मंत्री लखन लाल देवांगन व महापौर संजू देवी राजपूत रहे उपस्थित
कोरबा । स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ठ हिंदी माध्यम विद्यालय, कन्या साडा में शुक्रवार को सरस्वती साइकिल योजना के तहत 177 छात्राओं को साइकिल वितरित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में कोरबा नगर निगम की महापौर संजू देवी राजपूत उपस्थित रहीं। माँ सरस्वती की पूजा कर दीप प्रवजलित किया गया अतिथियों का स्वागत विद्यालय प्रबंधन ने पुष्पगुच्छ देकर किया। कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन और कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत ने बच्चों को तिलक लगाकर मिठाई के खिलाकर साइकिल वितरण किया।
महापौर संजू देवी राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश की प्रत्येक बेटी आगे बढ़े, पढ़े-लिखे और समाज में अपनी अलग पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि आप सभी बच्चियों में अपार संभावनाएँ हैं। मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आप डॉक्टर, इंजीनियर से लेकर राजनेता तक बन सकती हैं। उन्होंने बिहार की युवा विधायिका मैथिली ठाकुर का उदाहरण देते हुए कहा कि मात्र 25 वर्ष की उम्र में BA पास कर भजनों के माध्यम से पहचान बनाने वाली मैथिली ठाकुर ने चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया। उनका सफर इस बात का प्रमाण है कि परिश्रम और संकल्प से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महिला सशक्ति करण और बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विविध योजनाएँ बच्चियों के भविष्य को सुरक्षित और उज्जवल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि साइकिल योजना का उद्देश्य बालिकाओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा प्रदान करना और उनकी शिक्षा में निरंतरता बनाए रखना है।
कार्यक्रम में शाला समिति अध्यक्ष झगेंद्र देवांगन, एमआईसी सदस्य व पार्षद अजय चंद्रा, पार्षद पंकज देवांगन, पार्षद प्रेमलता बंजारे,बलराम विश्वकर्मा, पुनीराम साहू, राकेश तथा विद्यालय के प्राचार्य रणधीर सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, शिक्षक और छात्राएँ उपस्थित थीं।
साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरों पर उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा उनकी पढ़ाई में बहुत सहायक सिद्ध होगी। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।
कोरबा। एसईसीएल मानिकपुर खदान से प्रभावित भिलाईखुर्द के भ-ूविस्थापितों को बड़ी राहत मिली है। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल पर 300 प्रभावितों को मुआवजा देने का रास्ता साफ हो गया है। हर परिवार को 6.78 लाख मुआवजा देने एसईसीएल प्रबंधन ने सहमति दी है।
एसईसीएल विश्राम गृह कोरबा में शुक्रवार को नगर विधायक व उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता मेंभिलाईखुर्द के भूविस्थापितों, एसईसीएल के अधिकारियों व जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। जिसमें देवांगन ने एसईसीएल के अधिकारियों को दो टूक कहा कि 50 वर्ष पूर्व खदान के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था।
तब ज़मीन का मुआवजा दिया जा चुका था, लेकिन इतने वर्षों बाद आज ज़मीन खाली करवाई जा रही है। भू-विस्थापितों को मकानों और शिफ्टिंग का उचित मुआवजा दिए किसी भी तरह से जमीन खाली करवाना गलत है। उद्योग मंत्री ने बैठक में भू विस्थापितों की मांग को मजबूती से रखते हुए कहा की इतने वर्षों में एक-एक जमीन धारक के एक से अधिक परिवार हो चुके हैं, आज की स्थिति में सिर्फ एक ज़मीन धारक के बजाए एक-एक परिवार के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।
देवांगन ने कहा की देश की ऊर्जा के लिए कोयला अतिमहत्वपूर्ण हैं, लेकिन भू- विस्थापितों को साथ में लेकर खदानों का विस्तार करना होगा। एसईसीएल के अधिकारियों ने बैठक में ही सभी परिवारों का मुआवजा देने की मंजूरी दी। भू-विस्थापित के प्रति परिवार को 6.78 लाख देने की घोषणा की गई। पिछले 8 वर्ष से बिना मुआवजा दिए प्रबंधन बस्ती खाली कराने पर आमदा था। मंत्री के दबाव के बाद एसईसीएल बैकफुट पर आए। इस निर्णय का ग्राम भिलाईखुर्द के सभी भू विस्थापितों ने स्वागत करते हुए अपनी सहमति देते हुए मंत्री देवांगन का आभार जताया।
एसईसीएल मानिकपुर खदान से 52 लाख 50 हजार टन कोयला उत्पादन किया गया था। कोरबा एरिया का यह सबसे बड़ा ओपन माइंस है। लगातार 11 साल से लक्ष्य हासिल कर रहा है। इस साल कोरबा एरिया में 83 लाख 60 हजार टन उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
कोरबा। कोरबा के मानिकपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत मुड़ापार स्थित लिटिल स्टेप स्कूल के पास एक ऑटो गैरेज में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती कार में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। गैरेज में मौजूद मिस्त्री ने तत्काल पानी डालकर और केबल वायर काटकर आग पर काबू पा लिया।
जानकारी के अनुसार, एक युवक लाल रंग की कार लेकर गैरेज पहुंचा था। गाड़ी रोकते ही वह तुरंत बाहर निकला और मिस्त्री को आवाज लगाई। मिस्त्री के मौके पर पहुंचते ही कार में अचानक आग की लपटें उठने लगीं, जो देखते ही देखते बढ़ने लगी।
शॉर्ट सर्किट के बाद लगी आग
कार चालक युवक ने बताया कि वह किसी काम से निकला था, तभी उसे गाड़ी से हल्का धुआं आता महसूस हुआ। वह किसी तरह कार को गैरेज तक लाया।
जैसे ही उसने बोनट खोला, धुआं तेजी से निकलने लगा और उसने तुरंत मिस्त्री को बुलाया। बताया जा रहा है कि चूहे ने कार के केबल काट दिए थे, जिसके कारण शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई।
समय रहते आग में पाया काबू
समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से एक बड़ी घटना टल गई। यह क्षेत्र आबादी वाला है और पास में ही बच्चों का स्कूल भी है। आगजनी के समय लोगों की आवाजाही भी थी।
घटना की सूचना मानिकपुर चौकी पुलिस और दमकल विभाग को देने की तैयारी थी, लेकिन आग पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया।
कोरबा। कोरबा में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड (DMF) के कथित दुरुपयोग के मामले में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील को स्मरण पत्र जारी किया है। यह कार्रवाई भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर की शिकायत के बाद की गई है।
शिकायत में बालको से संबंधित सड़क निर्माण के लिए डीएमएफ फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप है। दरअसल, ननकी राम कंवर ने शिकायत की थी कि दर्री ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक परसाभाटा बालको तक की सड़क के लिए तत्कालीन कलेक्टर अजीत बसंत ने बालको को निजी फायदे के लिए डीएमएफ फंड से लगभग 26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे।
ननकी राम के अनुसार, यह सड़क बालको की है और इसका निर्माण-मरम्मत बालको के सीएसआर फंड से होना चाहिए था। इस मामले में केंद्र सरकार ने पहले भी मुख्य सचिव विकास शील को पत्र जारी किया था। पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कलेक्टर को भारत सरकार में शिकायत होने की जानकारी मिलते ही, उन्होंने अपने ट्रांसफर से पहले ही लोक निर्माण विभाग को आनन-फानन में टेंडर प्रक्रिया जारी कर दी थी।
मुख्य सचिव से जवाब मांगा
इस जानकारी के बाद ननकी राम कंवर ने केंद्र सरकार को फिर पत्र लिखकर अवगत कराया। केंद्र सरकार ने उनके पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन विकास शील को पत्र लिखा है। इसमें केंद्र ने नाराजगी जाहिर करते हुए पत्र में लिखे गए तथ्यों के संबंध में जवाब मांगा है और आवेदक को भी अवगत कराने को कहा है।
कलेक्टर ने पुल मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया
इसी बीच कलेक्टर दुदावत ने डीएमएफ के तहत बनने वाले दर्री डेम मार्ग (ध्यानचंद चौक से बालको के बजरंग चौक तक) का निरीक्षण किया। उन्होंने आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही बेलगिरी-ढेंगुरनाला पुल के मरम्मत कार्य के लिए भी शीघ्र निविदा प्रक्रिया शुरू कर समयबद्ध तरीके से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।