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छत्तीसगढ़

पक्षीराज बस से कुचलकर 3 की मौत, 15 घायल

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हादसे के बाद पेड़ से टकराकर पलटी, तीर्थयात्रियों को लेकर लौट रही थी

मनेंद्रगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में तीर्थयात्रियों को लेकर जनकपुर जा रही बस ने तीन लोगों को कुचल दिया। रविवार रात हुए इस हादसे में तीनों की मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद पेड़ से टकराकर बस पलट गई जिससे 15 यात्रियों को चोट आई है। घायल श्रद्धालुओं को छोड़कर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। जानकारी के मुताबिक पक्षीराज कंपनी की एक बस जनकपुर के माड़ी सरई से अमरकंटक गई थी। रात करीब 8 बजे लौट रही बस मनेंद्रगढ़ मोड़ पर पहुंची थी। इसी दौरान ढलान पर ड्राइवर बस को काबू नहीं कर पाया और ठेले के पास खड़े तीन लोगों को चपेट में ले लिया।

दो युवक और एक बुजुर्ग की मौत

हादसे में एक का शव क्षत-विक्षत हो गया। मृतकों की पहचान जोहन (25), प्रह्लाद बैगा (35) एवं सलीम (65) के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि पक्षीराज कंपनी की जिस बस से हादसा हुआ, उसे दूसरे बस ऑपरेटर ने खरीद लिया था। हादसे की सूचना पर जनकपुर एसडीएम मूलचंद चोपड़ा, थाना प्रभारी ओम प्रकाश दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घायलों को पुलिस एवं प्रशासनिक अमले ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक इलाज कराया। जहां सभी की हालत खतरे से बाहर।

नशे में था बस चालक

तीर्थयात्रियों के मुताबिक ड्राइवर नशे में था तिराहे के पास वह रफ्तार पर काबू नहीं कर सका और हादसा हो गया।

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कोरबा

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से सुदृढ़ हो रही किसानों की आर्थिक स्थिति

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तीन किश्तों में वार्षिक सहायता से मिली खेती को नई मजबूती

कोरबा। केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाएं जिले के कृषकों के लिए संबल सिद्ध हो रही हैं। कोरबा जिले के ग्राम रिसदा निवासी कृषक गोवर्धन सिंह इसका जीवंत उदाहरण हैं। श्री सिंह एक मेहनतकश किसान हैं और पिछले कई वर्षों से कृषि कार्य में संलग्न हैं। वे लगभग 18 वर्ष की आयु से खेती कर रहे हैं और वर्तमान में उनके पास लगभग चार एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे मुख्य रूप से धान की फसल का उत्पादन करते हैं।
श्री सिंह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के हितग्राही हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि समय पर सीधे उनके बैंक खाते में जमा हो जाती है, जिससे उन्हें खेती-किसानी के कार्यों में आर्थिक सहारा मिलता है। योजना से उन्हें वर्ष में तीन बार रूपये दो-दो हजार की किश्त समय पर प्राप्त हो जाती है।  प्राप्त राशि का उपयोग वे बीज, खाद एवं अन्य कृषि आवश्यकताओं की पूर्ति में करते हैं। इससे खेती की लागत वहन करने में सुविधा होती है और आर्थिक दबाव कम होता है।
उन्होंने कहा कि समय पर आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें किसी के सामने हाथ फैलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और वे आत्मसम्मान के साथ कृषि कार्य कर पा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

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छत्तीसगढ़

महादेव-सिंडिकेट की तर्ज पर वेबसाइट से सट्‌टा खिलाने वाले पकड़ाए:खंडहर में बैठकर लगवा रहे थे ऑनलाइन-दांव, 4 आरोपी गिरफ्तार, 18 लाख से ज्यादा जब्त

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रायपुर,एजेंसी। महादेव सट्टा सिंडिकेट की तर्ज पर वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाने वाले गिरोह का कबीर नगर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने खंडहर मकान में बैठकर ramco777.com, wood777.com और powerexch.com वेबसाइट के जरिए सट्टा खिला रहे 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

उनके कब्जे से 18 लाख 45 हजार रुपए कैश, कई मोबाइल, बैंक पासबुक और 25 से ज्यादा एटीएम-क्रेडिट कार्ड जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक सचदेवा, गौरव सचदेवा, ऋषभ रंगलानी और ओम खेमानी शामिल है। आरोपियों पर जुआ एक्ट के तहत पुलिस कार्रवाई कर रही है। पूरे मामले का खुलासा रायपुर पुलिस के अधिकारी जल्द करेंगे।

इस ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से आरोपी सट्‌टा खिला रहे थे।

इस ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से आरोपी सट्‌टा खिला रहे थे।

इस ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से आरोपी सट्‌टा खिला रहे थे।

इस ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से आरोपी सट्‌टा खिला रहे थे।

आरोपियों को पुलिस ने कैसे पकड़ा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बुधवार शाम मुखबिर से सूचना मिली थी कि, तिरंगा चौक फेस-02 कबीर नगर के पास खंडहर में कुछ युवक ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। टीम ने घेराबंदी कर मौके से दीपक सचदेवा, ऋषभ रंगलानी और गौरव सचदेवा को पकड़ा। तलाशी में तीनों के पास से लाखों रुपए कैश, मोबाइल और बैंक दस्तावेज बरामद किए गए।

पूछताछ में आरोपियों ने अपने साथी ओम खेमानी का नाम बताया, जो इस नेटवर्क में शामिल था। इसके बाद पुलिस ने छठ तालाब हीरापुर इलाके से ओम खेमानी को भी गिरफ्तार किया। उसके पास से भी 3.11 लाख रुपए नगद, तीन मोबाइल और बड़ी संख्या में एटीएम-क्रेडिट कार्ड बरामद हुआ।

पुलिस जांच में सामने आया कि, आरोपी मास्टर आईडी के जरिए लोगों को ऑनलाइन सट्टे की आईडी उपलब्ध कराते थे। क्रिकेट मैचों पर दांव लगवाते थे। रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकालते थे।

चारों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 112(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।

इस ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से आरोपी सट्‌टा खिला रहे थे।

इस ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से आरोपी सट्‌टा खिला रहे थे।

आईडी बनाने वालों की तलाश

सिंडिकेट की मास्टर आईडी संचालित कराने वाले और ऑनलाइन दाव लगवाने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सिंडिकेट को आईडी बनाकर देने वालों की तलाश जारी है। विवेचना अधिकारियों का कहना है कि, आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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छत्तीसगढ़

भूपेश के बेटे चैतन्य बोले-जेल में कैदी लगाते थे इंजेक्शन:एक ही कमरे में खाना-शौचालय, पीने के पानी में कीड़े मिले, 170 दिन प्रताड़ना झेली

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल शराब घोटाले केस में 170 दिन जेल में रहे। 3 जनवरी 2026 को बाहर आने के बाद चैतन्य ने जेल की स्थिति को लेकर कई दावे किए है। सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में चैतन्य ने बताया कि जेल की स्थिति बहुत खराब थी। पीने के पानी में कीड़े मिलते थे। एक ही कमरे में खाने और शौचालय का इंतजाम होता था।

अस्वस्थ कैदी अपना इलाज खुद कर इंजेक्शन लगा लेते थे, ड्रेसिंग कर लेते थे। इलाज की कोई व्यवस्था नहीं थी। जेल में कांग्रेस नेताओं के साथ ज्यादा बुरा बर्ताव होता है। जज को वहीं दिखाया जाता था जो वह देखना चाहते थे। बता दें कि इसी पॉडकास्ट में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने दावा किया था कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बीजेपी में शामिल होने का ऑफर दिया था। कमिटमेंट नहीं करने पर उनके यहां छापे पड़े।

सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में पहुंचे थे पूर्व CM भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल।

सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में पहुंचे थे पूर्व CM भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल।

चैतन्य बघेल ने क्या-क्या कहा ?

पॉडकास्ट में चैतन्य बघेल ने बताया कि मुझे रायपुर सेंट्रल जेल भेजा गया था और 10×7 के आइसोलेटेड सेल में 170 दिनों तक रखा गया था। कोर्ट की सजा एक होती है, लेकिन जेल के अंदर जो होता है, वह दूसरी सजा होती है।

जेल जाने के बाद दूसरी सजा है वहां की प्रताड़ना झेलना। प्रताड़ना ऐसा था कि वहां पीने का साफ पानी तक नहीं मिलता था। इलाज के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। सेल में ही टॉयलेट था। एक ही कमरे में टॉयलेट और खाना खाना पड़ता था, क्योंकि सेल में पार्टिशन नहीं था।

‘कवासी लखमा के सीने में दर्द, इलाज के लिए नहीं भेजा’

इसके अलावा जमीन पर सोता था। आश्चर्य की बात थी कि नॉर्मल इलाज जैसे इंजेक्शन, कैनुला और ड्रसिंग कोई प्रोफेशनल लोग नहीं करते थे, बल्कि कैदी ही करते थे। इसके अलावा कोई साफ-सफाई भी नहीं बरती जाती थी। इस दौरान मेरी तबीयत भी खराब हुई।

घरवालों ने कोर्ट में निवेदन किया, लेकिन जेल प्रबंधन ने कहा कि ये ठीक है, अस्पताल भेजने की कोई जरूरत नहीं है। पूर्व मंत्री कवासी लखमा भी लगातार शिकायत करते रहे कि उन्हें सीने में दर्द है। लेकिन उन्हें इलाज के लिए भेजा नहीं गया। जब पिता ने DGP को पत्र लिखा, तब जाकर उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

कांग्रेस नेता जीवन लाल के साथ गलत हुआ – चैतन्य

चैतन्य ने कहा कि जेल में कांग्रेस नेताओं के साथ ज्यादा बुरा बर्ताव होता है। एक कांग्रेस नेता के साथ ऐसा ही हुआ जेल के अंदर स्थित अस्पताल में सही से इलाज नहीं मिलता था।

अगर कोई एक्सपायर हो गया है तो उसे ऑक्सीजन मास्क लगाकर अस्पताल भेज दिया जाता था। ऐसा सुनने को मिलता था। हमारे कांग्रेस के नेता जीवन लाल ठाकुर के साथ ही ऐसा हुआ। जो कि चारामा के रहने वाले थे। उनकी मौत हो गई थी।

‘जज को वहीं दिखाते जो वह देखना चाहते’

कपिल सब्बल की जज की ओर से जेल इंस्पेक्शन वाले सवाल पर चैतन्य बघेल ने कहा कि जज को तो वही दिखाया जाता है, जो वो देखना चाहते हैं। जब आप पानी साफ नहीं दे पा रहे तो यह मानव अधिकारी का खुला उल्लंघन है। साफ पानी पीना और इलाज कराना मेरा अधिकार है।

‘नाली का पानी टॉयलेट के लिए इस्तेमाल करते’

चैतन्य बघेल ने कहा कि कुछ वार्ड ऐसे थे, जहां कैदियों की इतनी खराब स्थिति थी कि जब उन्हें पानी की कमी होती थी, तो वे नाली का पानी रोककर टॉयलेट के लिए इस्तेमाल करते थे। जेल में बहुत ही खराब स्थिति है। हालांकि, इन आरोपों पर अब तक जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

भूपेश बघेल ने पॉडकास्ट में कहा कि बीजेपी ज्वाइन नहीं करने पर छापे पड़े।

भूपेश बघेल ने पॉडकास्ट में कहा कि बीजेपी ज्वाइन नहीं करने पर छापे पड़े।

भूपेश बोले- BJP जॉइन नहीं करने पर छापे पड़े

इसी पॉडकास्ट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा करते हुए कहा कि मोदी-शाह ने मुझे भाजपा में शामिल होने का ऑफर दिया था। जब कमिटमेंट नहीं दिया तो मेरे यहां लगातार छापे पड़ने लगे। एक-दो बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मिलने बुलाया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। शुरुआत में समझ नहीं आया कि किस मकसद से बुलाया जा रहा है। बाद में एहसास हुआ कि जब-जब वे इन मुलाकातों से लौटते थे, उसके कुछ दिनों के भीतर छापा पड़ जाता था।

भूपेश बोले- मदद का दिया ऑफर

भूपेश बघेल ने कहा कि मुलाकात के दौरान पूछा जाता था कि उनके खिलाफ कौन-कौन से केस चल रहे हैं, कौन से अधिकारी भरोसेमंद हैं और किस तरह मदद की जा सकती है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि वे विपक्ष में हैं और विपक्ष का धर्म सरकार की आलोचना करना होता है, जिसे वे निभाते रहेंगे। इसके बावजूद मदद की बात सुनकर उन्हें हैरानी होती थी।

8-10 दिन के अंदर फिर से पड़ता था छापा

पूर्व सीएम ने कहा कि वे अपनी बात कहकर लौट आते थे, लेकिन करीब आठ-दस दिन के भीतर फिर से छापा पड़ जाता था। एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर कहा कि आपने तो मदद की बात कही थी, लेकिन मेरे यहां तो छापा पड़ गया। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से बात करेंगे।

18 जुलाई 2025 को ED ने किया था चैतन्य को गिरफ्तार

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई 2025 को शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था, हालांकि अब उन्हें जमानत मिल गई है। आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले। शराब घोटाले से मिले ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट किया।

साथ ही 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेराफेरी) की गई। हालांकि, शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चैतन्य को 2 जनवरी हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। शराब घोटाला केस में हाईकोर्ट ने सह-आरोपी लक्ष्मी नारायण बंसल को अरेस्ट नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई।

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