छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ सरकार ने तय की CBI की लिमिट:केंद्रीय कर्मचारियों पर छूट, लेकिन राज्य के अफसरों पर कार्रवाई से पहले लेनी होगी अनुमति
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने CBI की सीमाएं भी तय कर दी हैं। इसके तहत CBI अब प्रदेश में केंद्र सरकार और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में कार्रवाई तो कर सकेगी, लेकिन राज्य सरकार के अधीन कार्य कर रहे कर्मचारियों पर कार्रवाई से पहले अनुमति लेनी होगी।
दरअसल, तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में CBI की एंट्री पर रोक लगाई थी। तब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि एनडीए सरकार में सीबीआई की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हो गया है। राज्य के अधिकारियों को परेशान किया जा रहा है। इसलिए हमें यह फैसला लेना पड़ा।
पहले जानिए क्या है नोटिफिकेशन में

CBI की लिमिटेशन को लेकर गृह विभाग ने एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कहा गया है कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम के तहत, अधिसूचित अपराध या अपराधों की श्रेणियों, जो कि कथित तौर पर केंद्र सरकार, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों द्वारा किए गए हैं के इन्वेस्टिगेशन के लिए पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना के सदस्यों की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र के विस्तार के लिए अपनी सहमति देती है।
यह सहमति इस शर्त के अधीन है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित लोक सेवकों से संबंधित मामलों में, राज्य सरकार की पूर्व लिखित अनुमति के बिना ऐसी कोई इन्वेस्टिगेशन नहीं किया जाएगा। किसी अन्य अपराध के लिए मामले-दर-मामले के आधार पर दी गई सहमति भी प्रवृत्त रहेंगी।
छत्तीसगढ़ में CBI के पास 3 केस
छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार अपने 10 महीने के कार्यकाल में 3 केस CBI को सौंप चुकी है। इसमें महादेव सट्टा ऐप, बिरनपुर हिंसा और CGPSC घोटाला शामिल है। खास बात यह है कि, CGPSC घोटाले में जिन अफसरों पर आरोप है वे राज्य सर्विस के ही हैं।
इस घोटाले की CBI जांच करवाना भाजपा सरकार का बड़ा चुनावी वादा था। CBI ने इस मामले की जांच शुरू भी कर दी है, लेकिन अब अफसरों तक पहुंचने से पहले राज्य सरकार से पूछना होगा।
भूपेश सरकार ने कहा था- बिना अनुमति नहीं जांच कर सकेगी CBI
छत्तीसगढ़ में 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिला और राज्य में 15 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनी। इसके कुछ ही दिन बाद सरकार ने जनवरी 2019 में राज्य में सीबीआई जांच पर रोक लगा दिया। यानी बिना सरकार की अनुमति के सीबीआई की एंट्री राज्य में किसी भी तरह की जांच में नहीं होगी।
फिर साय सरकार ने हटाया था प्रतिबंध
मार्च 2024 में छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश में सीबीआई की एंट्री पर लगे बैन को हटा दिया। इसे लेकर गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी। राज्य सरकार ने पूर्व सरकार के आदेश को शिथिल करते हुए यह आदेश जारी किया। तब छत्तीसगढ़ सरकार के गृह विभाग ने राज्य में सीबीआई की तरफ से की जाने वाली जांच और रिसर्च के लिए अधिकारिता के संबंध में पूर्व सीएम भूपेश बघेल की सरकार की तरफ से केंद्र सरकार को 10 जनवरी 2019 को भेजे गए विभागीय पत्र को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया था।
2001 में हुई थी CBI की पहली बार एंट्री
छत्तीसगढ़ ने 2001 में राज्य में सीबीआई को जांच की अनुमति दी थी। तब से लेकर 2018 तक सीबीआई ने राज्य के कई बड़े मामलों की जांच की। जिनमें रामावतार जग्गी हत्याकांड, बिलासपुर के पत्रकार सुशील पाठक और गरियाबंद के छुरा के उमेश राजपूत हत्या, एसईसीएल कोल घोटाला, आईएएस बीएल अग्रवाल रिश्वत कांड, भिलाई का मैगनीज कांड और कथित सीडी कांड शामिल है।
कोरबा
“ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान जन-जागरूकता हेतु बैठक सम्पन्न
भारतीय सांस्कृतिक विरासतों एवं प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा को बचाने के लिए संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक – सतीश प्रकाश सिंह
कोरबा। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत कोरबा जिले में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु व्यापक, सुनियोजित एवं प्रभावी कार्यवाही कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में सतत रूप से की जा रही है।
इस कड़ी में आम जनमानस तथा समाज के सभी वर्गों में जन-जागरूकता लाने के लिए “ज्ञानभारतम् मिशन” कोरबा के जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में 26 मई 2026 को अग्रसेन कन्या महाविद्यालय कोरबा में महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक में जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने कोरबा जिले में संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के महत्व तथा उद्देश्यों को बताया।
श्री सिंह ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रतीक प्राचीन पाण्डुलिपियाँ हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासतों की प्रतीक हैं, इनके डिजिटल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक हैं।
जिला समन्वयक श्री सिंह ने बताया कि “ज्ञानभारतम्” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत 75 वर्ष से अधिक पुरानी सांस्कृतिक विरासत रूपी महत्वपूर्ण,ऐतिहासिक और दुर्लभ हस्तलिखित पाण्डुलिपियों (ताड़पत्र, भोजपत्र, कागज़, पुरानी लिपि के हस्तलिखित ग्रन्थ, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व के हस्तलिखित दस्तावेज आदि) को बचाने और उन्हें डिजिटल संरक्षण करने का कार्य सतत रूप से किया जा रहा हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनसमुदाय की सहभागिता आवश्यक हैं। जिले में “ज्ञानभारतम् अभियान” को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने का कार्य सतत रूप से किया जा रहा हैं।
जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक विरासतों एवं प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को बचाने के लिए तथा दुर्लभ पाण्डुलिपियों को डिजिटल संरक्षण करने के लिए जिले में संचालित किये जा रहे राष्ट्रीय महत्व के “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि जिले में व्यापक रूप से संचालित किये जा रहे “ज्ञान भारतम् अभियान” में 75 वर्ष से पुराने हस्तलिखित अभिलेखों, प्राचीन पाण्डुलिपियों, ग्रंथों, पोथियों का सर्वेक्षण एवं डिजिटलीकरण में अहम् भूमिका निभाने वाले संरक्षकों, सर्वेक्षणकर्ताओं को तथा अभियान में अपना सक्रिय योगदान देने वाले लोगों को प्रमाण-पत्र भेंट करके सम्मानित किया जावेगा।
इस अवसर पर “ज्ञानभारतम्” अभियान में सहभागिता निभाते हुए रेडक्रॉस कोरबा के अध्यक्ष रामसिंह अग्रवाल,कमला नेहरू महाविद्यालय शिक्षण समिति के अध्यक्ष किशोर शर्मा, अग्रसेन महाविद्यालय शिक्षण समिति के अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल,वरिष्ठ पत्रकार गेंदलाल शुक्ल ने कार्यक्रम में अपने विचार प्रकट किये।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की “ज्ञानभारतम्” प्रभारी सहायक प्राध्यापक नूपुर अग्रवाल के द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन अग्रसेन कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार झा के द्वारा किया गया।
बैठक में सहायक प्राध्यापक डॉ. आसमां सिंह, डॉ. मन्दाकिनी चंद्रा,डॉ.शकुंतला जायसवाल, डॉ. भारती कुलदीप, डॉ. आसीबाला गुप्ता, रमिता दास, मंजीत कौर लाम्बा, डॉ. पियाधार सिंह, डॉ. प्रशांत सिंह राजपूत,अनिल अग्रवाल अग्रवाल सभा मिडिया प्रभारी, नानक सिंह राजपूत सहित विभिन्न समाज के प्रतिनिधिगण, स्वयंसेवी संस्थाओं,सामाजिक संस्थाओं के सदस्यगण, शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यगण, “ज्ञानभारतम् प्रभारी सहायक प्राध्यापक, “ज्ञानभारतम् दूत” युवा टीम, स्वयंसेवी वालंटियर्स एवं नागरिकगण उपस्थित थे।
कोरबा
दीपका में भाजपा के पक्ष में लहर, ऋषि सिदार को मिल रहा जनता का समर्थन और आशीर्वाद
भाजपा प्रत्याशी ऋषि सिदार के पक्ष में उमड़ा जनसमर्थन
कोरबा। नगर पालिका परिषद दीपका के वार्ड क्रमांक-15 के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त प्रचार करते हुए भाजपा प्रत्याशी ऋषि सिदार के समर्थन में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने वार्डवासियों से घर-घर संपर्क कर भाजपा प्रत्याशी को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। जनसंपर्क के दौरान वार्डवासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं तथा प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों पर विश्वास जताते हुए भाजपा प्रत्याशी ऋषि सिदार के पक्ष में मतदान करने का भरोसा दिलाया। भाजपा नेताओं ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी नीतियों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है, जिससे जनता का विश्वास लगातार भाजपा के प्रति मजबूत हुआ है। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, सह संभाग प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, खाद्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष ज्योतिनंद दुबे, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा, नगर पालिका दीपका के अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत, जिला महामंत्री संजय शर्मा, अजय विश्वकर्मा, दीपका मंडल के प्रभारी योगेश जैन, मंडल अध्यक्ष राजू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

निर्दलीय पार्षद धीरेन्द्र तिवारी हुए भाजपा में शामिल

इसी दौरान भाजपा को एक और बड़ी राजनीतिक सफलता मिली। दीपका नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक-17 के निर्दलीय पार्षद धीरेन्द्र तिवारी ने भाजपा की जनहितैषी नीतियों, विकासोन्मुखी विचारधारा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व से प्रभावित होकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन व भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने उन्हें पार्टी का गमछा पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। साथ ही विश्वास व्यक्त किया कि धीरेन्द्र तिवारी के पार्टी में शामिल होने से संगठन को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा क्षेत्र में विकास एवं जनसेवा के कार्यों को नई गति प्राप्त होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी कांग्रेस के पार्षद व पूर्व पार्षद भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र की राजनीति में भाजपा की स्थिति और अधिक मजबूत होती दिखाई दे रही है।
कोरबा
नई पाइपलाइन की टेस्टिंग में मिली खामियां, शुरू नहीं हुई पानी सप्लाई
कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा की कॉलोनियों में पुरानी पाइपलाइन से ही पानी सप्लाई के कारण पेयजल संकट गहरा गया है। नई पाइपलाइन से सप्लाई की टेस्टिंग में खामियों को समय रहते प्रबंधन दूर नहीं कर पाया। इससे नई पाइपलाइन से पानी सप्लाई शुरू भी नहीं हो पाई है।
वहीं पुरानी पाइपलाइन जर्जर होने से पानी की आपूर्ति में समस्या आ रही है, जिससे परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। टैंकर से पानी सप्लाई पर कर्मचारी परिवारों को राहत नहीं मिल पा रही है। कुसमुंडा के विकास नगर कॉलोनी की पानी टंकी से दांयीं तट नहर तक फोरलेन रोड किनारे से दिसंबर में नई पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ। इससे गर्मी में कर्मचारी परिवारों को राहत मिलने की उम्मीदें थी। फिलहाल पाइपलाइन पुरानी होने से बार-बार फूटने से सप्लाई बाधित हो रही है। गर्मी में भी यहां रहने वाले परिवार पीने के पानी की समस्या को लेकर हलाकान हैं। 3 दिन से कुसमुंडा के आदर्श नगर, नेहरू नगर व विकास नगर कॉलोनियों में पानी आपूर्ति नहीं हो रही है।

इन तीनों कॉलोनियों में पानी टंकियों को भरने के बाद पेयजल सप्लाई की जा रही है। आवासीय कॉलोनी के मकानों तक पानी सप्लाई ठप होने पर टैंकर से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। सप्लाई ठप होने से आदर्श नगर कॉलोनी के करीब 3 हजार, नेहरू नगर के 200 और विकास नगर के 750 कर्मचारी परिवार हलाकान हैं। गर्मी में घरों में पानी की खपत बढ़ जाती है। श्रमिक संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार प्रबंधन को नई पाइपलाइन से समय रहते पानी सप्लाई शुरू कराने पर ध्यान देना था। नेहरू नगर के पास पाइपलाइन फूटने की जानकारी मिली है, जिसकी मरम्मत जारी है।
अहिरन नदी में बोरी बंधान से पानी रोककर सप्लाई एसईसीएल कुसमुंडा की कॉलोनियों में अहिरन नदी में बोरी बंधान से पानी रोकने के बाद पानी सप्लाई की जा रही है। इस पानी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में फिल्टर करने के बाद टंकियों में पहुंचाया जाता है। भीषण गर्मी में जलस्तर घटने पर पानी सप्लाई प्रभावित है। एनीकट बनाने की योजना भी कागजों में ही रह गई है। अहिरन नदी का जलस्तर घटने पर दांयीं तट नहर से पानी लेने का विकल्प है, लेकिन नई पाइपलाइन बिछाने के बाद टेस्टिंग में खामियां आने पर सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। विकास नगर में नई पानी टंकी बन रही है। हालांकि काम पूरा होने में अभी समय लगेगा।
अखिल भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ कोरबा-कुसमुंडा इकाई के महामंत्री रंजय सिंह ने कहा कि आश्वासन के बाद पेयजल आपूर्ति व्यवस्था नहीं सुधारने पर आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। नई पाइपलाइन से पानी सप्लाई में आ रही समस्या को प्रबंधन जल्द दूर करे। संगठन की ओर से 15 सूत्रीय मांग संबंधी कर्मियों के मुद्दे पर धरना देने के बाद प्रबंधन ने एबीकेकेएमएस के पदाधिकारियों से चर्चा कर समस्याओं के निराकरण को लेकर आश्वस्त किया है।
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