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छत्तीसगढ़

भूपेश की गाड़ी बजरंग-दल ने रोकी, सुरक्षाकर्मियों से धक्का-मुक्की:छत्तीसगढ़ के पूर्व CM बोले- सरकार डरी हुई, कार्यकर्ताओं से करा रही टारगेट

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भिलाई,एजेंसी।  भिलाई में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सुरक्षा में चूक हुई है। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि बजरंग दल के नेताओं ने उनका रास्ता रोका। गाली-गलौज की, बदतमीजी की, सुरक्षाकर्मियों से धक्कामुक्की की गई। इस मामले में रात 8 बजे पुलिस ने अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की है।

दरअसल, विधायक देवेंद्र यादव और सतनामी समाज के युवाओं को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने दुर्ग में एक दिन का धरना प्रदर्शन आयोजित किया था। भूपेश बघेल भी इसी में शामिल होने जा रहे थे, तभी लोगों ने घेरा और जय श्रीराम और भूपेश बघेल मुर्दाबाद के नारे लगाए।

सरकार डरी हुई, अपने कार्यकर्ताओं से टारगेट करा रही

भूपेश बघेल ने कहा, ‘सिरसा गेट पर कुछ लोग अचानक से आए और मेरा रास्ता रोका। मेरे सुरक्षा में जो सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, उनसे भी धक्कामुक्की की गई। 2 बार मुझे गाड़ी से उतरना पड़ा। काफिले के पीछे वाली गाड़ी को तो रोक ही लिए। सरकार ने जो सुरक्षा दी, उसमें सेंध हुई है। खुद को ये बजरंग दल के नेता बता रहे थे।’

बघेल ने कहा, ‘शायद भिलाई तीन में कुछ घटना घटी थी। उसे बजरंग दल के नेता आतंकी हमला बता रहे थे। आतंकी हमला हुआ है, तो मुझे क्यों बोल रहे हैं, सरकार को और प्रशासन को बोलिए। मुझे टारगेट कर रोक रहे थे, ताकि मैं प्रदर्शन में शामिल न हो पाउं। सरकार इतनी डरी हुई है कि अपने कार्यकर्ता से टारगेट करा रही है।’

सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक सिरसा गेट में प्रदर्शनकारियों ने काफिले को रुकवाया।

सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक सिरसा गेट में प्रदर्शनकारियों ने काफिले को रुकवाया।

ये लोग कुछ भी कर लेंगे, लेकिन प्रशासन मौन

भूपेश बघेल ने कहा कि अगर वहां चक्काजाम की सूचना थी, तो प्रशासन पहले ही उन्हें इस बारे में बता देता। सुरक्षाकर्मी दूसरे रास्ते से उन्हें लेकर आते, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। जैसे ही मेरी गाड़ी का सायरन बजा, वह अचानक सामने आ गए और गाड़ी रोकी। ये लोग कुछ भी कर लेंगे, लेकिन प्रशासन मौन है।

अभद्र नारे लगाए जाने लगे

वहीं पूर्व CM के सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि, सिरसा गेट में प्रदर्शनकारियों ने काफिले को रुकवाया। जब वह गाड़ी से उतरकर प्रदर्शनकारियों से बात करने उनके पास पहुंचे। इस दौरान अभद्र नारे लगाए जाने लगे। उन्हें रोका तो धक्का-मुक्की करने लगे। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने पूर्व सीएम को सुरक्षित तरीके से उनकी गाड़ी में बैठाया और वहां से दुर्ग के लिए रवाना हो गए।

अभद्र नारे लगाए जाने लगे। जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका तो वो लोग उनसे धक्का-मुक्की करने का आरोप।

अभद्र नारे लगाए जाने लगे। जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका तो वो लोग उनसे धक्का-मुक्की करने का आरोप।

CCTV फुटेज देखकर डाला जाएगा नाम

एक अधिकारी ने बताया कि अभी अज्ञात आरोपियों के नाम पर अपराध दर्ज किया गया है। इसके बाद पुलिस घटना स्थल के CCTV फुटेज और वहां बने वीडियो की जांच करेगी। फुटेज में जो भी सुरक्षाकर्मियों से धक्का-मुक्की करते हुए दिखेगा उसके खिलाफ नामजद अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ व्यापम आबकारी आरक्षक भर्ती:चयन सूची पर 7 दिन में दावा-आपत्ति, ई-मेल के माध्यम से भी कर सकते हैं ऑब्जेक्शन

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रायपुर,एजेंसी। आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा के तहत छत्तीसगढ़ व्यापम की तरफ से जारी मेरिट सूची के आधार पर दस्तावेजों का सत्यापन और शारीरिक मापदंड की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके बाद विभाग ने मुख्य सूची और अनुपूरक सूची जारी करते हुए अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है।

आबकारी विभाग ने बताया है कि चयन परिणाम में अगर किसी भी तरह की गलती जैसे अंक जोड़ने में त्रुटि, टाइपिंग मिस्टेक, मापदंड या प्रक्रिया से जुड़ी कोई समस्या पाई जाती है, तो उसे सुधारा जा सकता है। यह सुधार व्यापम द्वारा दिए गए मूल डाटा के आधार पर किया जाएगा।

ई-मेल के माध्यम से भी कर सकते हैं आपत्ति

विभाग ने यह भी कहा है कि, जिन अभ्यर्थियों को अपने चयन परिणाम को लेकर कोई आपत्ति या दावा करना है, वे सूचना जारी होने की तारीख से 7 दिनों के भीतर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए अभ्यर्थी कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर में कार्यालय समय में जाकर या ईमेल excise.comm.cg@gov.in के माध्यम से जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा कर सकते हैं।

विभाग ने साफ कर दिया है कि तय समय-सीमा के बाद मिलने वाली किसी भी दावा-आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। सभी प्राप्त आपत्तियों की नियमों के अनुसार जांच की जाएगी और उसके बाद निर्णय लेकर संबंधित अभ्यर्थियों को अलग से जानकारी दी जाएगी।

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छत्तीसगढ़

बिलासपुर जोन की 8 ट्रेनें कैंसिल:हथबंद और भाटापारा के बीच रोड अंडरब्रिज के लिए किया जाएगा गर्डर लॉन्चिंग, 22-23 मार्च को नहीं चलेंगी गाड़ियां

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बिलासपुर,एजेंसी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के हथबंद-भाटापारा सेक्शन में रोड अंडरब्रिज निर्माण के लिए गर्डर डि-लॉन्चिग का काम चल रहा। बिलासपुर, रायपुर से इतवारी तक चलने वाली 22 मार्च को 6 और 23 मार्च को 2 मेमू ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं गोंदिया–झारसुगड़ा–गोंदिया के बीच चलने वाली जेडी मेमू पैसेंजर 22 मार्च को आधे रास्ते ही चलेगी।

अधोसंरचना विकास के तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के हथबंद-भाटापारा सेक्शन के बीच स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 389 पर रोड अंडरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। उस रोड अंडरब्रिज निर्माण की अंतिम कड़ी में गार्डरों के डि-लॉन्चिग के लिए ट्रैफिक-सह पावर ब्लॉक लिया जा रहा है।

रद्द होने वाली गाड़ियां

  • 22 मार्च को गाड़ी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 मार्च को गाड़ी संख्या 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 मार्च को गाड़ी संख्या 68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 मार्च को गाड़ी संख्या 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 मार्च को गाड़ी संख्या 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 22 मार्च को गाड़ी संख्या 58205 रायपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 23 मार्च को गाड़ी संख्या 58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 23 मार्च को गाड़ी संख्या 58202 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।

बीच में समाप्त होने वाली गाड़ी

22 मार्च को गोंदिया से चलने वाली 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी। गोंदिया और बिलासपुर के बीच रद्द रहेगी।

22 मार्च को झारसुगुड़ा से चलने वाली 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर बिलासपुर में समाप्त होगी। बिलासपुर और गोंदिया के बीच रद्द रहेगी।

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छत्तीसगढ़

बिलासपुर में ऑनलाइन-गेमिंग ऐप का भंडाफोड़:रायपुर के होटल से ऑपरेट कर रहा था ऑनलाइन-सट्‌टा, 2 खाईवाल गिरफ्तार, कैश समेत 45 लाख का सामान बरामद

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बिलासपुर,एजेंसी। बिलासपुर में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप का भंडाफोड़ कर फरार खाईवाल राजेश उर्फ राजा बजाज और उसके साथी प्रदीप खत्री को रायपुर के एक होटल से गिरफ्तार किया है। आरोपी होटल से रिक्की पैनल के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों से 6.90 लाख रुपए कैश, तीन लग्जरी कार, महंगे मोबाइल, लैपटॉप और बैंक दस्तावेज समेत करीब 45 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। साथ ही 10 से ज्यादा बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेनदेन के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस ने अब इनकी संपत्ति कुर्क करने का दावा किया है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों से 6.90 लाख रुपए कैश, तीन लग्जरी कार, महंगे मोबाइल, लैपटॉप और बैंक दस्तावेज समेत करीब 45 लाख रुपए का सामान जब्त किया है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों से 6.90 लाख रुपए कैश, तीन लग्जरी कार, महंगे मोबाइल, लैपटॉप और बैंक दस्तावेज समेत करीब 45 लाख रुपए का सामान जब्त किया है।

क्या है पूरा मामला

पुलिस की एंटी साइबर एंड क्राइम यूनिट (ACCU) और सिविल लाइन पुलिस की टीम लंबे समय से रिक्की पैनल के मास्टरमाइंड और 5 हजार रुपए के इनामी खाईवाल राजा बजाज की तलाश कर रही थी। इस दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि राजा बजाज फरारी में अपना ठिकाना बदल-बदल कर ऑनलाइन सट्‌टा ऑपरेट कर रहा है।

पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद पुलिस की टीम रायपुर पहुंची। जहां राजा बजाज होटल के कमरे में ठहरा था। पुलिस ने होटल के रजिस्टर की जांच की, तब पता चला कि रूम महिला के नाम पर बुक है। जहां दबिश देने पर राजा बजाज और प्रदीप खत्री मिले। होटल के कमरे की तलाशी लेने पर कैश, लैपटॉप, मोबाइल और सट्टे का हिसाब-किताब और रजिस्टर बरामद मिला।

खाईवाल राजेश उर्फ राजा बजाज और उसके साथी प्रदीप खत्री को रायपुर के एक होटल से गिरफ्तार।

खाईवाल राजेश उर्फ राजा बजाज और उसके साथी प्रदीप खत्री को रायपुर के एक होटल से गिरफ्तार।

देशभर में फैलाए नेटवर्क

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी रिक्की पैनल के जरिए से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। इस पैनल के जरिए कस्टमर को एविएटर, विन्गो, कैसिनो, हॉर्स राइडिंग सहित अन्य ऑनलाइन गेम्स उपलब्ध कराए जाते थे, जिन पर हार-जीत का दांव लगाया जाता था।

यह पूरा नेटवर्क पैन इंडिया स्तर पर फैला हुआ था। आरोपी टेलीग्राम के जरिए कस्टमर जोड़ते थे, जबकि व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क कर उन्हें लिंक उपलब्ध कराया जाता था, जिसके माध्यम से ऑनलाइन सट्टा खेला जाता था।

65% हेड ऑफिस और ब्रांच को 35% का हिस्सा

पूछताछ में पता चला कि, गिरोह के एजेंट ग्राहकों को जोड़ने के बाद हार-जीत का दांव लगाते थे। सट्टे के इस कारोबार में मुनाफे का बंटवारा भी तय था, जिसमें 65 प्रतिशत हिस्सा हेड ऑफिस और 35 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय ऑपरेटरों को मिलता था।

लगातार ठिकाना बदल-बदल कर खिला रहे थे सट्‌टा

पुलिस ने सरकंडा के मोपका स्थित गार्डन सिटी निवासी खाईवाल राजेश उर्फ राजा बजाज (34) पिता किशन चंद्र बजाज पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस की टीम भी लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसके साथ ही टीम मंगला के आदित्यनाथ परिसर निवासी प्रदीप खत्री पिता रामचंद खत्री की भी तलाश में थी।

लेकिन, दोनों लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे। इस दौरान दोनों घूम-घूमकर ऑनलाइन सट्‌टा ऑपरेट कर रहे थे। पुलिस को उनके रायपुर में छिपकर रहने की जानकारी मिली, तब योजना बनाकर रेड कार्रवाई की गई।

महंगे मोबाइल और लैपटॉप भी जब्त किए गए हैं।

महंगे मोबाइल और लैपटॉप भी जब्त किए गए हैं।

दिसंबर से दोनों सटोरियों की तलाश में थी पुलिस

पुलिस ने 21 दिसंबर 2025 को तोरवा के हेमूनगर निवासी सटोरिया मनोज पोपटानी पिता नंदलाल पोपटानी को पकड़ला था। उससे पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था। उसने पुलिस को बताया था कि वह राजेश बजाज और प्रदीप खत्री के साथ मिलकर सट्टा संचालित करता है। इसी आधार पर पुलिस उनकी तलाश में जुट गई थी।

लाखों का लेन-देन और कैश बरामद

गिरफ्तारी के दौरान मुख्य आरोपी राजेश उर्फ राजा बजाज के कब्जे से 6 लाख 90 हजार रुपए बरामद की गई है। इसके अलावा जांच में ऑनलाइन सट्टा के जरिए लाखों रुपए के लेन-देन की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपी बिलासपुर और रायपुर में रहकर लगातार ठिकाना बदलते थे और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा संचालित करते थे।

फर्जी सिम और बैंक खातों से चलता था पूरा खेल

पूरे नेटवर्क को संचालित करने के लिए आरोपी फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों का उपयोग करते थे। आम लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल किए जाते थे और उन्हीं खातों के जरिए सट्टे की रकम का लेन-देन किया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए बैंक खातों में लाखों रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

सटोरियों से कैश और तीन लग्जरी कारें भी जब्त

आरोपियों से पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल, कार और रजिस्टर समेत 45 लाख की जब्ती की। जिनमें लैपटॉप, मंहगे मोबाइल, 5 बैंक पासबुक और 5 चेकबुक, होंडा सिटी कार (सीजी 10 एएल 6300), मारुति ब्रेजा कार (सीजी 10 बीएस 2111), मारुति स्विफ्ट डिजायर कार (सीजी 10 ए क्यू 3352), होंडा एक्टिवा, 6 लाख 90 हजार कैश, 2 रजिस्टर (जिनमें ऑनलाइन सट्टा के लाखों रुपए का विस्तृत हिसाब-किताब दर्ज है) शामिल हैं।

पहली बार सटोरिए की अवैध संपत्ति की जांच

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि, पहली बार किसी सटोरिए के खिलाफ फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन शुरू किया गया है। फिलहाल, आरोपी के नाम पर करीब 50 लाख रुपए कीमत का एक मकान मिलने की जानकारी मिली है। अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है, जिन्हें जल्द कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी बोले- मेहनत की कमाई लूटने वालों पर सख्ती जरूरी

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि, इस तरह से सट्‌टे का अवैध कारोबार से लोगों के मेहनत की गाढ़ी कमाई लूटने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी रहेगा। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस अब आर्थिक प्रहार करने की तैयारी में है। इनकी संपत्ति की जांच के बाद आय-व्यय की जानकारी जुटाकर एंड टू एंड कार्रवाई की जाएगी। ताकि, अवैध कारोबारियों को समूल नष्ट किया जा सके।

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