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भोपाल के जंगल में कार में 52kg सोना मिला:11 करोड़ कैश बरामद, IT टीम रात 2 बजे पहुंची; 2 दिन में 51 ठिकानों पर छापे

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भोपाल,एजेंसी। आयकर विभाग को भोपाल के मेंडोरी के जंगल में गुरुवार देर रात एक कार से 52 किलो सोना मिला। इसके अलावा, 11 करोड़ रुपए कैश भी बरामद हुए हैं। सोने की कीमत करीब 40 करोड़ 47 लाख रुपए आंकी गई है। अभी ये स्पष्ट नहीं है कि ये सोना और कैश किसका है।

आयकर विभाग (IT) को यह बड़ी कामयाबी मध्यप्रदेश में रियल एस्टेट कारोबारियों पर रेड के बीच मिली है। आयकर विभाग ने दो दिन में भोपाल और इंदौर में 51 ठिकानों पर छापेमारी की है।

अब यह पता लगाया जा रहा है कि सोना और कैश का कनेक्शन बिल्डर्स और RTO के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के यहां चल रही कार्रवाई से तो नहीं है। जिस कार से सोना और कैश मिला है वह चेतन गौर नाम के व्यक्ति की बताई जा रही है।

भोपाल में मेंडोरी के जंगल से आयकर विभाग की टीम ने 52 किलो सोना बरामद किया है।

भोपाल में मेंडोरी के जंगल से आयकर विभाग की टीम ने 52 किलो सोना बरामद किया है।

10 करोड़ रुपए के साथ आयकर और पुलिस की टीम।

10 करोड़ रुपए के साथ आयकर और पुलिस की टीम।

आयकर के साथ पुलिस को भी मिली थी खुफिया जानकारी

आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, एक खुफिया जानकारी मिली थी कि जंगल में एक कार में कैश है, जिसे कहीं ले जाया जा रहा है। इसके बाद टीम गुरुवार की रात करीब दो बजे मेंडोरी पहुंची। जंगल में इनोवा कार के पास पहले से करीब 100 पुलिसकर्मी और 30 गाड़ियां थीं। संभवत: पुलिस को भी इसके बारे में सूचना मिली होगी। आयकर की टीम ने कार की सर्चिंग की तो नकदी के साथ सोना भी मिला।

आईटी की टीम को इस कार में सोना मिला है। इस कार का नंबर एमपी 07 बीए 0050 है।

आईटी की टीम को इस कार में सोना मिला है। इस कार का नंबर एमपी 07 बीए 0050 है।

सौरभ शर्मा का दोस्त है कार मालिक चेतन गौर

आयकर विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि मेंडोरी में विनय असवानी के मकान के बाहर लावारिस हालत में जो इनोवा कार मिली है वह चेतन गौर की है। चेतन लोकायुक्त पुलिस के छापे की जद में आए सौरभ शर्मा का दोस्त है। बताया जा रहा है कि जब आयकर विभाग के अफसरों ने चेतन गौर से इस मामले में पूछताछ की तो उसने कहा कि सोना और पैसा कहां से आया और किसका है, इसकी उसे जानकारी नहीं है। उसने ये जरूर माना कि वह आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा का दोस्त है। टीम अब इस आधार पर आगे की जांच करेगी।

गनमैन की गन की बट से तोड़ा कार का शीशा

जिस इनोवा कार में 52 किलो सोना और करीब 11 करोड़ रुपए कैश जब्त किए गए हैं, वह पूरी तरह से लॉक थी। ऐसे में आयकर अफसरों की टीम ने साथ पहुंचे गनमैन की गन के बट से कार का कांच तोड़ा और गेट खोलकर बैग निकाले गए। इन बैग में भारी मात्रा में कैश और गोल्ड मिला।

गुरुवार को लोकायुक्त की टीम ने आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के घर और दफ्तर पर छापा मारा था। उनके घर से चांदी की सिल्लियां मिली है।

गुरुवार को लोकायुक्त की टीम ने आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के घर और दफ्तर पर छापा मारा था। उनके घर से चांदी की सिल्लियां मिली है।

बैग में गोल्ड और कैश देख हैरान रह गए अफसर

इनोवा कार की सर्चिंग के दौरान जब कार का कांच तोड़ा गया तो उसमें रखे बैग देखकर सभी कुछ देर के लिए सकते में आ गए कि बैग में न जाने क्या है? इस बीच बैग के आकार को लेकर वहां मौजूद अफसरों और पुलिस कर्मियों ने कहा कि बैग स्क्वायर साइज में है। इसलिए इसमें पैसा ही होना चाहिए। जब बैग बाहर निकालकर खोला तो गोल्ड और कैश देखकर सभी हैरान रह गए। फिर उसकी गिनती कर कब्जे में लिया गया।

मौके पर मौजूद पुलिस को देख डर गए अफसर

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब आयकर अधिकारियों की टीम मेंडोरी पहुंची तो वहां पहले से मौजूद पुलिस को देखकर सभी कुछ देर के लिए सहम गए। सभी को आशंका थी कि कोई ट्रेप कराने की साजिश तो नहीं है। कुछ अफसरों ने साहस कर पुलिस कर्मचारियों से बात की तो पता चला कि वे भी अज्ञात सूचना पर यहां आए हैं। इसके बाद आयकर टीम के साथ गए केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों और स्थानीय पुलिस कर्मियों की मदद से कार को कब्जे में लेकर कार्रवाई की गई।

अब तक हुई कार्रवाई में इनकम टैक्स महानिदेशक सतीश कुमार गोयल, डायरेक्टर इन्वेस्टिगेशन अमरेश सिंह, ज्वाइंट डायरेक्टर आदेश राय, सागर श्रीवास्तव समेत अन्य अफसरों की टीम ने बड़ी भूमिका निभाई है।

सोना किसका है, अफसर पता लगा रहे

  • आयकर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अब यह पता कर रही है कि ये सोना किसका है और कहां ले जाया जा रहा था? अभी तक इसकी सीधा कनेक्शन किसी से नहीं जुड़ा है। अभी इस सोने और कैश पर किसी ने अपना दावा नहीं किया है।
  • माना जा रहा है कि यह कार किसी आरटीओ अफसर के यहां अटैच रही होगी और छापे की आशंका के मद्देनजर से छिपाकर सुनसान स्थान में खड़ा किया गया था।
लोकायुक्त की टीम ने आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल के अरेरा कॉलोनी स्थित घर पर छापा मारा था।

लोकायुक्त की टीम ने आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल के अरेरा कॉलोनी स्थित घर पर छापा मारा था।

परिवहन विभाग से जुड़े होने की भी आशंका

इधर, लोकायुक्त की टीम ने 19 दिसंबर सुबह रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के भोपाल में अरेरा कॉलोनी स्थित घर पर छापा मारा। यहां से 1.15 करोड़ रुपए कैश, आधा किलो सोना, हीरे और सोने के करीब 50 लाख रुपए के जेवरात और चांदी की सिल्लियां सहित प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले हैं। शर्मा के ऑफिस से 1.70 करोड़ रुपए कैश सहित प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले हैं।

आयकर विभाग को इस मामले में पूर्व मुख्य सचिव के अलावा प्रमुख सचिव स्तर के कुछ अधिकारियों के शामिल होने का अंदेशा है। आयकर विभाग में पिछले कुछ महीनों में नए अफसरों की पोस्टिंग हुई है। इसके बाद मध्यप्रदेश में बड़ा एक्शन लिया गया है। नए अधिकारियों की टीम अभी कुछ और बड़े खुलासे भी करने वाली है।

भोपाल और इंदौर में 51 ठिकानों पर छापेमारी

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने दो दिन पहले 18 दिसंबर को त्रिशूल कंस्ट्रक्शन, क्वालिटी ग्रुप और ईशान ग्रुप के भोपाल, इंदौर के 51 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें सबसे ज्यादा 49 ठिकाने भोपाल के शामिल थे। इनमें IAS, IPS और राजनेताओं की पसंद वाले नीलबड़, मेंडोरी और मेंडोरा जैसे इलाके शामिल थे।

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माल्या बोले- ब्रिटेन छोड़ने पर रोक, भारत कैसे लौटूं:सोचता हूं कॉकरोच बन जाऊं, 10 साल से लंदन में, बैंकों के करीब रू.9,000 करोड़ के कर्जदार

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लंदन/नई दिल्ली, एजेंसी। लंदन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार देर रात फिर भारत सरकार पर अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण वे भारत नहीं लौट पा रहे हैं।

माल्या ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में माना है कि उनकी रू.14,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति से बैंकों को वसूली हुई है। यह रकम उन बैंकों को लौटाई गई, जिनका पैसा किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज के रूप में बकाया था।

विजय माल्या पर किंगफिशर एयरलाइंस के लिए SBI समेत कई बैंकों से करीब रू.9,000 करोड़ का कर्ज लेने और उसे नहीं चुकाने का आरोप है।

बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने और CBI-ED की जांच के बीच 2 मार्च 2016 यानी 10 साल 6 महीने पहले पहले वे माल्या भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए। बाद में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया था।

माल्या का दावा- ED ने बैंकों को 14 हजार करोड़ लौटाए

माल्या ने बुधवार देर रात भी X पर कई पोस्ट किए। इनमें उन्होंने हाल के कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों का जिक्र किया और कहा कि उनके साथ अब भी अन्याय हो रहा है।

विजय ने एक पोस्ट में यह भी कहा, “मेरे साथ हो रहे अन्याय को देखते हुए मुझे लगता है कि मुझे कॉकरोच बन जाना चाहिए। शायद कॉकरोच बनकर बेहतर जिंदगी जी सकूं। मैं भगोड़ा नहीं हूं। ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया ने मुझे भारत लौटने से रोक रखा है।”

माल्या ने ED की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल बताए गए हलफनामे का एक हिस्सा साझा किया। उन्होंने दावा किया कि उसमें उनसे 14,131.60 करोड़ रुपए की वसूली का जिक्र है।

उन्होंने लिखा, “बॉम्बे हाईकोर्ट में ED की ओर से दाखिल हलफनामा। पैराग्राफ 7 में तय कर्ज है और पैराग्राफ 17 में 2021 में वसूल किए गए 14,131.60 करोड़ रुपए दिखाए गए हैं।”

माल्या ने कहा, “पांच साल बाद भी मुझे ऐसा व्यक्ति बताया जा रहा है, जिसने बैंकों को धोखा दिया। मुझे गलत तरीके से भगोड़ा बताया गया है।” उन्होंने वसूली का लेखा-जोखा दिखाने वाली एक टेबल भी शेयर की।

उन्होंने लिखा, “जो लोग निष्पक्ष और सही हिसाब-किताब पर भरोसा करते हैं, वे यह तालिका देखें। क्या मीडिया की ओर से मुझे इस तरह निशाना बनाया जाना और किसी पत्रकार की स्क्रिप्ट की शुरुआत में ही मुझे धोखेबाज कहना सही है? यह पूछना शुरू क्यों नहीं किया जाता कि मुझे मेरा रिफंड कब मिलेगा।”

मार्च 2016 में देश छोड़कर गए थे, 2019 में भगोड़ा घोषित

माल्या मार्च 2016 में यूके चले गए थे। इसके बाद साल 2019 में अधिकारियों ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया था।

इस कानून के तहत प्राधिकारियों को संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार मिला है। भारत सरकार लगातार यूके से उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है।

क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम

भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) कानून उन आर्थिक अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बनाया गया है जो भारतीय अदालतों की कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़कर भाग जाते हैं।

इस कानून के तहत अदालतों को मामले की सुनवाई पूरी होने से पहले ही आरोपी की देश और विदेश में मौजूद संपत्तियों को अटैच यानी जब्त करने और उन्हें नीलाम/बेचकर बैंकों का बकाया वसूलने का अधिकार मिलता है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फरवरी में दी थी अंतिम मोहलत

इस साल फरवरी में बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचने वाला व्यक्ति न्यायसंगत राहत की मांग नहीं कर सकता।

कोर्ट ने माल्या से कहा था कि यह आखिरी मौका है, वे बताएं कि भारत लौटना चाहते हैं या नहीं। माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून और उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने को चुनौती दी है।

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भारत ने नेपाल के लिए 8वीं राहत खेप भेजी:35 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंची, बाढ़ में अब तक 1367 शव बरामद

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काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत ने 35 टन राहत और बचाव सामग्री की 8वीं खेप भेजी। भारतीय वायुसेना का विमान बुधवार को काठमांडू पहुंचा। इसके साथ भारत अब तक 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेज चुका है।

खेप में टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, दवाएं और रेस्क्यू उपकरण शामिल हैं। भारत ने राहत अभियान 26 अगस्त को शुरू किया था।

नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 1367 शव बरामद हुए हैं। 102 शवों की पहचान हो चुकी है। पहचान के लिए DNA सैंपल जुटाए जा रहे हैं और भारत समेत कई देशों के फोरेंसिक विशेषज्ञ मदद कर रहे हैं।

नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें…

नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद कीचड़ से दबे मकान।

नेपाल के नुवाकोट जिले के देवीघाट में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद कीचड़ से दबे मकान।

हादसे में जान गंवाने वाले रिश्तेदार की फोटो देखते परिजन। ये तस्वीरें मार्चुरी के बाहर लगाई गई हैं।

हादसे में जान गंवाने वाले रिश्तेदार की फोटो देखते परिजन। ये तस्वीरें मार्चुरी के बाहर लगाई गई हैं।

चिलिमे टनल में 105 मीटर तक पहुंची नेपाली-भारतीय सेना की टीम

रसुवा जिले के चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में नेपाली और भारतीय सेना की टीम मिलकर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। टीम अब तक सर्विस टनल के अंदर करीब 105 मीटर तक पहुंच गई है।

प्रोजेक्ट तक जाने वाली सड़क से मलबा हटाने का काम भी चल रहा है। प्रभावित इलाके के दोनों तरफ आने-जाने के लिए रोप लाइन लगा दी गई है।

बाढ़ आने के दिन ही नेपाली सेना की टीम मौके पर पहुंच गई थी। टीम ने पहले इलाके का जायजा लिया और फिर टनल के मुहाने से मिट्टी और मलबा हटाकर अंदर गई। यहां से दो लोगों के शव बरामद किए गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मौके पर मौजूद एक्सकेवेटर के साथ बॉबकैट एक्सकेवेटर भी लगातार मलबा हटाने और खुदाई में लगाया गया है।

नेपाल में रेस्क्यू से जुड़ी तस्वीरें…

नेपाल बाढ़ में AI से शवों की पहचान की कोशिश

नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ के बाद लापता लोगों और अज्ञात शवों की पहचान के लिए FaceTagr AI तकनीक की मदद ली जा रही है। यह तस्वीरों और वीडियो में चेहरों का मिलान कर लापता लोगों से संभावित मैच तलाशती है।

FaceTagr हजारों रिकॉर्ड में से 5-10 संभावित मैच सामने लाता है। परिवार इन मैचों को देख सकते हैं, जबकि अंतिम पहचान नेपाल पुलिस या संबंधित सरकारी एजेंसियां करती हैं।

FaceTagr से जुड़े समीर पंथी के मुताबिक, अब तक करीब 500 लापता लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। सिस्टम ने करीब 90 शवों की पहचान में मदद की है। हालांकि, यह नेपाल पुलिस के कुल आधिकारिक पहचान आंकड़े से अलग है।

रेस्क्यू और फोरेंसिक मदद के लिए 54 विशेषज्ञ नेपाल भेजे

भारत ने राहत सामग्री के साथ 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें टनल रेस्क्यू और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं।

विशेष रेस्क्यू टीम नेपाली सेना के साथ चिलिमे और लांगटांग में अभियान चला रही है, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञ काठमांडू की दो लैब में DNA जांच में मदद कर रहे हैं।

भारत ने इसके लिए DNA किट, रिऐजेंट और प्रोफाइलिंग उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं।

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मुंबई-गोवा हाईवे में देरी पर गडकरी बोले- शर्म आती है:उद्धाटन में नहीं जाऊंगा, 2016 में कम्पलीट होना था, अब तक 94% काम हुआ

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पणजी, एजेंसी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘मुझे मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण में हो रही देरी को लेकर शर्मिंदगी महसूस होती है। ये काम 2016 तक पूरा होना था, लेकिन 15 साल में सिर्फ 94% ही पूरा हुआ है।’

गडकरी ने यह बात बुधवार को पणजी में छह लेन वाले एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में कही। उन्होंने कहा, ‘हाईवे का काम पूरा होने के बाद मैं इसके उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होऊंगा। मैं ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का रिकॉर्ड बनाना चाहता हूं।’

गडकरी ने इस साल 22 जुलाई को राज्यसभा में बताया था कि पिछले 3 साल में नेशनल हाईवे निर्माण में खराब गुणवत्ता वाले काम के लिए 103 ठेकेदार और कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया और उन पर जुर्माना लगाया गया।

मुंबई-गोवा हाईवे: 15 साल से काम चल रहा, कई जगह गड्ढे

मुंबई-गोवा हाईवे का चौड़ीकरण का काम 2011 में शुरू हुआ था। इसके बाद भी यह अब तक पूरा नहीं हुआ है। 440 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में काम पूरा होने के बावजूद कई जगह सड़क पर गड्ढे, पानी भरने, मरम्मत और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

हाईवे पर मई में खारपाड़ा टोल प्लाजा पर टोल लेना शुरू किया गया था। इसके बावजूद परियोजना के कुछ हिस्सों में काम और सुधार जारी है। हाईवे पर बंदरों के लिए 2021 में बनाया गया एक ओवरपास भी ढह चुका है, जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं।

हाईवे का काम 2016 तक पूरा होना था

मुंबई-गोवा हाईवे का काम पहले 2016 तक पूरा किया जाना था। जमीन अधिग्रहण, निर्माण से पहले की मंजूरियों और ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं के कारण काम में लगातार देरी हुई।

2024 में केंद्र सरकार ने भी संसद में बताया था कि जमीन अधिग्रहण और कुछ ठेकेदारों की आर्थिक दिक्कतों के कारण परियोजना में देरी हुई।

यह हाईवे मुंबई को कोंकण के रास्ते गोवा से जोड़ता है। इसका महाराष्ट्र वाला हिस्सा करीब 460 किलोमीटर है। परियोजना का यह मार्ग पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

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