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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 142 रजिस्टर्ड गौशालाओं में 3900 मवेशी:हाईकोर्ट बोला-गोधाम के बावजूद सड़कों पर आवारा पशु क्यों, शासन ने कहा-नोडल अफसर बनाएंगे व्यवस्था

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बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर के लाखासार गौधाम की अव्यवस्थाओं को लेकर राज्य शासन ने हाईकोर्ट में जवाब पेश किया। शासन की ओर से कहा गया कि गौधाम में चारे, पानी और मवेशियों के रहने की पर्याप्त व्यवस्था है।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी छोटे कमरे में 205 मवेशियों को ठूंसकर नहीं रखा गया था। शासन ने जानकारी दी कि प्रदेश में कुल 142 रजिस्टर्ड गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें करीब 39 हजार मवेशियों का संरक्षण किया जा रहा है।

मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने पूछा कि अगर सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, तो सड़कों पर आवारा मवेशियों की संख्या कम क्यों नहीं हो रही है।

दरअसल चीफ जस्टिस ने 3 मई को दैनिक भास्कर में पब्लिश खबर को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए सुनवाई शुरू की थी। खबर में लाखासार गौधाम में मवेशियों की बदहाल स्थिति का जिक्र किया गया था।

रिपोर्ट में बताया गया था कि एक छोटे शेड में 205 गायों को ठूंसकर रखा गया है और उनके बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसी गौधाम का शुभारंभ दो महीने पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया था।

राज्य शासन का जवाब- नहीं है कोई अव्यवस्था

इस मामले में डिवीजन बेंच ने पशुपालन विभाग के सचिव को शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने के निर्देश दिए थे। गुरुवार को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि लाखासार स्थित सुरभि गोधाम 25 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।

वहां पशुओं के लिए 3 बड़े शेड, चारे और नेपियर घास की पर्याप्त व्यवस्था है। सरकार ने यह भी बताया कि चारे के लिए 5 एकड़ जमीन पर नेपियर घास उगाई जा रही है। वहीं, पानी की व्यवस्था के लिए गोधाम परिसर में तीन बोरवेल चालू हालत में हैं।

142 रजिस्टर्ड गौशालाओं में 39 हजार मवेशी

राज्य शासन ने शपथ पत्र में बताया कि प्रदेश में 142 रजिस्टर्ड गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें करीब 39 हजार मवेशियों को रखा गया है। हालांकि, राज्य सरकार के जवाब के बाद भी हाईकोर्ट ने मामले को बंद नहीं किया।

डिवीजन बेंच ने कहा कि बार-बार यह बात सामने आ रही है कि गोधाम बनने के बावजूद मवेशी सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि जिम्मेदार पक्षों की ओर से किए गए इंतजाम अब भी पर्याप्त नहीं हैं।

मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी।

नोडल अफसरों को सौंपी गई जिम्मेदारी, होगी नियमित मॉनिटरिंग

सरकार ने बताया कि 7 नवंबर 2025 को जारी आदेश के तहत विशेष नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग के बीच समन्वय स्थापित करना है, ताकि छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 के तहत जब्त और आवारा मवेशियों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

सरकार ने जिला प्रशासन को पशुपालन विभाग के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि गौधामों में रखे गए मवेशियों को सिर्फ छत ही नहीं, बल्कि चारा, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।

जवाबदेही तय करने के लिए अब पशुपालन विभाग के संचालक को हर महीने प्रोग्रेस रिपोर्ट भेजना अनिवार्य किया गया है।

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छत्तीसगढ़

शराब के लिए पैसे नहीं मिले तो युवक से मारपीट:अकलतरा पुलिस ने फरार आरोपी गिरफ्ता, गुंडा बदमाश सूची में होगा शामिल

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे नहीं देने पर एक युवक से मारपीट और जान से मारने की धमकी देने वाले फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करीब दो महीने से फरार था।

पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। साथ ही उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए गुंडा बदमाश सूची में शामिल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

शराब के लिए मांगे थे पैसे

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी सागर ओग्रे (29) ग्राम रसेडा का रहने वाला है। घटना 18 मई 2026 की रात की है। आरोपी ने गांव की एक दुकान के सामने खड़े जितेश कुमार नेताम से शराब पीने के लिए पैसे मांगे थे।

पैसे देने से इनकार पर की मारपीट

जब जितेश ने पैसे देने से मना किया तो आरोपी ने उसकी मोटरसाइकिल की चाबी निकाल ली। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया।

मुखबिर की सूचना पर दबिश

पीड़ित की शिकायत पर अकलतरा थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 119(1) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया था। घटना के बाद से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने ग्राम रसेडा में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में कबूला अपराध

पुलिस पूछताछ के दौरान सागर ओग्रे ने वारदात करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

गुंडा बदमाश सूची में होगा शामिल

पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 129 के तहत उसे गुंडा बदमाश सूची में शामिल करने के लिए प्रतिवेदन तैयार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे नहीं देने पर एक युवक से मारपीट और जान से मारने की धमकी देने वाले फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करीब दो महीने से फरार था।

 

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चांपा पुलिस चोरी का कॉपर वायर खरीदने वाले को पकड़ा:मुख्य आरोपी पहले ही हिरासत में, पूछताछ में खरीदार तक पहुंची पुलिस

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले की चांपा पुलिस ने चोरी के स्क्रैप कॉपर वायर खरीदने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इससे पहले पुलिस चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मामले में पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की है।

मामला चांपा स्थित महामाया मोटर्स का है। संस्थान के प्रबंधक संदीप कुमार अग्रवाल ने 19 जुलाई को थाना चांपा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि स्टॉक की जांच के दौरान करीब 30 से 35 किलो स्क्रैप कॉपर वायर, जिसकी कीमत लगभग 20 हजार रुपए थी, गायब मिला।

सीसीटीवी फुटेज से खुला मामला

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में तीन युवक बाउंड्री फांदकर परिसर में घुसते और कॉपर वायर चोरी करते दिखाई दिए। फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी बिरजू सूर्यवंशी (28), निवासी हथनेवरा को गिरफ्तार कर पहले ही न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था।

पूछताछ में खरीदार तक पहुंची पुलिस

मुख्य आरोपी से पूछताछ के दौरान पुलिस को चोरी का माल खरीदने वाले योगेश्वर कुमार साहू (34), निवासी जर्वे (च), थाना जांजगीर के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने 10 किलो स्क्रैप कॉपर वायर 6 हजार रुपए में खरीदना स्वीकार कर लिया।

खरीदार भी पहुंचा जेल

अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने योगेश्वर कुमार साहू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

चांपा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(4), 303(ए) और 317(2) के तहत कार्रवाई की है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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कोरबा

कोरबा में पति-पत्नी ने पीया जहर:रथयात्रा में साथ नहीं ले जाने पर हुआ विवाद, दोनों की हालत खतरे से बाहर

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कोरबा। कोरबा जिले के रजगामार चौकी क्षेत्र केराकछार गांव में एक नवविवाहित जोड़े ने मामूली विवाद के बाद जहर का सेवन कर लिया। 23 वर्षीय अकील सिंह और 21 वर्षीय किरण सिंह को परिजनों ने तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना रथयात्रा कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। अकील सिंह रथयात्रा में जाने की तैयारी कर रहा था, तभी उसकी पत्नी किरण सिंह ने भी साथ चलने की जिद की। अकील ने मना कर दिया और अकेले ही कार्यक्रम में चला गया।

रात में देर से घर लौटने के बाद अगले दिन सुबह इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच फिर विवाद हो गया। गुस्से में पहले किरण ने घर में रखा जहर पी लिया। पत्नी के जहर पीने की जानकारी मिलने पर अकील ने भी आवेश में आकर जहर का सेवन कर लिया।

समय पर इलाज से बची दोनों की जान

परिजनों को घटना का पता चलते ही घर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दोनों को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण दोनों की जान बच गई और उनकी स्थिति अब स्थिर है।

रथयात्रा को लेकर विवाद, पुलिस ने दर्ज किए बयान

घटना की सूचना मिलने पर जिला अस्पताल चौकी पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची। पुलिस ने अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर पति-पत्नी के बयान दर्ज किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में विवाद का मुख्य कारण रथयात्रा में साथ न ले जाना बताया जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

एक साल पहले हुई थी शादी, ससुराल में रह रही थी पत्नी

बताया गया है कि अकील और किरण की शादी को अभी लगभग एक साल ही हुआ है। उनका विवाह सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। किरण मूल रूप से धरमजयगढ़ क्षेत्र के जमरगी डीह की निवासी है और शादी के बाद से केराकछार में अपने ससुराल में रह रही थी।

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