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77वां गणतंत्र दिवस:पहली बार 2 कूबड़ वाले ऊंट और बाज दिखे, महिला जवान चलती बाइक पर 18 फीट ऊंची सीढ़ी चढ़ी, परेड की 50 PHOTOS

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नई दिल्ली,एजेंसी। देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर परेड निकली। तीनों सेनाओं ने शक्ति प्रदर्शन किया और ताकत दिखाई।

पहली बार दो मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल रहे।

पहली बार 2 कूबड़ वाले ऊंट और बाज दिखे, महिला जवान चलती बाइक पर 18 फीट ऊंची सीढ़ी चढ़ी।

परेड के तमाम रंग दिखातीं तमाम तस्वीरें…

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू, मुख्य अतिथि एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन बग्घी में बैठे।

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू, मुख्य अतिथि एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन बग्घी में बैठे।

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू अपने काफिले के साथ कर्तव्य पथ पर पहुंचीं।

राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू अपने काफिले के साथ कर्तव्य पथ पर पहुंचीं।

राष्ट्रपतिने ग्रुप कैप्टन,एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया।

राष्ट्रपतिने ग्रुप कैप्टन,एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया।

पीएम मोदी ने उर्सुला को परेड की झाकियों के बारे में बताया। साथ में एंटोनियो कोस्टा।

पीएम मोदी ने उर्सुला को परेड की झाकियों के बारे में बताया। साथ में एंटोनियो कोस्टा।

Mi-17 1V हेलिकॉप्टर से ध्वज फॉर्मेशन बनाया। कर्तव्य पथ पर फूल बरसाए।

Mi-17 1V हेलिकॉप्टर से ध्वज फॉर्मेशन बनाया। कर्तव्य पथ पर फूल बरसाए।

यूरोपीय संघ (EU) दल में 3 जिप्सियों पर 4 ध्वजवाहक शामिल हुए।

यूरोपीय संघ (EU) दल में 3 जिप्सियों पर 4 ध्वजवाहक शामिल हुए।

सेना की शक्ति की 25 तस्वीरें…

धनुष गन सिस्टम और अमोघ (एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम, ATAGS) ने आत्मनिर्भर भारत की रक्षा क्षमता को दर्शाया।

धनुष गन सिस्टम और अमोघ (एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम, ATAGS) ने आत्मनिर्भर भारत की रक्षा क्षमता को दर्शाया।

344 मिसाइल रेजिमेंट के कैप्टन अनिमेष रोहिला के नेतृत्व में वेपन सिस्टम कर्तव्य पथ पर शामिल हुआ।

344 मिसाइल रेजिमेंट के कैप्टन अनिमेष रोहिला के नेतृत्व में वेपन सिस्टम कर्तव्य पथ पर शामिल हुआ।

असम रेजिमेंट की टुकड़ी ने मार्च किया और सलामी दी। इस दौरान अपना प्रसिद्ध रेजिमेंटल गीत 'बदलूराम का बदन' गाया।

असम रेजिमेंट की टुकड़ी ने मार्च किया और सलामी दी। इस दौरान अपना प्रसिद्ध रेजिमेंटल गीत ‘बदलूराम का बदन’ गाया।

कुमाऊं रेजिमेंट, 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और 11 गोरखा राइफल्स के कंबाइंड मिलिट्री बैंड में 74 म्यूजिशियन ने मार्च किया।

कुमाऊं रेजिमेंट, 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और 11 गोरखा राइफल्स के कंबाइंड मिलिट्री बैंड में 74 म्यूजिशियन ने मार्च किया।

एनिमल कंटिन्मेंट की परेड में शामिल बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर टट्टू और काला चील। ये सीमा पर तैनात गुमनाम नायकों की भूमिका-बलिदान को बताते हैं।

एनिमल कंटिन्मेंट की परेड में शामिल बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर टट्टू और काला चील। ये सीमा पर तैनात गुमनाम नायकों की भूमिका-बलिदान को बताते हैं।

परेड में थल सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त झांकी। यह दर्शाती है कि देश की सीमाएं सुरक्षित हाथों में है।

परेड में थल सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त झांकी। यह दर्शाती है कि देश की सीमाएं सुरक्षित हाथों में है।

भारतीय नौसेना की झांकी की थीम 'परंपरा में निहित, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन की ओर अग्रसर' पर रही। झांकी में INS विक्रांत को भी दिखाया गया।

भारतीय नौसेना की झांकी की थीम ‘परंपरा में निहित, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन की ओर अग्रसर’ पर रही। झांकी में INS विक्रांत को भी दिखाया गया।

वज्रांग फॉर्मेशन में 6 राफेल एयरक्राफ्ट ने हिस्सा लिया। इन्होंने अंबाला एयरबेस से उड़ान भरी थी।

वज्रांग फॉर्मेशन में 6 राफेल एयरक्राफ्ट ने हिस्सा लिया। इन्होंने अंबाला एयरबेस से उड़ान भरी थी।

IAF के दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट ने सिंदूर फॉर्मेशन बनाया।

IAF के दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट ने सिंदूर फॉर्मेशन बनाया।

अर्जन फॉर्मेशन में एक C-130 विमान लीड में और दो C-295 विमान 'विक्ट्री' फॉर्मेशन में एक साथ उड़ रहे थे।

अर्जन फॉर्मेशन में एक C-130 विमान लीड में और दो C-295 विमान ‘विक्ट्री’ फॉर्मेशन में एक साथ उड़ रहे थे।

मिश्रित स्काउट्स टुकड़ी ने का नेतृत्व लेफ्टिनेंट अमित चौधरी (2 अरुणाचल स्काउट्स) ने किया। यह टुकड़ी भारतीय सेना की उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात विशिष्ट पैदल सेना इकाइयों का प्रतिनिधित्व करती है।

मिश्रित स्काउट्स टुकड़ी ने का नेतृत्व लेफ्टिनेंट अमित चौधरी (2 अरुणाचल स्काउट्स) ने किया। यह टुकड़ी भारतीय सेना की उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात विशिष्ट पैदल सेना इकाइयों का प्रतिनिधित्व करती है।

पैराशूट रेजिमेंट, ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स और राजपूताना राइफल्स के संयुक्त मिलिट्री बैंड में 75 संगीतकार शामिल हुए।

पैराशूट रेजिमेंट, ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स और राजपूताना राइफल्स के संयुक्त मिलिट्री बैंड में 75 संगीतकार शामिल हुए।

सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की 4 भैरव बटालियन ने मेजर अंजुम गोरखा के नेतृत्व में पैदल मार्च किया।

सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की 4 भैरव बटालियन ने मेजर अंजुम गोरखा के नेतृत्व में पैदल मार्च किया।

BSF का ऊंट दस्ता, जिसकी अगुआई डिप्टी कमांडेंट महेंद्र पाल सिंह राठौर ने की। उनके ऊंट का नाम चेतक है।

BSF का ऊंट दस्ता, जिसकी अगुआई डिप्टी कमांडेंट महेंद्र पाल सिंह राठौर ने की। उनके ऊंट का नाम चेतक है।

यह मशहूर ऊंट सवार बैंड है। 1976 से लगातार परेड में शामिल हो रहा है। यह 3 अधिकारी और 50 ऊंट सवारों का दस्ता है।

यह मशहूर ऊंट सवार बैंड है। 1976 से लगातार परेड में शामिल हो रहा है। यह 3 अधिकारी और 50 ऊंट सवारों का दस्ता है।

दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर राजपूत रेजिमेंट ने परेड की। इसमें 100 से ज्यादा जवान शामिल थे।

दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर राजपूत रेजिमेंट ने परेड की। इसमें 100 से ज्यादा जवान शामिल थे।

पहली बार किसी महिला अधिकारी ने CRPF पुरुषों की टुकड़ी का नेतृत्व किया। इनका नाम सहायक कमांडेंट सिमरन बाला है।

पहली बार किसी महिला अधिकारी ने CRPF पुरुषों की टुकड़ी का नेतृत्व किया। इनका नाम सहायक कमांडेंट सिमरन बाला है।

उत्तराखंड निदेशालय के 148 कैडेट्स ने एनसीसी सीनियर विंग (गर्ल्स) के साथ मार्च किया। इस दौरान पर्वतारोहण, राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग के बारे में बताया।

उत्तराखंड निदेशालय के 148 कैडेट्स ने एनसीसी सीनियर विंग (गर्ल्स) के साथ मार्च किया। इस दौरान पर्वतारोहण, राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग के बारे में बताया।

स्काउट गाइड टीम। यह छात्रों में आत्म-अनुशासन, नेतृत्व, नागरिकता के गुण विकसित करने के लिए 'तैयार रहें' के आदर्श वाक्य के साथ काम करती है।

स्काउट गाइड टीम। यह छात्रों में आत्म-अनुशासन, नेतृत्व, नागरिकता के गुण विकसित करने के लिए ‘तैयार रहें’ के आदर्श वाक्य के साथ काम करती है।

148 कैडेट्स वाले NCC दल ने भी परेड में हिस्सा लिया। इसका नेतृत्व उत्तराखंड डायरेक्टोरेट की सीनियर अंडर ऑफिसर मानसी विश्वकर्मा ने किया।

148 कैडेट्स वाले NCC दल ने भी परेड में हिस्सा लिया। इसका नेतृत्व उत्तराखंड डायरेक्टोरेट की सीनियर अंडर ऑफिसर मानसी विश्वकर्मा ने किया।

सशस्त्र सीमा बल (SSB) की जॉइंट डेयरडेविल्स टीम ने कर्तव्य पथ पर शानदार प्रदर्शन किया ।कांस्टेबल साजी के.एस. ने एक पहिए वाली बाइक पर शानदार हिम्मत और बैलेंस दिखाया।

सशस्त्र सीमा बल (SSB) की जॉइंट डेयरडेविल्स टीम ने कर्तव्य पथ पर शानदार प्रदर्शन किया ।कांस्टेबल साजी के.एस. ने एक पहिए वाली बाइक पर शानदार हिम्मत और बैलेंस दिखाया।

CRPF कांस्टेबल सीमा पुंडीर ने 11 सैनिकों के साथ मिलकर शानदार सर्वत्र सुरक्षा फॉर्मेशन बनाया।

CRPF कांस्टेबल सीमा पुंडीर ने 11 सैनिकों के साथ मिलकर शानदार सर्वत्र सुरक्षा फॉर्मेशन बनाया।

कर्तव्य पथ पर T-90 भीष्म टैंक, अर्जुन Mk I मेन बैटल टैंक का प्रदर्शन किया गया।

कर्तव्य पथ पर T-90 भीष्म टैंक, अर्जुन Mk I मेन बैटल टैंक का प्रदर्शन किया गया।

वज्रांग फॉर्मेशन की तस्वीरें। इस फॉर्मेशन में 6 राफेल विमान 'वज्रांग' फॉर्मेशन में उड़े।

वज्रांग फॉर्मेशन की तस्वीरें। इस फॉर्मेशन में 6 राफेल विमान ‘वज्रांग’ फॉर्मेशन में उड़े।

77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ, दिल्ली में भारतीय वायुसेना ने वरुणा फॉर्मेशन में 1 P-8I और 2 सुखोई-30 विमानों के साथ फ्लाई-पास्ट किया।

77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ, दिल्ली में भारतीय वायुसेना ने वरुणा फॉर्मेशन में 1 P-8I और 2 सुखोई-30 विमानों के साथ फ्लाई-पास्ट किया।

PANCHNAAG कॉन्फिगुरेशन में 5 फंक्शनल क्षमताएं हैं। इसमें पहचान करना, निगरानी, हमला, काउंटर-ड्रोन ऑपरेशन, लॉजिस्टिक्स और रखरखाव शामिल है। जिन्हें नेक्स्ट-जेनरेशन इक्विपमेंट और हथियारों का सपोर्ट मिलता है।

PANCHNAAG कॉन्फिगुरेशन में 5 फंक्शनल क्षमताएं हैं। इसमें पहचान करना, निगरानी, हमला, काउंटर-ड्रोन ऑपरेशन, लॉजिस्टिक्स और रखरखाव शामिल है। जिन्हें नेक्स्ट-जेनरेशन इक्विपमेंट और हथियारों का सपोर्ट मिलता है।

हेलिकॉप्टर के नीचे लगाए कैमरे में तिरंग को फहराने का पल रिकॉर्ड किया गया।

हेलिकॉप्टर के नीचे लगाए कैमरे में तिरंग को फहराने का पल रिकॉर्ड किया गया।

परेड में शामिल राज्यों-मंत्रालयों की 19 झांकी

मध्य प्रदेश की झांकी 77वें गणतंत्र दिवस पर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित रही।

मध्य प्रदेश की झांकी 77वें गणतंत्र दिवस पर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित रही।

राजस्थान की झांकी में बीकानेर की विश्व-प्रसिद्ध उस्ता कला की शाही और आत्मनिर्भर सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया।

राजस्थान की झांकी में बीकानेर की विश्व-प्रसिद्ध उस्ता कला की शाही और आत्मनिर्भर सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया।

उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक यूपी की प्रगति दिखाई गई। कालिंजर से प्राप्त एकमुख लिंग उसकी गहरी आध्यात्मिक परंपरा और स्थापत्य कला का प्रतीक रहा।

उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक यूपी की प्रगति दिखाई गई। कालिंजर से प्राप्त एकमुख लिंग उसकी गहरी आध्यात्मिक परंपरा और स्थापत्य कला का प्रतीक रहा।

छत्तीसगढ़ की झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाते गई। ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के खिलाफ लड़ने वाले अमर आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि दी गई।

छत्तीसगढ़ की झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाते गई। ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के खिलाफ लड़ने वाले अमर आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि दी गई।

ओडिशा की झांकी खेती से लेकर नई तकनीक तक राज्य की प्रगति और महिलाओं की भागीदारी को दिखाते हुए आत्मनिर्भर भारत में उसके योगदान को दर्शाती है।

ओडिशा की झांकी खेती से लेकर नई तकनीक तक राज्य की प्रगति और महिलाओं की भागीदारी को दिखाते हुए आत्मनिर्भर भारत में उसके योगदान को दर्शाती है।

असम की झांकी ‘आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर रही। झांकी में धुबरी जिले के आशारिकांडी गांव के प्रसिद्ध मिट्टी के कलाकारों को सम्मान दिया गया। यह भारत का सबसे बड़ा टेराकोटा शिल्प केंद्र है।

असम की झांकी ‘आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर रही। झांकी में धुबरी जिले के आशारिकांडी गांव के प्रसिद्ध मिट्टी के कलाकारों को सम्मान दिया गया। यह भारत का सबसे बड़ा टेराकोटा शिल्प केंद्र है।

पंजाब की झांकी में नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत के 350वें साल को पूरी श्रद्धा से याद किया गया।

पंजाब की झांकी में नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत के 350वें साल को पूरी श्रद्धा से याद किया गया।

गुजरात की झांकी में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर भीखाजी कामा और अन्य क्रांतिकारियों को सम्मान दिया। जिन्होंने विदेशों में भारत की आजादी का संदेश फैलाया।

गुजरात की झांकी में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर भीखाजी कामा और अन्य क्रांतिकारियों को सम्मान दिया। जिन्होंने विदेशों में भारत की आजादी का संदेश फैलाया।

नागालैंड की झांकी हॉर्नबिल फेस्टिवल कल्चर पर रही। इसमें टूरिज्म और कम्युनिटी की आत्मनिर्भरता के जीवंत रूप में दिखाया गया। ये नॉर्थईस्ट में आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाती है।

नागालैंड की झांकी हॉर्नबिल फेस्टिवल कल्चर पर रही। इसमें टूरिज्म और कम्युनिटी की आत्मनिर्भरता के जीवंत रूप में दिखाया गया। ये नॉर्थईस्ट में आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाती है।

तमिलनाडु की झांकी में राज्य ने अपनी पुरानी संस्कृति को संभालते हुए नई तकनीक से साथ आगे बढ़ना दर्शाया।

तमिलनाडु की झांकी में राज्य ने अपनी पुरानी संस्कृति को संभालते हुए नई तकनीक से साथ आगे बढ़ना दर्शाया।

पश्चिम बंगाल की झांकी भारत की आज़ादी की लड़ाई में राज्य की बड़ी भूमिका दिखाती है, जिसमें बंकिम चंद्र, स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, खुदीराम बोस और अन्य महान नेताओं का योगदान दर्शाया गया है।

पश्चिम बंगाल की झांकी भारत की आज़ादी की लड़ाई में राज्य की बड़ी भूमिका दिखाती है, जिसमें बंकिम चंद्र, स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, खुदीराम बोस और अन्य महान नेताओं का योगदान दर्शाया गया है।

जम्मू-कश्मीर की झांकी ने वहाँ के हस्तशिल्प और लोकनृत्यों की समृद्ध परंपरा दिखाकर भारत की विविध संस्कृति को दर्शाया।

जम्मू-कश्मीर की झांकी ने वहाँ के हस्तशिल्प और लोकनृत्यों की समृद्ध परंपरा दिखाकर भारत की विविध संस्कृति को दर्शाया।

पुडुचेरी की झांकी अपनी समृद्ध संस्कृति, टेराकोटा व शिल्प कला और ऑरोविल की विश्व-प्रसिद्ध सोच को दिखाती है।

पुडुचेरी की झांकी अपनी समृद्ध संस्कृति, टेराकोटा व शिल्प कला और ऑरोविल की विश्व-प्रसिद्ध सोच को दिखाती है।

केरल की झांकी भारत के पहले वॉटर मेट्रो और डिजिटल साक्षरता की उपलब्धि दिखाती है।

केरल की झांकी भारत के पहले वॉटर मेट्रो और डिजिटल साक्षरता की उपलब्धि दिखाती है।

भारतीय सिनेमा को सेलिब्रेट करती झांकी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुई। इसका नेतृत्व प्रोड्यूसर-डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने किया। झांकी का उद्देश्य भारतीय सिनेमा के आर्ट फॉर्म को दुनियाभर में दर्शाना है।

भारतीय सिनेमा को सेलिब्रेट करती झांकी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुई। इसका नेतृत्व प्रोड्यूसर-डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने किया। झांकी का उद्देश्य भारतीय सिनेमा के आर्ट फॉर्म को दुनियाभर में दर्शाना है।

गृह मंत्रालय की झांकी में भारत के नए न्याय कानून-भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-दिखाए गए।

गृह मंत्रालय की झांकी में भारत के नए न्याय कानून-भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-दिखाए गए।

संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम्-राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ थीम पर रही। दर्शाया गया कि कैसे वंदे मातरम गीत आजादी के समय हर भारतीय के दिल और क्रांतिकारियों की आवाज बना।

संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम्-राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ थीम पर रही। दर्शाया गया कि कैसे वंदे मातरम गीत आजादी के समय हर भारतीय के दिल और क्रांतिकारियों की आवाज बना।

सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट की फूलों की झांकी राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ की याद दिलाई।

सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट की फूलों की झांकी राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ की याद दिलाई।

संस्कृति मंत्रालय के कलाकारों ने वंदे मातरम् नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जो इसके 150 साल पूरे होने पर देश की एकता और देशभक्ति को दिखाता है।

संस्कृति मंत्रालय के कलाकारों ने वंदे मातरम् नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जो इसके 150 साल पूरे होने पर देश की एकता और देशभक्ति को दिखाता है।

कर्तव्य पथ पर पीएम ने लोगों का अभिवादन किया

गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के खत्म होने के बाद पीएम मोदी ने लोगों का अभिवादन किया।

गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के खत्म होने के बाद पीएम मोदी ने लोगों का अभिवादन किया।

गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के खत्म होने के बाद कर्तव्य पथ पर रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाए गए।

गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के खत्म होने के बाद कर्तव्य पथ पर रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाए गए।

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छत्तीसगढ़-स्कूल से लौट रहे 3 बच्चे नदी में बहे, मौत:UP के बाराबंकी में सड़क पर नाव चल रहीं, MP में 6 महीने पुरानी सड़क बही

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नई दिल्ली, एजेंसी। छत्तीसगढ़ की तरह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। यहां बिलासपुर में स्कूल से घर लौट रहे तीन बच्चे घोंघा नदी के तेज बहाव में बह गए। रविवार को तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

यूपी में भी बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने से 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। बाराबंकी में करीब 1,250 ग्रामीणों के लिए नाव ही आने-जाने का सहारा बनी हुई है। लोगों को रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी हो रही है।

मध्य प्रदेश के सीधी में शनिवार को रू.104 करोड़ लागत से 6 महीने पहले बनी सड़क का बड़ा हिस्सा बारिश में बह गया। नरसिंहपुर में रेतघाट पुल पानी में डूब गया है।

सतना में बाइक समेत तीन लोग नाले में बह गए। इनमें दो लोग बच गए, तीसरा लापता है। पन्ना में उफनती नदी में एक डंपर बह गया।

सैटेलाइट मैप में देखें बादलों की स्थिति…

देशभर में मौसम की तस्वीरें…

बिहार के खगड़िया में गंगा का पानी गांव में पहुंच गया है। बच्चे सिर पर बैग रखकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।

बिहार के खगड़िया में गंगा का पानी गांव में पहुंच गया है। बच्चे सिर पर बैग रखकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।

दिल्ली के जसोला में 15 साल का लड़का खुले नाले में बहा, NDRF ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया ।

दिल्ली के जसोला में 15 साल का लड़का खुले नाले में बहा, NDRF ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया ।

हिमाचल प्रदेश के मंडी में बारिश के कारण पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर सड़क धंस गई, जिससे गाड़ी की आवाजाही रुक गई है।

हिमाचल प्रदेश के मंडी में बारिश के कारण पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर सड़क धंस गई, जिससे गाड़ी की आवाजाही रुक गई है।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में रविवार सुबह अगस्त के महीने में घना कोहरा देखने को मिला। विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रह गई।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में रविवार सुबह अगस्त के महीने में घना कोहरा देखने को मिला। विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रह गई।

उत्तराखंड के मसूरी में मॉल रोड पर सुबह करीब 3 बजे भारी बारिश के दौरान एक पेड़ होटल पर गिर गया। हादसे में होटल की छत को नुकसान पहुंचा है।

उत्तराखंड के मसूरी में मॉल रोड पर सुबह करीब 3 बजे भारी बारिश के दौरान एक पेड़ होटल पर गिर गया। हादसे में होटल की छत को नुकसान पहुंचा है।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा का पानी बढ़ने से बोटिंग बंद कर दी गई है। इसके कारण नावें किनारों पर खड़ी हैं।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा का पानी बढ़ने से बोटिंग बंद कर दी गई है। इसके कारण नावें किनारों पर खड़ी हैं।

उत्तर प्रदेश में सभी प्रमुख 84 घाट डूब गए हैं। तस्वीर नमो घाट की है।

उत्तर प्रदेश में सभी प्रमुख 84 घाट डूब गए हैं। तस्वीर नमो घाट की है।

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देश

स्पेस में सैटेलाइट री-फ्यूलिंग, दवाइयां बनाने की तैयारी:पीएम को स्पेस स्टार्टअप्स के फाउंडर्स ने बताए प्लान, स्काईरूट हर महीने रॉकेट लॉन्च करेगी

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नई दिल्ली, एजेंसी। अंतरिक्ष में सैटेलाइट रीफ्यूलिंग, कचरा हटाने वाले रोबोट और हवा में तैरती दवाइयां। भारत का स्पेस सेक्टर अब फिल्मों में दिखने वाली टेक्नोलॉजी सच करने पर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 20 स्पेस स्टार्टअप्स फाउंडर्स से खास बातचीत की।

पीएम ने भरोसा दिलाया कि सरकार उद्यमियों का हाथ कभी नहीं छोड़ेगी। रिस्क लेने वालों को पूरा सपोर्ट मिलेगा। ये बातचीत 21 अगस्त को की गई थी, लेकिन वीडियो आज 23 अगस्त को रिलीज किया गया है।

देश के 20 स्पेस स्टार्टअप्स के फाउंडर्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने प्लान्स बताए।

देश के 20 स्पेस स्टार्टअप्स के फाउंडर्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने प्लान्स बताए।

मुलाकात के दौरान पीएम ने स्टार्टअप्स के प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी ली।

मुलाकात के दौरान पीएम ने स्टार्टअप्स के प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी ली।

स्काईरूट का हर महीने रॉकेट लॉन्च करने का लक्ष्य

स्काईरूट ने पीएम मोदी को बताया कि 18 जुलाई को भारत के पहले प्राइवेट रॉकेट से सैटेलाइट्स को कामयाबी के साथ ऑर्बिट में स्थापित किया था। कंपनी ने अब तक 3 फैक्ट्रियां तैयार कर ली हैं, जिनमें हर महीने एक रॉकेट बनाने की क्षमता है।

कंपनी की योजना हर महीने एक रॉकेट लॉन्च करने की है। इसके बाद का लक्ष्य हर हफ्ते एक और भविष्य में हर दिन कई रॉकेट लॉन्च करने का है।

हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च किया था। इस कामयाब लॉन्च के बाद पीएम मोदी ने स्टार्टअप फाउंडर से फोन पर बात की थी।

हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च किया था। इस कामयाब लॉन्च के बाद पीएम मोदी ने स्टार्टअप फाउंडर से फोन पर बात की थी।

फ्यूल स्टेशन, सफाई रोबोट और दवा बनाने वाली सैटेलाइट्स

भारतीय स्टार्टअप्स कई नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं:

  • स्पेस पेट्रोल पंप: एक कंपनी डॉकिंग और रीफ्यूलिंग तकनीक विकसित कर रही है, जो अंतरिक्ष में ही सैटेलाइट्स में ईंधन भरने का काम करेगी।
  • कचरा हटाना: एक रोबोटिक स्पेसक्राफ्ट पर काम चल रहा है, जो स्पेस में तैरते बेकार और ‘डेड’ सैटेलाइट्स को पकड़कर ऑर्बिट से बाहर निकालेगा।
  • स्पेस फार्मा: एक स्टार्टअप ऐसे सैटेलाइट्स तैयार कर रहा है जो अंतरिक्ष की जीरो-ग्रेविटी में दवाइयां बनाएंगे और धरती पर लाएंगे।

स्पेस पेट्रोल पंप और स्पेस फार्मा को जानें…

जैसे सड़क पर गाड़ी का पेट्रोल खत्म होने पर हम पंप पर जाते हैं, वैसे ही अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स का ईंधन खत्म हो जाता है। एक भारतीय कंपनी ऐसी तकनीक बना रही है, जो हवा में ही उड़ती हुई सैटेलाइट्स से जुड़कर उनमें दोबारा पेट्रोल-डीजल की तरह ईंधन भर देगी।

वहीं जब धरती पर कोई दवा बनाई जाती है, तो गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव के कारण उसके केमिकल्स और प्रोटीन ठीक से मिक्स नहीं हो पाते या नीचे बैठने लगते हैं।

इसके उलट, अंतरिक्ष में दवाइयां और प्रोटीन बिना किसी खिंचाव के शुद्ध रूप में आपस में मिलते हैं। इससे दवाइयों के बनने का तरीका बेहद सटीक और साफ होता है।

अमेरिका-यूरोप छोड़कर भारत आ रहे इंजीनियर्स

स्पेस सेक्टर को प्राइवेट प्लेयर्स के लिए खोले जाने के बाद एक नया ग्लोबल ट्रेंड दिख रहा है। अमेरिका और यूरोप में काम करने वाले भारतीय इंजीनियर्स अब अपनी नौकरियां छोड़कर भारत लौट रहे हैं और देश के स्पेस स्टार्टअप्स से जुड़ रहे हैं।

इस पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत को एक ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि पूरी दुनिया का टैलेंट स्पेस सेक्टर में करियर बनाने के लिए भारत का रुख करे। भारतीय टैलेंट पूल दुनिया के वैज्ञानिकों को अपनी तरफ खींचने वाले मैग्नेट की तरह काम कर सकता है।

1 महीने में मिले 8 नए इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट्स

भारतीय स्टार्टअप्स ग्लोबल लेवल पर ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क तैयार कर रहे हैं और सैटेलाइट इंजनों का एक्सपोर्ट करने के लिए तैयार हैं। यह इंजन सैटेलाइट्स को स्पेस में 5 से 15 सालों तक एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में मदद करते हैं।

कॉस्ट-इफेक्टिवनेस यानी कम लागत और टैलेंट के दम पर भारतीय कंपनियों को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। पिछले एक महीने में ही भारतीय स्टार्टअप्स को 8 नए लॉन्च के कॉन्ट्रैक्ट्स मिले हैं, जिनमें ज्यादातर विदेशी क्लाइंट्स के हैं।

स्पेस डेटा से 10 लाख किसानों की मदद की तैयारी

स्पेस-टेक स्टार्टअप्स का फोकस भारत के कृषि क्षेत्र पर भी है। स्टार्टअप्स की योजना स्पेस डेटा और सैटेलाइट्स के जरिए लगभग 10 लाख किसानों की मदद करने की है।

इससे मौसम, मिट्टी की नमी और फसलों के स्वास्थ्य की सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे खेती-किसानी को ज्यादा फायदेमंद बनाया जा सके।

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देश

वाराणसी के सभी घाट डूबे, छतों पर आरती-अंतिम संस्कार:MP-UP समेत 4 राज्यों में आज भारी बारिश, राजस्थान में अगस्त में पारा 40° पहुंचा

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नई दिल्ली, एजेंसी। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से गंगा और घाघरा समेत 6 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। वाराणसी में सभी 84 घाट डूब गए हैं। मणिकर्णिका घाट की छत पर अंतिम संस्कार हो रहा है। दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी छत पर कराई जा रही है।

उधर, राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ गया है। इससे गर्मी और उमस बढ़ गई है। शुक्रवार को श्रीगंगानगर में 39.9° और चूरू में 39° तापमान रिकॉर्ड हुआ।

मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को मध्य प्रदेश के 22 और यूपी के 28 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी तेज बारिश होगी।

दरअसल, मध्य प्रदेश में 3 मानसूनी सिस्टम एक्टिव हैं। रीवा-सीधी के पास लो प्रेशर एरिया, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से मानसून ट्रफ और दक्षिणी-पश्चिमी मध्य प्रदेश में चक्रवाती घेरा बना हुआ है।

सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति

देशभर से मौसम की तस्वीरें

भारी बारिश से मध्यप्रदेश के सतना का शबरी वाटरफॉल रौद्र रूप में दिखाई दे रहा है।

भारी बारिश से मध्यप्रदेश के सतना का शबरी वाटरफॉल रौद्र रूप में दिखाई दे रहा है।

वाराणसी में घाट पर बने 100 छोटे-बड़े मंदिर डूब गए हैं। छतों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

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रुद्रप्रयाग में भारी बारिश की परवाह किए बिना स्कूल जाते हुए बच्चे। यह वीडियो उत्तराखंड पुलिस ने शेयर किया है।

रुद्रप्रयाग में भारी बारिश की परवाह किए बिना स्कूल जाते हुए बच्चे। यह वीडियो उत्तराखंड पुलिस ने शेयर किया है।

लखनऊ के हुसैनगंज में शुक्रवार शाम आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे दुकानों और घरों में पानी भर गया।

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शिमला के ताराहाल में चलती कार के अगले हिस्से पर पेड़ गिर गया। साथ ही एक बाइक सवार भी बाल-बाल बचा।

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देहरादून-मसूरी रोड पर भूस्खलन से मलबा सड़क पर आ गया, जिससे ट्रैफिक थम गया।

देहरादून-मसूरी रोड पर भूस्खलन से मलबा सड़क पर आ गया, जिससे ट्रैफिक थम गया।

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