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फेंगल तूफान तमिलनाडु-पुडुचेरी तट से टकराया:यहां से गुजरने में 3 घंटे लगेंगे; 4 राज्य प्रभावित, चेन्नई एयरपोर्ट सुबह 4 बजे तक बंद

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चेन्नई , एजेंसी। बंगाल की खाड़ी से उठे फेंगल तूफान का शाम 7:30 बजे पुडुचेरी के कराईकल और तमिलनाडु के महाबलीपुरम के बीच समुद्र तट पर लैंडफॉल शुरू हो गया है। तूफान को यहां से गुजरने में करीब 3 घंटे लगेंगे।

लैंडफॉल के दौरान 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई इलाकों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। तूफान का असर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी दिख रहा है।

चेन्नई में भारी बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया है। एक ATM के पास शॉर्ट सर्किट के चलते करंट लगने की वजह से एक शख्स की मौत हो गई।

शहर में कई फ्लाइट्स प्रभावित भी हुई हैं। कल सुबह (1 दिसंबर) 4 बजे तक एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। कई ट्रेनें भी तय समय से लेट चल रही हैं।

तमिलनाडु के कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची, चेन्नई और मयिलादुथुराई जिलों और पुडुचेरी में आज स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं।

इन जिलों में लोगों को भी घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए तमिलनाडु में NDRF की 7 टीमें तैनात की गई हैं। हर एक टीम में 30 जवान रखे गए हैं।

चेन्नई में एक एटीएम के बाहर भरे पानी में शॉर्ट सर्किट से एक शख्स की मौत हो गई।

चेन्नई में एक एटीएम के बाहर भरे पानी में शॉर्ट सर्किट से एक शख्स की मौत हो गई।

तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। इसके कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठीं।

तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। इसके कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठीं।

चेन्नई एयरपोर्ट पर कल सुबह 4 बजे तक के लिए ऑपरेशन रद्द कर दिया गया है। इसके चलते पैसेंजर्स एयरपोर्ट पर फंस गए है।

चेन्नई एयरपोर्ट पर कल सुबह 4 बजे तक के लिए ऑपरेशन रद्द कर दिया गया है। इसके चलते पैसेंजर्स एयरपोर्ट पर फंस गए है।

चेन्नई शहर में तेज हवा और आंधी के कारण कई पेड़ उखड़ गए।

चेन्नई शहर में तेज हवा और आंधी के कारण कई पेड़ उखड़ गए।

तस्वीर तमिलनाडु के नागपट्टनम की है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद करीब 4 हजार नावें किनारे पर लौट आई हैं।

तस्वीर तमिलनाडु के नागपट्टनम की है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद करीब 4 हजार नावें किनारे पर लौट आई हैं।

चेन्नई में बाढ़ के अलर्ट को देखते हुए लोगों ने सुबह से ही अपने वाहन फ्लाईओवर पर पार्क कर दिए।

चेन्नई में बाढ़ के अलर्ट को देखते हुए लोगों ने सुबह से ही अपने वाहन फ्लाईओवर पर पार्क कर दिए।

थाई कल थोनी थोरु गांव में NDRF की टीम ने निचले इलाके में रह रहे लोगों को रेस्क्यू किया।

थाई कल थोनी थोरु गांव में NDRF की टीम ने निचले इलाके में रह रहे लोगों को रेस्क्यू किया।

चेन्नई में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। लोगों को सड़कों पर गाड़ी चलाने में दिक्कत हुई। (फोटो क्रेडिट- राज कुमार)

चेन्नई में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। लोगों को सड़कों पर गाड़ी चलाने में दिक्कत हुई। (फोटो क्रेडिट- राज कुमार)

फेंगल से प्रभावित 4 राज्य…

तूफान का असर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और पुडुचेरी में पड़ रहा है। तमिलनाडु सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। यहां भारी बारिश के चलते धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। नागपट्टिनम में करीब 800 एकड़ से ज्यादा की फसल खराब हुई।

राज्यों में असर और तैयारी…

1. तमिलनाडु

  • असर: कामेश्वरम, विरुंधमावडी, पुडुपल्ली, वेद्रप्पु, वनमादेवी, वल्लपल्लम, कल्लिमेडु, ईरावायल और चेम्बोडी जिलों में 3 दिसंबर तक भारी बारिश होगी। कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची और मयिलादुथुराई में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। चेन्नई में बारिश के कारण कई फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। ट्रेनें भी लेट हुई हैं। समुद्री तट के पास के इलाकों और निचले इलाकों से लोगों को सेफ जगह पहुंचाया गया है।
  • तैयारी: नौसेना प्रभावित इलाकों में गाड़ियों से को भोजन, पीने का पानी भेज रही है। बाढ़ संभावित इलाकों में NDRF की 7 टीमें तैनात की गई हैं।​​​​​ इमरजेंसी से निपटने के लिए टोल-फ्री नंबर 112 और 1077 जारी किए हैं। 2 हजार रिलीफ कैंप तैयार किए गए हैं। तिरुवरुर और नागपट्टनम में 471 लोगों को ठहराया गया है। दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की अपील की गई है। समुद्र तट के नजदीकी सड़कों पर आवाजाही बंद कर दी गई है।

2. आंध्र प्रदेश

  • असर: फेंगल तूफान से नेल्लोर, चित्तूर, विशाखापट्टनम और तिरुपति सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल रही है।
  • तैयारी: 1 दिसंबर तक प्रभावित समुद्री तटों को खाली रखने के निर्देश दिए गए हैं। मछुआरों को भी बोटिंग करने से मना किया गया है। आंध्र प्रदेश सरकार ने तट के नजदीक रहने वाले लोगों से घरों में रहने की अपील की है।

3. पुडुचेरी

  • असर: पूरे पुडुचेरी में बारिश हो रही है। निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई इलाकों में पवर कट भी देखने को मिला है।
  • तैयारी: सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं। दफ्तरों को वर्क फ्रॉम होम करने के लिए कहा गया है। 12 लाख लोगों को सावधानी बरतने के लिए मैसेज भेजे गए हैं। इमरजेंसी हेल्प लाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। पुलिस और PWD डिपार्टमेंट को अलर्ट पर रखा गया है। वॉर रूम तैयार किया गया है। राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं और वहां सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। लगभग 4000 सरकारी अधिकारी काम पर तैनात हैं।

4. कर्नाटक

  • असर: उडुपी, चिक्कमगलुरु, चित्रदुर्ग समेत 16 जिलों में बारिश हो रही है। 1 दिसंबर से 3 दिसंबर तक बिजली भी गिर सकती है।
  • तैयारी: निचले इलाकों के लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। पुलिस और PWD टीम को प्रभावित लोगों तक जल्द पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
तूफान की चेतावनी के बावजूद चेन्नई में मछुआरे समुद्र में मछली पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

तूफान की चेतावनी के बावजूद चेन्नई में मछुआरे समुद्र में मछली पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

​​​​सऊदी अरब ने दिया तूफान को ‘फेंगल’ नाम

इस तूफान का नाम ‘फेंगल’ सऊदी अरब की तरफ से प्रस्तावित किया गया है। यह एक अरबी शब्द है, जो भाषाई परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का मिश्रण है। यह शब्द वर्ल्ड मीटियोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (UNESCAP) के नामकरण पैनल में क्षेत्रीय विविधता को दर्शाता है।

चक्रवातों के नामों का चयन करते समय यह सुनिश्चित किया जाता है कि नामों का उच्चारण आसान हो, वे याद रखने में सरल हों, और सांस्कृतिक रूप से निष्पक्ष हों। यह ध्यान रखा जाता है कि नाम ऐसे हों जिनसे अलग-अलग क्षेत्रों और भाषाओं के बीच कोई विवाद पैदा न हो या किसी का अपमान न हो।

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एमपी-राजस्थान में 3 दिनों से बारिश,कई जगह बाढ़ जैसे हालात:नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में पानी भरा, काशी में 100 मंदिर डूबे

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नई दिल्ली, एजेंसी। देश के मध्य और पूर्वी हिस्से में मानसून एक्टिव है। मध्यप्रदेश, राजस्थान के कई इलाकों में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश से हालात खराब हैं। इसकी वजह तीन मानसूनी सिस्टम हैं। इनके कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से बड़ी मात्रा में नमी आ रही है।

भोपाल में बुधवार को लगातार तीसरे दिन स्कूलों में छुट्टी है। यहां दो दिनों में 8.57 इंच बारिश हुई। करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में अगले 24 घंटे में यहां 4 इंच से ज्यादा बारिश का अनुमान है।

उधर, राजस्थान में खोखी बांध की दीवार टूटने से 300 बीघा फसल खराब हो गई है। कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की टनल के एक हिस्से में दो-तीन फीट तक पानी भरा हुआ है।

वहीं, उत्तर प्रदेश में पिछले 2 दिनों से भारी बारिश हो रही है। इसके चलते जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को पानी भर गया था। इसका वीडियो आज सामने आया है। वाराणसी में घाटों की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। 100 से ज्यादा छोटे मंदिर डूब गए हैं।

सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति

देशभर से मौसम की तस्वीरें

मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बारिश हो रही है। वहीं, शिवपुरी में NH-46 पर करीब एक फीट तक पानी भर गया। इससे काफी देर तक जाम लगा रहा। प्रदेश में अब तक 19.6 इंच बारिश हो चुकी है।

मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बारिश हो रही है। वहीं, शिवपुरी में NH-46 पर करीब एक फीट तक पानी भर गया। इससे काफी देर तक जाम लगा रहा। प्रदेश में अब तक 19.6 इंच बारिश हो चुकी है।

राजस्थान में पिछले 3 दिनों से भारी बारिश हो रही है। इसके चलते कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की टनल में पानी भर गया है। इस वजह से बुधवार सुबह से यहां लंबा जाम लगा हुआ है। पिछले दो दिनों से ट्रैफिक रेंग-रेंगकर चल रहा है।

राजस्थान में पिछले 3 दिनों से भारी बारिश हो रही है। इसके चलते कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की टनल में पानी भर गया है। इस वजह से बुधवार सुबह से यहां लंबा जाम लगा हुआ है। पिछले दो दिनों से ट्रैफिक रेंग-रेंगकर चल रहा है।

उत्तर प्रदेश के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बारिश के बाद पानी भर गया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, इससे फ्लाइट ऑपरेशन और यात्रियों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा। घटना मंगलवार की है, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है।

उत्तर प्रदेश के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बारिश के बाद पानी भर गया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, इससे फ्लाइट ऑपरेशन और यात्रियों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा। घटना मंगलवार की है, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है।

मुंबई में कुर्ला के अशोक नगर इलाके में बुधवार सुबह 3 बजे गौसिया चॉल के पास बारिश की वजह से मिट्टी का बड़ा हिस्सा गिर गया। इसकी चपेट में दो-तीन घर आ गए। महाराष्ट्र के कई इलाकों में 24 घंटे से बारिश हो रही है।

मुंबई में कुर्ला के अशोक नगर इलाके में बुधवार सुबह 3 बजे गौसिया चॉल के पास बारिश की वजह से मिट्टी का बड़ा हिस्सा गिर गया। इसकी चपेट में दो-तीन घर आ गए। महाराष्ट्र के कई इलाकों में 24 घंटे से बारिश हो रही है।

उत्तराखंड के चमोली की नीति घाटी में दो दिन पहले बादल फटने से तमक नाला उफान पर आ गया था। तेज बहाव में 17 टन स्टील से बना वैली ब्रिज बह गया। अब नाले पर अस्थायी ब्रिज बनाने का काम किया जा रहा है।

उत्तराखंड के चमोली की नीति घाटी में दो दिन पहले बादल फटने से तमक नाला उफान पर आ गया था। तेज बहाव में 17 टन स्टील से बना वैली ब्रिज बह गया। अब नाले पर अस्थायी ब्रिज बनाने का काम किया जा रहा है।

हिमाचल के शिमला-धर्मशाला NH-205 पर भराड़ीघाट के पास मंगलवार को चलती कार पर बड़ी चट्टान गिर गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 2 लोग घायल हो गए। राज्य में लैंडस्लाइड से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है।

हिमाचल के शिमला-धर्मशाला NH-205 पर भराड़ीघाट के पास मंगलवार को चलती कार पर बड़ी चट्टान गिर गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 2 लोग घायल हो गए। राज्य में लैंडस्लाइड से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है।

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टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का इस्तीफा:फरवरी 2027 तक जिम्मेदारी संभालते रहेंगे, नोएल टाटा से मतभेद, ट्रस्ट में खींचतान बनी वजह

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मुंबई, एजेंसी। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने आज 12 अगस्त को इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की एजीएम से ठीक पहले आया है। हालांकि, वे फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे।

चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर टाटा ट्रस्ट्स के साथ सहमति नहीं बन पाई थी। नए कारोबारों में भारी निवेश, उनके प्रदर्शन और टाटा संस के भविष्य को लेकर मतभेद इस फैसले की बड़ी वजह बने।

एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर के बाद टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में गिरावट है। टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा कंज्यूमर के शेयर 3% तक नीचे हैं।

चंद्रशेखरन ने इस्तीफा देते हुए क्या कहा

चंद्रशेखरन ने कहा कि, “टाटा संस के चेयरमैन के रूप में मेरा मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म हो रहा है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके मेरे अगले 5 साल के कार्यकाल के विस्तार की सिफारिश की थी।

इसे टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी और बोर्ड ने दर्ज किया था और आगे बढ़ाने की सिफारिश की थी। इसके बाद, यह प्रस्ताव 24 फरवरी 2026 को टाटा संस बोर्ड के सामने रखा गया था।

हालांकि, यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका क्योंकि बोर्ड के एक सदस्य ने इसका समर्थन नहीं किया। सर्वसम्मत समर्थन न मिलने की वजह से मैंने इस फैसले को टालने का विकल्प चुना। उस बोर्ड मीटिंग को हुए 6 महीने बीत चुके हैं और आज तक कोई फैसला नहीं हो पाया है।

टाटा संस एक बहुत बड़ा संस्थान है और कई बड़े रणनीतिक प्रोजेक्ट्स अभी अहम मोड़ पर हैं। फरवरी 2027 के बाद ग्रुप की अगुआई करने के लिए न सिर्फ एक लीडर का होना जरूरी है, बल्कि कर्मचारियों, निवेशकों, पार्टनर्स और बाकी स्टेकहोल्डर्स के लिए लीडरशिप को लेकर स्पष्टता होना भी बहुत जरूरी है।”

इस्तीफे की 4 बड़ी वजह

चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने पर मतभेद

फरवरी 2026 में टाटा संस बोर्ड ने चंद्रशेखरन के अगले 5 साल के कार्यकाल की सिफारिश की थी। बाद में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इसका विरोध किया और सिर्फ 2 साल का कार्यकाल देने की वकालत की।

24 फरवरी 2026 को 5 साल के विस्तार का प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा गया। एक सदस्य के समर्थन न देने से इस पर सहमति नहीं बन सकी है।

नए कारोबारों के प्रदर्शन पर सवाल

चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा ग्रुप ने एविएशन, डिजिटल कारोबार, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और बैटरी जैसे नए क्षेत्रों में बड़े निवेश किए। इनमें से कुछ कारोबार अभी घाटे में हैं।

एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस को FY26 में कुल रू.22,238 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि टाटा डिजिटल का घाटा रू.4,974 करोड़ रहा। इन्हीं मुद्दों पर नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के प्रदर्शन को लेकर आपत्ति जताई थी।

टाटा संस की लिस्टिंग हो या नहीं

टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाए या निजी कंपनी ही रखा जाए, इस पर टाटा ट्रस्ट्स के अंदर अलग-अलग राय सामने आई। नोएल टाटा लिस्टिंग के पक्ष में नहीं बताए जाते हैं, जबकि कुछ ट्रस्टी लिस्टिंग की वकालत कर चुके हैं।

टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बीच तालमेल

टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है, इसलिए दोनों के बीच बड़े फैसलों पर सहमति बेहद अहम है। नए कारोबारों की रणनीति, निवेश और चंद्रशेखरन के कार्यकाल को लेकर मतभेदों से दोनों के बीच तालमेल का सवाल भी सामने आया।

चंद्रशेखरन का 9 साल का सफर: रेवेन्यू रू.16.24 लाख करोड़ पहुंचा

चंद्रशेखरन के 2017 में कमान संभालने के बाद टाटा ग्रुप का दायरा काफी बढ़ा है। चंद्रशेखरन ने ग्रुप को एविएशन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी और डिजिटल बिजनेस जैसे नए क्षेत्रों में उतारा।

  • रेवेन्यू: वित्त वर्ष 2020 में ग्रुप का रेवेन्यू रू.7.89 लाख करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर रू.16.24 लाख करोड़ हो गया।
  • मुनाफा: ग्रुप का मुनाफा रू.32,000 करोड़ से बढ़कर रू.1.71 लाख करोड़ हो गया।
  • मार्केट कैप: लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 2020 के रू.9.31 लाख करोड़ से बढ़कर 2026 में रू.24.39 लाख करोड़ पहुंच गया।

टाटा ग्रुप, टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स में फर्क

  • टाटा ग्रुपः टाटा नाम से चलने वाली अलग-अलग कंपनियों और कारोबारों को मिलाकर टाटा ग्रुप बनता है। जैसे- टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा पावर और एअर इंडिया।
  • टाटा संसः टाटा संस, टाटा ग्रुप की मुख्य कंपनी है। यह ग्रुप की बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी रखती है और बड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाती है।
  • टाटा ट्रस्ट्सः टाटा ट्रस्ट्स सामाजिक और परोपकारी काम करने वाले ट्रस्टों का समूह है। इसके पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है।

कैसे चुना जाएगा नया चैयरमैन

टाटा संस के चेयरमैन को चुनने की प्रक्रिया में पहले चयनसमिति उम्मीदवारों पर विचार करती है। इस समिति में टाटा ट्रस्ट्स की ओर से नामित सदस्य, टाटा संस बोर्ड का एक सदस्य और एक स्वतंत्र बाहरी सदस्य शामिल होते हैं।

समिति उम्मीदवार के नाम की सिफारिश टाटा संस के बोर्ड से करती है। बोर्ड उम्मीदवार की योग्यता और ग्रुप की जरूरतों को देखते हुए अंतिम नियुक्ति का फैसला करता है। अगर मौजूदा चेयरमैन को ही जारी रखना हो, तो उनके कार्यकाल के विस्तार पर भी इसी प्रक्रिया के तहत फैसला होता है।

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खुदरा महंगाई लगातार सातवें महीने बढ़ी, खाने-पीने की चीजें महंगी:जुलाई में 4.45% रही, दूसरे महीने RBI के 4% के अनुमान से ज्यादा

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मुंबई, एजेंसी। आलू-प्याज जैसे खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से रिटेल महंगाई लगातार सातवें महीने बढ़ी है। जुलाई में यह 4.45% रही। एक महीने पहले जून में यह 4.38% पर थी। आज 12 अगस्त को रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी किए गए हैं।

खाने-पीने के सामानों की महंगाई यानी फूड इंफ्लेशन जुलाई में बढ़कर 5.52% पर पहुंच गई है। जून में यह आंकड़ा 5.32% पर था।

RBI के 4% टारगेट से लगातार दूसरे महीने ऊपर

रिजर्व बैंक ने रिटेल महंगाई दर का लक्ष्य 4% तय किया है। यह लगातार दूसरा महीना होगा जब रिटेल महंगाई आरबीआई के तय कम्फर्ट जोन 4% से ऊपर दर्ज की गई है।

महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है?

महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी।

4.45% महंगाई दर का क्या मतलब है?

1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल)

जब हम कहते हैं कि जूलाई 2026 में महंगाई 4.45% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना जुलाई 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 4.45% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं:

  • किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे।
  • किसी चीज के दाम घटे भी होंगे।
  • जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 4.45% बढ़ गया।

2. रू.100 की चीज अब रू.104.45 की हो गई

इसका गणित बहुत सीधा है। अगर जुलाई 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन रू.100 में खरीदा था, तो वही सामान जुलाई 2026 में रू.104.45 का हो गया है।

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