकल्पों ने ग्राहकों को उलझन में डाल दिया है। एक तरफ जहाँ शुद्धता का मोह है, वहीं दूसरी तरफ मजबूती और बजट की बात है। अगर आप दो तोले यानी लगभग 20 ग्राम वजन के कड़े बनवाने का मन बना चुके हैं, तो खरीदारी से पहले यह जान लें कि आपकी जेब पर कितना असर पड़ने वाला है और कौन सा विकल्प आपके लिए सबसे सटीक साबित होगा।
18 कैरेट सोने का लग्जरी और प्रीमियम अनुभव
18 कैरेट सोना उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो शुद्धता और चमक से समझौता नहीं करना चाहते। इसमें 75% शुद्ध सोना होता है, जो इसे एक प्रीमियम लुक और बेहतरीन रीसेल वैल्यू देता है। वर्तमान मार्केट रेट के हिसाब से देखें तो 18 कैरेट सोने की कीमत ₹12,981 प्रति ग्राम के करीब है। इस आधार पर यदि आप दो तोले के कड़े बनवाते हैं, तो मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी को मिलाकर इसकी कुल लागत ₹3,50,000 से ₹3,70,000 के बीच बैठने वाली है। हालांकि यह 14 कैरेट के मुकाबले थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन इसकी प्राकृतिक पीली चमक और लंबे समय तक बनी रहने वाली वैल्यू इसे निवेश के लिहाज से भी खास बनाती है।
14 कैरेट सोना: मजबूती और बजट का बेजोड़ संगम
जो लोग रोजाना पहनने के लिए मजबूत गहने चाहते हैं, उनके लिए 14 कैरेट सोना एक स्मार्ट चॉइस है। इसमें शुद्ध सोने की मात्रा 58.3% होती है, जिसकी वजह से यह काफी कठोर और टिकाऊ होता है। रोजमर्रा के काम के दौरान इसमें खरोंच आने या इसके मुड़ने का डर बहुत कम रहता है। कीमत के मोर्चे पर भी यह काफी राहत भरा है क्योंकि फिलहाल इसका रेट ₹9,843 प्रति ग्राम चल रहा है। दो तोले के कड़ों के लिए आपको लगभग ₹2,60,000 से ₹2,80,000 तक खर्च करने होंगे। कम कीमत में शानदार ज्वेलरी का शौक पूरा करने वालों के लिए यह एक किफायती और व्यावहारिक रास्ता है।
मेकिंग चार्ज और अन्य खर्चों का बारीकी से हिसाब
सोने के गहनों की अंतिम कीमत केवल सोने के भाव पर तय नहीं होती, बल्कि इसमें मेकिंग चार्ज और टैक्स का बड़ा हाथ होता है। ज्वेलर्स आमतौर पर डिजाइन की जटिलता के आधार पर सोने की मूल कीमत का 8% से 25% तक मेकिंग चार्ज वसूलते हैं। अगर आंकड़ों में बात करें तो 18 कैरेट के लिए यह ₹600 से ₹900 प्रति ग्राम और 14 कैरेट के लिए ₹500 से ₹800 प्रति ग्राम तक जा सकता है। दो तोले के कड़ों पर केवल मेकिंग चार्ज ही ₹14,000 से ₹21,000 तक जुड़ सकता है। इसके अलावा, पूरे बिल पर सरकार को 3% जीएसटी देना अनिवार्य है। साथ ही कुछ ज्वेलर्स मैन्युफैक्चरिंग के दौरान होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 1% से 3% तक वेस्टेज चार्ज भी जोड़ते हैं, इसलिए खरीदारी से पहले इन सभी छिपे हुए खर्चों पर ज्वेलर से खुलकर बात करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
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Gold Market में अचानक सन्नाटा, रुक गई सोने-चांदी की सप्लाई? अटके शिपमेंट
मुंबई, एजेंसी। वैश्विक गोल्ड मार्केट में 2 मार्च 2026 की सुबह अचानक हलचल मच गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान-अमेरिका/इजराइल टकराव की खबरों ने सप्लाई चेन को झटका दिया। कुछ ही घंटों में दुबई से लेकर एशियाई रिटेल बाजारों तक सोने और चांदी की आवाजाही प्रभावित होने लगी, जिससे बुलियन बाजार में बेचैनी बढ़ गई। एयरस्पेस प्रतिबंध और अटकी फिजिकल शिपमेंट के कारण ट्रेडर्स और आयातक अनिश्चितता में हैं, जबकि कीमतों में तेजी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
गोल्ड शिपमेंट अटकी
दुनिया के प्रमुख गोल्ड ट्रेडिंग हब्स में गिने जाने वाले Dubai में कई फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण फिजिकल गोल्ड शिपमेंट अटक गई। रोजाना हजारों किलो सोने की आवाजाही देखने वाला यह शहर अचानक सुस्त पड़ गया। भारत के लिए यह स्थिति खास तौर पर अहम है, क्योंकि देश में आयात होने वाले सोने का लगभग 50-60% हिस्सा दुबई रूट से आता है। लंबा व्यवधान बाजार में सप्लाई टाइट कर सकता है।
इस बीच ध्यान Strait of Hormuz पर टिक गया, जो वैश्विक व्यापार का अहम समुद्री मार्ग है। बढ़ते तनाव के कारण शिपिंग मूवमेंट धीमा पड़ा और कुछ कार्गो जहाजों को रोकना पड़ा। तेल के साथ-साथ सोने जैसी कीमती धातुओं की लॉजिस्टिक्स भी दबाव में आ गईं। सप्लाई चेन के बाधित होने की आशंका से बाजार में बेचैनी बढ़ी।
खाड़ी क्षेत्र के देशों—United Arab Emirates, Saudi Arabia, Kuwait और Bahrain—में सुरक्षा अलर्ट के चलते एयरस्पेस बंद होने की खबरों ने हालात और जटिल कर दिए। गोल्ड और रफ डायमंड्स के कई कार्गो अटक गए, जिससे अंतरराष्ट्रीय ट्रेड चैनल अस्थायी रूप से ठहर गए।
कई गोल्ड शॉप्स में रोकी बिक्री
भारत में इसका असर तेजी से दिखा। पुणे समेत कई सर्राफा बाजारों में बुलियन डीलर्स ने सीमित बिक्री शुरू कर दी या अस्थायी रूप से सौदे रोक दिए। स्टॉक घटने लगा और नई खेप कब पहुंचेगी, इस पर स्पष्टता नहीं थी। खरीदार बढ़ती कीमतों से चौंक गए, जबकि व्यापारी सप्लाई की अनिश्चितता से चिंतित दिखे। इसी तरह Buriram (थाईलैंड) में भी कई गोल्ड शॉप्स ने एहतियातन बिक्री रोक दी और डिस्प्ले खाली कर दिए।
कुल मिलाकर, क्षेत्रीय तनाव का असर अब सीधे वैश्विक गोल्ड सप्लाई नेटवर्क पर दिखने लगा है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों और उपलब्धता—दोनों पर दबाव बना रह सकता है।
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