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छत्तीसगढ़

सूरजपुर में तालाब में डूबने से 2 बच्चों की मौत:खेलने के नाम से घर से निकले थे; नहाने के दौरान हुआ हादसा

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सूरजपुर। जिले के कुरुवा गांव में दीपावली के दूसरे दिन तालाब में नहाने गए एक ही परिवार के दो बच्चे डूब गए। जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो गई। हादसे के दौरान पांच बच्चे तालाब में नहाने गए थे। इनमें से 12 वर्षीय बालिका और 7 वर्षीय बच्चे की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना विश्रामपुर थाना क्षेत्र की है।

जानकारी के मुताबिक, विश्रामपुर थानाक्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुरवां के पांच बच्चे शुक्रवार को खेलने के नाम पर घर से निकले थे और वे गांव के बाहर तालाब में नहाने गए थे। नहाने के दौरान सानिया (12) और पुष्कर (7) गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। साथ गए बच्चों ने शोर मचाया। वहां कोई नहीं था तो बच्चे वहां से भागकर गांव में पहुंचे और बच्चों के डूब जाने की जानकारी दी।

सूचना पर मौके पर पहुंचे प्रेमनगर विधायक।

ग्रामीणों ने बाहर निकाला, तब तक मौत

सूचना पर ग्रामीण भागकर तालाब पहुंचे और दोनों बच्चों को बाहर निकाला, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर विश्रामपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। मृत सानिया और पुष्कर चचेरे भाई-बहन थे। दीपावली के दूसरे दिन दो बच्चों की मौत से गांव में सन्नाटा पसर गया है।

सूचना पर पहुंचे विधायक, दिया मदद का भरोसा

घटना की जानकारी मिलते ही प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया। हादसे में मृत दोनों बच्चे एक ही परिवार के हैं। घटना से बच्चों के परिजन सदमे में हैं।

परिजनों ने बताया कि दोनों बच्चे तैरना नहीं जानते थे। गांव के बच्चे पहले भी नहाने के लिए तालाब में जाते रहे हैं। आज दोनों बच्चे ज्यादा गहरे पानी में चले गए। बारिश के बाद से तालाब पूरा भरा हुआ है।

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छत्तीसगढ़

मां को पीट-पीटकर मार डाला:सक्ती में विवाद के बाद बेटे किया मर्डर, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया

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सक्ती। सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम भेड़ीकोना में एक बेटे ने मामूली विवाद के बाद मां की पीट-पीटकर हत्या कर दी। महिला की पहचान तिहारिन बाई माली के रूप में हुई है।

शुरुआती जानकारी के अनुसार मां-बेटे के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि बेटे ने अपनी मां के साथ मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई। विवाद का स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है।

पड़ोसियों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही डभरा थाना प्रभारी राजेश पटेल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और विस्तृत जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। मामले की जांच जारी है।

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कोरबा

कटघोरा के तालाब में सफाई के दौरान हादसा:जलकुंभी में फंसकर ग्रामीण की डूबने से मौत, 2 घंटे बाद शव बरामद

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कोरबा। कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरी स्थित प्रसिद्ध गणेश तालाब में सोमवार को सफाई के दौरान एक हादसा हो गया। तालाब में जलकुंभी हटाने उतरे 50 साल के ग्रामीण श्यामलाल सारथी की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और गोताखोरों की टीम ने घंटों मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार, पंचायत की ओर से छुरी गणेश तालाब की सफाई का काम ठेके पर दिया गया था। श्यामलाल सारथी अपने पांच अन्य साथियों के साथ तालाब में सफाई के लिए उतरा था। सफाई करते हुए श्यामलाल तालाब के बीच वाले हिस्से तक पहुंच गया, जहां जलकुंभी और कीचड़ काफी घना था।

इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह घनी जलकुंभी में उलझ गया। उसके साथियों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन गहराई और फिसलन के कारण वह पानी में समा गया। हादसे के तुरंत बाद साथियों ने शोर मचाकर ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी।

2 घंटे के बाद शव बरामद

कटघोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कोरबा से गोताखोरों की टीम बुलाई गई। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने तालाब के बीच से श्यामलाल का शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कटघोरा पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है।

सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही की जांच

पुलिस ठेकेदार और पंचायत कर्मियों से पूछताछ कर रही है कि सफाई के दौरान सुरक्षा के उचित इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मजदूरों को बिना लाइफ जैकेट और रस्सी के तालाब में उतारा गया था। पुलिस लापरवाही के पहलू से भी मामले की जांच कर रही है।

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कोरबा

रेलवे साइडिंग की धूल से परेशान ग्रामीण, खोला मोर्चा:सैकड़ों लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे, बंद करने की मांग

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कोरबा। कोरबा में SECL सुराकछार की रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण वार्ड 65 प्रेम नगर सहित आसपास के पांच गांवों के निवासी परेशान हैं। हवा चलने पर पंखा दफाई, भेरोताल, सुरा कछार और भक्तु दफाई तक महीन कोल डस्ट फैल जाती है, जिससे दमा, खांसी, सांस और आंखों से संबंधित बीमारियां बढ़ गई हैं।

इस समस्या से परेशान होकर सोमवार को नगर निगम पार्षद प्रेम कुमार साहू और सैकड़ों ग्रामीणों ने पंखा दफाई रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सुराकछार भूमिगत खदान की रेल साइडिंग पर प्रतिदिन भारी वाहनों से कोयला गिराया और लोड किया जाता है।

प्रबंधन की ओर से साइडिंग और सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं किया जाता, जिससे धूल सीधे हवा में मिल जाती है। पार्षद प्रेम साहू ने पूर्व में कलेक्टर को पत्र लिखकर साइडिंग बंद करने की मांग की थी। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता चुना।

कलेक्टर को पत्र लिखकर साइडिंग बंद करने की मांग की थी।

कलेक्टर को पत्र लिखकर साइडिंग बंद करने की मांग की थी।

फाटक पर चटाई बिछाकर बैठे प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारी सुबह से ही फाटक पर चटाई बिछाकर बैठ गए और ‘धूल मुक्त गांव, स्वस्थ जीवन’ के नारे लगाए। पार्षद प्रेम साहू ने बताया कि जब तक साइडिंग पर 24 घंटे वाटर स्प्रिंकलर, मिस्ट गन और फॉग कैनन नहीं लगाए जाते, कोयला लोडिंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने गांवों में स्वास्थ्य शिविर और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। ग्रामीणों के अनुसार धूल के कारण उनके घरों की छतें, कपड़े और खाने-पीने की चीजें तक काली हो जाती हैं और बच्चे स्कूल जाने में असमर्थ हैं।

रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण लोग परेशान हैं।

रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण लोग परेशान हैं।

मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी

चक्काजाम की सूचना मिलने पर कुसमुंडा थाना पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और SECL प्रबंधन से बातचीत का आश्वासन दिया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। पार्षद प्रेम साहू ने स्पष्ट किया कि लिखित आश्वासन और ठोस कदम उठाए बिना चक्काजाम समाप्त नहीं किया जाएगा।

ग्रामीणों ने पंखा दफाई रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया।

ग्रामीणों ने पंखा दफाई रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया।

कोयला धूल से गंभीर बीमारियों का खतरा

चिकित्सकों के अनुसार, कोयले की धूल में सिलिका और कार्बन के कण होते हैं, जो फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और फेफड़ों का कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है।

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