Connect with us

कोरबा

शासकीय महाविद्यालय भैसमा परिसर में पूर्व उपमुख्यमंत्री स्व. प्यारे लाल कंवर की भव्य मूर्ति का अनावरण

Published

on

नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा- स्व. कंवर का जीवन सादगी और सेवा में समर्पित रहा

कोरबा। स्व. प्यारे लाल कंवर शासकीय महाविद्यालय भैसमा परिसर में अखण्ड मध्यप्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आदिवासी नेता रहे स्व. प्यारे लाल कंवर की भव्य मूर्ति का अनावरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने महती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्व. प्यारे लाल कंवर वरिष्ठ आदिवासी नेता थे और उनका पूरा जीवन सादगी में लोगों की सेवा में समर्पित रहा। छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के उत्थान के लिए उन्होंने जो काम किया, वह अविस्मरणीय रहेगा। वे छत्तीसगढ़वासियों के सच्चे हितैषी के रूप में हम सब की भलाई के लिए काम किया। वे निष्पक्ष भावना से क्षेत्र के विकास और लोगों की समृद्धि के लिए काम करते रहे। हम उनकी जितनी प्रशंसा करें, कम है। उन्होंने कहा कि स्व. श्री कंवर राजनीति में माहिर तो थे ही, वकालत में भी उनकी अच्छी पकड़ थी। उनका जन्म 19 मार्च 1933 को इस पुण्य धरा पर हुआ था और वे छात्र जीवन के ही राजनीति में आ गये थे और 1962 में वे पहली बार विधायक बने। इसके बाद 1967 में दोबारा विधायक बने और 1969 में स्व. श्यामाचरण शुक्ल के मंत्रिमंडल में आदिम जाति कल्याण राज्य मंत्री बने। 1972 में वे फिर से विधायक चुने गये, 1980 में विधायक बनने के बाद 1984 से 1985 तक विधानसभा उपाध्यक्ष रहे। 1985 में वे पुनः राज्यमंत्री बने। 1993 में वे अखण्ड मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री बने और प्रदेश तथा क्षेत्र को अपना योगदान दिया। 13 जनवरी 2010 को वे देवलोक गमन कर गये, लेकिन उनकी सिद्धांत, सेवा भावना और आदिवासियों के प्रति स्नेह और उनके उत्थान के लिए किये गये कार्य हमें सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।
विशिष्ठ अतिथि के रूप में पूर्व केबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि स्व. प्यारेलाल कंवर हम सबके मार्गदर्शक के रूप में संगठन को आगे बढ़ाने के लिए निर्देश देते रहे और उन्होंने हमें राजनीति की परिभाषा भी सिंखाई और सात्विक राजनीति के माध्यम से सेवा को मुख्य लक्ष्य बना कर आजीवन लोगों की सेवा, छत्तीसगढ़ की समृद्धि के लिए कार्य करते रहे।
रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया ने कहा कि वे मुझ जैसे अदना से कार्यकर्ता को जनपद अध्यक्ष बनाया और आज मैं जो कुछ भी हूँ, सब उन्हीं का आशीर्वाद है।
स्व. श्री कंवर की पुत्री एवं कोरबा जनपद अध्यक्ष श्रीमती हरेश कंवर ने स्वागत भाषण दिया और श्री कंवर के जीवन की सारगर्भिता बतायी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अतिथियों का स्वागत किया। प्राचार्य जे एल चौहान ने स्व. श्री कंवर के सेवाभावी कार्यों का उल्लेख किया।
कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र प्रताप जायसवाल ने किया एवं आभार प्रदर्शन सरमन सिंह कंवर ने किया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से कोरबा महापौर राजकिशोर प्रसाद, निगम सभापति श्याम सुंदर सोनी, करतला जनपद अध्यक्ष सुनीता कंवर, स्व. श्री कंवर की नातिन कुमारी नीतू कंवर, सरपंच संजय कंवर, सांसद प्रतिनिधि अजीज खान, सुरेश सहगल, विधायक प्रतिनिधी गोपी लाल सारथी, संतोष देवांगन, लखन लहरे, प्रवीण ओगरे, रजगामार उपसरपंच जितेन्द्र राठौर, सतनामी समाज के उपाध्यक्ष गणेशराम बघेल, स्व. श्री कंवर के नाती भूपेन्द्र कंवर, श्रीमती कुंती बाई, प्राध्यापक जे आर खरे, विरेन्द्र भाई सहित कर्मचारी-अधिकारी, भैसमा हाईस्कूल के प्रधान पाठक रामप्रसाद सिदार, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अजीत दास महंत, सांसद प्रतिनिधि संतोष मिश्रा, कोरबा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संतोष राठौर, पार्षद दिनेश सोनी, महेश अग्रवाल, शिव जायसवाल, विनोद अग्रवाल (छुरी), आशीष गांगुली सहित क्षेत्र के नागरिकगण काफी संख्या में उपस्थित थे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

भू-विस्थापितों को राहत, हर परिवार को 6.78 लाख मुआवजा

Published

on

कोरबा। एसईसीएल मानिकपुर खदान से प्रभावित भिलाईखुर्द के भ-ूविस्थापितों को बड़ी राहत मिली है। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल पर 300 प्रभावितों को मुआवजा देने का रास्ता साफ हो गया है। हर परिवार को 6.78 लाख मुआवजा देने एसईसीएल प्रबंधन ने सहमति दी है।

एसईसीएल विश्राम गृह कोरबा में शुक्रवार को नगर विधायक व उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता मेंभिलाईखुर्द के भूविस्थापितों, एसईसीएल के अधिकारियों व जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। जिसमें देवांगन ने एसईसीएल के अधिकारियों को दो टूक कहा कि 50 वर्ष पूर्व खदान के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था।

तब ज़मीन का मुआवजा दिया जा चुका था, लेकिन इतने वर्षों बाद आज ज़मीन खाली करवाई जा रही है। भू-विस्थापितों को मकानों और शिफ्टिंग का उचित मुआवजा दिए किसी भी तरह से जमीन खाली करवाना गलत है। उद्योग मंत्री ने बैठक में भू विस्थापितों की मांग को मजबूती से रखते हुए कहा की इतने वर्षों में एक-एक जमीन धारक के एक से अधिक परिवार हो चुके हैं, आज की स्थिति में सिर्फ एक ज़मीन धारक के बजाए एक-एक परिवार के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।

देवांगन ने कहा की देश की ऊर्जा के लिए कोयला अतिमहत्वपूर्ण हैं, लेकिन भू- विस्थापितों को साथ में लेकर खदानों का विस्तार करना होगा। एसईसीएल के अधिकारियों ने बैठक में ही सभी परिवारों का मुआवजा देने की मंजूरी दी। भू-विस्थापित के प्रति परिवार को 6.78 लाख देने की घोषणा की गई। पिछले 8 वर्ष से बिना मुआवजा दिए प्रबंधन बस्ती खाली कराने पर आमदा था। मंत्री के दबाव के बाद एसईसीएल बैकफुट पर आए। इस निर्णय का ग्राम भिलाईखुर्द के सभी भू विस्थापितों ने स्वागत करते हुए अपनी सहमति देते हुए मंत्री देवांगन का आभार जताया।

एसईसीएल मानिकपुर खदान से 52 लाख 50 हजार टन कोयला उत्पादन किया गया था। कोरबा एरिया का यह सबसे बड़ा ओपन माइंस है। लगातार 11 साल से लक्ष्य हासिल कर रहा है। इस साल कोरबा एरिया में 83 लाख 60 हजार टन उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

Continue Reading

कोरबा

कोरबा में चलती कार में शॉर्ट सर्किट से लगी आग:गैरेज पहुंचते ही भड़की, मिस्त्री ने पाया काबू

Published

on

कोरबा। कोरबा के मानिकपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत मुड़ापार स्थित लिटिल स्टेप स्कूल के पास एक ऑटो गैरेज में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती कार में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। गैरेज में मौजूद मिस्त्री ने तत्काल पानी डालकर और केबल वायर काटकर आग पर काबू पा लिया।

जानकारी के अनुसार, एक युवक लाल रंग की कार लेकर गैरेज पहुंचा था। गाड़ी रोकते ही वह तुरंत बाहर निकला और मिस्त्री को आवाज लगाई। मिस्त्री के मौके पर पहुंचते ही कार में अचानक आग की लपटें उठने लगीं, जो देखते ही देखते बढ़ने लगी।

शॉर्ट सर्किट के बाद लगी आग

कार चालक युवक ने बताया कि वह किसी काम से निकला था, तभी उसे गाड़ी से हल्का धुआं आता महसूस हुआ। वह किसी तरह कार को गैरेज तक लाया।

जैसे ही उसने बोनट खोला, धुआं तेजी से निकलने लगा और उसने तुरंत मिस्त्री को बुलाया। बताया जा रहा है कि चूहे ने कार के केबल काट दिए थे, जिसके कारण शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई।

समय रहते आग में पाया काबू

समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से एक बड़ी घटना टल गई। यह क्षेत्र आबादी वाला है और पास में ही बच्चों का स्कूल भी है। आगजनी के समय लोगों की आवाजाही भी थी।

घटना की सूचना मानिकपुर चौकी पुलिस और दमकल विभाग को देने की तैयारी थी, लेकिन आग पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया।

Continue Reading

कोरबा

DMF का कथित मिसयूज…केंद्र ने छत्तीसगढ़ CS को पत्र-जारी किया:तत्कालीन कलेक्टर पर निजी फायदे के लिए 26 करोड़ मंजूर करने का आरोप

Published

on

कोरबा। कोरबा में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड (DMF) के कथित दुरुपयोग के मामले में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील को स्मरण पत्र जारी किया है। यह कार्रवाई भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर की शिकायत के बाद की गई है।

शिकायत में बालको से संबंधित सड़क निर्माण के लिए डीएमएफ फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप है। दरअसल, ननकी राम कंवर ने शिकायत की थी कि दर्री ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक परसाभाटा बालको तक की सड़क के लिए तत्कालीन कलेक्टर अजीत बसंत ने बालको को निजी फायदे के लिए डीएमएफ फंड से लगभग 26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे।

ननकी राम के अनुसार, यह सड़क बालको की है और इसका निर्माण-मरम्मत बालको के सीएसआर फंड से होना चाहिए था। इस मामले में केंद्र सरकार ने पहले भी मुख्य सचिव विकास शील को पत्र जारी किया था। पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कलेक्टर को भारत सरकार में शिकायत होने की जानकारी मिलते ही, उन्होंने अपने ट्रांसफर से पहले ही लोक निर्माण विभाग को आनन-फानन में टेंडर प्रक्रिया जारी कर दी थी।

मुख्य सचिव से जवाब मांगा

इस जानकारी के बाद ननकी राम कंवर ने केंद्र सरकार को फिर पत्र लिखकर अवगत कराया। केंद्र सरकार ने उनके पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन विकास शील को पत्र लिखा है। इसमें केंद्र ने नाराजगी जाहिर करते हुए पत्र में लिखे गए तथ्यों के संबंध में जवाब मांगा है और आवेदक को भी अवगत कराने को कहा है।

कलेक्टर ने पुल मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया

इसी बीच कलेक्टर दुदावत ने डीएमएफ के तहत बनने वाले दर्री डेम मार्ग (ध्यानचंद चौक से बालको के बजरंग चौक तक) का निरीक्षण किया। उन्होंने आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही बेलगिरी-ढेंगुरनाला पुल के मरम्मत कार्य के लिए भी शीघ्र निविदा प्रक्रिया शुरू कर समयबद्ध तरीके से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending