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फेंगल तूफान तमिलनाडु-पुडुचेरी तट से टकराया:यहां से गुजरने में 3 घंटे लगेंगे; 4 राज्य प्रभावित, चेन्नई एयरपोर्ट सुबह 4 बजे तक बंद

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चेन्नई , एजेंसी। बंगाल की खाड़ी से उठे फेंगल तूफान का शाम 7:30 बजे पुडुचेरी के कराईकल और तमिलनाडु के महाबलीपुरम के बीच समुद्र तट पर लैंडफॉल शुरू हो गया है। तूफान को यहां से गुजरने में करीब 3 घंटे लगेंगे।

लैंडफॉल के दौरान 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई इलाकों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। तूफान का असर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी दिख रहा है।

चेन्नई में भारी बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया है। एक ATM के पास शॉर्ट सर्किट के चलते करंट लगने की वजह से एक शख्स की मौत हो गई।

शहर में कई फ्लाइट्स प्रभावित भी हुई हैं। कल सुबह (1 दिसंबर) 4 बजे तक एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। कई ट्रेनें भी तय समय से लेट चल रही हैं।

तमिलनाडु के कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची, चेन्नई और मयिलादुथुराई जिलों और पुडुचेरी में आज स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं।

इन जिलों में लोगों को भी घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए तमिलनाडु में NDRF की 7 टीमें तैनात की गई हैं। हर एक टीम में 30 जवान रखे गए हैं।

चेन्नई में एक एटीएम के बाहर भरे पानी में शॉर्ट सर्किट से एक शख्स की मौत हो गई।

चेन्नई में एक एटीएम के बाहर भरे पानी में शॉर्ट सर्किट से एक शख्स की मौत हो गई।

तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। इसके कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठीं।

तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। इसके कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठीं।

चेन्नई एयरपोर्ट पर कल सुबह 4 बजे तक के लिए ऑपरेशन रद्द कर दिया गया है। इसके चलते पैसेंजर्स एयरपोर्ट पर फंस गए है।

चेन्नई एयरपोर्ट पर कल सुबह 4 बजे तक के लिए ऑपरेशन रद्द कर दिया गया है। इसके चलते पैसेंजर्स एयरपोर्ट पर फंस गए है।

चेन्नई शहर में तेज हवा और आंधी के कारण कई पेड़ उखड़ गए।

चेन्नई शहर में तेज हवा और आंधी के कारण कई पेड़ उखड़ गए।

तस्वीर तमिलनाडु के नागपट्टनम की है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद करीब 4 हजार नावें किनारे पर लौट आई हैं।

तस्वीर तमिलनाडु के नागपट्टनम की है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद करीब 4 हजार नावें किनारे पर लौट आई हैं।

चेन्नई में बाढ़ के अलर्ट को देखते हुए लोगों ने सुबह से ही अपने वाहन फ्लाईओवर पर पार्क कर दिए।

चेन्नई में बाढ़ के अलर्ट को देखते हुए लोगों ने सुबह से ही अपने वाहन फ्लाईओवर पर पार्क कर दिए।

थाई कल थोनी थोरु गांव में NDRF की टीम ने निचले इलाके में रह रहे लोगों को रेस्क्यू किया।

थाई कल थोनी थोरु गांव में NDRF की टीम ने निचले इलाके में रह रहे लोगों को रेस्क्यू किया।

चेन्नई में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। लोगों को सड़कों पर गाड़ी चलाने में दिक्कत हुई। (फोटो क्रेडिट- राज कुमार)

चेन्नई में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। लोगों को सड़कों पर गाड़ी चलाने में दिक्कत हुई। (फोटो क्रेडिट- राज कुमार)

फेंगल से प्रभावित 4 राज्य…

तूफान का असर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और पुडुचेरी में पड़ रहा है। तमिलनाडु सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। यहां भारी बारिश के चलते धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। नागपट्टिनम में करीब 800 एकड़ से ज्यादा की फसल खराब हुई।

राज्यों में असर और तैयारी…

1. तमिलनाडु

  • असर: कामेश्वरम, विरुंधमावडी, पुडुपल्ली, वेद्रप्पु, वनमादेवी, वल्लपल्लम, कल्लिमेडु, ईरावायल और चेम्बोडी जिलों में 3 दिसंबर तक भारी बारिश होगी। कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची और मयिलादुथुराई में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। चेन्नई में बारिश के कारण कई फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। ट्रेनें भी लेट हुई हैं। समुद्री तट के पास के इलाकों और निचले इलाकों से लोगों को सेफ जगह पहुंचाया गया है।
  • तैयारी: नौसेना प्रभावित इलाकों में गाड़ियों से को भोजन, पीने का पानी भेज रही है। बाढ़ संभावित इलाकों में NDRF की 7 टीमें तैनात की गई हैं।​​​​​ इमरजेंसी से निपटने के लिए टोल-फ्री नंबर 112 और 1077 जारी किए हैं। 2 हजार रिलीफ कैंप तैयार किए गए हैं। तिरुवरुर और नागपट्टनम में 471 लोगों को ठहराया गया है। दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की अपील की गई है। समुद्र तट के नजदीकी सड़कों पर आवाजाही बंद कर दी गई है।

2. आंध्र प्रदेश

  • असर: फेंगल तूफान से नेल्लोर, चित्तूर, विशाखापट्टनम और तिरुपति सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल रही है।
  • तैयारी: 1 दिसंबर तक प्रभावित समुद्री तटों को खाली रखने के निर्देश दिए गए हैं। मछुआरों को भी बोटिंग करने से मना किया गया है। आंध्र प्रदेश सरकार ने तट के नजदीक रहने वाले लोगों से घरों में रहने की अपील की है।

3. पुडुचेरी

  • असर: पूरे पुडुचेरी में बारिश हो रही है। निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई इलाकों में पवर कट भी देखने को मिला है।
  • तैयारी: सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं। दफ्तरों को वर्क फ्रॉम होम करने के लिए कहा गया है। 12 लाख लोगों को सावधानी बरतने के लिए मैसेज भेजे गए हैं। इमरजेंसी हेल्प लाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। पुलिस और PWD डिपार्टमेंट को अलर्ट पर रखा गया है। वॉर रूम तैयार किया गया है। राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं और वहां सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। लगभग 4000 सरकारी अधिकारी काम पर तैनात हैं।

4. कर्नाटक

  • असर: उडुपी, चिक्कमगलुरु, चित्रदुर्ग समेत 16 जिलों में बारिश हो रही है। 1 दिसंबर से 3 दिसंबर तक बिजली भी गिर सकती है।
  • तैयारी: निचले इलाकों के लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। पुलिस और PWD टीम को प्रभावित लोगों तक जल्द पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
तूफान की चेतावनी के बावजूद चेन्नई में मछुआरे समुद्र में मछली पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

तूफान की चेतावनी के बावजूद चेन्नई में मछुआरे समुद्र में मछली पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

​​​​सऊदी अरब ने दिया तूफान को ‘फेंगल’ नाम

इस तूफान का नाम ‘फेंगल’ सऊदी अरब की तरफ से प्रस्तावित किया गया है। यह एक अरबी शब्द है, जो भाषाई परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का मिश्रण है। यह शब्द वर्ल्ड मीटियोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (UNESCAP) के नामकरण पैनल में क्षेत्रीय विविधता को दर्शाता है।

चक्रवातों के नामों का चयन करते समय यह सुनिश्चित किया जाता है कि नामों का उच्चारण आसान हो, वे याद रखने में सरल हों, और सांस्कृतिक रूप से निष्पक्ष हों। यह ध्यान रखा जाता है कि नाम ऐसे हों जिनसे अलग-अलग क्षेत्रों और भाषाओं के बीच कोई विवाद पैदा न हो या किसी का अपमान न हो।

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कोरबा

भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की राष्ट्रीय बैठक हेतु अशोक मोदी वृंदावन रवाना हुए

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कोरबा। व्यापारियों की देश की सर्वोच्च संस्था भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की विशाल बैठक 12 एवं 13 मई को धर्मनगरी वृंदावन में आयोजित की गई है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठक में शामिल होने हेतु छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक मोदी एवं प्रदेश चेयरमैन सुधीर बंसल आज वृंदावन के लिए रवाना हो गए।

इस राष्ट्रीय अधिवेशन के मुख्य अतिथि नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यापारी कल्याण बोर्ड के राष्ट्रीय चेयरमैन एवं केंद्रीय कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त सुनील संगवी करेंगे। कार्यक्रम भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता एवं राष्ट्रीय महामंत्री मुकुंद मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न होगा।

बैठक में देशभर के 28 राज्यों से व्यापारी प्रतिनिधि, उद्योगपति एवं संगठन पदाधिकारी शामिल होंगे। इस दौरान व्यापारियों एवं उद्योग जगत से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और उनके निराकरण पर व्यापक चर्चा की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल द्वारा केंद्रीय मंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर व्यापार हितों की रक्षा एवं व्यापारी वर्ग को राहत प्रदान करने हेतु मांगें रखी जाएंगी।

राष्ट्रीय बैठक में जीएसटी, आयकर, औद्योगिक विभागों से संबंधित जटिल प्रक्रियाएं, अनाज व्यवसायियों की समस्याएं, लघु एवं मध्यम उद्योगों के समक्ष आने वाली चुनौतियां तथा छोटे व्यापारियों को राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग प्रदान करने जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी। व्यापार और उद्योग क्षेत्र को सरल, सुरक्षित एवं सशक्त बनाने के लिए विभिन्न प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे।

बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत एवं स्वदेशी अभियान को और अधिक मजबूती देने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। देश में निर्मित वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने, विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम करने तथा भारतीय उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे। छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर देश की आर्थिक मजबूती में व्यापारियों की भूमिका को और सशक्त बनाने पर विशेष जोर रहेगा।

साथ ही वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव एवं युद्ध जैसी स्थितियों के कारण उत्पन्न पेट्रोलियम पदार्थों एवं वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर भी गहन चर्चा की जाएगी। इन परिस्थितियों में देश के व्यापारियों द्वारा केंद्र सरकार एवं माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को किस प्रकार सहयोग प्रदान किया जा सकता है, इस विषय पर भी विचार रखा जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष अशोक मोदी ने बताया कि इस राष्ट्रीय बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश के व्यापारियों एवं उद्योगपतियों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण हेतु विशेष प्रस्ताव रखे जाएंगे, ताकि व्यापारियों को राहत एवं बेहतर व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

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देश

सनातन धर्म विभाजनकारी है, इसे ‘समाप्त’ किया जाना चाहिए: उदयनिधि स्टालिन ने फिर उगला जहर

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चेन्नई, एजेंसी। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को दावा किया कि सनातन धर्म लोगों को विभाजित करता है और उन्होंने इसे ‘समाप्त’ करने का आह्वान किया। उदयनिधि इससे पहले सितंबर 2023 में भी इस तरह का बयान दे चुके हैं। तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में अपने पहले भाषण में द्रमुक नेता ने यह भी कहा कि विपक्ष, तमिल प्रार्थना गीत ”तमिल थाई वझुथु” को दरकिनार करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगा। 

‘सनातन धर्म लोगों को विभाजित करता है
उन्होंने सदन में अपने भाषण में कहा, ”सनातन धर्म लोगों को विभाजित करता है और उसे निश्चित रूप से समाप्त किया जाना चाहिए।” इससे पहले उदयनिधि ने 2023 में भी इसी तरह की टिप्पणी की थी जिससे एक बड़ा विवाद पैदा हो गया था। उन्हें हिंदू समर्थक संगठनों की आलोचना का शिकार होना पड़ा और उनके खिलाफ कई मामले भी दर्ज कराए गए थे। उदयनिधि ने नयी सरकार के हालिया शपथ ग्रहण समारोह के संबंध में एक विशिष्ट शिकायत को उजागर करते हुए कहा कि राज्य के गीत को उसकी पारंपरिक प्राथमिकता के बजाय क्रम में तीसरे स्थान पर धकेल दिया गया। 

 ‘तमिल थाई वझथु’ को हमेशा प्रथम स्थान देना होगा 
विपक्ष के नेता ने कहा, ”…आपकी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हुई ऐसी घटना एक गलती थी और आपको इस विधानसभा में इसे दोबारा होने नहीं देना चाहिए। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने कहा कि न केवल विधानसभा में, बल्कि किसी भी सरकारी कार्यक्रम या तमिलनाडु में आयोजित किसी भी कार्यक्रम में, ‘तमिल थाई वझथु’ को हमेशा प्रथम स्थान दिया जाना चाहिए। विपक्ष के नेता ने कहा, ”मैं इस सरकार से अनुरोध करता हूं कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस पर कभी समझौता न हो। हमें अपने अधिकारों और परंपराओं की रक्षा के लिए बहुत सतर्क रहना होगा।

परंपरा से हटने से राज्य के लोगों में आक्रोश 
उन्होंने दावा किया कि इस परंपरा से हटने से राज्य के लोगों में काफी आक्रोश है और उन्हें सदमा लगा है। उन्होंने सदन को 2023 की उस घटना की भी याद दिलाई, जब सरकार ने राज्यपाल द्वारा प्रोटोकॉल में बदलाव करने के प्रयासों का विरोध किया था। द्रविड़ मॉडल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के प्रदर्शन पर नजर रखता रहेगा ताकि ”सब के लिए सब कुछ” के सिद्धांत को बरकरार रखा जाए। 

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जब तक भ्रष्ट भाजपा सरकार रहेगी, ‘लीक’ की लीक पर ही परीक्षा प्रणाली चलती रहेगी: अखिलेश

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लखनऊ, एजेंसी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने सीबीआई को इन ‘अनियमितताओं’ की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया। इसे लेकर अब सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एंव पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ये क्या गारंटी कि दुबारा करवाने पर परीक्षा फिर लीक नहीं होगी। इस समाचार से लाखों बच्चों और उनके करोड़ो परिजनों के बीच भाजपा की भ्रष्टाचारी व्यवस्था के विरुध्द बेहद आक्रोश और हताशा है। 

जब तक भाजपा सरकार रहेगी परीक्षा लीक होती रहेगी
उन्होंने आगे लिखा जब तक भ्रष्ट भाजपा सरकार रहेगी, ‘लीक’ की लीक पर ही परीक्षा प्रणाली चलती रहेगी। जब तक भाजपा सरकार रहेगी परीक्षा होती रहेगी लीक, भाजपा के जाने के बाद ही परीक्षा प्रणाली होगी ठीक। भाजपा सरकार मतलब नाकाम सरकार!

एफएआईएमए ने कार्रवाई की उठाई मांग 
आप को पेपर लीक मामले को लेकर ‘द फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन’ (एफएआईएमए) ने मंगलवार को मांग की कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 का प्रश्नपत्र “लीक” होने से जुड़े मामले की समयबद्ध जांच की जाए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भरोसे चकनाचूर 
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) को प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर रद्द कर दिया है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को आरोपों की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया है। एफएआईएमए ने कहा कि इस घटनाक्रम ने उन लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भरोसे को चकनाचूर कर दिया है, जिन्होंने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए वर्षों से कड़ी मेहनत और त्याग किया।

ऐसी विफलताएं गंभीर कमियों को उजागर करती हैं
एफएआईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जयदीप कुमार चौधरी ने कहा, “बार-बार सामने आने वाली ऐसी विफलताएं देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक के संचालन के लिए जिम्मेदार तंत्र में गंभीर कमियों को उजागर करती हैं।” डॉ. चौधरी ने कहा कि एफएआईएमए “चिकित्सा शिक्षा में योग्यता, पारदर्शिता और निष्पक्षता” से समझौता करने वाले किसी भी कृत्य की निंदा करता है और इस मामले की “तत्काल, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच” की मांग करता है। उन्होंने कहा, “हम इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति या संगठन की कड़ी जवाबदेही सुनिश्चित करने और उन्हें कठोर सजा देने की मांग करते हैं।

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