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छत्तीसगढ़

डबल इंजन की सरकार में विकास की रफ्तार भी डबल

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केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका की ओर छत्तीसगढ़

रायपुर। केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ की जनता को दोहरा लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री जी ने जिस संकल्प के साथ विकसित भारत की प्रतिबद्धता जाहिर की उसी लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ में भी जनहित कार्यों का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। साय सरकार में गुणवत्ता, जवाबदेही और पारदर्शिता के तीन कार्यस्तम्भ के जरिए लोगों तक सुशासन का संदेश जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संचालित योजनाओं का छत्तीसगढ़ को भरपूर लाभ मिल रहा है। केन्द्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाने में छत्तीसगढ़ लगातार अग्रणी भूमिका की ओर बढ़ रहा है। जिनमें पीएम आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, आयुष्मान भारत योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाएं शामिल हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना में छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार से पूरे देश में सर्वाधिक 8.46 लाख आवास निर्माण का लक्ष्य मिला है। मोदी जी की गारंटी के अनुरूप 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति के साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत सर्वे के पात्र 47 हजार 90 आवासहीन परिवारों को भी पक्का मकान दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ में अब तक पीएम आवास योजना ग्रामीण में 1 लाख 74 हजार 585 हितग्राहियों को उनका आवास मिल चुका है।

प्रदेश में पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को पीएम जनमन योजना का भी लाभ मिल रहा है। इस योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजातियों के 24 हजार 542 परिवारो को आवास की स्वीकृति मिल चुकी है। प्रदेश में केंद्र सरकार के द्वारा 1 हजार 699 करोड़ की स्वीकृति से 2 हजार 449 किलोमीटर की 715 सड़कों का निर्माण भी किया जाएगा, जिनसे 777 पीव्हीटीजी बसाहटें लाभान्वित होगी।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल रही है। प्रदेश में लोगों को गुणवत्तापूर्ण आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का लाभ मिल रहा है, इस उपलब्धि के लिए भारत द्वारा छत्तीसगढ़ के राज्य के 266 सरकारी अस्पतालों को क्वालिटी सर्टिफिकेशन भी दिया है। छत्तीसगढ़ में 11 लाख 20 हजार से ज्यादा मरीज आयुष्मान कार्ड से लाभान्वित हुए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए दिसम्बर 2023 से नवम्बर 2024 तक 883 संविदा पदों पर नियुक्ति भी दी गई है।

डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ में विकास की रफ्तार भी डबल हो गई है। प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित दूरस्थ इलाकों में 103 किलोमीटर लम्बाई की सड़कें बन चुकी हैं, इनमें 616 सड़कों के नवीनीकरण का कार्य भी जारी है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 4500 करोड़ रूपए के प्रावधान के साथ ही छत्तीसगढ़ के 50 लाख परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने का लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए 40 लाख परिवारों तक नल कनेक्शन पहुंचा दिया गया है।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 11 हजार करोड़ रूपए की मंजूरी भी मिल चुकी है। उरगा-कटघोरा बाईपास, बसना से सारंगढ़ (माणिकपुर) फीडर रूट, सारंगढ़ से रायगढ़ फीडर रूट और रायपुर-लखनादोन इकॉनोमिक कॉरिडोर के लिए भी केन्द्र से स्वीकृति मिल चुकी है, 236.1 किलोमीटर की कुल लम्बाई वाले इस कॉरिडोर को 9208 करोड़ रूपए की लागत बनाया जाएगा। केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ में 20 हजार करोड़ रूपए के विकास कार्यों को भी मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ को पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 240 ई-बसों की स्वीकृति भी मिली है, ये बसें रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग-भिलाई में चलेंगी। इस सुविधा से आम लोगों को सस्ती दर में परिवहन की सुविधा मिलेगी।

छत्तीसगढ़ के किसानों तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का दोहरा फायदा पहुंच रहा है, किसान अपनी सुविधा से अधिकतम 5 लाख तक अल्पकालीन कृषि ऋण भी ले सकते हैं। मोदी जी की गारंटी पर मुख्यमंत्री की पहल से छत्तीसगढ़ के किसानों को उनके धान का देश में सबसे उच्चतम मूल्य मिल रहा है।

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छत्तीसगढ़

वनमंत्री की पत्नी को 20-करोड़ का प्लॉट देने का आरोप:कांग्रेस बोली- कम कीमत की जमीन देकर प्रीमियम लैंड लिया, स्कीम निरस्त की जाए

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में प्रस्तावित जमीन आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्राधिकरण की वेबसाइट पर प्लॉट्स की जानकारी अपलोड होने के बाद कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने कचना की जमीन के बदले मंत्री केदार कश्यप की पत्नी की कंपनी को सड्डू में करीब 23 हजार वर्गफीट का प्लॉट दिए जाने का आरोप लगाया है।

उनके मुताबिक प्लॉट की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए बताई गई है। उन्होंने आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य सचिव से इसकी जांच कराने और योजना को निरस्त करने की मांग की है। वहीं, RDA अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है और दावा-आपत्ति आने पर मामले की जांच कराई जाएगी।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कचना की जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट देने का दावा

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता का आरोप है कि डॉक्यूमेंट के अनुसार साय कैबिनेट के मंत्री केदार कश्यप की पत्नी शांति कश्यप की कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को सड्डू में प्लॉट नंबर 25 दिया जा रहा है। यह प्लॉट 2,168 वर्गमीटर यानी करीब 23,327 वर्गफीट का है।

डॉ. गुप्ता के मुताबिक, यह प्लॉट प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी एमआर-43 सड़क के पास है। उन्होंने अनुमान लगाया है कि भविष्य में यहां जमीन की कीमत करीब 10 हजार रुपए प्रति वर्गफीट हो सकती है। इस हिसाब से उन्होंने प्लॉट की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए बताई है।

कांग्रेस नेता का दावा है कि कंपनी के पास कचना के नालापारा इलाके में करीब 1.33 एकड़ जमीन है। उनके मुताबिक, इस जमीन तक पहुंचने के लिए संकरी सड़क है। इसलिए इसकी बाजार कीमत कुछ लाख रुपए ही थी।

डॉ. गुप्ता का आरोप है कि नगर विकास योजना में कचना की इस जमीन को शामिल करने के बाद कंपनी को इसके बदले सड्डू में अलग प्लॉट दिया जा रहा है।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

एक किलोमीटर दूर प्लॉट मिलने पर उठाए सवाल

डॉ. राकेश गुप्ता ने छत्तीसगढ़ नगर और ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 का हवाला दिया है। उनका कहना है कि नियम के मुताबिक नया भूखंड मूल जमीन या उसके आसपास के इलाके में दिया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी की कचना वाली जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट दिया जा रहा है, जो मूल जमीन से करीब एक किलोमीटर दूर है।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने भू-आवंटन को लेकर उठाए सवाल।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने भू-आवंटन को लेकर उठाए सवाल।

प्रमुख सड़क से हटाकर अंदरूनी प्लॉट देने का आरोप

डॉ. राकेश गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अन्य भू-स्वामियों को एमआर-43 जैसी प्रमुख सड़क पर मिलने वाले भूखंडों के बजाय योजना के अंदरूनी हिस्सों में जमीन दी गई। उन्होंने पूरे भूखंड आवंटन की प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

इन आरोपों पर मंत्री केदार कश्यप की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, RDA अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। अधिकारियों का कहना है कि दावा आपत्ति आने पर मामले में जांच कराई जाएगी।

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कोरबा

छत्तीसगढ़ में 125 अफसरों का ट्रांसफर:अपर-डिप्टी और संयुक्त कलेक्टर भी बदले, पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को तबादला आदेश जारी किया। अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर नई पदस्थापना दी गई है।

तबादला सूची में अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और प्रवर श्रेणी के अधिकारी शामिल हैं। कई जिलों के संयुक्त कलेक्टर भी बदले गए हैं। जिलों से लेकर मंत्रालय स्तर तक अधिकारियों का फेरबदल किया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

पुलक भट्टाचार्य सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे पीएमओटी मिशन कर्मयोगी के समन्वयक और नगरीय प्रशासन-विकास संचालनालय में अपर संचालक के अतिरिक्त प्रभार में हैं।

आदेश के अनुसार, वर्तमान दायित्वों के साथ उन्हें राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा), रायपुर के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विपुल गुप्ता को कर्मकार मंडल का अतिरिक्त प्रभार

विपुल कुमार गुप्ता श्रम विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ सचिव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विनायक शर्मा को नवा रायपुर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक बनाया

विनायक शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार कार्यालय में राज्य शिष्टाचार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। उनके पास उप सचिव, खनिज साधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी है।

आदेश के अनुसार, उन्हें नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक के पद पर पदस्थ किया गया है।

डॉ. ऋतु वर्मा को उच्च शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार

डॉ. ऋतु वर्मा सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव (कक्ष-6 एवं 7) के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ को छत्तीसगढ़ संवाद के प्रभार से हटाया

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ कृषि विकास-किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे छत्तीसगढ़ संवाद में उप महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें छत्तीसगढ़ संवाद के उप महाप्रबंधक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

पुष्पेन्द्र शर्मा बने राज्य शिष्टाचार अधिकारी

पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार अधिकारी के कार्यालय में सत्कार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। आदेश के अनुसार, उन्हें राज्य शिष्टाचार अधिकारी, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर के पद पर पदस्थ किया गया है।

गौतम सिंह को मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया

गौतम सिंह सुशासन-अभिसरण विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं और मार्कफेड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

मोनिका जयनशीने बनीं डिप्टी कलेक्टर

मोनिका जयनशीने माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे नवाचार आयोग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं।

आदेश के अनुसार, उन्हें डिप्टी कलेक्टर, दुर्ग के पद पर पदस्थ किया गया है।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 19 नायब तहसीलदार बने तहसीलदार:नई पोस्टिंग भी मिली, 10 दिन में ज्वाइन करना होगा, किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 19 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर पदोन्नति दी है। प्रमोशन के साथ ही इन अधिकारियों की नई पदस्थापना भी की गई है। कुछ अधिकारियों को दूसरे जिलों में भेजा गया है। जबकि कुछ को वर्तमान जिले में ही नई जिम्मेदारी दी गई है।

पदोन्नत अधिकारियों को वर्तमान जगह से कार्यमुक्त होने के दिन से 10 दिन के भीतर नई पदस्थापना वाली जगह पर कार्यभार संभालना होगा। तय समय में ज्वाइन नहीं करने पर पदोन्नति आदेश अपने आप निरस्त माना जाएगा।

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