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मंत्री विजेंद्र यादव के कारण 2 बार NDA में गया:CM नीतीश बोले- पार्टी लाइन से बाहर ना जाएं कार्यकर्ता, उपचुनाव जीतने पर भी हुआ मंथन

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पटना, एजेंसी। बिहार में उपचुनाव की चारों सीटें जीतने के लिए NDA ने कमर कस ली है। सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी लाइन में रहकर काम करने की हिदायत दी गई है। जिला स्तर पर कॉर्डिनेशन कमेटी बनाई जाएगी। जो बूथ लेवल तक के कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बनाएंगी।

ये फैसले सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर NDA नेताओं की बैठक में लिए गए। ढाई घंटे चली मीटिंग के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने मंत्री विजेंद्र यादव की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन्हीं के कहने पर 2 बार NDA छोड़कर महागठबंधन में शामिल हुआ।

इस मीटिंग में बिहार के सभी केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार के मंत्री, सभी सांसद और विधायक मौजूद रहे। इसके अलावा बीजेपी, जेडीयू, लोजपा (रा.), हम पार्टियों के नेता भी इस बैठक में रहे। इस बैठक के लिए पशुपति पारस को न्योता नहीं दिया गया था। ऐसे में वो एनडीए से बाहर होते दिख रहे हैं।

बैठक के बाद जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि ‘मीटिंग में एनडीए गठबंधन के सभी 5 दलों के नेता शामिल हुए। बैठक में नीतीश कुमार ने सभी नेताओं को कोऑर्डिनेशन बनाकर काम करने का दिशा निर्देश दिया। अब सभी नेता किसी पार्टी के सदस्य नहीं, बल्कि NDA का हिस्सा हैं। केंद्र सरकार से बिहार को जो सहायता मिल रही है, और बिहार की विकास यात्रा के बारे में खासकर नई पीढ़ी के लोगों को बताना है।’

2025 में 225 सीटें जीतने का टारगेट

उन्होंने आगे कहा कि ‘एनडीए से पहले जो सरकार थी, उनके बारे में भी बताना है कि उस वक्त बिहार में क्या स्थिति थी । 2024 में एनडीए गठबंधन ने 30 लोकसभा सीट जीती हैं। 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन 225 सीट जीते यह बैठक में लक्ष्य तय हुआ है।’

2005 से पहले बिहार की स्थिति खराब थी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि ‘2010 में एनडीए ने 206 सीटें जीती थीं। 2025 में हम कम से कम 220 बल्कि उससे भी ज्यादा सीटें जीतेंगे। आपलोग एकजुट होकर लोगों के बीच जाइए और बताइए कि पिछले 19 सालों में हर क्षेत्र में कितना काम हुआ है। खासतौर पर आज की पीढ़ी को जरूर पता होना चाहिए कि 2005 से पहले बिहार की क्या स्थिति थी। लोग शाम में घर से निकल तक नहीं पाते थे। ना पढ़ाई होती थी और ना इलाज की सुविधा थी। बिजली और सड़क की तब क्या हालत थी।

जब हम लोगों को काम करने का मौका मिला तब हम लोगों ने एक-एक करके हर क्षेत्र में काम किया और आज बिहार तरक्की के रास्ते पर है। लोगों को बिहार में हो रहे काम के साथ-साथ यह भी बताइए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिहार की कितनी मदद कर रहे हैं।’

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि ‘कुछ लोग जो मन में आता है, बोलते रहते हैं। उन लोगों को बिहार की तरक्की से कोई मतलब नहीं। हम लोगों को ऐसे लोगों की परवाह किए बिना बस अपना काम करते जाना है।’

यह बैठक ऐसे समय में हुई है कि जब, 13 नवंबर को 4 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। माना जा रहा है कि उपचुनाव में NDA की बेहतर परिणाम की कोशिश को लेकर सीएम नीतीश ने ये बैठक बुलाई गई थी।

वहीं, पार्टी सूत्रों की माने तो बैठक में पार्टी जिला अध्यक्षों को बुलाने के पीछे का मकसद है कि NDA पूरी मुस्तैदी के साथ चुनाव में जाए। पूरा कुनबा NDA उम्मीदवारों को वोट करें। NDA घटक दल के कार्यकर्ताओं का भी गठजोड़ मतदान केंद्रों पर नजर आए।

4 सीट में 3 इंडिया गठबंधन के पास

बिहार के 4 सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। इन 4 में से 3 सीट इंडिया गठबंधन के कब्जे में हैं। NDA के पास सिर्फ एक सीट इमामगंज है। इमामगंज विधानसभा सीट पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा का कब्जा था। यहां से पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी विधायक थे। वह सांसद बन गए हैं।

रामगढ़ विधानसभा सीट राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह, तरारी विधानसभा सीट से भाकपा माले के सुदामा प्रसाद और बेलागंज सीट से राजद के सुरेंद्र यादव ने विधानसभा चुनाव 2020 में जीत हासिल की थी।

बैठक के बीच जलता पुतला लेकर पहुंचा शख्स

CM हाउस के बाहर हाथ में जलता पुतला लेकर पहुंच गया शख्स।

CM हाउस के बाहर हाथ में जलता पुतला लेकर पहुंच गया शख्स।

CM नीतीश कुमार NDA नेताओं के साथ बैठक ले रहे थे। इसी दौरान एक शख्स हाथ में जलता पुतला लेकर पहुंच गया। पुलिस ने उसे रोका और पुतला छीना। युवक का कहना है कि मेरे एक केस में पुलिस कोई सुनवाई नहीं कर रही है। इसलिए मुख्यमंत्री जी से मिलने आया हूं।

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HDFC, PNB और Bandhan Bank ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, ATM नियमों में बदलाव

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मुंबई, एजेंसी। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही तीन बड़े बैंकों ने आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। 1 अप्रैल 2026 से देश के कई बड़े बैंकों HDFC Bank, Punjab National Bank और Bandhan Bank ने ATM ट्रांजैक्शन से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। इन बदलावों का सीधा असर ग्राहकों की फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट, कैश निकासी और अतिरिक्त चार्जेस पर पड़ेगा।

HDFC Bank: UPI निकासी भी अब लिमिट में

HDFC Bank ने ATM से UPI के जरिए होने वाली कैश निकासी को मासिक फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में शामिल कर दिया है। अब UPI से निकासी भी सामान्य ATM ट्रांजैक्शन मानी जाएगी। तय सीमा (आमतौर पर 5 ट्रांजैक्शन) पार करने पर हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर 23 रुपए (टैक्स अलग) शुल्क लगेगा।

PNB: डेली विड्रॉल लिमिट घटी

पंजाब नेशनल बैंक ने कई डेबिट कार्ड्स पर दैनिक कैश निकासी सीमा कम कर दी है।

  • पहले: रू.1 लाख → अब: रू.50,000
  • प्रीमियम कार्ड: रू.1.5 लाख → अब: रू.75,000
  • यह बदलाव RuPay, Visa और Mastercard नेटवर्क के कई कार्ड्स पर लागू होगा।

Bandhan Bank: फ्री ट्रांजैक्शन में बदलाव

बंधन बैंक ने ATM इस्तेमाल से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब अपने बैंक के ATM पर ग्राहक महीने में 5 फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन फ्री कर सकते हैं, जबकि नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर कोई लिमिट नहीं है। दूसरे बैंकों के ATM पर मेट्रो शहरों में 3 और नॉन-मेट्रो में 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे। इसके बाद हर फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर 23 रुपए और नॉन-फाइनेंशियल पर 10 रुपए शुल्क लगेगा। बैलेंस कम होने पर फेल ट्रांजैक्शन के लिए 25 रुपए पेनल्टी भी देनी होगी।

ग्राहकों के लिए क्या मतलब?

इन बदलावों से साफ है कि अब ATM इस्तेमाल पहले से ज्यादा सोच-समझकर करना होगा। UPI निकासी को भी लिमिट में शामिल करने, डेली विड्रॉल घटने और फ्री ट्रांजैक्शन कम होने से ग्राहकों को अपने कैश उपयोग की बेहतर योजना बनानी होगी, ताकि अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके।

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LIC को 3750 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप, अनिल अंबानी के खिलाफ चौथा केस दर्ज

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मुंबई, एजेंसी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जीवन बीमा कंपनी एलआईसी को कथित तौर पर 3,750 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने के आरोप में उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) के खिलाफ नया मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। 

क्या है एलआईसी का आरोप?

अधिकारियों ने कहा कि यह मामला भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की शिकायत पर दर्ज किया गया है और इसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। यह रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) और अनिल अंबानी के खिलाफ दर्ज हुआ कुल चौथा मामला है। 

निवेश में कथित गड़बड़ी

सीबीआई ने यह आरोप लगाया है कि एलआईसी को 2009 से 2012 के बीच 4,500 करोड़ रुपए के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) में निवेश करने के लिए कंपनी की तरफ से कथित रूप से भ्रामक जानकारी देकर प्रेरित किया गया। आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और उसके प्रबंधन ने कंपनी की वित्तीय स्थिति, सुरक्षा और निवेश के बदले उपलब्ध संपत्तियों की सुरक्षा के बारे में गलत जानकारी दी। 

भारी नुकसान का दावा

सीबीआई का कहना है कि एलआईसी को इस निवेश से 3,750 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ, जिसके बाद बीमा कंपनी ने मामले की गहन वित्तीय पड़ताल करवाई। 

जांच रिपोर्ट में खुलासे

बीडीओ इंडिया एलएलपी की तरफ से 15 अक्टूबर, 2020 को जारी जांच रिपोर्ट में कहा गया कि आरकॉम और उसके प्रबंधन ने बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से जुटाई गई राशि का दुरुपयोग किया। कंपनी ने अपनी अनुषंगी इकाइयों के जरिये धन का प्रवाह घुमाया, फर्जी बिलों के माध्यम से रकम जुटाई, समूह कंपनियों के बीच लेन-देन से निकासी की और कागजों में नकली देनदार एवं बकाया दिखाने के साथ गिरवी संपत्तियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। इस जांच रिपोर्ट में रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा गिरवी रखी गई संपत्तियों और उनके एवज में लिए गए कर्ज के बीच असंगति भी पाई गई थी।

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कोरबा

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार

दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।

जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री

दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की

बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।

वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी

इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

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