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कोरबा

सही सलाह और साहसिक निर्णय: ललिता की आँखों की समस्या पर विजय

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सही समय पर लिए ऑपरेशन के निर्णय से ललिता की आँखों को मिली नई रोशनी

कोरबा/करतला ।
सही सलाह और सही समय पर लिया गया निर्णय जीवन को बेहतर बना सकता है। आज मैं अपने जीवन में खुश और संतुष्ट हूँ, और मैं चाहती हूँ कि मेरी जैसी महिलाएं भी कभी हिम्मत न हारें और अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें।
ये कहना है विकासखण्ड करतला के ग्राम सिनमार की रहने वाली श्रीमती ललिता बाई का। जिन्होंने धुंधली दृष्टि से निजात पाने मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराकर अपने जीवन को आसान और खुशहाल बनाया है।
ललिता का मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने का निर्णय उसके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, क्योंकि इसके बाद उसे ऑपरेशन के बारे में पूरी जानकारी मिली और उसकी आँखों की समस्या का समाधान हो सका।
ललिता बताती है कि उसके जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब उसे अपनी आँखों से कुछ भी ठीक से दिखाई नहीं देता था। उसकी यह समस्या इतनी बढ़ गई थी कि उसे घरेलू कामकाज करने में काफी परेशानी होने लगी थी। वह दीवार का सहारा लेकर घर का काम करती थी। दिन-प्रतिदिन उसकी यह समस्या उसके लिए और भी कठिन होती जा रही थी। ललिता ने बताया कि गर्भवती होने के बावजूद उसे इस बात की चिंता सता रही थी कि प्रसव के बाद वह अपने बच्चे की देखभाल कैसे करेगी, अगर उसकी आँखों की समस्या और बढ़ गई तो क्या होगा। उसकी धुंधली दृष्टि के कारण उसे घर के कामकाज में भी कठिनाई हो रही थी। वह दीवार पकड़कर चलती थी, और यह सोचकर बहुत परेशान रहती थी कि अगर उसकी आँखों की हालत और बिगड़ गई, तो उसे अपने बच्चे की देखभाल में कठिनाई होगी। इस बात की चिंता और डर ने उसे अंदर से बहुत परेशान कर दिया था। वह सोचती थी कि यदि उसकी आँखों का सफल ऑपरेशन न हुआ और उसकी समस्या और बढ़ी, तो न सिर्फ उसका जीवन कठिन हो जाएगा, बल्कि उसके बच्चे की देखभाल और परिवार के लिए जिम्मेदारियों को निभाना भी मुश्किल हो जाएगा। हर दिन इस चिंता में डूबे रहने और मानसिक तनाव के कारण वह शारीरिक रूप से कमजोर होती जा रही थी।
ललिता की इस मानसिक स्थिति को देखकर गांव की मितानिन, श्रीमती रामप्यारी राठिया ने उसे समझाया और सुझाव दिया कि वह जिला चिकित्सालय कोरबा जाकर अपनी आँखों की जांच कराए। मितानिन ने ललिता को बताया कि समय पर इलाज से उसकी समस्या का समाधान हो सकता है, और उसे ऑपरेशन से डरने की जरूरत नहीं है। शुरुआत में ललिता को ऑपरेशन का भय था और वह इसे नकार रही थी। उसे यह डर था कि ऑपरेशन के बाद शायद ज्यादा तकलीफ हो, या कोई और समस्या उत्पन्न हो जाए। इस डर के कारण उसने मितानिन के सुझाव को तुरंत नहीं माना और इलाज कराने का विचार टाल दिया। लेकिन मितानिन की बार-बार समझाइश और समर्थन ने ललिता को साहस दिया। उसने अपनी चिंताओं को नकारते हुए, अंततः निर्णय लिया और जिला चिकित्सालय में आँखों की जांच कराने गई। चिकित्सालय में नेत्र रोग विशेषज्ञ ने मेरी आँखों की पूरी जांच की और मुझे बताया कि मेरी आँखों की धुंधली दृष्टि को सुधारने के लिए एक ऑपरेशन की जरूरत है। वह मुझे ऑपरेशन के बारे में पूरी जानकारी देने के बाद मेरी चिंताओं को भी दूर करने लगे। डॉक्टर की सलाह मानकर ऑपरेशन करवा लिया।
ऑपरेशन के बाद ललिता की आँखों की दृष्टि पूरी तरह से सामान्य हो गई। अब वह आसानी से देख सकती है। उसकी जिंदगी पहले से कहीं आसान हो गई है। अब वह घर के सारे काम ठीक से कर रही है और अब अपने बच्चे की देखभाल भी अच्छे से कर पाती हूँ। ललिता की यह यात्रा इस बात का उदाहरण है कि कभी-कभी हमें अपने डर और संकोच को पार कर, सही समय पर इलाज करवाना चाहिए, ताकि हम अपनी समस्याओं को हल कर सकें और एक स्वस्थ जीवन जी सकें।

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कोरबा

बालको ने विश्व जल दिवस पर चलाया सामुदायिक जल संचय अभियान

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बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व जल दिवस के अवसर पर ‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के अंतर्गत तालाब पुनर्जीवित अभियान का आयोजन किया। इस पहल में 150 से अधिक कर्मचारी और स्थानीय समुदाय के लोग शामिल हुए, जिन्होंने पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और सतत जल उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में योगदान दिया। यह पहल जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इन प्रयासों से अब तक 40 से अधिक गांवों में जल संरक्षण संरचनाएं विकसित और पुनर्जीवित की जा चुकी हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ी है और खेती को मजबूती मिली है। साथ ही परियोजना के तहत कुल 158 जल संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनमें 129 खेत तालाब, 15 सामुदायिक तालाब, 12 चेक डैम और 2 लाइनिंग तालाब शामिल हैं। इनकी कुल जल संग्रहण क्षमता 2.30 लाख घन मीटर से अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में ही 22 नई संरचनाएं (21 खेत तालाब और 1 सामुदायिक तालाब) बनाई गई हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 22 हजार घन मीटर है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि जल संरक्षण, सतत विकास और मजबूत समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। ‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के माध्यम से हम स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर जल संसाधनों को पुनर्जीवित कर रहे हैं, जिससे कृषि, आजीविका और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिल रहा है। हमारा उद्देश्य दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विश्व जल दिवस पर हम संकल्प लेते हैं कि हम जिम्मेदारी से पानी का उपयोग और पर्यावरण की रक्षा करते रहेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिल सके।

इन जल संरचनाओं से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है, जिससे वे अब केवल बारिश पर निर्भर नहीं हैं। किसान अब साल में कई फसलें उगा पा रहे हैं और अपनी आय में भी वृद्धि कर रहे हैं। साथ ही, पशुपालन के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर हुई है।

इस पहल का असर बताते हुए कोरबा के पास भाटगांव की किसान संध्या बाई ने कहा कि मैं हमेशा मछली पालन और सब्जी खेती के जरिए अपनी आय बढ़ाना चाहती थी। ‘मोर जल मोर माटी’ योजना के तहत खेत में तालाब बनने से मैं दोनों काम कर पा रही हूं। इससे मेरे परिवार की आय में बढ़ोतरी हुई है और अब घर की आर्थिक स्थिति सुधार हुआ है।

इस पहल से समुदाय के लोगों को आजीविका के नए अवसर भी मिले हैं। इस कार्यक्रम के तहत 80 किसानों ने मछली पालन को अतिरिक्त आय के रूप में अपनाया है। इससे उन्हें हर फसल चक्र में औसतन ₹20 हजार की कमाई हो रही है। इससे पानी के संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।

कंपनी के इस परियोजना से क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ा है और लंबे समय तक पानी की उपलब्धता बनी रहती है। तालाबों और जल संरचनाओं के पुनर्निर्माण से बारिश का पानी आसानी से संग्रहित होता है, जिससे पानी का बेकार बहना कम होता है। साथ ही आसपास का पर्यावरण संतुलित रहता है। कंपनी पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। साथ ही ऐसे प्रयासों से स्थानीय समुदाय के साथ कंपनी का भरोसा और संबंध भी मजबूत होता है, जो भविष्य के लिए सकारात्मक और स्थायी विकास सुनिश्चित करता है।

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कोरबा

लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर एवं रिजन चेयरमेन की आधिकारिक यात्रा 25 को

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कोरबा। लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल में 25 मार्च को द इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ लायंस क्लब्स डि. 3233 सी के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पीएमजेएफ लायन विजय अग्रवाल एवं रिजन चेयरमेन एमजेएफ लायन कैलाश गुप्ता की आधिकारिक यात्रा हो रही है।

लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल (लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा परिसर) में दोनों लायंस अधिकारियों द्वारा लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के पदाधिकारियों की बैठक लेंगे और लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के अध्यक्ष लायन सुरेन्द्र डनसेना एवं सचिव लायन दर्शन अग्रवाल द्वारा स्थायी प्रोजेक्ट एवं सेवागतिविधियों एवं रचनात्मक कार्यों पर प्रजेंटेशन दिया जाएगा और लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के संरक्षक पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल के मार्गदशन में दोनों लायंस अधिकारियों को विजीट कराया जाएगा। लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के अध्यक्ष लायन सुरेन्द्र डनसेना ने सभी पदाधिकारियों को समय पर उपस्थित होने की अपील की है।

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कोरबा

नवरात्रि का पंचम दिन:माँ सर्वमंगला देवी की आराधना में डूबा क्षेत्र

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कोरबा। चैत्र शुक्ल पंचमी को माँ स्कंदमाता स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की आराधना में पूरा क्षेत्र डूबा रहा और माँ सर्वमंगला की पूजा-अर्चना करने अलसुबह से रात्रि तक हजारों लोग मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर माँ से आशीर्वाद मांगा। मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराए भक्तों ने अपने-अपने मनोकामना ज्योति कलशों का दर्शन भी किया।
माँ स्कंदमाता को भोग के रूप में केला एवं अन्य फल समर्पित किए और माता से आरोग्य प्राप्ति का आशीर्वाद मांगा।

आरोग्य प्रदात्रि है माँ स्कंदमाता-नमन पाण्डेय

माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/पुजारी एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महाराज) ने बताया कि माँ स्कंदमाता स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी का पंचम स्वरूप आरोग्य प्रदात्रि हैं और आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्तगण माँ सर्वमंगला देवी की पूजा-अर्चना की और स्वयं तथा परिवार एवं कोरबावासियों के लिए सुख समृद्धि एवं बेहतर स्वास्थ्य की कामना की।
नमन पाण्डेय ने भी माँ सर्वमंगला देवी से प्रदेशवासियों सहित क्षेत्र के लोगों के लिए सुख समृद्धि एवं स्वास्थ्य की कामना की। स्वस्थ कोरबा… स्वस्थ छत्तीसगढ़ की शुभकामनाओं के साथ नमन पाण्डेय ने माँ सर्वमंगला देवी को छप्पन भोग भी लगाया और माँ से आशीर्वाद मांगा कि पूरे विश्व में महायुद्ध की काली छाया जल्द समाप्त हो और सबको भरपेट भोजन मिले और सभी का जीवन सरल और सुलभ हो।

कल षष्ठी को माँ कात्यायनी स्वरूपा की होगी पूजा

कल मंगलवार 24 मार्च माँ कात्यायनी स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की पूजा की जाएगी। माँ कात्यायनी को भोग में शहद और फल अतिप्रिय है। ये दोनों भोग अर्पित करने से एवं पूजा-अर्चना करने से मंगलपरिणय का शुभ आशीर्वाद प्राप्त होता है, इसलिए सौभाग्यकांक्षी युवतियां माँ कात्यायनी स्वरूपा की पूजा करें तो मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और भविष्य सुखद होता है।

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