कोरबा
छत्तीसगढ़ में एक ही रूट पर दौड़ रही कई ट्रेनें
383 किमी सेक्शन ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस, कोरबा-गेवरा में भी लगी ऑटो सिग्नल प्रणाली बिलासपुर (एजेंसी)। दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों को बेहतर, सुविधाजनक, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है। यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के साथ-साथ क्षमता में वृद्धि के लिए आधुनिक और उन्नत तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। इसमें ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत कोरबा-गेवरा रूट से लेकर चांपा और नागपुर तक करीब 383 किलोमीटर तक ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस हो गया है। इससे अब एक ट्रैक पर एक साथ एक से अधिक ट्रेनें चल सकती हैं। दरअसल, ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम में 2 स्टेशनों के निश्चित दूरी पर सिग्नल लगाए जाते हैं। नई व्यवस्था में स्टेशन यार्ड के एडवांस स्टार्टर सिग्नल से आगे लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर पर सिग्नल लगाए गए हैं। जिसके चलते सिग्नल के सहारे ट्रेनें एक-दूसरे के पीछे चलती रहती हैं। अगर किसी कारण से आगे वाले सिग्नल में तकनीकी खामी आती है, तो पीछे चल रही ट्रेनों को भी इसकी सूचना मिल जाएगी। इससे जो ट्रेन जहां है, वहीं रुक जाएगी।
गेवरा से नागपुर तक है ऑटो सिग्नल
दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर से दाधापारा, बिल्हा, गतौरा, जयरामनगर, लटिया, अकलतरा, उसलापुर, घुटकू, चांपा से गेवरा रोड, नागपुर से भिलाई के साथ 383 किलोमीटर सेक्शन ऑटोमैटिक सिग्नल प्रणाली से लैस है। कोरबा से गेवरा रोड का काम पूरे होने से चांपा से गेवरा रोड तक का पूरा सेक्शन ऑटो सिग्नलिंग से लैस हो गया।
ट्रेनों की बढ़ेगी रफ्तार, यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के लागू होने से एक ब्लॉक सेक्शन में एक ही रूट पर एक से अधिक ट्रेनें चल सकती हैं। इससे रेल लाइनों पर ट्रेनों की रफ्तार के साथ ही संख्या भी बढ़ गई है। वहीं, कहीं भी खड़ी ट्रेन को निकलने के लिए आगे चल रही ट्रेन के अगले स्टेशन तक पहुंचने का भी इंतजार नहीं करना पड़ता है। स्टेशन यार्ड से ट्रेन के आगे बढ़ते ही ग्रीन सिग्नल मिल जाता है, यानी कि एक ब्लॉक सेक्शन में एक के पीछे दूसरी ट्रेन आसानी से चलती है। इसके साथ ही ट्रेनों के लोकेशन की जानकारी भी मिलती रहती है।
ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का चल रहा है काम
इसके अलावा बिलासपुर रेलवे जोन के कई महत्वपूर्ण रेलखंडों में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाने का काम तेजी से चल रहा है। आने वाले दिनों में जोन के सभी स्टेशन को ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा।
किफायती है ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम
रेलवे जोन के सीपीआरओ साकेत रंजन ने बताया कि ऑटोमैटिक सिग्नल प्रणाली लागू हो जाने से बहुआयामी लाभ रहा है। लागत की दृष्टि से यह कम खर्चीला है। पहले कॉपर के केबल लगाए जाते थे, जिसमें लागत ज्यादा आती थी। अब ऑप्टिकल फाइबर केबल लगाए जा रहे हैं, जिसकी लागत भी कम होती है और इसके चोरी होने का डर भी नहीं रहता है। यह रिंग प्रोटेक्टेड केबल होते हैं, जो जल्द खराब भी नहीं होते। इस तरह से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी महत्वपूर्ण रेलखंडों में इस तरह की ऑप्टिकल फाइबर केबल के साथ ऑटोमैटिक सिग्नल प्रणाली लागू करने की योजना है।
कोरबा
भक्ति के बीच ईमानदारी का उजाला: कथा स्थल में मिला 3 लाख का सोने का चेन लौटाकर महिलाओं ने जीता दिल
आदर्श नगर की प्रीति मिश्रा और रेणु गुप्ता ने पेश की सत्यनिष्ठा की मिसाल, पत्रकार ओम गवेल और समिति के सहयोग से सुरक्षित लौटा लाखों का गहना
कोरबा। ग्राम ढपढप में चल रही भव्य हनुमंत कथा के बीच एक ऐसी प्रेरक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में ईमानदारी, संस्कार और मानवता की नई मिसाल कायम कर दी है। जहां एक ओर कथा स्थल पर भारी भीड़ के बीच कुछ महिलाओं के सोने के आभूषण चोरी होने की खबरों से चिंता का माहौल बना हुआ था, वहीं दूसरी ओर दो महिलाओं ने लगभग 3 लाख रुपए कीमत का सोने का चेन लौटाकर यह साबित कर दिया कि आज भी समाज में सच्चाई और नेकनीयती जिंदा है।

जानकारी के अनुसार, आदर्श नगर निवासी प्रीति मिश्रा और रेणु गुप्ता कथा स्थल पर मौजूद थीं और श्रद्धा भाव से कथा श्रवण कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें परिसर में एक सोने का चेन मिला। सामान्यतः ऐसी स्थिति में लोग चुप्पी साध लेते हैं, लेकिन इन दोनों महिलाओं ने लालच से ऊपर उठकर ईमानदारी का रास्ता चुना और चेन को उसके असली मालिक तक पहुंचाने का निश्चय किया।

दोनों महिलाओं ने इस संबंध में कुसमुंडा क्षेत्र के पत्रकार ओम गवेल से संपर्क कर पूरी जानकारी साझा की। अगले दिन उन्होंने स्वयं कथा स्थल पहुंचकर चेन लौटाने का प्रयास भी किया, लेकिन अत्यधिक भीड़ और व्यवस्थागत कारणों से वे कथा पंडाल तक नहीं पहुंच सकीं। इसके बाद पत्रकार ओम गवेल ने सक्रियता और जिम्मेदारी दिखाते हुए आयोजन समिति से संपर्क स्थापित किया और चेन को सुरक्षित रूप से समिति के सुपुर्द कर दिया।
बताया जा रहा है कि यह सोने का चेन लगभग दो तोला वजनी है। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार इसकी कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी जा रही है। इतनी बड़ी कीमत का आभूषण बिना किसी स्वार्थ के लौटाना न केवल ईमानदारी की दुर्लभ मिसाल है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आध्यात्मिक वातावरण व्यक्ति के चरित्र को भी प्रकाशित करता है।
यह घटना अब कथा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। हर कोई प्रीति मिश्रा, रेणु गुप्ता और पत्रकार ओम गवेल की सराहना कर रहा है। लोगों का कहना है कि जब समाज में इस तरह के उदाहरण सामने आते हैं, तो मानवता पर विश्वास और मजबूत होता है।
भक्ति केवल पूजा नहीं, आचरण भी है
इस प्रेरक घटना ने यह भी साबित कर दिया कि सच्ची भक्ति केवल कथा सुनने, पूजा करने या जयकारे लगाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह व्यवहार, चरित्र और कर्मों में भी दिखाई देती है। ढपढप की इस पावन कथा से निकली यह खबर लोगों को यह संदेश दे रही है कि धर्म का वास्तविक अर्थ सदाचार, सेवा और सत्यनिष्ठा है।
चोरी की घटनाओं के बीच आई सकारात्मक खबर
जहां कथा स्थल पर कुछ महिलाओं के आभूषण चोरी होने की घटनाओं ने लोगों को चिंतित किया, वहीं यह घटना एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश बनकर सामने आई। इसने आयोजन की गरिमा को और अधिक ऊंचाई दी है।
समाज के लिए प्रेरणा बनीं दोनों महिलाएं
आज के समय में जब लोग छोटी-छोटी बातों में भी स्वार्थ खोजने लगते हैं, ऐसे दौर में तीन लाख रुपए कीमत का सोना लौटाना निस्संदेह असाधारण ईमानदारी का परिचायक है। प्रीति मिश्रा और रेणु गुप्ता ने अपने इस कार्य से यह सिद्ध कर दिया कि संस्कार और सच्चाई अभी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
संक्षेप में कहें तो — ढपढप की कथा में केवल भक्ति ही नहीं, बल्कि ईमानदारी, संस्कार और मानवता का भी अद्भुत दर्शन हुआ।

कोरबा
पूर्व मंत्री अग्रवाल ने भगवान श्री हनुमान प्रकटोत्सव पर्व की कोरबावासियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं
कोरबा। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने भगवान श्री हनुमान प्रकटोत्सव पर्व की पावन अवसर पर कोरबावासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है । श्री अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा है कि भगवान श्री हनुमान जी का यह जयंती पर्व हम सभी के जीवन से कष्टों का नाश करे तथा बल, बुद्धि, भक्ति, सुख – शांति, अमन – चैन, समृद्धि, प्रसिद्धि, उन्नति, वैभव, ऐश्वर्य, दीर्घायु एवं आरोग्यता प्रदान करे।

पूर्व मंंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि महाबली हनुमान जी के प्रकटोत्सव के पावन बेला पर श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजन एवं व्रत, उपवास से भगवान वीर हनुमान अपने भक्तों की समस्त बाधाएं दूर करते हैं तथा बुद्धि का विकास और शारीरिक बल की प्राप्ति होती है ।


कोरबा
दक्षिणेश्वर हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव धुमधाम से मनाया जावेगा
कोरबा। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु के द्वारा भगवान श्री हनुमान जयंती के पावन अवसर पर हनुमान जन्मोत्सव धुमधाम के साथ मनाया जावेगा । नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु ने बताया कि वार्ड क्र.44 नेहरू नगर में स्थापित दक्षिणेश्वर हनुमान मंदिर में 2 अप्रैल, दिन गुरूवार को सुबह 9 बजे से पूजा अर्चना, हवन किया जावेगा तत्पश्चात दोपहर 1 बजे से भण्डारा प्रसाद का वितरण किया जावेगा । श्री साहु ने इस अवसर पर हनुमान भक्तों को आमंत्रित किया है ।


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