देश के 11 राज्यों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा,अभयारण्य क्षेत्र में जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, बर्डिंग कल्चर एवं इको पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
महासमुन्द। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में 16 से 18 जनवरी 2026 तक “बर्ड सर्वे 2026” का आयोजन किया गया। सर्वे के दौरान पक्षियों की अच्छी विविधता देखने को मिली। अब तक प्राप्त डेटा के अनुसार इस सर्वे में लगभग 202 पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।
इस सर्वे में देश के 11 राज्यों महाराष्ट्र, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, केरल एवं कर्नाटक से आए 70 प्रतिभागियों, 12 वॉलंटियर्स, विशेषज्ञों एवं फोटोग्राफर्स सहित लगभग 100 लोगों की सहभागिता रही।यह बर्ड सर्वे केवल बारनवापारा अभ्यारण्य तक सीमित न होकर उसके आसपास से जुड़े कोठारी, सोनाखान एवं देवपुर परिक्षेत्रों में भी किया जा रहा है। सर्वे के दौरान प्रतिभागियों द्वारा संग्रहित पक्षी आंकड़े वैश्विक डाटाबेस का हिस्सा बनेंगे।अभयारण्य क्षेत्र में जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, बर्डिंग कल्चर एवं इको पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक होग़ा। सर्वे में प्रमुख विशेषज्ञों में डॉ. हकीमुद्दीन एफ. सैफी, डॉ. जागेश्वर वर्मा, मोहित साहू एवं सोनू अरोरा की सहभागिता रही।
सर्वे के आकर्षण बने प्रमुख प्रजातियां-इस सर्वे में विशेष रूप से कुछ प्रजातियाँ प्रतिभागियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें बार-हेडेड गूज उल्लेखनीय रही, जो प्रायः मध्य एशिया के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्रजनन करती है तथा सर्दियों में भारत सहित दक्षिण एशिया के जलाशयों और खेतों में देखी जाती है। इसी प्रकार आर्द्र घासभूमि, धान के खेतों, दलदली क्षेत्रों एवं नदी किनारे पाए जाने वाले ग्रे-हेडेड लैपविंग, शिकारी पक्षी प्रजाति पेरेग्रिन फाल्कन, ब्लू-कैप्ड रॉक थ्रश, यूरेशियन स्पैरोहॉक,वन पारिस्थितिकी में बीज प्रसार के लिए महत्वपूर्ण माना जाने वाला ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन का अवलोकन भी आकर्षण का केंद्र बना।
बर्ड सर्वे के सबंध में वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने बताया कि बारनवापारा सेंट्रल छत्तीसगढ़ की जैव विविधता का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ मिश्रित एवं साल वनों के साथ विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिक परिदृश्य मौजूद हैं। इस सर्वे से प्राप्त डेटा आगे चलकर अभयारण्य में आवश्यक प्रबंधन कार्ययोजनाओं की पहचान में सहायक होगा, खासतौर पर उन पक्षी प्रजातियों के संरक्षण कार्य में जिनकी संख्या में गिरावट देखी जा रही है।
कोरबा। कोरबा में 15 और 16 फरवरी को होने वाले दो दिवसीय पाली महोत्सव 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जिला प्रशासन महोत्सव को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने पाली के केराझरिया स्थित आयोजन स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर दुदावत ने मंच निर्माण, दर्शक दीर्घा, बैठक व्यवस्था, वीआईपी बैठक, विभागीय स्टॉल, पार्किंग और बेरिकेडिंग की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य और पीडब्ल्यूडी विभाग की टीमों को मुस्तैद रहने को कहा। उन्होंने पेयजल, शौचालय और कलाकारों के ठहरने की व्यवस्था को भी सुव्यवस्थित रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने 15 फरवरी की सुबह होने वाली साइकिल रेस प्रतियोगिता और शाम को शिव मंदिर घाट पर आयोजित होने वाली शिव आरती एवं दीपोत्सव की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों के लिए एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर कटघोरा ओंकार यादव, एसडीएम पाली रोहित कुमार सहित शिक्षा, पीडब्ल्यूडी और खाद्य जैसे विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कोरबा। दो दिवसीय पाली महोत्सव 2026 (15 एवं 16 फरवरी) के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महोत्सव को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य रूप से संपन्न कराने हेतु व्यापक एवं समन्वित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसी क्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने पाली के केराझरिया स्थित आयोजन स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मंच निर्माण, दर्शक दीर्घा, बैठक व्यवस्था, व्हीआईपी बैठक, विभागीय स्टॉल, पार्किंग एवं बेरिकेडिंग की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के लिए मंच पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था, आपातकालीन स्थिति से निबटने के लिए स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी विभाग की टीम को मुस्तैद रहने हेतु निर्देशित किया साथ ही पेयजल, शौचालय, कलाकारों के ठहरने की व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने 15 फरवरी की प्रातः साइकिल रेस प्रतियोगिता एवं संध्या को शिव मंदिर घाट पर आयोजित होने वाले भव्य शिव आरती एवं दीपोत्सव की तैयारियों की भी जानकारी ली। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों के लिए एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर कटघोरा ओंकार यादव , एसडीएम पाली रोहित कुमार, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, खाद्य, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरबा। आरजीआई पोर्टल से आनलाईन जन्म-मृत्यु पंजीयन हेतु 18 फरवरी को जनपद पंचायत करतला के सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से अपरांह 01 बजे तक तथा दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। प्रशिक्षण जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारियों द्वारा दिया जायेगा। जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र करतला, विकासखंड करतला अंतर्गत समस्त प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र के लिए प्रशिक्षण का आयोजन प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक किया जायेगा। इसी तरह जनपद पंचायत करतला अंतर्गत समस्त ग्राम पंचायत सचिवों के लिए प्रशिक्षण का आयोजन दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक किया जायेगा।