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छत्तीसगढ़

पंचायत और निकाय चुनाव में अब OBC आरक्षण 50%:छत्तीसगढ़ साय सरकार का फैसला; शिक्षाकर्मियों का संविलियन, नवा रायपुर में जमीन खरीदने पर छूट

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में पंचायत और नगरीय निकाय में अब OBC को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इस पर साय सरकार ने सोमवार को मुहर लगा दी। शिक्षाकर्मियों के संविलियन और नया रायपुर में जमीन खरीदने पर छूट देने की भी घोषणा की गई है।

सरकार की ओर से बताया गया कि- अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, आरक्षण दिया जाएगा। स्थानीय निकायों में एकमुश्त सीमा 25% की जगह अब OBC की जनसंख्या के अनुपात में 50% आरक्षण की अधिकतम सीमा तक देंगे।

तो उस निकाय में नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ

मंत्रालय में हुई साय कैबिनेट की बैठक के बाद बताया गया कि- ऐसे निकाय जहां पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति का आरक्षण कुल मिलाकर 50 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण उस निकाय में लागू नहीं होगा।

अगर अनुसूचित जाति, जनजाति का आरक्षण निकाय में 50 % से कम है, तो उस निकाय में अधिकतम 50% की सीमा तक अन्य पिछड़ा वर्ग को लाभ मिलेगा। हालांकि यह आरक्षण उस निकाय की अन्य पिछड़ा वर्ग के आबादी से अधिक नहीं होगा।

निकाय के जिन पदों के आरक्षण राज्य स्तर से तय होते हैं, जैसे जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर निगम महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष इत्यादि, उन पदों के लिए ऐसे निकायों की कुल जनसंख्या के आधार पर आरक्षित पदों की संख्या तय की जाएगी।

इन फैसलों पर भी सरकार की मुहर

  • शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के 97 शिक्षकों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया जाएगा।
  • स्कूल शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल को समयमान वेतनमान स्वीकृत करने पर फैसला लिया गया है।
  • प्रदेश की नई औद्योगिक नीति 1 नवंबर 2024 से लागू होगी जो 31 अक्टूबर 2029 तक प्रभाव में रहेगी।
  • नवा रायपुर अटल नगर में निवेश, रोजगार और बसाहट को बढ़ाया जाएगा। नवा रायपुर में निजी भूमि खरीदने पर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को 31 मार्च 2026 तक स्टैंप ड्यूटी में छूट।
  • सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग, स्वास्थ्य सेवाएं, शैक्षणिक संस्थान, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल उद्योगों लगाने के लिए रियायती प्रीमियम दर पर जमीन आबंटन की व्यवस्था का फैसला।
  • ग्राम नियानार, जगदलपुर में NMDC के अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आबंटित 118 एकड़ शासकीय भूमि, मंडल द्वारा CSIDC को विक्रय की अनुमति।
  • राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन कार्यालय में राज्य आयुक्त के एक नया पद बनाने का निर्णय लिया गया।
  • मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना शुरू होगी। इस योजना के तहत राज्य के 60 वर्ष या अधिक आयु के व्यक्ति, दिव्यांगजन, विधवा, तलाकशुदा महिलाओं को एक बार तीर्थ स्थानों की निःशुल्क यात्रा कराई जाएगी। इसके लिए 2024-25 के प्रथम अनुपूरक में 25 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
  • साल 2012 में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की गई थी। साल 2019 में इसका नाम बदलकर तीरथ बरत योजना कर दिया गया था। 2019 से 2023 तक योजना के तहत तीर्थ यात्राएं नहीं हुईं। फिर से इसे मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के नाम से शुरू किया जा रहा है।
  • कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ के तकनीकी शिक्षा विभाग में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने का निर्णय लिया है।
  • अचल संपत्ति के अंतरण संबंधी दस्तावेजों के रजिस्ट्रीकरण फीस के युक्तियुक्तकरण का निर्णय लिया गया है।
  • छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1956 (संशोधन) अध्यादेश-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

नई औद्योगिक नीति को करेंगे प्रोत्साहित

राज्य में नई उद्योगों की स्थापना पर औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। सभी जिलों के विकासखंडों को तीन श्रेणियों में बांट कर औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन की मात्रा को तय किया जाएगा।

नई औद्योगिक विकास नीति में कोर सेक्टर के उत्पादों जैसे स्टील, सीमेंट, ताप विद्युत और एल्यूमीनियम के लिए अलग प्रावधान और राज्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर थ्रस्ट और सामान्य उद्योगों में विभाजित किया गया है।

फर्मास्युटिकल, टैक्स्टाइल, फूड प्रोसेसिंग, कृषि उत्पाद संरक्षण, एनटीएफपी प्रसंस्करण इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, आईटी और आईटीईएस के लिए प्रावधान किया गया है।

पिछली कैबिनेट 16 अक्टूबर को लिए गए ये फैसले

  • धान खरीदी– इस बार धान खरीदी 14 नवंबर से शुरू होकर 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए कृषि विभाग किसान पोर्टल के जरिए रजिस्ट्रेशन करवा रहा है। रजिस्ट्रेशन 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस साल सरकार 160 लाख टन धान खरीद सकती है। सभी खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक तराजू से ही धान खरीदी होगी। धान खरीदी के लिए 4.02 लाख गठान नए जूट बारदाना की स्वीकृति दी गई है। धान खरीदी के लिए कुल 8 लाख गठान बारदाने की जरूरत होगी।
  • डाटा एंट्री ऑपरेटर्स को मानदेय- डांटा एंट्री ऑपरेटर काे लेकर भी सरकार ने अहम फैसला किया है। इसके तहत सहकारी समिति के ऑपरेटर को 18 हजार 420 रुपए के हिसाब से 12 महीने का मानदेय जारी होगा। इसके तहत 60 करोड़ 54 लाख रुपए जारी किए जाएंगे।
  • पंचायत शिक्षक आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति- ऐसे पंचायत शिक्षक जिनका निधन हो चुका है उनके आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति दी जाएगी। इसे लेकर लंबे समय से आंदोलन हो रहा था। सर्विस के दौरान जिनकी मौत हुई उनके परिजनों को छत्तीसगढ़ शिक्षक (पंचायत) संवर्ग नियम 2018 के आधार पर पात्रता अनुसार अनुकम्पा नियुक्ति दी जाएगी।
  • राजनीतिक आंदोलन से जड़ी FIR वापस होगी- साय सरकार 49 राजनीतिक आंदोलन से जुड़ी FIR को वापस लेगी। कैबिनेट में तय किया गया है कि कोर्ट से ये केस वापस लिए जाएंगे।
  • पुलिस भर्ती पर फैसला- सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर के पद पर भर्ती प्रक्रिया साल 2024 को लेकर तय किया गया है कि अभ्यार्थियों की निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की छूट दी जा रही है। सभी छूटों को मिलाकर अधिकतम आयु सीमा 45 साल से अधिक नहीं होगी।
  • पंचायत करेगी पेयजल की व्यवस्था- अब पंचायत की सामान्य प्रशासन समिति अपने इलाकों में पीने के पानी से जुड़ी सुविधाओं पर काम करेगी। ग्राम सभा के अनुमोदन से जल प्रभार का निर्धारण करने के अलावा नए कनेक्शन का निर्णय, वित्तीय प्रबंधन, मरम्मत, पेयजल गुणवत्ता और शिकायतों का निराकरण करेगी।
  • शराब बोतलों के लिए केंद्र सरकार बनाएगी होलोग्राम- अब छत्तीसगढ़ में बिकने वाली शराब का होलोग्राम भारत सरकार तैयार करेगी। कैबिनेट में तय किया गया है कि भारत सरकार के उपक्रम भारत प्रतिभूति मुद्रणालय, नासिक रोड (महाराष्ट्र) से होलोग्राम की खरीदी होगी। ऐसा इसलिए ताकि सिक्योरिटी फीचर्स के साथ होलोग्राम मिलें।
  • औद्योगिक नीति में स्पेशल पैकेज– कैबिनेट में तय हुआ है कि छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के तहत स्टीन डाउन स्ट्रीम प्रोजेक्ट, एथेनॉल यूनिट, कोर सेक्टर के सीमेंट प्लांट को स्पेशल पैकेज दिया जाएगा। ऐसा प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए होगा।

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कोरबा

एक हाथ में लाश,दूसरे में सिगरेट और गुनगुनाता रहा गाना:न्यूज एंकर मर्डर-केस में चश्मदीद ने खोले राज,वारदात के पांच साल बाद मिली थी लाश

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कोरबा। गोद में शव…हाथ में सिगरेट…और होंठों पर वही गीत, जो कभी सलमा सुल्ताना का पसंदीदा था-“तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…”। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने जो बयान दिया, उसने अदालत कक्ष को सन्न कर दिया।

गवाह के मुताबिक, साल 2018 में सलमा सुल्तान की गला घोंटकर हत्या करने के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने शव को बाएं हाथ से गोद में लिया हुआ था। दाएं हाथ से वह सिगरेट के कश ले रहा था और वही गीत गा रहा था। यह वही गाना था, जिसे सलमा बेहद पसंद करती थी।

2018 में हुई सलमा सुल्तान की हत्या की सुनवाई कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में चल रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह डिंपल को सोमवार को पेश किया। डिंपल ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी, जहां मधुर साहू ट्रेनर था।

गवाह ने कोर्ट में यह भी स्वीकार किया कि मधुर ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। हालांकि, जब उसने कंप्यूटर में मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करने की कोशिश की। इस पर मधुर ने उसे आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी और अपनी इच्छा के अनुसार काम करवाता रहा।

बाद में डिंपल को पता चला कि मधुर साहू के सलमा सुल्ताना सहित कई दूसरी लड़कियों से भी संबंध थे। गवाह ने बताया कि सलमा सुल्ताना और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सलमा को भी मधुर की इन गतिविधियों पर शक था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

क्या है पूरा मामला

25 साल की सलमा सुल्ताना कुसमुंडा के एसईसीएल कॉलोनी में रहती थी। वो धीरे-धीरे न्यूज के फील्ड में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही थी। उसका करियर तो परवान चढ़ ही रहा था, साथ ही जिम ट्रेनर मधुर साहू के साथ उसकी नजदीकियां भी। इसके बाद अचानक 2018 से वो लापता हो गई। यहां तक कि 20 जनवरी 2019 को जब उसके पिता की मौत हुई, तो उसमें भी वो शामिल नहीं हुई।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

प्रेमी जिम ट्रेनर मधुर साहू और उसके दो सहयोगी गिरफ्तार किए गए हैं।

युवती लापता, परिजनों ने जिम ट्रेनर पर जताया संदेह

युवती की स्कूटी स्टेशन पर मिली थी, वहीं उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। उससे संपर्क करने की हर कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। परिजन ने पुलिस अधिकारियों से खोजबीन की गुहार लगाते हुए जिम संचालक मधुर साहू पर संदेह जताया था, लेकिन पूछताछ में मधुर साहू पुलिस को गुमराह कर देता था।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

पार्टनर ने खोला हत्याकांड का राज

कई साल तक सलमा का किसी को पता नहीं चला तो मधुर साहू का एक राजदार भी ओवर कॉन्फिडेंस में आ गया था। उसने नशे में मधुर के पार्टनर के सामने सलमा हत्याकांड का राज खोल दिया था। मधुर और उसके पार्टनर का भी लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।

लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टनर ने मधुर को सबक सिखाने के लिए पुलिस के पास पहुंचकर हत्याकांड का राज खोल दिया। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक तब एक बैंक से सलमा के नाम से लोन होने और अब तक उसकी किस्त जमा होने का पता चला।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

खुदाई में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का भी सहारा लिया।

पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मधुर फरार हो गया। पुलिस ने उसके दोस्तों और परिचितों से बयान लिया। 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस किया, जिसमें अक्टूबर 2018 में शारदा विहार के एक मकान में मधुर साहू और सहयोगी ट्रेनर कौशल श्रीवास ने सलमा का गला घोंटकर हत्या करने और लाश को अतुल शर्मा की मदद से कोहड़िया पुल के आसपास दफनाने का पता चला।

इसके बाद पुलिस ने कोहड़िया मार्ग पर फोरलेन के आसपास खुदाई शुरू की थी।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

मुख्य आरोपी मधुर साहू ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई।

साल 2023 में सैटेलाइट इमेज, स्क्रीनिंग मशीन, थर्मल इमेजिंग और ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार मशीन का सहारा लिया। इसके बाद सड़क को खोदकर सलमा का कंकाल बरामद किया गया। डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि यह कंकाल सलमा का ही था। इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी मधुर ने बताया कि पैसों के लेनदेन और चरित्र शंका में एंकर की हत्या की गई। आरोपी के पास से हार्ड डिस्क और लैपटॉप जब्त किया गया है। इसकी जांच में कुछ ऑडियो क्लिप के बारे में पता चला। जिस वाहन का इस्तेमाल लाश को दफनाने में किया गया था, उसे भी जब्त किया जा चुका है।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

स्थानीय केबल चैनल में एंकर थी सलमा सुल्ताना। 2018 में हुई थी लापता।

सलमा ने यूनियन बैंक से लिया था लोन

मार्च 2023 में राज्य स्तरीय ऑपरेशन मुस्कान में गुम इंसान महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी कड़ी में थाना कुसमुंडा के गुम इंसान सलमा सुल्ताना की केस डायरी की भी बारीकी से जांच की गई। परिजनों का बयान लेने पर पता चला कि यूनियन बैंक से सुल्ताना ने लोन लिया था। इस संबंध में यूनियन बैंक से पुलिस ने जानकारी ली, तो पता चला कि लोन की EMI समय पर भरी जा रही है।

यह पैसा EMI के तौर पर गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर मधुर साहू भर रहा था। पुलिस ने जांच तेज की, तो मधुर साहू फरार हो गया। इसके बाद सलमा के दोस्तों और परिचितों का बयान भी लिया गया। साथ ही उसके 5 साल पहले का सीडीआर एनालिसिस भी किया गया।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

गंगाश्री जिम का मालिक और इंस्ट्रक्टर है मधुर साहू।

पूछताछ में 2 महिलाओं औ 3 पुरुषों के बयान में विरोधाभाष मिलने पर पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया। सबसे कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्याकांड का राज खुल गया। 21 अक्टूबर 2018 एलजी 17 शारदा विहार में मधुर साहू और कौशल श्रीवास के द्वारा सलमा सुल्ताना की गला घोंटकर हत्या करने का पता चला।

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कोरबा

आबकारी एक्ट में युवक गया जेल,कुछ घंटे बाद मां की मौत:पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ बेटा

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कोरबा। कोरबा में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए युवक अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मां सावित्री श्रीवास (45) की मौत हो गई। मां सावित्री श्रीवास सीतामणी वार्ड नंबर 10, शनि मंदिर के पास रहती थी और बताया जा रहा है कि वह पहले से बीमार थी। पुलिस ने मंगलवार शाम को गोविंदा को जेल भेजा था।

बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बस्ती के लोग और वार्ड पार्षद बड़ी संख्या में गोविंदा के घर पहुंचे। उन्होंने अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को पैरोल पर रिहा करने और मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने देने की मांग की। इस मांग को लेकर वार्डवासी एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।

आरोपी पैरोल पर हुआ रिहा, मां की अंतिम यात्रा में हुआ शामिल

पुलिस अधीक्षक से गुहार के बाद कोर्ट से अरुण उर्फ गोविंदा को पैरोल पर रिहा किया गया। वह अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ और मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।

इस मामले पर वार्ड के पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने घटना को दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब बेची जा रही है और गोविंदा के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट में हुई थी कार्रवाई

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि गोविंदा के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कार्रवाई की गई थी और उसे जेल भेजा गया था। परिजनों की पैरोल की मांग पर उसे जेल से लाकर मां के अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।

सीएसपी ने यह भी बताया कि सीतामणी में कुछ दिनों पहले हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस नशे की प्रवृत्ति को कम करने के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में उस दिन तीन लोगों को आबकारी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।

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छत्तीसगढ़

गरियाबंद : दुर्लभ हॉर्नबिल संरक्षण की विशेष पहल :उदंती-सीतानदी में विकसित हो रहे प्राकृतिक उद्यान

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गरियाबंद। हॉर्नबिल दुनिया के सबसे आकर्षक और अनोखे पक्षियों में से एक हैं। इनका विशाल आकार, बड़ी चोंच, आकर्षक और रंगीन पंखुड़ियाँ और आमतौर पर शोरगुल भरा व्यवहार इन्हें हर जगह आसानी से पहचान दिलाते हैं। इनके घोंसला बनाने की विचित्र आदतें भी कई विशेषताओं में से एक हैं जो हॉर्नबिल को इतना दिलचस्प बनाती हैं। छत्तीसगढ के उदंती-सीतानदी में दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष प्राकृतिक उद्यान विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें “हॉर्नबिल रेस्टोरेंट” के रूप में तैयार किया जाएगा।
             हॉर्नबिल को जंगल का किसान मानते हुए उनके विलुप्त होने के जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक हैं कि हॉर्नबिल प्रजातियों के लिए घोंसलों की निगरानी, कृत्रिम घोंसले लगाने, अनुसंधान और स्थानीय समुदाय की भागीदारी (घोंसला गोद लेने का कार्यक्रम) के माध्यम से संरक्षण कार्य किया जाए।  वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहल कर रहा है। 
              यह रेस्टोरेंट किसी प्रकार का कृत्रिम निर्माण नहीं होगा, बल्कि जंगल और आसपास के क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का प्राकृतिक समूह विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत पीपल, बरगद तथा फाइकस प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे, जिनके फल हॉर्नबिल पक्षियों का प्रमुख आहार हैं। इस पहल का उद्देश्य इन पक्षियों को पूरे वर्ष प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराना और उनके सुरक्षित आवास को बढ़ावा देना है। हॉर्नबिल को घोंसला बनाने के लिए जरूरी पेड़ों को लगाने और उनकी निगरानी करने के प्रयास। 
             उल्लेखनीय है कि सामान्यतः पश्चिमी घाट क्षेत्र में पाए जाने वाले ये पक्षी अब उदंती-सीतानदी की अनुकूल जलवायु और हरियाली के कारण यहां अधिक संख्या में दिखाई देने लगे हैं। पहले जहां इनका दर्शन कभी-कभार होता था, वहीं अब सप्ताह में दो से तीन बार इनकी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। हॉर्नबिल पक्षियों को “फॉरेस्ट इंजीनियर” या जंगल का प्राकृतिक माली भी कहा जाता है, क्योंकि ये फल खाने के बाद बीजों को दूर-दूर तक फैलाते हैं, जिससे वनों का प्राकृतिक विस्तार होता है। समुद्र तल से लगभग 800 से 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित उदंती-सीतानदी का पहाड़ी क्षेत्र इन पक्षियों के लिए उपयुक्त आवास सिद्ध हो रहा है।
              इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष ट्रैकिंग टीमें गठित की गई हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के साथ स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को भी इसमें शामिल किया गया है, जो घोंसलों की सुरक्षा और नियमित निगरानी का कार्य कर रहे हैं। साथ ही ड्रोन तकनीक के माध्यम से शिकार गतिविधियों और वनाग्नि पर भी नजर रखी जा रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी, जिससे पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित दूरी से इन दुर्लभ पक्षियों को देख सकेंगे और क्षेत्र की जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

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