Connect with us

छत्तीसगढ़

शराब घोटाला केस..पूर्व मंत्री कवासी लखमा गिरफ्तार:तीसरी बार ED दफ्तर में पूछताछ के लिए पहुंचे थे; बोले- शाह-मोदी के इशारे पर बना फर्जी केस

Published

on

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को तीसरी बार वे ED दफ्तर पूछताछ के लिए पहुंचे थे इसी दौरान उनकी गिरफ्तारी हुई है। शाम तक उन्हें कोर्ट में पेश किया जा सकता है। हालांकि उनके बेटे को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

कोर्ट में पेश करने के दौरान कवासी लखमा ने कहा कि, मेरे पास से एक रुपए नहीं पकड़ा गया, ना ही कोई दस्तावेज मिला है। शाह, मोदी और पूरी बीजेपी सरकार फर्जी मामला बनाकर मुझे परेशान कर रहे। मैं बस्तर की आवाज उठाता रहूंगा।

लखमा को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश करने की तैयारी

लखमा को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश करने की तैयारी

सीए के साथ नहीं पहुंचे थे लखमा

ED के अधिकारियों ने आज कवासी को पूछताछ के लिए CA के साथ बुलाया था। लेकिन वे अकेले ही ED दफ्तर पहुंचे थे। लखमा ने बताया कि, उनके सीए बाहर हैं, इस वजह से वह नहीं आए हैं। लखमा अपने बेटे के साथ पहुंचे थे हालांकि उनके बेटे हरीश लखमा को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

पहले 8-8 घंटे और पूछताछ हो चुकी है

इससे पहले 2 बार उनसे और उनके बेटे हरीश लखमा से 8-8 घंटे ​​​​ED के अधिकारियों ने पूछताछ की थी। दफ्तर के अंदर जाने से पहले लखमा ने कहा कि, देश कानून के हिसाब चलता है, अगर कानून के हिसाब से बुलाएंगे, तो मैं 25 बार आऊंगा। ED के अधिकारी जो सवाल करेंगे, उसका जवाब दूंगा। उनका सम्मान करुंगा।

गिरफ्तारी से पहले बुधवार को लखमा ED दफ्तर पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने कहा कि, जितने बार बुलाएंगे मैं आऊंगा।

गिरफ्तारी से पहले बुधवार को लखमा ED दफ्तर पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने कहा कि, जितने बार बुलाएंगे मैं आऊंगा।

ED को अहम सबूत मिले

सूत्रों के मुताबिक, कवासी लखमा ने कांग्रेस सरकार के समय चलाए गए शराब के सिस्टम को लेकर ED को जानकारी दी है। लखमा इस पूछताछ में कई बार खुद के अनपढ़ होने, दस्तावेज में क्या लिखा था, समझ नहीं आने की बात कर ED के अफसरों को कन्फ्यूज भी करते रहे।

हालांकि, ED ने आधिकारिक तौर पर इस पूछताछ को लेकर कुछ नहीं कहा है। लखमा के घर पर छापे के बाद निदेशालय ने पूर्व मंत्री के कमीशन लेने की बात कही थी। अब इस केस में जल्द ही ED कुछ नई गिरफ्तारी करने की तैयारी में है।

इससे पहले 2 बार उनसे 8-8 घंटे ED के अधिकारियों ने पूछताछ की थी।

इससे पहले 2 बार उनसे 8-8 घंटे ED के अधिकारियों ने पूछताछ की थी।

क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला ?

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में दो हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के अवैध सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।

ED की ओर से दर्ज कराई गई FIR की जांच ACB कर रही है। ACB से मिली जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब डूप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई थी। जिससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है।

ED ने कार्रवाई पर क्या खुलासा किया

28 दिसंबर 2024 को ED ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, उनके बेटे हरीश कवासी के घर छापा मारा था। टीम रायपुर के धरमपुरा स्थित कवासी लखमा के बंगले पहुंची थी। पूर्व मंत्री की कार को घर से बाहर निकालकर तलाशी ली गई। साथ ही, कवासी के करीबी सुशील ओझा के चौबे कॉलोनी स्थित घर और सुकमा जिले में लखमा के बेटे हरीश लखमा और नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू के घर पर भी दबिश दी गई।

आपत्तिजनक रिकॉर्ड भी मिले

ईडी ने X पर लिखा कि, ​​​​​​छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत रायपुर, धमतरी और सुकमा जिलों में स्थित 7 जगह तलाशी अभियान चलाया गया।

ईडी घोटाले की प्रासंगिक अवधि के दौरान कवासी लखमा द्वारा नकद में (पीओसी) प्रोसीड ऑफ क्राइम यानी की अपराध से अर्जित आय के उपयोग से जुड़े सबूत जुटाने में सक्षम हो गया है। इसके अलावा, तलाशी में कई डिजिटल डिवाइस बरामद और जब्त की गईं, जिनके बारे में माना जाता है कि उनमें आपत्तिजनक रिकॉर्ड हैं।

कवासी लखमा के बेटे हरीश कवासी से भी 2 बार दफ्तर बुलाकर ED के अधिकारियों ने पूछताछ की है।

कवासी लखमा के बेटे हरीश कवासी से भी 2 बार दफ्तर बुलाकर ED के अधिकारियों ने पूछताछ की है।

घोटाले की रकम 2161 करोड़

निदेशालय की ओर से लखमा के खिलाफ एक्शन को लेकर कहा गया कि, ED की जांच में पहले पता चला था कि अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और अन्य लोगों का शराब सिंडिकेट छत्तीसगढ़ राज्य में काम कर रहा था। इस घोटाले की रकम 2161 करोड़ रुपए है। जांच में पता चला है कि कवासी लखमा को शराब घोटाले से पीओसी से हर महीने कमिशन मिला है ।

2019 से 2022 के बीच चले शराब घोटाले में ED के मुताबिक ऐसे होती थी अवैध कमाई।

  • भाग-ए कमीशन: सीएसएमसीएल यानी शराब की खरीद और बिक्री के लिए राज्य निकाय द्वारा उनसे खरीदी गई शराब के प्रति ‘केस’ के लिए डिस्टिलर्स से रिश्वत ली जाती थी।
  • भाग-बी कच्ची शराब की बिक्री: बेहिसाब “कच्ची ऑफ-द-बुक” देशी शराब की बिक्री हुई। इस मामले में सरकारी खजाने में एक भी रुपया नहीं पहुंचा और बिक्री की सारी रकम सिंडिकेट ने हड़प ली। अवैध शराब सरकारी दुकानों से ही बेची जाती थी।
  • पार्ट-सी कमीशन: शराब बनाने वालों से कार्टेल बनाने और बाजार में निश्चित हिस्सेदारी दिलाने के लिए रिश्वत ली जाती थी। एफएल-10ए लाइसेंस धारकों से कमीशन ली गई जिन्हें विदेशी शराब के क्षेत्र में कमाई के लिए लाया गया था।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

सफाई मित्रों का सम्मान, उनके समर्पण को नमन: महापौर संजू देवी राजपूत

Published

on

सफाई मित्र नगर की स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक ताकत, उनकी सुरक्षा एवं कल्याण नगर निगम की प्राथमिकता
कोरबा।
नगर पालिक निगम कोरबा के पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार में आज जिला प्रशासन एवं नगर निगम के तत्वावधान में आयोजित सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सफाई मित्रों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके समर्पण, मेहनत एवं सेवाभाव की सराहना की।

महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि सफाई मित्र नगर की स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक ताकत हैं। उनकी मेहनत और निष्ठा से ही कोरबा को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखने का संकल्प साकार होता है। सफाई मित्रों का योगदान केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि वे शहर के नागरिकों के स्वास्थ्य और बेहतर जीवनशैली को सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि महापौर के रूप में सफाई मित्रों की सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य एवं कल्याण सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। नगर निगम परिवार के इन महत्वपूर्ण सदस्यों को बेहतर कार्य परिस्थितियां, आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निगम निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम के दौरान सफाई मित्रों के योगदान को नमन करते हुए महापौर ने कहा कि उनके परिश्रम और समर्पण का सम्मान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी आदत और सामाजिक जिम्मेदारी बनाएं तथा सफाई मित्रों के कार्यों का सम्मान करें।

महापौर ने कहा कि स्वच्छ कोरबा का निर्माण जनसहभागिता और सफाई मित्रों के समर्पण से ही संभव है। सफाई मित्रों का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके श्रम और सेवा भावना के प्रति नगर निगम की कृतज्ञता का प्रतीक है।
महापौर का संदेश: “सफाई मित्रों का सम्मान, स्वच्छ कोरबा की पहचान है। उनकी सुरक्षा, सुविधा और सम्मान के लिए नगर निगम सदैव प्रतिबद्ध है।”

Continue Reading

कोरबा

आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की हुई गोदभराई

Published

on

माताओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य व शासकीय योजनाओं की दी गई जानकारी

कोरबा। सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को रामसागर पारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 2 की पूर्व पार्षद चित्रलेखा चंदेल ने स्वस्थ शरीर, संस्कारवान संतान और परिवार में अच्छे संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। संस्कारम् टीम की अध्यक्ष आकांक्षा ने कहा कि मां केवल बच्चे को जन्म नहीं देती, बल्कि उसके भविष्य का निर्माण भी करती है। बच्चों के विकास के लिए माता-पिता का समय, विश्वास और संस्कार सबसे महत्वपूर्ण हैं।

कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। माताओं को संतुलित आहार, बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास तथा बेहतर देखभाल के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और छह माह से अधिक आयु के शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना एवं बाल संदर्भ योजना से लाभान्वित हितग्राहियों का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के जिला सचिव जय सिंह नेताम सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्पना मूर्ति, सहायिका सुषमा राम, मितानिन विमल जगत, सुभाषिनी विश्वकर्मा, कृष्णा कुशवाहा, संतोष गुप्ता, श्याम बाई, रामेश्वरी, रिया, सोनी, मधु पटेल, भगवती मरावी, फुलवारी, योगिता, संजना पटेल, पायल, प्रिया, रोशनी और काव्या उपस्थित रहीं। महिलाओं एवं बच्चों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

वनमंत्री की पत्नी को 20-करोड़ का प्लॉट देने का आरोप:कांग्रेस बोली- कम कीमत की जमीन देकर प्रीमियम लैंड लिया, स्कीम निरस्त की जाए

Published

on

रायपुर, एजेंसी। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में प्रस्तावित जमीन आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्राधिकरण की वेबसाइट पर प्लॉट्स की जानकारी अपलोड होने के बाद कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने कचना की जमीन के बदले मंत्री केदार कश्यप की पत्नी की कंपनी को सड्डू में करीब 23 हजार वर्गफीट का प्लॉट दिए जाने का आरोप लगाया है।

उनके मुताबिक प्लॉट की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए बताई गई है। उन्होंने आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य सचिव से इसकी जांच कराने और योजना को निरस्त करने की मांग की है। वहीं, RDA अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है और दावा-आपत्ति आने पर मामले की जांच कराई जाएगी।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कचना की जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट देने का दावा

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता का आरोप है कि डॉक्यूमेंट के अनुसार साय कैबिनेट के मंत्री केदार कश्यप की पत्नी शांति कश्यप की कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को सड्डू में प्लॉट नंबर 25 दिया जा रहा है। यह प्लॉट 2,168 वर्गमीटर यानी करीब 23,327 वर्गफीट का है।

डॉ. गुप्ता के मुताबिक, यह प्लॉट प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी एमआर-43 सड़क के पास है। उन्होंने अनुमान लगाया है कि भविष्य में यहां जमीन की कीमत करीब 10 हजार रुपए प्रति वर्गफीट हो सकती है। इस हिसाब से उन्होंने प्लॉट की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए बताई है।

कांग्रेस नेता का दावा है कि कंपनी के पास कचना के नालापारा इलाके में करीब 1.33 एकड़ जमीन है। उनके मुताबिक, इस जमीन तक पहुंचने के लिए संकरी सड़क है। इसलिए इसकी बाजार कीमत कुछ लाख रुपए ही थी।

डॉ. गुप्ता का आरोप है कि नगर विकास योजना में कचना की इस जमीन को शामिल करने के बाद कंपनी को इसके बदले सड्डू में अलग प्लॉट दिया जा रहा है।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

एक किलोमीटर दूर प्लॉट मिलने पर उठाए सवाल

डॉ. राकेश गुप्ता ने छत्तीसगढ़ नगर और ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 का हवाला दिया है। उनका कहना है कि नियम के मुताबिक नया भूखंड मूल जमीन या उसके आसपास के इलाके में दिया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी की कचना वाली जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट दिया जा रहा है, जो मूल जमीन से करीब एक किलोमीटर दूर है।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने भू-आवंटन को लेकर उठाए सवाल।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने भू-आवंटन को लेकर उठाए सवाल।

प्रमुख सड़क से हटाकर अंदरूनी प्लॉट देने का आरोप

डॉ. राकेश गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अन्य भू-स्वामियों को एमआर-43 जैसी प्रमुख सड़क पर मिलने वाले भूखंडों के बजाय योजना के अंदरूनी हिस्सों में जमीन दी गई। उन्होंने पूरे भूखंड आवंटन की प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

इन आरोपों पर मंत्री केदार कश्यप की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, RDA अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। अधिकारियों का कहना है कि दावा आपत्ति आने पर मामले में जांच कराई जाएगी।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677