रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में मानसून फिर एक्टिव हो गया है। बंगाल, झारखंड और ओडिशा में बने लो प्रेशर एरिया से प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है। इसी वजह से पिछले 24 घंटे में मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में जोरदार बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
बिलासपुर ने 93 साल बाद ऐसी बारिश देखी, जिसने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी। महज 24 घंटे में 415.6 मिमी (16 इंच से ज्यादा) बारिश ने 1933 का 14.93 इंच का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सड़कों पर कमर तक पानी भर गया, सैकड़ों घर जलमग्न हो गए और बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF को मोटर बोट उतारनी पड़ी।
रेलवे ट्रैक, हाईवे और पुल पानी में डूबने से रेल और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। एक महिला की डूबने से मौत हो गई। स्कूल बंद रहे और परीक्षाएं प्रभावित हुईं। रेलवे स्टेशन और यार्ड में पानी भरने से 7 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं और 4 ट्रेनों का मार्ग बदला गया। करीब 80 बसों का संचालन भी प्रभावित रहा। वहीं 17 ट्रांसफार्मर डूबने से कई इलाकों की बिजली आपूर्ति एहतियातन बंद करनी पड़ी।
सरगुजा जिले में बारिश के दौरान बिजली गिरने से 4 बच्चे झुलस गए। इनमें से 2 बच्चों की मौत हो गई। 2 बच्चों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। दोनों सगे भाई हैं। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। मामला लुंड्रा थाना क्षेत्र का है।
18 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से अब तक पूरे प्रदेश में औसतन 307.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले 10 सालों के आज तक के रिकॉर्ड (375.4 मिमी) का 81.8 प्रतिशत है। आज राज्य में औसतन 17.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
बिलासपुर संभाग में रिकॉर्ड बारिश
इस सीजन में बिलासपुर संभाग के जिलों में मानसूनी बादल सबसे ज्यादा मेहरबान रहे हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला पूरे प्रदेश में टॉप पर है, जहां अब तक 525.4 मिमी बारिश हो चुकी है, जो इसकी औसत का 178.7% है। इसके बाद जांजगीर-चांपा में 441.5 मिमी (आज 53.3 मिमी) और बिलासपुर जिला 383.7 मिमी बारिश दर्ज कर चुका है, जहां आज सबसे ज्यादा 58.6 मिमी पानी बरसा।
सूरजपुर में बारिश से ढहा कच्चा मकान
सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान ढह गया। यह घटना शनिवार को कोल्हुआ गांव के आश्रित ग्राम बोकराटोल में हुई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
रायपुर का मौसम कैसा रहेगा?
रायपुर में आज (शनिवार) दिनभर बादल छाए रहेंगे। बीच-बीच में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
अगले 48 घंटे क्यों हैं अहम?
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर बना रहेगा। कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है।
जिन जिलों में पहले से अच्छी बारिश हो चुकी है, वहां निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों में उफान और सड़कों पर आवाजाही में दिक्कत आ सकती है।
कोरबा/दीपका। कोरबा के दीपका थाना क्षेत्र में असामाजिक तत्वों ने चलती मालगाड़ी पर पथराव कर दिया। घटना में लोको पायलट सुनील कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। पत्थर लगने से उनके सिर से खून बहने लगा। घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, कोरबा रेलवे कॉलोनी निवासी लोको पायलट सुनील कुमार मालगाड़ी लेकर गेवरा खदान कोयला लोड करने जा रहे थे। मालगाड़ी जैसे ही दीपका रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंची, अज्ञात लोगों ने इंजन पर पथराव शुरू कर दिया।
पथराव में इंजन के दरवाजे का कांच टूट गया। इसी दौरान एक पत्थर सीधे लोको पायलट सुनील कुमार के सिर पर लगा। उन्हें गंभीर चोट आई और सिर से खून बहने लगा। इसके बाद चलती मालगाड़ी को तुरंत रोकना पड़ा।
अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचाया
घटना की जानकारी लोको पायलट ने अपने उच्च अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। घायल पायलट को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
काफी देर तक ट्रैक पर खड़ी रही मालगाड़ी
पथराव के बाद मालगाड़ी काफी देर तक रेलवे ट्रैक पर खड़ी रही। इससे रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। रेलवे प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
रेलवे क्रॉसिंग के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज जांची जा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। दीपका पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
रेलवे कर्मचारियों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि चलती ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं होती रहती हैं। इससे लोको पायलट और दूसरे कर्मचारियों की जान को खतरा रहता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पथराव करने वालों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कोरबा। कोरबा के कुसमुंडा एसईसीएल कॉलोनी में शुक्रवार को बड़ा हादसा होते-होते बचा। नशे में धुत दो फोर व्हीलर चालकों की रेसिंग के दौरान एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर शिव मंदिर की बाउंड्री वॉल में जा घुसी।
हादसे में बाउंड्री वॉल टूट गई, लेकिन चालक बाल-बाल बच गया। जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर शाम कुसमुंडा कॉलोनी में दो फोर व्हीलर चालक नशे की हालत में रेसिंग कर रहे थे। दोनों वाहन एक-दूसरे को ओवरटेक करने की कोशिश में तेज रफ्तार से चल रहे थे।
इसी दौरान एक बोलेरो का चालक नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सीधे शिव मंदिर की बाउंड्री वॉल से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दीवार का एक हिस्सा टूट गया। गनीमत रही कि हादसे के समय मंदिर के आसपास कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी।
रेसिंग के दौरान सड़क पर चल रहे राहगीर भी बाल-बाल बचे। हादसे के बाद एक वाहन चालक अपनी गाड़ी लेकर भाग गया, जबकि बोलेरो चालक मौके पर ही नशे की हालत में पड़ा रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था।
घटना के बाद मौके पर राहगीरों और कॉलोनीवासियों की भीड़ जमा हो गई। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है। अक्सर यहां युवक बाइक और फोर व्हीलर पर स्टंट करते और हंगामा मचाते हैं। कई बार ऐसी लापरवाही से हादसे हो चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
लोगों का कहना है कि शाम होते ही नशेड़ी युवकों का जमावड़ा लगता है और वे तेज रफ्तार में गाड़ी चलाकर लोगों की जान जोखिम में डालते हैं। आज तो बड़ा हादसा टल गया, लेकिन अगर समय रहते इन पर लगाम नहीं लगी तो किसी दिन बड़ी घटना हो सकती है।
घटना की सूचना कुसमुंडा थाना पुलिस को दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार वाहन चालक की तलाश जारी है।
ननद के निधन के बाद 9 वर्षों से उसके बच्चे को अपना दूध पिलाकर कर रही परवरिश, सरपंच ने श्रीफल, साड़ी एवं प्रमाण पत्र देकर किया सम्मान
कोरबा/रामपुर। करतला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नोनदरहा में ग्राम स्वास्थ्य समिति एवं ग्राम पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर माता यशोदा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ग्राम पंचायत सरपंच पुनिराम राठिया की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। समारोह में अपने ननद के निधन के बाद उसके बच्चे को अपने बच्चे की तरह अपनाकर पिछले नौ वर्षों से उसका पालन-पोषण करने वाली माता सनकुंवर राठिया को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्रीमती नीलाबाई कलमसिंह राठिया, पूर्व जनपद सदस्य श्रीमती त्रिवेणी राठिया, उपसरपंच विसातराम राठिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा पंच श्रीमती रतियानो बाई, गुड्डी बाई राठिया सहित ग्राम स्वास्थ्य समिति के सदस्य, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा गर्भवती एवं शिशुवती माताएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के पुष्पगुच्छ से स्वागत के साथ हुई। इसके बाद स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक श्रीमती गेंदबाई साहू ने माता यशोदा सम्मान समारोह की उपयोगिता एवं विश्व स्तनपान सप्ताह के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवजात शिशु के जन्म के एक घंटे के भीतर मां का पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) पिलाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिशु को जन्म से छह माह तक केवल मां का दूध दिया जाना चाहिए तथा छह माह पूर्ण होने के बाद स्तनपान के साथ उपयुक्त ऊपरी आहार शुरू किया जाना चाहिए।
नौ वर्षों से निभा रही हैं मां का फर्ज
माता यशोदा सम्मान समारोह का उद्देश्य ऐसी माताओं के त्याग, ममता और समर्पण को सम्मान देना है, जो बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पालन-पोषण के लिए प्रेरणादायी भूमिका निभाती हैं। इसी भावना के तहत ग्राम नोनदरहा की श्रीमती सनकुंवर राठिया को सम्मानित किया गया।
बताया गया कि करीब नौ वर्ष पूर्व उनकी ननद का निधन हो गया था। उस समय उनके बच्चे की जिम्मेदारी परिवार के सामने एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे कठिन समय में सनकुंवर राठिया ने बच्चे को अपने बच्चे की तरह अपनाया और अपने स्वयं के बच्चे के साथ उसे भी अपना दूध पिलाकर बड़ा किया। उन्होंने मातृत्व की भावना को केवल जन्म देने तक सीमित न रखते हुए ममता, त्याग और जिम्मेदारी का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जो समाज के लिए प्रेरणादायी है।
इस मानवीय एवं संवेदनशील कार्य के लिए सरपंच पुनिराम राठिया ने माता सनकुंवर राठिया को श्रीफल, साड़ी एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। वहीं जनपद सदस्य श्रीमती नीलाबाई कलमसिंह राठिया ने माता सनकुंवर को साड़ी भेंट की तथा बच्चे को नगद राशि देकर प्रोत्साहित किया। मितानिनों द्वारा भी बच्चे के लिए कपड़े भेंट कर सम्मान एवं स्नेह व्यक्त किया गया।
मां और बच्चे की देखभाल पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की एएनएम श्रीमती प्रेमलता कंवर ने माताओं को स्तनपान के महत्व, मां एवं बच्चे की उचित देखभाल तथा शिशु के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने माताओं को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, शिशु के पोषण पर ध्यान देने तथा छह माह तक केवल स्तनपान कराने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन मदन लाल श्रीवास, मितानिन प्रशिक्षक द्वारा किया गया। समारोह में प्रमुख रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कुमारी सुमन यादव नोनदरहा ,मितानिन उर्मिला राठिया, दिलेश्वरी, अंबालिका, नीराबाई, रूखमणी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुरुति पटेल, महेश्वरी गोस्वामी, सक्रिय महिला रुकसाना बानो, रजनी राठिया सहित ग्राम स्वास्थ्य समिति के सदस्य, गर्भवती महिलाएं एवं शिशुवती माताएं उपस्थित रहीं।
समारोह में उपस्थित लोगों ने माता सनकुंवर राठिया के त्याग और ममता की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी है। कार्यक्रम ने न केवल स्तनपान के महत्व का संदेश दिया, बल्कि मातृत्व की संवेदना, त्याग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया।