छत्तीसगढ़
बिलासपुर CIMS के डीन और एमएस सस्पेंड:मरीजों की परेशानी, प्रबंधन की कार्यशैली पर भड़के स्वास्थ्य मंत्री; नवंबर में मिलेगा मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लापरवाही बरतने पर CIMS के डीन डॉ. केके सहारे और एमएस डॉ. एसके नायक को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने मरीजों को हो रही परेशानी और प्रबंधन की कार्यशैली पर नाराजगी भी जताई। साथ ही डॉक्टरों और स्टाफ को सेवा भाव से काम करने की नसीहत दी।
दरअसल, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल सोमवार को छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (CIMS) की अधिशाषी समिति की बैठक में शामिल होने बिलासपुर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि, विष्णुदेव साय की सरकार सुशासन की पक्षधर है। इसमें गरीब जनता का हित सर्वोपरि है।
10 मंजिला अस्पताल का किया निरीक्षण
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कोनी में बन रहे मल्टी स्पेशियालिटी हॉस्पिटल भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने 31 अक्टूबर तक हर हाल में सभी निर्माण, खरीदी एवं भर्ती के कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। ताकि राज्य स्थापना सप्ताह के दौरान इसका लोकार्पण किया जा सके।
उन्होंने नव निर्मित अस्पताल की जरूरी सुविधाओं की जानकारी ली। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल शुरू करने के पहले फायर ऑडिट और लिफ्ट का ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में ट्रायल शुरू करने के निर्देश दिए। ताकि जो कमियां सामने आएंगी उन्हें समय रहते सुधारा जा सके।

नए बन रहे अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए उपकरणों की भी व्यवस्था हो गई है।
कैंसर इंस्टीट्यूट के भवन को मार्च तक पूरा करने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने समीप में ही बन रहे कैंसर इंस्टीट्यूट भवन की भी जानकारी ली और मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सिम्स का नया भवन भी इसी परिसर में बनेगा। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए 700 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।
छत्तीसगढ़
बिलासपुर में 130 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर:3-SI, 10-ASI, 23 प्रधान-आरक्षक और 94 कांस्टेबल का तबादला, हटाए गए पुलिसकर्मियों को फिर मिला थाना
बिलासपुर,एजेंसी। बिलासपुर में एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रशासनिक कसावट लाने के लिए 130 पुलिसकर्मियों का तबादला किया है। इसमें 3 एसआई, 10 एएसआई, 23 प्रधान आरक्षक और 94 कांस्टेबल शामिल हैं। जारी आदेश में शिकायत के बाद हाल ही में हटाए गए कई पुलिसकर्मियों को एक बार फिर से थाना भेजा गया है। वहीं, नई शिकायतों पर कुछ पुलिसकर्मियों को लाइन में हाजिरी देने का फरमान जारी किया गया है।
दरअसल, जिले के कुछ थानों में पुलिसकर्मियों की लगातार शिकायतें मिल रही थी, जिससे एसएसपी रजनेश सिंह ऐसे स्टाफ से नाराज चल रहे थे। यही वजह है कि उन्होंने एक साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार कई पुलिसकर्मियों को थाने से लाइन भेज दिया गया है। वहीं, पिछली शिकायतों पर हटाए गए पुलिसकर्मियों को चेतावनी देकर एक बार फिर से थाने भेजा गया है। दावा किया जा रहा है कि इस फेरबदल से पुलिसिंग व्यवस्था में संतुलन बनेगा और कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी।
एक थाने से दूसरे थानों में भी पदस्थापना
जारी स्थानांतरण आदेश में सिविल लाइन, सरकंडा, सिटी कोतवाली, तोरवा, सकरी, रतनपुर, चकरभाठा, कोनी, हिर्री, तखतपुर, पचपेड़ी सहित कई थानों और इकाइयों में पदस्थ पुलिसकर्मियों की नई पदस्थापना की गई है। कहा जा रहा है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने थाने बदलने के लिए आग्रह किया था। जिसके चलते उन्हें एक थाने से दूसरे थानों में पदस्थ किया गया है।



छत्तीसगढ़
रायपुर में विंग कमांडर ने किया सुसाइड:हरियाणा के थे, एयरफोर्स में ही काम करती थी पत्नी, लव मैरिज की थी, विवाद की आशंका
रायपुर,एजेंसी। रायपुर में एयरफोर्स के विंग कमांडर ने सुसाइड कर लिया है। पुरैना स्थित विधायक कॉलोनी में विंग कमांडर की घर के अंदर फांसी पर लटकती लाश मिली है। पुलिस के मुताबिक, विपुल यादव (39) ने पुरैना विधायक कॉलोनी स्थित बंगला नंबर-79 में घर के कमरे में फांसी लगा ली।
विपुल हरियाणा के रहने वाले थे और रायपुर में तैनात थे। छत्तीसगढ़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन से जुड़े दायित्व भी संभाल रहे थे। सुबह उनके घर में बेडरूम में उनका शव पंखे से लटका मिला। सबसे पहले घर की मेड ने देखा और पुलिस को सूचना दी। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
उस समय दूसरे कमरे में उनके दोनों बच्चे सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी काम के सिलसिले में दिल्ली गई हुई थीं। दोनों की 2014 में लव मैरिज हुई थी। पत्नी पहले एयरफोर्स में काम करती थीं और फिलहाल आईटी सेक्टर में कार्यरत हैं। शुरुआती तौर पर पत्नी से विवाद में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है।

विधायक कॉलोनी के इसी मकान में एयरफोर्स के विंग कमांडर ने फांसी लगाई है।

विंग कमांडर विपुल यादव और उनकी पत्नी की फोटो।

विंग कमांडर विपुल यादव की लाश घर से पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
वजह अभी तक स्पष्ट नहीं
पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।

विंग कमांडर के मकान के बाहर सुरक्षाबल तैनात है।
पीएम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। फिलहाल, आत्महत्या के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
छत्तीसगढ़
बस्तर में 1KG गोल्ड के साथ 108 नक्सलियों का सरेंडर:3.61 करोड़ कैश और 101 हथियार डाले, रेड-कार्पेट बिछाकर स्वागत, कांकेर में हुई मुठभेड़
जगदलपुर/कांकेर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में आज 108 नक्सलियों ने सरेंडर किया। पुलिस अधिकारियों ने इनके सरेंडर में रेड कार्पेट बिछाया था। इन सरेंडर नक्सलियों पर 3.95 करोड़ रुपए का इनाम भी घोषित है।
नक्सली अपने साथ जंगल से 1.64 करोड़ का 1 किलो सोना, 3 करोड़ 61 लाख कैश और 101 हथियार साथ लेकर आए थे, जो पुलिस को सौंप दिया है। लेवी वसूली के दौरान नक्सलियों ने यह पैसा इकट्ठा किया था।
वहीं, इस सरेंडर के बीच कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा इलाके में एनकाउंटर की खबर सामने आई है। जहां सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच आधे घंटे तक फायरिंग हुई। अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। एसपी निखिल राखेचा ने इसकी पुष्टि की है।
नक्सलियों के सरेंडर की तस्वीरें …

नक्सली अपने साथ 1.64 करोड़ का 1 किलो सोना लाए थे। ये सोना कहा से आया, अभी इस संबंध में उनसे पूछताछ की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों ने सरेंडर नक्सलियों का रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया।

हाथ में संविधान की किताब लिए दिखे सरेंडर नक्सली।

सरेंडर कार्यक्रम में बस्तर संभाग के 7 जिलों के एसपी और डीजीपी मौजूद रहे।
सरेंडर के बाद नक्सलियों से होगी पूछताछ
जानकारी के मुताबिक, सरेंडर से पहले इन नक्सलियों ने सीधे बस्तर पुलिस से संपर्क किया था और अपने पास कैश और गोल्ड होने की जानकारी भी दी थी। इस ऑफिशियली सरेंडर के बाद नक्सलियों से पूछताछ की जाएगी कि गोल्ड कहा से आया। कौन उन्हें पैसे देता था।
101 हथियार साथ लाए नक्सली
नक्सलियों के पास 7 AK-47, 10 इंसास राइफल, 5 एसएलआर राइफल, 4 एमजी राइफल, 20 नग 303 राइफल, 11 बीजीएम लॉन्चर बरामद हुए हैं।
इन्हें सरकार की नीतियों का पूरा लाभ दिया जाएगा। पुलिस ने अपील की है कि, जो भी नक्सली बचे हैं, वो भी समय रहते सरेंडर कर दें।
सरेंडर कार्यक्रम में बस्तर संभाग के 7 जिलों के एसपी और डीजीपी मौजूद रहे। ये सभी नक्सली दंडकारण्य इलाके में सक्रिय थे।
मार्च 2027 तक बस्तर से केंद्रीय बलों की होगी वापसी
गृह मंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा में मंगलवार (10 मार्च) को कहा था कि, बस्तर क्षेत्र में तैनात अधिकांश केंद्रीय बलों को 31 मार्च 2027 तक वापस बुला लिया जाएगा। राज्य में सशस्त्र नक्सलवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की गई है।
विजय शर्मा ने सदन में कहा कि, जब 31 मार्च 2026 को सशस्त्र नक्सलवाद के समापन की तिथि तय की गई, उसी समय यह भी निर्णय लिया गया था कि, 31 मार्च 2027 तक बस्तर में तैनात केंद्रीय बलों की वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि कुछ केंद्रीय बल इससे पहले भी वापस जा सकते हैं। बैठकों में यह सहमति बनी है कि 31 मार्च 2027 को एक तय समय सीमा मानकर चलें, हालांकि इसमें थोड़ा आगे-पीछे भी हो सकता है।
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