Connect with us

छत्तीसगढ़

रायपुर में 1 लाख रिश्वत लेते संयुक्त संचालक पकड़ाया:छत्तीसगढ़ में ACB की कार्रवाई, कोरबा में पटवारी और राजस्व निरीक्षक भी गिरफ्तार

Published

on

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार अगल-अगल दो कार्रवाई में जॉइंट डायरेक्टर रैंक के अधिकारी, राजस्व निरीक्षक और पटवारी से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इंद्रावती भवन के चौथे मंजिल से एसीबी ने मछली पालन विभाग के संयुक्त संचालक देव कुमार सिंह को 1 लाख रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया है।

वहीं कोरबा में राजस्व निरीक्षक जमनी पाली अश्वनी राठौर और पटवारी जमनी पाली धीरेंद्र लाटा को रिश्वत लेते पकड़ा। दोनों ही मामले में रिश्वत लेने वाले तीनों को हिरासत में लेकर उनके घरों की स्थानों की तलाशी भी ली जा रही है।

2 लाख की मांगी थी रिश्वत

सरकंडा के रहने वाले नरेन्द्र श्रीवास ने एन्टी करप्शन ब्यूरो, रायपुर में शिकायत की गई थी कि उनके लंबित विभागीय कार्य के लिए संयुक्त संचालक (मछली पालन) देव कुमार सिंह द्वारा 2 लाख रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है।

पीड़ित रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। बुधवार को टीम ने ट्रैप करके आरोपी देव कुमार सिंह, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर को पहली किश्त 1 लाख रुपए लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।

सीमांकन के लिए मांगी रिश्वत

कोरबा जिले के बाकी मोंगरा निवासी संजय दिवाकर ने शिकायत की थी कि उसके द्वारा ग्राम जमनीपाली में जमीन खरीदने के लिए जमीन मालिक शत्रुघन राव से सौदा तय हुआ। जिसकी रजिस्ट्री के पहले सीमांकन के लिए उसके द्वारा आवेदन किया गया है।

अगली कार्रवाई के लिए पीड़ित द्वारा राजस्व निरीक्षक जमनीपाली अश्वनी राठौर से मुलाकात करने पर 15,000 रुपए रिश्वत की मांग की गई और पटवारी जमनी पाली धीरेन्द्र लाटा को पैसे देकर सीमांकन की अगली कार्रवाई करने के लिए कहा गया।

पटवारी धीरेन्द्र लाटा ने मोलभाव कर 13,000 रुपए में सौदा तय कर प्रार्थी से 5,000 रुपए ले लिए। आज आरोपी पटवारी धीरेन्द्र लाटा और राजस्व निरीक्षक अश्वनी राठौर को रिश्वत की अगली किश्त 8,000 रुपए लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

कोरबा के जटगा रेंज में हाथियों का उत्पात,तीन घर तोड़े:फसल और सब्जियों को पहुंचाया नुकसान, 40 हाथियों का दल सक्रिय, वन विभाग अलर्ट

Published

on

कोरबा। कोरबा के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत जटगा रेंज में हाथियों का उत्पात जारी है। शुक्रवार की आधी रात पटेल पारा और धोबघट गांवों में चार हाथियों के दल ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने तीन ग्रामीणों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और धान की बोरियों को भी नुकसान पहुंचाया। शनिवार सुबह तक हाथी इन गांवों में डेरा डाले हुए थे, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई।

वन विभाग के अनुसार, यह घटना शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे हुई। चार हाथियों का एक दल पहले पटेल पारा गांव में घुसा।

उन्होंने किसान रामलाल के घर की दीवार तोड़ दी और घर में रखी धान की 15 बोरियों को कुचलकर नष्ट कर दिया। इसके बाद हाथियों का दल धोबघट गांव पहुंचा, जहां दो अन्य ग्रामीणों के मकानों को भी क्षतिग्रस्त किया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर और मशाल जलाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया।

हाथियों ने फलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचाया

ग्रामीण निर्मला यादव ने बताया कि हाथियों ने उनके बाड़ी में लगे पपीता, गन्ना, केला और सब्जियों को भी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने किसी तरह अपनी जान बचाई।

जटगा रेंज में पिछले कई महीनों से लगभग 40 हाथियों का एक बड़ा दल डेरा डाले हुए है। ये हाथी दिन के समय जंगल में रहते हैं, लेकिन रात होते ही भोजन की तलाश में आसपास के गांवों में प्रवेश कर जाते हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी लगातार खेतों में लगी फसलों और घरों में रखे अनाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उन्हें रातभर जागकर रखवाली करनी पड़ रही है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

डीएफओ ने ग्रामीणों को दी सतर्क रहने की सलाह

कटघोरा डीएफओ ने जानकारी दी कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। विभाग द्वारा मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

Continue Reading

कोरबा

कटघोरा में अधिवक्ता के घर चोरी के मामले में चार और गिरफ्तार

Published

on

02 पहले पकड़ाए थे, 04 और गिरफ्तार, अब तक 06 आरोपी गिरफ्तार, जिसमें जेवर खरीदने वाला चाम्पा का कारोबारी शामिल

कोरबा/कटघोरा। कटघोरा पुलिस ने एक साल पुरानी चोरी की बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवर, सोने का बिस्किट और नगदी सहित करीब 8 लाख रुपए का माल बरामद किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

यह चोरी पुरानी बस्ती कटघोरा निवासी अधिवक्ता राकेश पांडेय के घर में हुई थी। आरोपियों ने ताला तोड़कर करीब 10 तोला सोने के जेवर, जिसमें रानी हार सेट, झुमके, सोने की चेन, चांदी की पायल और नगदी पार कर ली थी।

आरोपियों से बरामद गहने

आरोपियों से बरामद गहने

एसपी के निर्देश पर बनी टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच शुरू की।

दो आरोपियों से खुला पूरा राज

सबसे पहले पुलिस ने अमित खांडे और गौतम कुमार जांगड़े को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी करना कबूल किया।

ज्वेलरी खरीदने वाला व्यापारी भी गिरफ्तार

जांच के दौरान पुलिस ने सुशील शुक्ला, गणेश दास, अनिल नामदेव और चांपा निवासी व्यापारी हिमेश सोनी को भी गिरफ्तार किया। आरोपियों ने चोरी के जेवर हिमेश सोनी को बेच दिए थे।

पुलिस ने आरोपियों के 2 साथियों को पकड़ लिया था उनसे मिले इनपुट से अन्य 4 आरोपियों को भी पकड़ लिया गया है

पुलिस ने आरोपियों के 2 साथियों को पकड़ लिया था उनसे मिले इनपुट से अन्य 4 आरोपियों को भी पकड़ लिया गया है

चांपा से पकड़े गए आरोपी

पुलिस टीम ने सभी आरोपियों को जांजगीर-चांपा जिले के चांपा क्षेत्र से गिरफ्तार किया।

सोने का बिस्किट और जेवर बरामद

  • 10 ग्राम सोने का मंगलसूत्र लॉकेट
  • 2 जोड़ी चांदी की पायल
  • करीब 3 तोला सोने का बिस्किट
  • नगदी
  • रानी हार सेट, झुमका और सोने की चेन

सहित कुल करीब 8 लाख रुपए का चोरी का माल जब्त किया।

पुलिस की अपील

थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने लोगों से घर से बाहर जाते समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने, सीसीटीवी चालू रखने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।कोरबा पुलिस “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स कंपनी के मालिक ने 90 टन LPG चुराई:कलेक्टर ने प्लांट में रखने दिए थे, 1.5 करोड़ की गैस निकालकर बेची, अब फरार

Published

on

महासमुंद, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स कंपनी के मालिक ने 1.5 करोड़ की एलपीजी गैस चोरी की है। दिसंबर 2025 में पुलिस ने 6 गैस कैप्सूल गाड़ी पकड़ी थी, जिसमें 90 मीट्रिक टन LPG लोड था। लीगल डॉक्यूमेंट नहीं होने के कारण सभी गाड़ियां थाने में खड़ी कर दी गई।

बाद में थाने में सुरक्षा नहीं होने के कारण ये गाड़ियां ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स कंपनी को सौंप दी थी। इस दौरान कंपनी के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और डायरेक्टर साकिन ठाकुर ने प्लानिंग कर गैस को घरेलू-कमर्शियल सिलेंडरों में भरकर बेच दिया और जिला प्रशासन से शिकायत की कि LPG गैस लीक हो गई।

जांच में चोरी पकड़े जाने के बाद पुलिस ने 3 के खिलाफ मामला दर्ज किया है, मालिक और डायरेक्टर फरार है, कंपनी के एक स्टाफ को पुलिस ने पकड़ा है। मामला सिंघोड़ा थाना क्षेत्र का है।

पेट्रोकेमिकल्स कंपनी के मालिक ने 90 मीट्रिक टन LPG गैस चुराए।

पेट्रोकेमिकल्स कंपनी के मालिक ने 90 मीट्रिक टन LPG गैस चुराए।

जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2025 में सिंघोड़ा थाना पुलिस ने 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रक जब्त किए गए थे। थाने में किसी भी हादसे के खतरा देखते हुए, इन ट्रकों को सुरक्षित जगह पर रखने के लिए महासमुंद पुलिस ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजा।

इसके बाद कलेक्टर ने खाद्य विभाग को ट्रकों को सुरक्षित जगह पर रखने के निर्देश दिए। इसी आदेश के तहत 30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग की टीम ने ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष सिंह ठाकुर से संपर्क किया और 6 कैप्सूल ट्रक सुरक्षित रखने के लिए कहा।

खाद्य निरीक्षक अविनाश दुबे, खाद्य अधिकारी हरिश सोनेश्वरी और मनीष यादव की मौजूदगी में संतोष ठाकुर को ये 6 कैप्सूल ट्रक सुरक्षित रखने के लिए सौंप दिए।

संतोष अपने स्टाफ की मदद से सभी गाड़ियां सिंघोड़ा थाना से रायपुर के अभनपुर के ग्राम उरला स्थित अपने प्लांट ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स ले गया।

कंपनी के एक स्टाफ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, मालिक फरार है।

कंपनी के एक स्टाफ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, मालिक फरार है।

कंपनी के मालिक गैस बेचने की प्लानिंग की

हैंडओवर के समय या उसके तुरंत बाद कैप्सूल ट्रकों का वजन नहीं कराया गया। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर मालिक संतोष ठाकुर (56), डायरेक्टर साकिन ठाकुर ने गैस को अवैध रूप से बेचने की प्लानिंग की।

सिंघोड़ा से अभनपुर तक लगभग 200 किलोमीटर के रास्ते में 15 से ज्यादा धर्मकांटे (वजन करने की जगह) होने के बावजूद कहीं भी वजन नहीं कराया गया। सभी 6 कैप्सूल ट्रकों को प्लांट से करीब 200 मीटर दूर पार्किंग में खड़ा कर दिया गया। इसके बाद 5 गाड़ियों का वजन 6 अप्रैल को और 1 गाड़ी का वजन 8 अप्रैल को कराया गया।

8 दिनों में प्लांट के बुलेट टैंकों में खाली किया गैस

इन 8 दिनों में एक-एक कर कैप्सूल ट्रकों को प्लांट के अंदर मौजूद बुलेट टैंकों में खाली किया गया। जब वे टैंक भी भर गए तो गैस को कंपनी के मालिकाना और वहां चल रहे दो निजी टैंकरों में भर दिया गया।

इसके बावजूद चोरी की गई गैस बची रह गई, जो तय क्षमता से ज्यादा थी। इसके बाद रायपुर की अलग-अलग एजेंसियों और प्लांटों को करीब 4 से 6 टन गैस बिना पक्के बिल के, सिर्फ कच्चे चालान पर भेजी गई।

वजन में देरी का मुख्य कारण यह रहा कि कैप्सूल ट्रकों को समय पर खाली नहीं किया गया और प्लांट में एक साथ 6 कैप्सूल खाली करने की कैपेसिटी भी नहीं थी।

इसके बाद कंपनी मालिक ने प्रशासन को बताया कि सभी एलपीजी कैप्सूल ट्रक खाली हैं। इसके बाद जब पुलिस ने मामले की जांच की तो पूरा घोटाला सामने आया।

इतनी बड़ी मात्रा में लीकेज असंभव

इस पूरे मामले में जब राष्ट्रीय स्तर के एक्सपर्ट की मदद से जांच की गई तो पाया गया कि कैप्सूल पूरी तरह सुरक्षित था और इतनी बड़ी मात्रा में गैस का लीकेज होना संभव नहीं था। इससे साफ हुआ कि गैस जानबूझकर किसी ने निकाली है।

एक्सपर्ट ने यह भी बताया कि बिना किसी बड़ी दुर्घटना के 3 महीने में एक कैप्सूल से 20 टन गैस का निकल जाना संभव ही नहीं है।

दस्तावेज में जितनी गैस खरीदी उससे 3 गुना बेचा

जब्त दस्तावेजों की जांच में पता चला कि जितनी गैस खरीदी गई थी, उससे कई गुना ज्यादा बिक्री दिखाई गई है। 3 दिन की जांच और दस्तावेजों की चेकिंग में बड़ी गड़बड़ी सामने आई।

रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल महीने में ठाकुर पेट्रोकेमिकल कंपनी ने सिर्फ 47 टन एलपीजी गैस खरीदी थी, लेकिन कागजों में 107 टन गैस की बिक्री दिखाई गई।

यानी करीब 60 टन गैस ऐसी बेची गई, जो असल में खरीदी ही नहीं गई थी। इसके अलावा कच्चे रजिस्टर में भी और थोक बिक्री का रिकॉर्ड मिला है, जिससे घोटाले का पता चला।

एजेंसियों को करीब 4 से 6 टन गैस बिना पक्के बिल के, सिर्फ कच्चे चालान पर भेजी गई।

एजेंसियों को करीब 4 से 6 टन गैस बिना पक्के बिल के, सिर्फ कच्चे चालान पर भेजी गई।

कंपनी का स्टाफ गिरफ्तार, मालिक डायरेक्टर फरार

पुलिस ने अभी तक कंपनी के स्टाफ निखिल वैष्णव (41) को गिरफ्तार किया है, जबकि इस मामले का मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर (मालिक) और अन्य डायरेक्टर के साथ प्लांब मैनेजर फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

इसके अलावा पुलिस ने 7 एलपीजी टैंकर, 4 बड़े बुलेट टैंक, 100 गैस सिलेंडर, कंप्यूटर, DVR और कई दस्तावेज जब्त किए हैं।

सबूत और दस्तावेज मिटाने की कोशिश

जांच में यह भी पता चला कि ठाकुर पेट्रोकेमिकल के ऑफिस में आरोपियों ने सबूत और दस्तावेज मिटाने की कोशिश की। प्लांट के गेट पर जो वाहनों की एंट्री-एग्जिट और खरीद-बिक्री का रजिस्टर रखा जाता था, उससे अवैध लेन-देन करने वाली गाड़ियों और एजेंसियों की पहचान हो सकती थी।

इसी तरह ऑफिस में बिना बिल की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड भी रखा जाता था। लेकिन जांच में सामने आया कि अप्रैल महीने का बिना बिल वाला रजिस्टर ही गायब कर दिया गया। जब जांच के दौरान आरोपियों को बुलाया गया, तो उन्होंने सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश भी की। इसी आधार पर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677