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छत्तीसगढ़

200 यूनिट बिजली खपत करने पर 50% की छूट:400 यूनिट यूज करने वाले उपभोक्ताओं को भी राहत, सोलर प्लांट पर 30 हजार की सब्सिडी

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रायपुर,एजेंसी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को महानदी भवन में कैबिनेट मीटिंग हुई। बैठक में बिजली बिल को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। राज्य में 1 दिसंबर 2025 से मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान लागू किया गया है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट के बजाय 200 यूनिट तक बिजली बिल पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

यह राहत 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगी। इसके तहत 200 से 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले परिवारों को अगले एक साल 200 यूनिट तक हाफ बिल ही देना होगा। ताकि वे इस दौरान अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके। इससे लगभग 6 लाख उपभोक्ताओं को फायदा होगा।

बता दें कि 4 महीने पहले यानी 1 अगस्त 2025 को सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना पर बड़ा बदलाव किया था। भूपेश सरकार के समय लागू 400 यूनिट की सीमा को घटाकर 100 यूनिट कर दिया था। इस बदलाव का असर सीधे-सीधे लाखों परिवारों पर पड़ा था। बिल लगभग डबल हो गया था।

विपक्षी दलों ने विरोध जताया। इसके बाद साय सरकार ने 100 यूनिट को बढ़ाकर 200 यूनिट बिजली बिल हाफ योजना की घोषणा की। सीएम साय ने विधानसभा के विशेष सत्र के समापन पर इसका ऐलान किया था। 1 दिसंबर से नई योजना लागू होने की घोषणा की थी। कैबिनेट बैठक में सोलर प्लांट पर सब्सिडी बढ़ाने का फैसला भी लिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिजली बिल को लेकर अहम फैसले लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिजली बिल को लेकर अहम फैसले लिए गए हैं।

42 लाख उपभोक्ताओं को राहत

मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान से प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।

गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपए और 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपए की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है।

सरकार का दावा है कि यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी।

नई बिजली बिल हाफ योजना को उदाहरण सहित समझिए

अगर कोई परिवार हर महीने 200 यूनिट बिजली खर्च करता है, तो उसका औसत बिल अभी लगभग 840 से 870 रुपए के बीच आता है। इसमें पहले 100 यूनिट का रेट ₹4.10 प्रति यूनिट और अगले 100 यूनिट का रेट ₹4.20 प्रति यूनिट है।

अब नई योजना के तहत 200 यूनिट तक हाफ बिल स्कीम लागू है। यानी उपभोक्ता को सिर्फ आधा भुगतान करना होगा। पहले 100 यूनिट का बिल ₹410 से रू.450 तक होता है, जो अब आधा होकर रू.205 से रू.225 के बीच रह जाएगा।

दूसरे 100 यूनिट (100–200) के लिए बिल रू.840 से रू.870 तक आता है, जो अब समान रहेगा, क्योंकि यह 200 यूनिट की सीमा में ही है। कुल मिलाकर 200 यूनिट पर उपभोक्ता को लगभग रू.420 से रू.435 की सीधी राहत मिलेगी। यानी जो उपभोक्ता पहले रू.1250–₹1300 तक का बिल देते थे, अब उन्हें सिर्फ रू.800–रू.850 का ही बिल चुकाना पड़ेगा।

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कोरबा

रायपुर : ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री साय

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 ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री साय ने फाफाडीह में युवाओं और आमजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा में जल संरक्षण के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की

जल संचयन को जन-अभियान बनाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

 ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री श्री साय

 ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।

कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढि़यों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।

जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।

कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वाेच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।

स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।

मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था – तीनों के हित में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।

युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ना विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।

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कोरबा

भव्य आध्यात्मिक समारोह में दिव्य मंत्रोच्चार के साथ पाली में नवनिर्मित राधा-कृष्ण धाम में प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न

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कोरबा/पाली। कोरबा जिला के पाली ब्लाक मुख्यालय नगर पंचायत पाली के मंगल भवन के पास ख्यातिलब्ध समाजसेवी प्रशांत मिश्रा के नेतृत्व में जनसहयोग से मंगल भवन के पास राधा-कृष्ण धाम का भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया है, जहां राधा-कृष्ण की दिव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए तीन दिवसीय भव्य आध्यात्मिक समारोह का आयोजन किया गया।
प्रथम दिन भव्य रूप से विशाल कलश यात्रा निकाली गई। दूसरे दिन दिव्य मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। तीसरे दिन नवनिर्मित मंदिर में महाआरती के साथ विशाल भोग भंडारे का आयोजन किया गया, जहां पर हजारों धर्मानुरागियों ने भोग प्रसाद ग्रहण किया। तीन दिन तक पाली आध्यात्मिक, अलौकिक तथा सद्भाव की पवित्र रसधारा में स्नान किया। पाली के चारों तरफ आध्यात्म की गूंज सुनाई दे रही थी, वहीं दिव्य मंत्रोच्चार से चारों तरफ सत्व का प्रकाश फैल रहा था और घंटे की नाद से प्रकृति भी राधा-कृष्ण की भक्ति का रसपान कर रही थी। बरसात में आसमान की लालिमा भी संदेश दे रही थी कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की दिव्य प्रतिमा से प्रकृति भी प्रसन्नचीत हो रही है और अपनी लालिमा से आसमान भी मानो आयोजकों को आशीर्वाद दे रहा है। इस अद्भूत, अलौकिक और पवित्र क्षण का हजारों लोग साक्षी बने।

समारोह के द्वितीय दिन हुई प्राण प्रतिष्ठा

तीन दिवसीय समारोह के द्वितीय दिवस 19 जुलाई को विद्वान पंडितों, आचार्योंश्री अभिनव शुक्ला, संजय कृष्णा द्विवेदी, वासुदेव पाण्डेय, कृष्णा तिवारी, विवेकानंद पंडा एवं सी डी वैष्णव सहित उपस्थित पंडितों एवं आचार्यों के श्रीमुख से दिव्य मंत्रोच्चारों की गूंज सुनाई दे रही थी, घंटे की नाद से क्षेत्र गुंजायमान हो रहा था, अलौकिक हवन पूजन से पूरा प्रकृति सत्व से नहा रही थी और मुख्य यजमान प्रशांत मिश्रा-श्रीमती अनामिका मिश्रा सहित पूजा में बैठे युगल दम्पत्तियों के हवन पूजन से सभी देवी-देवता पूजन स्थल में पहुंच कर मानो इस महायज्ञ को सफल बना रहे हों और भगवान राधा-कृष्ण की युगल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी बन रहे हों और इस अद्भूत मूर्ति को देखने के लिए लालायित हो रहे हों।
इस दिव्य समारोह में विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कई दिग्गज और विभूतियां शामिल हुए और इस दिव्य समारोह में स्थापित मूर्तियों का दिव्य दर्शन कर अभिभूत हुए।


आषाढ़ शुक्ल पंचमी 19 जुलाई को शुभ लग्र में भगवान राधा-कृष्ण की दिव्य मूर्ति के साथ भगवान श्रीगणेश के विग्रह की भी प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। सबसे पहले विघ्न विनाशक भगवान श्रीगणेश राधा-कृष्ण धाम में पधारे और भगवान राधा-कृष्ण की युगल जोड़ी की भव्य प्रतिष्ठा के साक्षी बने। ऐसा अद्भूत और अलौकिक दृष्य से उपस्थित भक्तगण रोमांचित हुए और प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न होने के बाद दिव्य मूर्तियों का दर्शन कर पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

कार्यक्रम के अंतिम दिन विशाल भोग भंडारा में हजारों लोगों ने किया प्रसाद ग्रहण

कार्यक्रम के तीसरे और अंतिम दिन आषाढ़ शुक्ल षष्ठी 20 जुलाई को भी भगवान जगन्नाथ के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हवन पूजन, महाआरती का आयोजन किया गया और पूजन सम्पन्न होने के बाद परिसर में विशाल भोग भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश भर से आए धर्मानुरागियों ने भोग प्रसाद ग्रहण कर धन्य हुए और भगवान राधा-कृष्ण धाम का दिव्य दर्शन कर पूण्य लाभ प्राप्त किया।

प्रथम दिन विशाल और भव्य कलश यात्रा निकाली गई

पाली में नवनिर्मित राधा-कृष्ण धाम में तीन दिवसीय आध्यात्मिक समारोह के प्रथम दिन 18 जुलाई को हजारों नारी शक्ति ने कलश यात्रा निकाली और कलश यात्रा के दौरान पूरा पाली भगवामय तथा राधा-कृष्ण भक्तिमय हो गया था। प्रमुख आचार्य एवं पंडितों की अगुवाई में मुख्य यजमान प्रशांत मिश्रा-श्रीमती अनामिका मिश्रा सिर में व्यासपीठ लेकर कलश यात्रा की अगुवाई कर रहे थे। दिव्यता और अलौकिक दृश्य से सभी रोमांचित हो रहे थे। कलश यात्रा नौकोनिहा तालाब से पवित्र जल लेकर शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद निकली और नवनिर्मित राधा-कृष्ण धाम परिसर कथास्थल पर पहुंची। कलश यात्रा पूर्ण होने के बाद कथास्थल में व्यासपीठ की स्थापना करने के बाद हवन-पूजन प्रारंभ हुआ और दूसरे दिन प्राण प्रतिष्ठा की गई।

प्रशांत मिश्रा ने क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की और आभार जताया

मुख्य यजमान के रूप में प्रशांत मिश्रा-श्रीमती अनामिका मिश्रा ने प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न होने के बाद अपने आराध्य देव भगवान राधा-कृष्ण और श्रीगणेश की पूजा-अर्चना की और सपत्नीक क्षेत्र की खुशहाली, समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा और प्रदेश में अमन चैन, सद्भाव तथा विश्व में शांति के लिए कामना की।
तीन दिवसीय इस अलौकिक दिव्य समारोह की सफलता में धर्मानुरागियों की सहभागिता रही, प्रशांत मिश्रा ने सभी का आभार जताया। तीन दिवसीय समारोह को जिनका सानिध्य मिला, उन आचार्यों एवं पंडितों का भी आभार जताया, जिनकी विद्वता से यह समारोह भव्य और अलौकिक बन सका। दूर दराज से पधारे धर्मानुरागियों का भी प्रशांत मिश्रा ने ह्दय से अभिनंदन किया और आभार जताया।

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छत्तीसगढ़

शराब के लिए पैसे नहीं मिले तो युवक से मारपीट:अकलतरा पुलिस ने फरार आरोपी गिरफ्ता, गुंडा बदमाश सूची में होगा शामिल

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे नहीं देने पर एक युवक से मारपीट और जान से मारने की धमकी देने वाले फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करीब दो महीने से फरार था।

पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। साथ ही उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए गुंडा बदमाश सूची में शामिल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

शराब के लिए मांगे थे पैसे

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी सागर ओग्रे (29) ग्राम रसेडा का रहने वाला है। घटना 18 मई 2026 की रात की है। आरोपी ने गांव की एक दुकान के सामने खड़े जितेश कुमार नेताम से शराब पीने के लिए पैसे मांगे थे।

पैसे देने से इनकार पर की मारपीट

जब जितेश ने पैसे देने से मना किया तो आरोपी ने उसकी मोटरसाइकिल की चाबी निकाल ली। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया।

मुखबिर की सूचना पर दबिश

पीड़ित की शिकायत पर अकलतरा थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 119(1) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया था। घटना के बाद से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने ग्राम रसेडा में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में कबूला अपराध

पुलिस पूछताछ के दौरान सागर ओग्रे ने वारदात करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

गुंडा बदमाश सूची में होगा शामिल

पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 129 के तहत उसे गुंडा बदमाश सूची में शामिल करने के लिए प्रतिवेदन तैयार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे नहीं देने पर एक युवक से मारपीट और जान से मारने की धमकी देने वाले फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करीब दो महीने से फरार था।

 

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