डॉ मिश्रा के कार्यकाल में एसईसीएल ने लगातार दो वर्षों में 25 मिलियन टन के ऊपर 20 मिलियन टन की ग्रोथ हासिल कर उत्पादन, डिस्पैच एवं ओबीआर में रचे नए कीर्तिमान
कोरबा/बिलासपुर। 31.01.2025 को कोलइण्डिया/एसईसीएल से सेवानिवृत्त होने वाले अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डा. प्रेम सागर मिश्रा के सेवानिवृत्त होने पर एसईसीएल मुख्यालय स्थित आडिटोरियम में निदेशक तकनीकी (संचालन/योजना-परियोजना ) एन फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, पूर्व निदेशक तकनीकी सीआईएल बिनय दयाल, पूर्व निदेशक (वित्त) एस.एम. चौधरी, पूर्व निदेशक (कार्मिक) देबाशीष आचार्या, पूर्व निदेशक (वित्त) जी. श्रीनिवासन, पूर्व निदेशक तकनीकी (संचालन) एस.एन.कापरी, एसईसीएल संचालन समिति के नाथूलाल पाण्डेय (एचएमएस), हरिद्वार सिंह (एटक), सुजीत कुमार सिंह (बीएमएस), गोपाल नारायण सिंह (एसईकेएमसी), एके पांडे (सीएमओएआई), एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला एवं श्रद्धा महिला मण्डल की अध्यक्षा श्रीमती पूनम मिश्रा, मार्गदर्शिकाएं-श्रीमती अनिथा फ्रेंकलिन, श्रीमती इप्शिता दास, श्रीमती हसीना कुमार, श्रीमती विनिता जैन, श्रीमती राजी श्रीनिवासन, श्रीमती सारदा आचार्या, श्रीमती संगीता कापरी, विभिन्न विभागाध्यक्षों, क्षेत्रीय महाप्रबंधकों, संचालन समिति, सुरक्षा समिति, कल्याण मण्डल के पदाधिकारियों, एससी/एसटी/ओबीसी/सिस्टा, सीएमओएआई एवं विभिन्न श्रमसंघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति में भावभीनी विदाई दी गई।
अपने उद्बोधन में सीएमडी डॉ प्रेम सागर मिश्रा ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए धन्यवाद ज्ञापित करने का दिन है। एसईसीएल में जेट के रूप में शुरुआत करने वाले व्यक्ति को आपने कंपनी के सर्वोच्च पद – सीएमडी – पर काम करने का अवसर दिया इसके लिए मैं एसईसीएल का दिल से आभार प्रकट करता हूँ। उन्होने कहा कि एसईसीएल को उत्कृष्ट से उत्कृष्टतम के शिखर पर ले जाने के लिए आप सभी ने जो भी योगदान दिया है, एक समर्पण की भावना से जो भी आपने काम किया है, इसके लिए मैं इस माध्यम से आप सभी को धन्यवाद देना चाहता हूँ।
निदेशक तक. (संचालन सह योजना/परियोजना) एन फ्रैंकलिन जयकुमार ने कहा कि सीएमडी डॉ मिश्रा को उनके योगदान एवं गौरवशाली कार्यकाल के लिए धन्यवाद देने का सबसे अच्छा माध्यम यह होगा कि हम सभी उनके मिशन एवं विज़न को आगे बढ़ाएँ और उनके दिखाए मार्ग पर चलें।
निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास ने अपने सम्बोधन में कहा कि सीएमडी डॉ प्रेम सागर मिश्रा ने कोयला उद्योग एवं एसईसीएल को इस मुकाम पर पहुंचाने के लिए अतुलनीय योगदान दिया है। सर की यात्रा में उनकी सहधर्मिणी श्रीमती पूनम मिश्रा ने भी अहम भूमिका निभाई है।
निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार ने कहा डा. प्रेम सागर मिश्रा के साथ मुझे 6 माह कार्य करने का अवसर मिला, वह मेरे लिए अमूल्य है । आपके निर्देशन में बहुत कुछ सीखने को मिला । आपमें बेस्ट लीडरशिप क्वालिटी है ।
इस अवसर पर सीवीओ हिमांशु जैन ने कहा कि सीएमडी डॉ प्रेम सागर मिश्रा द्वारा एसईसीएल को मजबूत कंपनी के रूप में स्थापित करने में अमूल्य योगदान दिया गया है जिसकी तुलना नहीं की जा सकती।
श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा श्रीमती पूनम मिश्रा ने अपने संबोधन में एसईसीएल में बिताए अपने प्रत्येक पल को खुले मन से साझा करते हुए एसईसीएल द्वारा दिए गए इस आत्मीय सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त किया एवम कम्पनी एवम यहाँ कार्यरत कर्मियों के उतरोत्तर प्रगति की कामना की ।
डॉ प्रेम सागर मिश्रा के कनिष्ठ पुत्र प्रतीक सागर मिश्रा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पापा का कार्यकाल कई व्यस्तताओं से भरा रहा लेकिन उन्होने अपने परिवार के लिए हमेशा समय निकाला
Karyrkam कार्यक्रम में पधारे सीआईएल एवं एसईसीएल के पूर्व निदेशकगणों ने अपने-अपने सम्बोधन में कहा कि डॉ प्रेम सागर मिश्रा कर्मदक्षता की मूर्ति, ज्ञान के धनी, कारपोरेट जगत के बेस्ट सीईओ हैं । अपने मेहनत व् लगन से कैसे अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं यह सभी उनसे सीख सकते हैं। इनके साथ कार्य करते हुए कार्य के दौरान पूर्ण सहयोग, गाइडेंस मिला ।
इस अवसर पर श्रमसंघ पदाधिकारीगणों ने अपने-अपने सम्बोधन में कहा कि डा. प्रेम सागर मिश्रा ने एसईसीएल को देश ही नहीं बल्कि विश्व में एक नयी पहचान दी है । वे हर क्षेत्र के ज्ञानी, विद्वान हैं । वे रोज नई ऊर्जा, नई प्लानिंग के साथ आते थे व उसी एनर्जी से कार्य कर शाम को वापस जाते थे । सभी अधिकारियों-कर्मचारियों पर विश्वास कर कम्पनी को आगे बढाया ।
इस अवसर पर स्वागत भाषण महाप्रबंधक (वित्त) सीडीएन सिंह ने प्रस्तुत किया जबकि मानपत्र का पठन उप महाप्रबंधक (कार्मिक-प्रशासन/जनसंपर्क/राजभाषा) मनीष श्रीवास्तव ने किया जिसे निदेशक मण्डल द्वारा डा. प्रेम सागर मिश्रा को भेंट किया गया। कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग द्वारा संग्रहित फोटो एलबम व प्रेस कतरनें प्रस्तुत की गयी जिसे निदेशक मण्डल द्वारा डा. प्रेम सागर मिश्रा को भेंट किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डा. सनीश चन्द्र, जनसंपर्क अधिकारी एवम सी. अनुराधा उप प्रबंधक (ई/एम) ने किया जबकि अंत में उपस्थितों को धन्यवाद ज्ञापित प्रबंधक (कार्मिक प्रशासन) संभ्रांत पाण्डेय ने किया।
अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डा.प्रेम सागर मिश्राजी का परिचय विद्धता से परिपूर्ण, निर्णय शक्ति व साहसिक प्रवृत्तियों के धनी, अत्यंत कर्मठ श्रीयुत डा.प्रेम सागर मिश्राजी का जन्म दिनांक 15.01.1965 को उत्तरप्रदेश के देवरिया जिला अंतर्गत देवघाट के एक सुसंस्कृत एवं प्रतिष्ठित परिवार में हुआ । आपके पिताजी का नाम स्व. रामनाथ मिश्रा तथा माताजी का नाम स्व. श्रीमती भागी मिश्रा है । आप मे बचपन से ही चुनौतियों से लोहा लेने तथा अपनी दिशा तय कर उस पर टिके रहने की विलक्षण प्रतिभा रही । आपने सुभाष इंटर कॉलेज भटनी देवरिया से हाईस्कूल, गवर्नमेंट इंटर कॉलेज देवरिया से इंटरमिडिएट की प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। आपने इण्डियन स्कूल आफ माईन्स, धनबाद से वर्ष 1987 में बी.टेक (माईनिग) की डिग्री प्राप्त की है । आपकी त्वरित निर्णय क्षमता, संवेदनशीलता, टीम को साथ ले चलने का कौशल, विविध विषयों का प्रकांड ज्ञान, ओजस्वी वक्तृत्व क्षमता, दृढ़ता, कार्यकुशलता, निरंतर लगनशील बने रहने की प्रवृत्ति, सभी के संवाद की अद्भुत कला, सबके लिए न्याय और हक सुनिश्चित करने की अदम्य इच्छाशक्ति तथा दूरदर्शी सोच के फलस्वरुप आपने सभी क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों को कुशलतापूर्वक निष्पादित किया । आपको कोयला उद्योग में लगभग 37 वर्षों का दीर्घ अनुभव है तथा आपकी छवि आधुनिकीकरण, अवसंरचनात्मक विकास तथा तकनीक के पैरोकार के रूप में रही है । आपमें सही व्यक्ति व सही टीम से सटीक काम लेने की अद्भुत कला है । आपने 24 अगस्त 1987 को जेट माईनिंग के रूप में कोल इंडिया लिमिटेड में कार्यभार ग्रहण किए उपरांत आपकी पदस्थापना एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत बुढ़ार नंबर-3 माईन में हुई, पश्चात आप धनपुरी यूजीए न्यू अमलाई यूजी, राजेन्द्रा यूजी माईन, बंगवार यूजी, चचाई यूजी में कालरी मैनेजर, सेफ्टी आफिसर के पद पर कार्य किए । सोहागपुर क्षेत्र के राजेन्द्रा यूजी माईन में वर्ष 1995 में लांगवाल टेक्नॉलॉजी लगाए जाने के लिए आपको स्पेशल एसाइनमेंट पर राजेन्द्रा यूजी माईन पदस्थापित किया गया । मई 2001 में आपकी पदस्थापना बिश्रामपुर क्षेत्र में हुई, जहॉं जयनगर 3 एवं 4 यूजी, बिश्रामपुर ओसी में कालरी मैनेजर, सुपरिटेण्डेन्ट आफ माईन्स के पद पर कार्य किए, उपरांत वर्ष 2003 में आप डिप्टी चीफ माईनिंग इंजीनियर पद पर पदोन्नत होकर सेन्ट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड स्थानान्तरित हुए, जहाँ आपने बरका सयाल एरिया अंतर्गत ऊरीमारी ब्लाक, एनके एरिया केडीएच ओपनकास्ट, परेज ईस्ट ओपनकास्ट हजारीबाग एरिया में प्रोजेक्ट आफिसर के पद पर कार्य किया । जून 2008 में आप बीसीसीएल स्थानांतरित होकर ब्लाक-2 और बरोरा एरिया के एरिया जनरल मैनेजर, प्रोजेक्ट आफिसर रहे । आप वर्ष 2015 में उड़ीसा मिनरल डेव्हलपमेंट कारपोरेशन (ओएमडीसी) के डायरेक्टर प्रोडक्शन एण्ड प्लांनिंग रहे । निरंतर सीखते रहने की प्रवृत्ति ने आपके व्यक्तित्व को बेहद ख्याति दी है । वर्ष 1990 में आपने फर्स्ट क्लास माईन मैनेजर काम्पिटेन्सी सर्टिफिकेट प्राप्त किया । देश के प्रसिद्ध माईनिंग व मैनेजमेंट जर्नल्स में आपके आलेख प्रकाशित हुए हैं । आपने नेशनल यूनिवर्सिटी आफ ज्यूडिशियल साईंसेस, कोलकाता से बिजनेस लॉ में पीजी डिप्लोमा, आईआईटी-आईएसएम धनबाद से मैनेजमेंट स्टडीज में पीएचडी की है । आपने आईआईएम कोलकाता से एडवान्सड मैनेजमेंट प्रोग्राम, यूनिवर्सिटी आफ सेन्ट गेलन स्वीटजरलैंड तथा ईसेक बिजनेस स्कूल, पेरिस से प्रबंधन में प्रशिक्षण प्राप्त किया है । आप वर्ल्ड माईनिंग कांग्रेस, इस्तांबुल टर्की, आस्ट्रेलिया सहित कई देशों में कोलइण्डिया व भारत-सरकार के द्वारा भेजे गए दलों में नामित प्रतिनिधि रहे । आप देश के प्रतिष्ठित प्रोफेशनल संस्थानों जैसे एनआईपीएम, आईआईएमएम, आईएमएमए, एनजीएमआई, आईआईपीए, एफआईई, इण्डियन माईनिंग एण्ड इंजीनियरिंग जर्नल आदि के सक्रिय सदस्य हैं । आप 20 अगस्त 2018 को ईसीएल के सीएमडी का पदभार ग्रहण किए, ईस्टर्न कोलफील्ड के कार्यकाल में कम्पनी ने वित्तीय वर्ष 2018-19 व 2019-20 में अब तक का सर्वाधिक उत्पादन, ओबीआर व ऑफटेक का कीर्तिमान स्थापित किया । आपके कार्यकाल में वर्ष 2020-21 में ईसीएल की झॉंझरा अण्डरग्राऊण्ड माईन ने 3.56 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया जो कि देश के किसी भी अण्डरग्राऊण्ड माईन का सर्वाधिक कोयला उत्पादन रहा तथा यह इस खदान के शुरूआत से किसी भी वर्ष में सर्वाधिक उत्पादन था । आपके कार्यकाल में रानीगंज फील्ड में कोल बेड मिथेन हेतु एमओए पर हस्ताक्षर किए गए तथा परियोजना को वैश्विक ख्याति मिली । वर्ष 2018 से 2022 के बीच में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के नेटवर्थ में 4.3 गुना ईजाफा हुआ । आपने ईसीएल में 10-आर, देशी, इन्द्रधनुष, संजीवनी जैसे कई मिशन शुरू किए जिसका बेहद सकारात्मक लाभ कम्पनी को प्राप्त हुआ । आपने दिनांक 28.01.2022 को एसईसीएल के सीएमडी का पदभार ग्रहण किया । आपके नेतृत्व में एसईसीएल ने लगातार 2 वर्षों में 25 मिलियन टन के ऊपर 20 मिलियन टन की ग्रोथ हासिल करते हुए अपने इतिहास का सर्वाधिक कोयला उत्पादन, डिस्पैच एवं ओबीआर दर्ज किया । आपके नेतृत्व में एसईसीएल की गेवरा एवं कुसमुंडा खदान ने विश्व की दूसरी एवं चौथी सबसे बड़ी कोयला खदान बन छत्तीसगढ़ को विश्व पटल पर ख्याति दिलाई । आपने संवेदनशील प्रबंधन-संवादशील प्रबंधन की नीति को लागू किया जिसके फलस्वरूप भू-अधिग्रहण को गति मिली एवं 2000 से अधिक भू-स्वामियों को रोजगार स्वीकृत किए गए । कंपनी ने कई वर्षों बाद अंडरग्राउंड उत्पादन में बढ़ोत्तरी हासिल की और अपने इतिहास का सर्वाधिक यूजी उत्पादन दर्ज किया । भूमिगत खदानों में रिकार्ड संख्या में कांटीनुअस माइनर मशीन लगाये गए । सीएसआर के तहत कंपनी ने फ्री नीट कोचिंग की पहल एसईसीएल के सुश्रुत एवं जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित बच्चों के इलाज के लिए एसईसीएल धड़कन योजना की शुरुआत हुई । जनवरी 2025 में माननीय उपराष्ट्रपति महोदय के करकमलों से एनआईटी, रायपुर में एसईसीएल गर्ल्स हॉस्टल की नींव रखी गयी है । आपके कार्यकाल में एसईसीएल को नेट पाजिटिव कम्पनी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए जिसमें भटगांव एवं बिश्रामपुर क्षेत्र में 40 मेगावाट के ग्राऊण्ड माऊण्टेड ग्रीड कनेक्टेड सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना के साथ-साथ अन्य कई सौर परियोजनाएँ, इलेक्ट्रिक व्हीकल के प्रयोग को बढ़ावा तथा एनर्जी इफीसिएन्ट उपकरणों के प्रयोग की दिशा में कई निर्णय लिए गए । एसईसीएल ने प्रत्येक वर्ष रिकार्ड पौधरोपण किया तथा एसईसीएल में पहली बार, गेवरा व रायगढ़ क्षेत्र में मियावाकी पद्धत्ति से वनरोपण की शुरूआत की गयी। आपके कार्यकाल में एसईसीएल की नेटवर्थ लगभग 5 हजार करोड़ से बढ़कर 18 हजार करोड़ तक जा पहुची, वहीं कम्पनी के प्राफिट आफटर टैक्स में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है । कम्पनी के सीआईसी कोलफील्ड्स से कोयला उत्पादन 40-45 हजार टन प्रतिदिन से बढ़कर 90-95 हजार टन प्रतिदिन हुआ है जो कि अभूतपूर्व है। आपके कार्यकाल में पारदर्शी टेण्डरिंग व वस्तुओं के क्रय को बढ़ावा दिया गया जिसके तहत ऑनलाईन जेम पोर्टल के जरिए क्रय करने में गत् वर्ष एसईसीएल देश की टाप 5 कम्पनियों में शामिल हुई तथा इस वर्ष अब तक 14 हजार करोड़ से अधिक रिकार्ड क्रय के आदेश जारी किए गए हैं । सीएमडी डॉ मिश्रा द्वारा कंपनी में यंग टेलेन्ट को प्रमोट करने के लिए मेंटर-मेंटी स्कीम एवं कई मिशनों की शुरुआत की गई जिससे कंपनी की कार्यसंस्कृति ने नए आयाम छूए । लर्निंग कल्चर को बढ़ावा देने के लिए मिशन नचिकेता, सुरक्षित व हरित खनन के लिए मिशन सुदेश, सतर्कता जागरूकता हेतु मिशन फाईट व जटायु, सुरक्षित कार्यस्थल हेतु मिशन मितवा, आईटी टुल्स के उपयोग हेतु मिशन सुमित तथा स्टेक होल्डर के साथ बेहतर समन्वय हेतु मिशन संबंध की शुरूआत की गयी । आपके नेतृत्व में कम्पनी ने कोयला मंत्रालय एवं भारत सरकार के विभिन्न अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई अवार्ड हासिल किए । आपको विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया जिसमें प्रमुख रूप से IIT-ISM धनबाद द्वारा प्रतिष्ठित एलुमनी पुरस्कार, लगातार दो बार बिजनेस लीडर ऑफ दी इयर अवार्ड, कोयला खनन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित “एमजीएमआई अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन कोल माइनिंग”, इंडियन माइनिंग एंड इंजीनियरिंग जर्नल (2025) द्वारा “लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड”, वर्ल्ड HRD कांग्रेस (2024) में “सीईओ विद एचआर ओरिएंटेशन अवार्ड” जैसे प्रतिष्ठित सम्मान शामिल हैं । आपकी इस गौरवशाली जीवनयात्रा में आपकी जीवन संगिनी श्रीमती पूनम मिश्रा की अत्यंत महत्वपूर्णं भूमिका रही । श्रीमती पूनम मिश्रा बेहद सक्रिय व ऊर्जावान व्यक्तित्व की धनी हैं, उनकी जीवटता सभी को प्रेरित करती है । उनके नेतृत्व में श्रद्धा महिला मण्डल व एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिला समितियों ने बेहद उल्लेखनीय कार्य किए, जिनमें महिलाओं के लिए स्कील डेव्हलपमेंट की ट्रेनिंग, दिव्यांगजनों को सहायता, महिलाओं के लिए सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केन्द्र का संचालन आदि कई पुनीत कार्य शामिल हैं । वास्तव में आपने महिला-मण्डल के कार्य संचालन को नई दिशा तथा श्रद्धा महिला मण्डल के नाम को नयी ख्याति दी है । आपके दो पुत्र हैं । आपके ज्येष्ठ पुत्र पीयूष सागर मिश्रा अपनी पत्नी दीक्षा के साथ सिंगापुर की एक बड़ी मल्टी नेशनल कम्पनी में कार्य कर रहे हैं, वहीं कनिष्ठ पुत्र प्रतीक सागर मिश्रा बेंगलोर में एक स्टार्टअप के संस्थापक हैं । एसईसीएल परिवार आपके दिए नेतृत्व का सदैव ऋणी रहेगा । हमारी ईश्वर से प्रार्थना है कि आप सपरिवार सदैव आनंदित, स्वस्थ्य व प्रसन्नचित्त बने रहें । यश व कीर्ति सदैव आपका गुणगान करें । आप इसी प्रकार ऊर्जावान व गुणवान व्यक्तित्व के रूप में समाज व राष्ट्र की सेवा करते रहें ।
कोरबा निवासी 02 लोगों के विरुद्ध म्यूल अकाउंट के मामले में पुलिस की कार्रवाई
कोरबा पुलिस की अपील—अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम एवं मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें
कोरबा। पुलिस अधीक्षक जिला कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटेल एवं साइबर नोडल अधिकारी नितेश ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी ललित कुमार चंद्रा के नेतृत्व में म्यूल अकाउंट के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय से म्यूल अकाउंट (Mule Account) के संबंध में प्राप्त निर्देशों के पालन में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा ऐसे बैंक खातों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिनका उपयोग साइबर अपराधों में किए जाने की आशंका है।
इसी क्रम में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा अलग अलग बैंक खातों के संबंध में अपराध पंजीबद्ध कर धारा 317(2), 318(4) बीएनएस के तहत विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दो अलग अलग अपराधों में दो खाताधारकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में खाता धारक महेंद्र कुमार धीवर निवासी मानस नगर, कोरबा एवं के प्रभाकर राव निवासी कृष्ण नगर कोरबा द्वारा अपने बैंक खातों को लाभ कमाने के उद्देश्य से अन्य व्यक्तियों को कमीशन के बदले उपयोग हेतु दिए जाने की बात सामने आई। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि संबंधित बैंक खाते होल्ड हो गए हैं।
प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर दोनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विवेचना वर्तमान में जारी है।
म्यूल अकाउंट के विरुद्ध कोरबा पुलिस की कार्रवाई
साइबर अपराधियों द्वारा आम नागरिकों को कमीशन अथवा आसान कमाई का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाकर अथवा पहले से संचालित बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त राशि के लेन-देन के लिए किया जाता है। ऐसे बैंक खातों को म्यूल अकाउंट (Mule Account) कहा जाता है।
साइबर अपराध में प्रयुक्त ऐसे खातों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध कराने वाले खाताधारक भी साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं।
कोरबा पुलिस की आम नागरिकों से अपील
साइबर अपराधी लोगों को कमीशन अथवा अन्य प्रकार के लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर अथवा सिम का उपयोग साइबर अपराधों में कर सकते हैं। अतः नागरिक निम्न सावधानियां बरतें—
अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें।
अपना एटीएम/डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी को न दें।
अपना मोबाइल नंबर अथवा सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने के लिए न दें।
किसी व्यक्ति द्वारा कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर बैंक खाता उपलब्ध कराने की बात कही जाए तो सतर्क रहें।
अपने बैंक खाते में होने वाले लेन-देन की नियमित रूप से जानकारी रखें।
किसी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल अपने बैंक एवं पुलिस को सूचित करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में राशि प्राप्त कर उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर अथवा नकद निकालकर न दें।
कोरबा पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि थोड़े से आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम अथवा मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को देकर स्वयं को साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई का हिस्सा न बनाएं।
SECL मानिकपुर जनसुनवाई रद्द करने की मांग:ग्रामीणों ने प्रक्रिया को फर्जी बताया,भू-विस्थापित बोले- पहले पुराने वादे पूरे करो,नहीं तो 3 हजार ग्रामीण करेंगे विरोध
कोरबा। SECL मानिकपुर ओपन कास्ट खदान विस्तार परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। भू-विस्थापित संगठन मानिकपुर ने 21 अगस्त को प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई को रद्द करने की मांग की है।
संगठन ने जनसुनवाई की प्रक्रिया को फर्जी बताते हुए चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो 8 प्रभावित गांवों के करीब 2 से 3 हजार महिला-पुरुष ग्रामीण मौके पर पहुंचकर इसका उग्र विरोध करेंगे।
200-250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप
250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि दशकों पहले खदान के लिए अपनी उपजाऊ जमीन देने के बावजूद करीब 200 से 250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। वहीं, SECL द्वारा गोद लिए गए 7-8 गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी खराब है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और SECL प्रबंधन खदान विस्तार और कॉर्पोरेट मुनाफे को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि विस्थापित परिवारों की पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।
युवाओं के लिए 400-500 स्थायी नौकरी की मांग
भू-विस्थापितों ने प्रभावित गांवों के युवाओं के लिए मौके पर ही 400 से 500 पदों पर नियमित और स्थायी भर्ती शुरू करने की मांग रखी है। इसके अलावा भिलाई खुर्द-1, 2 और 3 में बचे मकानों और जमीनों का दोबारा पारदर्शी तरीके से भौतिक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की गई है।
रापाखरा और दादर खुर्द को लेकर भी मांग
ग्रामीणों ने रापाखरा के विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने और आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, दादर खुर्द के तालाब को गांव की निस्तारी का प्रमुख स्रोत बताते हुए वहां ओबी डंपिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों को सूचना दिए बिना जनसुनवाई कराने का आरोप
ग्रामीण अमन पटेल ने आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन 21 अगस्त को जनसुनवाई कराने जा रहा है, लेकिन प्रभावित गांवों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि करीब 15-20 दिन पहले अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा गया था कि जनसुनवाई की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों को बताया जाएगा। इसके बावजूद अब पंचायत सचिव, सरपंच और अन्य क्षेत्रों को नोटिस भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुराने मुआवजे, रोजगार, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े वादे पूरे नहीं होते, तब तक खदान विस्तार के लिए जनसुनवाई नहीं होने दी जाएगी।
पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध शिकायत निवारण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
बिलासपुर/कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने भूमि के बदले रोजगार से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति का गठन किया है। समिति उपलब्ध अभिलेखों, दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण कर अपनी अनुशंसाएं सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
भूमि के बदले रोजगार की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से लागू की गई यह उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था प्रत्येक पात्र हितग्राही के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
समिति के अध्यक्ष महाप्रबंधक (भू-राजस्व), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर होंगे। समिति में महाप्रबंधक (योजना एवं परियोजना), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/श्रमशक्ति), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/औद्योगिक संबंध) तथा उप-महाप्रबंधक (विधि), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर सदस्य होंगे।
गठित समिति आवश्यकता के अनुसार संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों की जांच करेगी, अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करेगी तथा उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों का सत्यापन करते हुए प्रचलित नियमों एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप शिकायतों का परीक्षण करेगी। इससे प्रकरणों के त्वरित, निष्पक्ष एवं तार्किक निस्तारण में सहायता मिलेगी।
भूमि के बदले रोजगार से संबंधित अनियमितता, जाली अथवा कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग, तथ्य छिपाकर रोजगार प्राप्त करने अथवा अन्य संबंधित मामलों के संबंध में कोई भी व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों एवं साक्ष्यों सहित समिति के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर सकता है।
एसईसीएल ने स्पष्ट किया है कि विधिवत दर्ज की गई शिकायत को वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। अतः शिकायतकर्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे केवल प्रामाणिक तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही शिकायत दर्ज कराएं। कंपनी ने सभी संबंधित पक्षों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि शिकायत केवल अधिकृत माध्यमों से ही प्रस्तुत करें तथा किसी भी प्रकार के बिचौलियों, अपुष्ट सूचनाओं अथवा भ्रामक दावों से सावधान रहें।
एसईसीएल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान कोई शिकायत जानबूझकर असत्य, दुर्भावनापूर्ण अथवा भ्रामक तथ्यों पर आधारित पाई जाती है, अथवा किसी व्यक्ति की छवि धूमिल करने या अनावश्यक उत्पीड़न के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है, तो संबंधित शिकायतकर्ता के विरुद्ध प्रचलित नियमों एवं लागू विधिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
एसईसीएल सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संस्थागत निष्पक्षता के उच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्ध है। कंपनी का विश्वास है कि उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था के माध्यम से भूमि के बदले रोजगार संबंधी शिकायतों के परीक्षण की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनेगी। साथ ही, वास्तविक एवं पात्र हितग्राहियों के हितों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित होने के साथ शिकायत निवारण तंत्र में जनविश्वास एवं संस्थागत जवाबदेही भी और सुदृढ़ होगी।