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हरियाणा में BJP ने 8 नेताओं को पार्टी से निकाला:वोटिंग से एक हफ्ते पहले एक्शन; सभी निर्दलीय लड़ रहे, इनमें 2 पूर्व मंत्री भी

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चंडीगढ़ , एजेंसी। हरियाणा चुनाव के बीच BJP ने 8 नेताओं को पार्टी से निकाल दिया है। ये सभी बगावत कर पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।

BJP से निकाले गए नेताओं में CM नायब सैनी की सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे रणजीत सिंह चौटाला, पूर्व मंत्री बच्चन सिंह आर्य और गन्नौर विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे देवेंद्र कादियान भी शामिल हैं। इससे पहले कांग्रेस भी 24 बागियों को पार्टी से निकाल चुकी है।

इन 8 नेताओं पर कार्रवाई हरियाणा BJP की ओर से जिन 8 बागियों के खिलाफ कार्रवाई की है, उनमें नायब सैनी के ऊर्जा मंत्री रहे रणजीत सिंह चौटाला, गन्नौर विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे देवेंद्र कादियान, लाडवा से संदीप गर्ग, असंध से जिलेराम शर्मा, सफीदों से बच्चन सिंह आर्य, महम से राधा अहलावत, गुरुग्राम से नवीन गोयल और हथीन से केहर सिंह रावत शामिल हैं। इन सभी को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला गया है।

रणजीत चौटाला बागी हुए, निर्दलीय लड़ रहे

पूर्व मंत्री रणजीत सिंह चौटाला के विधानसभा टिकट को लेकर BJP और RSS के सर्वे में अच्छी रिपोर्ट नहीं आई थी। इसके बाद यह माना जा रहा था कि उनका टिकट कट जाएगा। हालांकि, इसी बीच BJP ने गोपाल कांडा की पार्टी हलोपा से गठबंधन का ऐलान कर दिया और रानियां विधानसभा सीट से हलोपा ने अपने प्रत्याशी धवल कांडा को खड़ा कर दिया।

BJP ने जो उम्मीदवारों की पहली 67 नामों की लिस्ट जारी की, उसमें रणजीत सिंह चौटाला की जगह पार्टी के जिलाध्यक्ष शीशपाल कंबोज को उम्मीदवार बना दिया गया। इसके बाद रणजीत सिंह नाराज हुए और उन्होंने रानियां सीट से निर्दलीय लड़ने की घोषणा कर दी।

2019 में भी बागी हुए थे कादियान

वहीं, मन्नत ग्रुप होटल्स के चेयरमैन देवेंद्र कादियान गन्नौर से भाजपा का टिकट चाह रहे थे, लेकिन पार्टी ने देवेंद्र कौशिक को अपना उम्मीदवार बना दिया। इससे नाराज कादियान बागी हो गए और उन्होंने निर्दलीय नॉमिनेशन कर दिया। कादियान ने राजनीति की शुरुआत युवा कांग्रेस से की थी। वह राहुल गांधी के करीबी रहे। युवा कांग्रेस में राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके। 2018 में उन्होंने भाजपा जॉइन कर ली।

2019 में मनोहर लाल खट्‌टर ने जब रथ यात्रा निकली थी, तब कादियान ने गन्नौर में उसका स्वागत किया था। इस दौरान भी वह गन्नौर से भाजपा के टिकट के प्रबल दावेदार थे, लेकिन टिकट निर्मल चौधरी को दे दिया। इसके बाद कादियान बागी हो गए। तब भी खट्‌टर ने उन्हें मनाया था।

अहलावत के पति दो बार हार चुके

उधर, महम हलके से भाजपा का टिकट न मिलने से नाराज राधा अहलावत पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। नामांकन के अंतिम दिन अहलावत ने अपना नामांकन दाखिल किया था। उन्होंने अपने चुनाव कार्यालय से भाजपा के होर्डिंग और पोस्टर उतार दिए थे।

राधा अहलावत के पति शमशेर खरकड़ा वर्ष 2014 में इनेलो छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। भाजपा ने साल 2014 व 2019 में हलके से शमशेर खरकड़ा को टिकट दिया था, लेकिन वह जीत नहीं पाए। खरकड़ा ने इस बार पत्नी राधा अहलावत के लिए टिकट मांगा था, जो लंबे समय से हलके में सक्रिय रहीं, लेकिन पार्टी ने भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान दीपक हुड्डा को टिकट दिया है।

कांग्रेस 24 नेताओं पर कार्रवाई कर चुकी

हरियाणा विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस ने 24 बागियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। पार्टी ने 8 नेताओं को हाल में निकाला। उससे पहले एक साथ 13 नेताओं को बाहर किया था। वहीं, 3 नेताओं पर शुरुआत में ही कार्रवाई की थी। कारण बताया गया कि ये सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।

बताया जा रहा है कि ये सभी नेता हरियाणा विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने और पार्टी की ओर से उनकी अनदेखी किए जाने से नाराज थे। इसलिए, कुछ नेता निर्दलीय ही कांग्रेस उम्मीदवार के सामने चुनावी मैदान में उतर गए थे, और कुछ नेता पार्टी उम्मीदवार को सपोर्ट नहीं कर रहे थे।

पार्टी से निकाले गए नेताओं में ये शामिल

पार्टी अध्यक्ष चौधरी उदयभान की सिफारिश पर 13 नेताओं को एक साथ निकाला गया। उनमें कलायत विधानसभा सीट से टिकट कटने से निर्दलीय चुनाव लड़ रहीं अनीता ढुल, पानीपत ग्रामीण से विजय जैन, आरक्षित सीट गुहला से नरेश ढांडे, जींद से प्रदीप गिल, पुंडरी से सज्जन सिंह ढुुल और सुनीता बट्‌टन शामिल थे।

वहीं, आरक्षित विधानसभा सीट निलोखेरी से राजीव गोंदर और दयाल सिंह सिरोही, उचानां कलां से दिलबाग संडील, दादरी से अजीत फोगाट, भिवानी से अभिजीत सिंह, आरक्षित सीट बवानी खेड़ा से सतवीर रतेड़ा और पृथला विधानसभा से नीत मान को पार्टी से 6 सालों के लिए निष्कासित किया गया।

वहीं, 3 नेताओं को सबसे पहले निकाला, उनमें फरीदाबाद की तिगांव विधानसभा से विधायक रहे ललित नागर, अंबाला कैंट से निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरीं चित्रा सरवारा और बहादुरगढ़ सीट से टिकट कटने पर नाराज हुए राजेश जून शामिल हैं।

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Citroen Cars Discount : कार खरीदने का शानदार मौका! Citroen ने इन गाड़ियों पर किया डिस्काउंट का ऐलान

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मुंबई, एजेंसी। Citroen ने अपने ग्राहकों के लिए चुनिंगा गाड़ियों पर डिस्काउंट का ऐलान किया है। ये डिस्काउंट मॉडल के आधार पर दिए जाएंगे और ग्राहक इसका फायदा 30 जून तक उठा सकते हैं। डिटेल में जानते हैं इन डिस्काउंट के बारे में-

Citroen Basalt 

Basalt कूप-SUV पर इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। इसमें 82hp, 115Nm वाला 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड (NA) पेट्रोल इंजन या 110hp, 190Nm वाला 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन मिलता है। NA इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन मिलता है, जबकि टर्बो-पेट्रोल इंजन 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आता है। ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ, टर्बो-पेट्रोल इंजन 205Nm का ज़्यादा टॉर्क देता है। मार्केट में इसकी कीमत 8.55 लाख रुपये से 13.75 लाख रुपये की के बीच है।

PunjabKesari

Citroen Aircross 

Citroen Aircross पर कंपनी इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट दे रही है। अपने सेगमेंट में यह एकमात्र 7 सीटर एसयूवी है। इसकी कीमत 8.89 लाख रुपये से 13.99 लाख रुपये तक जाती है।

 Citroen C3 

Citroen C3 की खरीदी करने पर आप 1.1 लाख रुपए तक की बचत कर सकते हैं। इसकी कीमत 4.99 लाख रुपये से 9.60 लाख रुपये के बीच की है।

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Tata के iPhone प्लांट पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप, बंद हो सकती है फैक्ट्री

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मुंबई, एजेंसी। भारत में iPhone निर्माण से जुड़े एक प्रमुख संयंत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। तमिलनाडु के होसुर स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्लांट पर आसपास की कृषि भूमि और भूजल को प्रदूषित करने के आरोप लगे हैं। मामले की जांच के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी से जवाब मांगा है और संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर फैक्ट्री बंद करने तक की चेतावनी दी है। 

यह प्लांट Apple के iPhone के लिए बैक पैनल और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों का निर्माण करता है। पिछले कई महीनों से प्लांट के आसपास के किसानों ने शिकायत की थी कि फैक्ट्री से निकलने वाला अपशिष्ट जल के कारण उनकी खेती और जल स्रोत को प्रभावित कर रहा है। किसानों की शिकायत के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच शुरू की और अब मामला गंभीर रूप ले चुका है।

जांच के दौरान बोर्ड ने नोटिस में कहा कि फैक्ट्री परिसर के एक तालाब से निकला पानी आसपास के कृषि क्षेत्रों तक पहुंचा, जिससे भूजल प्रदूषण की आशंका पैदा हुई। बोर्ड ने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में जारी निर्देशों के बावजूद कंपनी ने जरूरी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। इसी वजह से मई में जारी नोटिस में पूछा गया कि आखिर क्यों न यूनिट की बिजली आपूर्ति काट दी जाए और संचालन बंद कर दिया जाए। यह चेतावनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।

टाटा ने आरोपों को किया खारिज 

वहीं, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसने एक मान्यता प्राप्त स्वतंत्र प्रयोगशाला द्वारा कराई गई जांच में संयंत्र को सभी पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप पाया गया है। कंपनी ने दावा किया है कि वह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों को अपना जवाब सौंप चुकी है।

पर्यावरण और उद्योग के बीच संतुलन की चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। एक तरफ भारत वैश्विक कंपनियों के लिए उत्पादन केंद्र बनने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय समुदायों और किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

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स्मार्टफोन की बिक्री में 35% की बड़ी गिरावट, कीमत बढ़ने से मांग पर दबाव

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नई दिल्ली, एजेंसी। देश में स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों का असर अब बिक्री पर साफ दिखाई देने लगा है। रिटेलरों का कहना है कि मई में मोबाइल की बिक्री में सालाना आधार पर रिकॉर्ड 30-35 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी वजह यह है कि मेमरी चिप की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कंपनियां नवंबर 2025 से लगातार कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। अभी कुल बिक्री में से 60 प्रतिशत हिस्सा ऑफलाइन का है, जबकि 40 प्रतिशत बिक्री ऑफलाइन के जरिए होती है। कुल मिलाकर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की बिक्री में भारी गिरावट आएगी।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार मई में शिपमेंट में सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जून में भी इसी तरह की कमजोरी बने रहने की संभावना जताई गई है। साल 2026 की पहली तिमाही में मोबाइल शिपमेंट में गिरावट 3 प्रतिशत रही थी लेकिन दूसरी तिमाही में यह गिरावट 15 प्रतिशत से ज्यादा रहने का अनुमान है। 

रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी और मई के बीच स्मार्टफोन की औसत कीमत में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी पिछले साल हुई कीमतों में वृद्धि के अलावा है। रिटेलरों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बाद से कुछ मामलों में कुल असर 40-45 प्रतिशत तक रहा है।

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