सरगुजा, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 140 लोगों से 50 करोड़ की ठगी हुई है। इनमें ज्यादातर लोग शिक्षक या सरकारी कर्मचारी हैं। RV ग्रुप ने पीड़ितों के बिना बैंक जाए सभी के नाम से लोन पास कराया। इसके बाद पैसे लेकर भाग गए। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है।
पीड़ितों के मुताबिक RV ग्रुप ने लोगों को शहर के नामी होटल में पार्टी देकर कंपनी की लुभावनी स्कीम बताई। लोन की पूरी किश्त कंपनी जमा करेगी कहकर हर किसी से लाखों की ठगी की। अब बैंकों से वसूली के लिए नोटिस आ रहे हैं। ठग कंपनी के खिलाफ रायपुर और कांकेर में FIR दर्ज हुई है।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 140 लोगों से 50 करोड़ से ठगी हुई है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल,अंबिकापुर के गांधीनगर निवासी शिक्षिका पवित्रा लकड़ा ने 1 अप्रैल 2025 को सरगुजा एसपी से ठगी की शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि RV ग्रुप स्पॉश एडवाइजर प्रा.लि. और बैंकों के कर्मचारियों के माध्यम से उनके दस्तावेजों का गलत ढंग से दुरूपयोग करके अलग-अलग बैंकों से मल्टीपल लोन दिलाकर करोड़ों की ठगी की गई है।
बिना बैंक गए लाखों का लोन स्वीकृत
पीड़ितों ने बताया कि नवंबर 2022 में तुलसी चौक में RV ग्रुप ने स्पॉश एडवाइजर प्रा.लि. के नाम से ऑफिस खोला, जिसमें कंपनी ने कहा कि फाइनेंस कंपनी और बैंकों में लगातार काम करने के कारण हमारी हैसियत को देखकर यह लोन दिया जाता है।
कंपनी ने बैंक लोन के लिए दस्तावेजों में हस्ताक्षर कराए। बताया गया कि कंपनी इसमें गारंटर है। कर्मचारी बैंक गए भी नहीं और उनका लाखों का लोन स्वीकृत हो गया।
होटल में पार्टी देकर शिक्षकों को लुभावना स्कीम में फंसाया और लाखों की ठगी की।
जानिए शिक्षक कैसे हुए ठगी का शिकार ?
RV ग्रुप ने सरकारी कर्मचारियों को टारगेट कर शहर के नामी होटलों में भव्य पार्टियां आयोजित की। कॉन्फ्रेंस के नाम पर आयोजित इन पार्टियों में लुभावनी स्कीम बताई गई। लोगों को बताया गया कि 50 प्रतिशत राशि वे कंपनी की स्कीम में इन्वेस्ट करेंगे। उनके लोन की पूरी राशि कंपनी अदा करेगी।
कर्मचारियों को लाखों रुपए का मुनाफा मिलेगा। RV ग्रुप ने दफ्तर में फॉर्म भरवाए, हस्ताक्षर लिए और ठगी के शिकार लोगों का लाखों रुपए का पर्सनल लोन अलग-अलग बैंकों से फाइनेंस हो गया। इसमें आधी रकम कंपनी में इन्वेस्ट करने के नाम पर AMS साल्यूशन, सुरेंद्र सिंह और मनोज प्रधान के निजी खातों में जमा कराए गए।
कर्मचारियों के बैंक जाए बिना ही उनका दुर्घटना बीमा और जीवन बीमा के दस्तावेज तैयार हो गए। आरोप है कि बैंक के दस्तावेजों में नकली हस्ताक्षर भी किए गए। इन्वेस्टमेंट करने वालों को गारंटी के तौर पर चेक भी दिए गए, जिसमें हस्ताक्षर ही फर्जी हैं।
शिक्षिका पवित्रा लकड़ा ने गांधी नगर थाने में दर्ज कराई थी FIR
नोटिस आने लगे तो हुआ ठगी का खुलासा
शिक्षिका लकड़ा ने बताया कि RV ग्रुप ने वादा किया था कि पूरी लोन राशि वे जमा करेंगे, लेकिन जब सरकारी कर्मचारियों को किश्त जमा करने और वसूली के नोटिस आने लगे। उन्हें ठगी का पता चला। इसी तर्ज पर रायपुर, कांकेर में भी सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है।
अब जानिए किन-किन लोगों से हुई ठगी ?
पुलिस के मुताबिक गुड्डा राम बरवा, देवेन्द्र पैकरा, भइयो एक्का, पूरन लाल, अनूप कुमार सिंह, राम प्रताप साहू, नीलम सिंह पैकरा, जगधारी, कृष्णा राजवाड़े, विनीत सिंह, प्रीति सिदार, हरीश कुमार प्रजापति, पवित्रा लकड़ा से ठगी हुई है।
इसके साथ ही अन्ना खाखा, ज्योति कुजूर, रीना रोज तिग्गा, अन्ना खाखा, अनिता तिग्गा, अनिमा किरण टोप्पो, सुचित्रा कुजूर सहित 140 लोगों ने लिखित शिकायत थाने और सरगुजा एसपी को दी है।
अब जानिए किन लोगों ने की ठगी ?
पीड़ितों के मुताबिक कंपनी के फाउंडर मनोज कुमार प्रधान, मनोज कुमार भगत, सुरेन्द्र सिंह करियाम, अभय गुप्ता, विष्णु प्रजापति, सुदेश एक्का ने मिलकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। ये आरोपी किसी का फोन भी नहीं उठा रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज की FIR
गांधीनगर पुलिस ने जांच के बाद सभी ठगों के खिलाफ धारा 420, 120 बी के तहत अपराध दर्ज किया है। सरगुजा एएसपी अमोलक सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। ठगी के शिकार अन्य लोगों के सामने आने पर ठगी की रकम बढ़ सकती है।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।