देश
भारत के सेवा निर्यात में तेजी जारी, इस दशक के अंत में विनिर्माण निर्यात से निकल जाएगा आगे : सेंथिल नाथन एस
नई दिल्ली ,एजेंसी। भारत का सेवा निर्यात इस दशक के अंत तक विनिर्माण निर्यात को पार करने की संभावना है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के निदेशक सेंथिल नाथन ने हाल ही में सेवाओं के निर्यात पर आयोजित एक वैश्विक सम्मेलन में यह जानकारी दी। नाथन ने बताया कि सेवा क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हो रही है, जो मुख्य रूप से डिजिटलीकरण और तकनीकी प्रगति के कारण है। इससे भारत को वैश्विक सेवा व्यापार में एक महत्वपूर्ण स्थान मिला है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सेवा निर्यात वृद्धि दर विश्व स्तर पर सेवा निर्यात वृद्धि दर से अधिक है, और देश ने इस क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। विनिर्माण क्षेत्र में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) और 3डी प्रिंटिंग जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे सेवा-आधारित मॉडल अपनाए जा रहे हैं। यह उत्पादन प्रक्रिया को बदल रहा है और भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम बना रहा है।
नाथन ने कौशल विकास और पुनः कौशल विकास पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि सही तालमेल से सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच, भारत अपनी प्रतिभा को मजबूत कर सकता है। एसईपीसी (सर्विसेज़ एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल) के महानिदेशक अभय सिन्हा ने कहा कि भारत के सेवा निर्यात में 2022-23 में 325 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2023-24 में 341 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है। इंजीनियरिंग सेवा क्षेत्र ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जो इसी अवधि में 31 बिलियन डॉलर से बढ़कर 35 बिलियन डॉलर हो गया है।
यदि इंजीनियरिंग सेवाओं की वृद्धि दर 18 प्रतिशत बनी रहे, तो यह 2030 तक 100 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स के प्रबंध निदेशक अमित शर्मा ने कहा कि भारत इंजीनियरिंग सेवाओं द्वारा संचालित एक संपन्न सेवा निर्यात अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जो अनुमानित 34 बिलियन डॉलर उत्पन्न कर रही है। इस प्रकार, भारत का सेवा निर्यात तेजी से बढ़ रहा है और यह वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
कोरबा
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की राष्ट्रीय बैठक हेतु अशोक मोदी वृंदावन रवाना हुए
कोरबा। व्यापारियों की देश की सर्वोच्च संस्था भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की विशाल बैठक 12 एवं 13 मई को धर्मनगरी वृंदावन में आयोजित की गई है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठक में शामिल होने हेतु छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक मोदी एवं प्रदेश चेयरमैन सुधीर बंसल आज वृंदावन के लिए रवाना हो गए।
इस राष्ट्रीय अधिवेशन के मुख्य अतिथि नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यापारी कल्याण बोर्ड के राष्ट्रीय चेयरमैन एवं केंद्रीय कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त सुनील संगवी करेंगे। कार्यक्रम भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता एवं राष्ट्रीय महामंत्री मुकुंद मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न होगा।

बैठक में देशभर के 28 राज्यों से व्यापारी प्रतिनिधि, उद्योगपति एवं संगठन पदाधिकारी शामिल होंगे। इस दौरान व्यापारियों एवं उद्योग जगत से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और उनके निराकरण पर व्यापक चर्चा की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल द्वारा केंद्रीय मंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर व्यापार हितों की रक्षा एवं व्यापारी वर्ग को राहत प्रदान करने हेतु मांगें रखी जाएंगी।
राष्ट्रीय बैठक में जीएसटी, आयकर, औद्योगिक विभागों से संबंधित जटिल प्रक्रियाएं, अनाज व्यवसायियों की समस्याएं, लघु एवं मध्यम उद्योगों के समक्ष आने वाली चुनौतियां तथा छोटे व्यापारियों को राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग प्रदान करने जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी। व्यापार और उद्योग क्षेत्र को सरल, सुरक्षित एवं सशक्त बनाने के लिए विभिन्न प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत एवं स्वदेशी अभियान को और अधिक मजबूती देने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। देश में निर्मित वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने, विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम करने तथा भारतीय उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे। छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर देश की आर्थिक मजबूती में व्यापारियों की भूमिका को और सशक्त बनाने पर विशेष जोर रहेगा।
साथ ही वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव एवं युद्ध जैसी स्थितियों के कारण उत्पन्न पेट्रोलियम पदार्थों एवं वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर भी गहन चर्चा की जाएगी। इन परिस्थितियों में देश के व्यापारियों द्वारा केंद्र सरकार एवं माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को किस प्रकार सहयोग प्रदान किया जा सकता है, इस विषय पर भी विचार रखा जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष अशोक मोदी ने बताया कि इस राष्ट्रीय बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश के व्यापारियों एवं उद्योगपतियों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण हेतु विशेष प्रस्ताव रखे जाएंगे, ताकि व्यापारियों को राहत एवं बेहतर व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
देश
सनातन धर्म विभाजनकारी है, इसे ‘समाप्त’ किया जाना चाहिए: उदयनिधि स्टालिन ने फिर उगला जहर
चेन्नई, एजेंसी। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को दावा किया कि सनातन धर्म लोगों को विभाजित करता है और उन्होंने इसे ‘समाप्त’ करने का आह्वान किया। उदयनिधि इससे पहले सितंबर 2023 में भी इस तरह का बयान दे चुके हैं। तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में अपने पहले भाषण में द्रमुक नेता ने यह भी कहा कि विपक्ष, तमिल प्रार्थना गीत ”तमिल थाई वझुथु” को दरकिनार करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगा।

‘सनातन धर्म लोगों को विभाजित करता है
उन्होंने सदन में अपने भाषण में कहा, ”सनातन धर्म लोगों को विभाजित करता है और उसे निश्चित रूप से समाप्त किया जाना चाहिए।” इससे पहले उदयनिधि ने 2023 में भी इसी तरह की टिप्पणी की थी जिससे एक बड़ा विवाद पैदा हो गया था। उन्हें हिंदू समर्थक संगठनों की आलोचना का शिकार होना पड़ा और उनके खिलाफ कई मामले भी दर्ज कराए गए थे। उदयनिधि ने नयी सरकार के हालिया शपथ ग्रहण समारोह के संबंध में एक विशिष्ट शिकायत को उजागर करते हुए कहा कि राज्य के गीत को उसकी पारंपरिक प्राथमिकता के बजाय क्रम में तीसरे स्थान पर धकेल दिया गया।
‘तमिल थाई वझथु’ को हमेशा प्रथम स्थान देना होगा
विपक्ष के नेता ने कहा, ”…आपकी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हुई ऐसी घटना एक गलती थी और आपको इस विधानसभा में इसे दोबारा होने नहीं देना चाहिए। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने कहा कि न केवल विधानसभा में, बल्कि किसी भी सरकारी कार्यक्रम या तमिलनाडु में आयोजित किसी भी कार्यक्रम में, ‘तमिल थाई वझथु’ को हमेशा प्रथम स्थान दिया जाना चाहिए। विपक्ष के नेता ने कहा, ”मैं इस सरकार से अनुरोध करता हूं कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस पर कभी समझौता न हो। हमें अपने अधिकारों और परंपराओं की रक्षा के लिए बहुत सतर्क रहना होगा।
परंपरा से हटने से राज्य के लोगों में आक्रोश
उन्होंने दावा किया कि इस परंपरा से हटने से राज्य के लोगों में काफी आक्रोश है और उन्हें सदमा लगा है। उन्होंने सदन को 2023 की उस घटना की भी याद दिलाई, जब सरकार ने राज्यपाल द्वारा प्रोटोकॉल में बदलाव करने के प्रयासों का विरोध किया था। द्रविड़ मॉडल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के प्रदर्शन पर नजर रखता रहेगा ताकि ”सब के लिए सब कुछ” के सिद्धांत को बरकरार रखा जाए।
देश
जब तक भ्रष्ट भाजपा सरकार रहेगी, ‘लीक’ की लीक पर ही परीक्षा प्रणाली चलती रहेगी: अखिलेश
लखनऊ, एजेंसी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने सीबीआई को इन ‘अनियमितताओं’ की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया। इसे लेकर अब सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एंव पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ये क्या गारंटी कि दुबारा करवाने पर परीक्षा फिर लीक नहीं होगी। इस समाचार से लाखों बच्चों और उनके करोड़ो परिजनों के बीच भाजपा की भ्रष्टाचारी व्यवस्था के विरुध्द बेहद आक्रोश और हताशा है।

जब तक भाजपा सरकार रहेगी परीक्षा लीक होती रहेगी
उन्होंने आगे लिखा जब तक भ्रष्ट भाजपा सरकार रहेगी, ‘लीक’ की लीक पर ही परीक्षा प्रणाली चलती रहेगी। जब तक भाजपा सरकार रहेगी परीक्षा होती रहेगी लीक, भाजपा के जाने के बाद ही परीक्षा प्रणाली होगी ठीक। भाजपा सरकार मतलब नाकाम सरकार!
एफएआईएमए ने कार्रवाई की उठाई मांग
आप को पेपर लीक मामले को लेकर ‘द फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन’ (एफएआईएमए) ने मंगलवार को मांग की कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 का प्रश्नपत्र “लीक” होने से जुड़े मामले की समयबद्ध जांच की जाए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भरोसे चकनाचूर
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) को प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर रद्द कर दिया है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को आरोपों की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया है। एफएआईएमए ने कहा कि इस घटनाक्रम ने उन लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भरोसे को चकनाचूर कर दिया है, जिन्होंने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए वर्षों से कड़ी मेहनत और त्याग किया।
ऐसी विफलताएं गंभीर कमियों को उजागर करती हैं
एफएआईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जयदीप कुमार चौधरी ने कहा, “बार-बार सामने आने वाली ऐसी विफलताएं देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक के संचालन के लिए जिम्मेदार तंत्र में गंभीर कमियों को उजागर करती हैं।” डॉ. चौधरी ने कहा कि एफएआईएमए “चिकित्सा शिक्षा में योग्यता, पारदर्शिता और निष्पक्षता” से समझौता करने वाले किसी भी कृत्य की निंदा करता है और इस मामले की “तत्काल, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच” की मांग करता है। उन्होंने कहा, “हम इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति या संगठन की कड़ी जवाबदेही सुनिश्चित करने और उन्हें कठोर सजा देने की मांग करते हैं।
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