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कोरबा

बलरामपुर में बांध टूटने से 5 की मौत, 2 लापता:इनमें बच्ची समेत 3 महिलाएं, कोरबा में नदी-नाले उफान पर, घरों में घुसा पानी

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कोरबा/रायपुर। कोरबा में लगातार बारिश से निचले इलाके में जलभराव हो गया है। मानिकपुर, रविशंकर नगर, सीतामढ़ी और खरमोर इलाके के घरों में पानी घुस गया। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। रविशंकर नगर में जलभराव के कारण सुबह बच्चों से भरी एक स्कूल बस सड़क पर फंसी रही।

सड़कों पर नाली का गंदा पानी आ गया। दादर नाला भी उफान पर है। जिससे कई गांवों का संपर्क शहर से कट गया है। जिला मेडिकल कॉलेज के सामने भी जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण जल भराव हो गया।

इस बीच मौसम विभाग ने सूरजपुर, बलरामपुर जिले में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बिलासपुर, मुंगेली, रायगढ़ समेत 10 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है, आंधी चल सकती है। रायपुर सहित कई इलाकों में देर रात से बूंदाबांदी जारी है।

बंगाल में बने लो प्रेशर एरिया के कारण पिछले 24 घंटों में बिलासपुर, सरगुजा, रायपुर और बस्तर संभागों के अधिकांश इलाकों में पानी बरसा। वहीं तापमान की बात करें तो सबसे अधिक तापमान 31.6°C दुर्ग और सबसे ​कम तापमान राजनांदगांव में 20.5°C दर्ज किया गया।

इससे पहले बलरामपुर में लगातार बारिश से लुत्ती में पुराना बांध बह गया। बांध के बहने से निचले इलाके के चार घर के 7 लोग बह गए। इनमें 5 लोगों के शव बरामद हो गए हैं। 6 साल के कार्तिक सिंह की लाश आज मिली है। इससे पहले 4 की डेडबॉडी मिल गई थी। बाढ़ में बहे 2 अन्य लोगों का पता नहीं चल सका है। तलाश जारी है।

कोरबा में लगातार बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर है।

कोरबा में लगातार बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर है।

कोरबा के रविशंकर नगर इलाके में जलभराव हो गया है।

कोरबा के रविशंकर नगर इलाके में जलभराव हो गया है।

कई इलाकों में जलभराव होने से सड़कों के ऊपर से पानी बह रहा है।

कई इलाकों में जलभराव होने से सड़कों के ऊपर से पानी बह रहा है।

6 साल के बच्चे कार्तिक सिंह की लाश बुधवार सुबह बरामद की गई है।

6 साल के बच्चे कार्तिक सिंह की लाश बुधवार सुबह बरामद की गई है।

बलरामपुर में पुराना बांध टूटने से 4 गांव बह गए, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई।

बलरामपुर में पुराना बांध टूटने से 4 गांव बह गए, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई।

बांध का पानी निचले इलाकों में जमा हो गया।

बांध का पानी निचले इलाकों में जमा हो गया।

बलरामपुर में बांध बहने के बाद लापता लोगों की तलाश करती रही एसडीआरएफ की टीम।

बलरामपुर में बांध बहने के बाद लापता लोगों की तलाश करती रही एसडीआरएफ की टीम।

बांध बहने से पानी के साथ बहे बुजुर्ग महिला का शव झाड़ियों में फंसा मिला।

बांध बहने से पानी के साथ बहे बुजुर्ग महिला का शव झाड़ियों में फंसा मिला।

क्या है मानसून द्रोणिका

मानसून द्रोणिका लो प्रेशर लाइन होती है, जो भारत के उत्तर-पश्चिम से लेकर उत्तर-पूर्वी भाग तक फैली रहती है। यह आमतौर पर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जाती है। कई बार इसका विस्तार पाकिस्तान और म्यांमार तक भी हो जाता है।

जब दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय होता है तो उत्तर भारत के मैदानी भागों में यह द्रोणिका विकसित होती है। इसकी स्थिति कभी उत्तर की ओर (हिमालय के पास) और कभी दक्षिण की ओर (मध्य भारत तक) खिसकती रहती है। जब मानसून द्रोणिका उत्तर की ओर रहती है तो हिमालय और उसके तराई वाले क्षेत्र (जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तर बंगाल, असम) में ज्यादा बारिश होती है।

क्या है लो प्रेशर एरिया

जहां हवा का दबाव आसपास की जगहों से कम होता है, उसे लो प्रेशर एरिया कहते हैं। जब किसी इलाके में तापमान ज्यादा होता है (जैसे समुद्र की सतह या जमीन बहुत गर्म हो जाए)।

गर्मी से हवा हल्की और ऊपर उठने लगती है। ऊपर हवा चली जाने से नीचे की सतह पर दबाव घट जाता है, और वह जगह लो प्रेशर एरिया बन जाती है।

यहां पर आसपास से हवा अंदर की ओर खिंचती है। हवा ऊपर उठकर ठंडी होती है और बादल और बारिश का कारण बनती है। समुद्र पर बनने वाले लो प्रेशर एरिया कई बार बड़े तूफान (Cyclone) में बदल जाते हैं।

भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाले लो प्रेशर एरिया ही देशभर में भारी बारिश करवाते हैं।

उदाहरण के तौर पर समझिए बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बना तो वह मानसून द्रोणिका के साथ जुड़कर ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, यूपी तक बारिश करा देगा। अगर यह और ताकतवर हो जाए तो डीप डिप्रेशन और फिर साइक्लोन में बदल सकता है।

इन शॉर्ट लो प्रेशर एरिया = गर्म हवा ऊपर उठी → नीचे दबाव कम हुआ → हवा अंदर की ओर खिंची → बादल + बारिश। भारत की मानसूनी बारिश और चक्रवात का मुख्य कारण यही लो प्रेशर एरिया होते हैं।

बस्तर में 200 से ज्यादा घर ढहे

बस्तर संभाग में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद चार जिलों दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर में बाढ़ से 200 से ज्यादा मकान ढह गए। 2196 लोग राहत शिविर में शिफ्ट किए गए।

इन्हें स्कूल, इंडोर स्टेडियम, आश्रम जैसे जगहों पर ठहराया गया है। अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। अब बाढ़ के बाद की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

बारसूर में स्टेट हाईवे 5 पर पुल टूट गया है, टूटे पुल पर अब सीढ़ी बांधकर ग्रामीण आना जाना कर रहे हैं। बता दें कि नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर के 55 से 60 गांवों के ग्रामीण अपनी रोजमर्रा के सामानों के लिए बारसूर साप्ताहिक बाजार पहुंचते हैं।

पुल टूटने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पुल टूटने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्टेट हाईवे 5 के टूटे पुल पर सीढ़ी बांधकर लोग आना-जान कर रह हैं।

स्टेट हाईवे 5 के टूटे पुल पर सीढ़ी बांधकर लोग आना-जान कर रह हैं।

जगदलपुर में बारिश के बाद चित्रकोट वाटरफॉल अपने शबाब पर है।

जगदलपुर में बारिश के बाद चित्रकोट वाटरफॉल अपने शबाब पर है।

प्लेन से चित्रकोट वाटरफॉल की तस्वीर कैद की गई।

प्लेन से चित्रकोट वाटरफॉल की तस्वीर कैद की गई।

बलरामपुर में सबसे ज्यादा पानी बरसा

प्रदेश में अब तक 919.1 बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 429.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से -51% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, बेमेतरा, जगदलपुर में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है।

वहीं, बलरामपुर जिले में 1278.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 59% अधिक है। आंकड़े 1 जून से 2 सितंबर 2025 तक के हैं।

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कोरबा

22-23 जुलाई को बिलासपुर-रायपुर-कोरबा रूट की 8 ट्रेनें कैंसिल:भाटापारा-हथबंध के बीच तीसरी लाइन का काम, छत्तीसगढ़ के यात्रियों के लिए बढ़ी परेशानी

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बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में भाटापारा और हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन पर ऑटो सिग्नलिंग कमीशनिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) काम किया जाएगा। इसके चलते 22 और 23 जुलाई को बिलासपुर, रायपुर, कोरबा और गेवरा रोड रूट की 8 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। जिससे यात्रियों की मुसीबतें बढ़ जाएंगी।

रेलवे प्रशासन का दावा है कि बिलासपुर रेलवे जोन में इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट का काम तेजी से चल रहा है। इस काम को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि, इससे यात्रियों को सुविधाएं मिल सके। इस कड़ी में तीसरी लाइन का कार्य भी चल रहा है।

इसके तहत रायपुर मंडल के भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के मध्य तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग कमीशनिंग का काम किया जाएगा। इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा।

रद्द होने वाली गाड़ियां

  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 68746 रायपुर- गेवरा रोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 23 जुलाई को गाड़ी संख्या 68745 कोरबा-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।

झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू बिलासपुर तक ही चलेगी

22 जुलाई को 68862/68861 झारसुगुड़ा-गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त और यहीं से प्रारंभ होगी। इस दौरान बिलासपुर-गोंदिया-बिलासपुर के बीच इसका संचालन रद्द रहेगा।

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कोरबा

जुड़वा नवजातों की मौत पर अस्पताल के बाहर हंगामा:कोरबा में इलाज में लापरवाही का आरोप, परिजनों ने 14 बिंदुओं पर जांच की मांग की

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कोरबा। कोरबा शहर के आयुष्मान हॉस्पिटल में जन्म के बाद भर्ती जुड़वा नवजातों की पीलिया से मौत के बाद परिजनों ने सोमवार को अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के अनुसार, प्रसव के बाद दोनों नवजात पीलिया से पीड़ित हो गए थे। शनिवार रात एक नवजात की मौत हो गई थी, जबकि दूसरे को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया था। रविवार शाम दूसरे नवजात ने भी दम तोड़ दिया।

अस्पताल पहुंचकर परिजनों ने किया प्रदर्शन

दोनों बच्चों की मौत से नाराज परिजन सोमवार को आयुष्मान हॉस्पिटल पहुंचे और अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर मानिकपुर चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा की।

14 बिंदुओं पर जांच की मांग

पीड़ित पक्ष के संदीप कुमार ने बताया कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों की योग्यता की भी जांच होनी चाहिए। परिजनों ने पूरे मामले की 14 बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

शाम को नायब तहसीलदार दीपक पटेल मौके पर पहुंचे। परिजनों ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए अस्पताल प्रबंधन पर समय पर सही जानकारी नहीं देने और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

जांच टीम गठित होगी

नायब तहसीलदार दीपक पटेल ने बताया कि परिजनों से ज्ञापन प्राप्त हुआ है। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। उनके निर्देश पर जांच टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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कोरबा

कोरबा में 9 लाख की लकड़ी बरामद:इमारती लकड़ी चोरी-परिवहन मामले में आरोपी गिरफ्तार, क्रेन भी जब्त, राजस्व भूमि से काटे गए थे 7 पेड़

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कोरबा। कोरबा पुलिस ने इमारती लकड़ी की अवैध कटाई और परिवहन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 20.169 घन मीटर इमारती लकड़ी और उसे ले जाने में इस्तेमाल की गई एक क्रेन जब्त की है। जब्त लकड़ी की कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी ने शिकायत में बताया था कि सीएसईबी रामपुर स्थित जूनियर क्लब के पास राजस्व भूमि से बिना अनुमति के 7 पेड़ काटकर उनकी लकड़ी अवैध रूप से ले जाई गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर एएसपी लखन पटले और सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।

कोरबा से रायपुर-अभनपुर तक पहुंची थी लकड़ी

तकनीकी साक्ष्यों और दस्तावेजों की जांच में पता चला कि अवैध लकड़ी को कोरबा से रायपुर-अभनपुर तक ले जाया गया था। इसके बाद प्रदेश स्तर की संयुक्त जांच टीम ने कार्रवाई कर 20.169 घन मीटर लकड़ी और परिवहन में इस्तेमाल की गई क्रेन जब्त कर ली।

एक आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया

पुलिस ने इस मामले में सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ सिविल लाइन थाना में अपराध क्रमांक 673/2026 के तहत बीएनएस की धारा 303(2), 316(5) और 317(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

अन्य आरोपियों और नेटवर्क की भी जांच

पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है। लकड़ी के असली स्रोत, परिवहन में शामिल अन्य लोगों और किसी संगठित गिरोह की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

अवैध कटाई की जानकारी तुरंत दें

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूरे मामले की जांच वैज्ञानिक और निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं शासकीय या वन भूमि से अवैध कटाई, लकड़ी का परिवहन या भंडारण होता दिखाई दे, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस या नजदीकी थाने को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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