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पटना में मुठभेड़ के बाद 4 अपराधी गिरफ्तार:फायरिंग के बाद एक घर में घुसे थे, ढाई घंटे चला पुलिस-STF का ऑपरेशन

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पटना ,एजेंसी। पटना के कंकड़बाग इलाके में मंगलवार को पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। ढाई घंटे चले ऑपरेशन में टीम ने चारों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।

एक घर के बाहर फायरिंग करते हुए 4 अपराधी इमारत के अंदर घुसे थे, इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस और STF भी बिल्डिंग के अंदर घुसी थी।

इससे पहले 5 मंजिला बिल्डिंग को घेरकर ऑपरेशन चलाया गया। अपराधियों से लगातार सरेंडर करने को कहा गया, लेकिन वो नहीं माने। इसके बाद फोर्स अंदर दाखिल हुई। करीब ढाई घंटे चले ऑपरेशन में रुक-रुककर गोलीबारी होती रही।

बिल्डिंग में आम लोग थे, इसलिए धैर्य से काम लिया

पटना SSP अवकाश कुमार ने बताया, ‘पुलिस रामलखन सिंह पथ इलाके में जमीनी विवाद मामले की जांच के लिए पहुंची थी। जांच के दौरान ही अपराधियों की तरफ से पुलिस पर फायरिंग की गई। फायरिंग करते हुए वे मकान के अंदर भाग गए थे।’

ऑपरेशन में शामिल थी 5 थानों की फोर्स

इस ऑपरेशन में पुलिस, STF के साथ ही करीब 5 थानों के SHO और 80 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे। अपराधी कंकड़बाग में रहने वाले धर्मेंद्र सिंह नाम के व्यक्ति के मकान में छिपे थे। ऑपरेशन के दौरान फोर्स ने आसपास के सभी लोगों के घरों के खिड़की दरवाजे बंद करवा दिए।

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30 जून के बाद बंद हो जाएंगे LPG कनेक्शन, सरकार ने दी जानकारी

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मुंबई, एजेंसी। LPG कनेक्शन बंद होने की खबरों के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। फिलहाल 30 जून के बाद देशभर में LPG कनेक्शन बंद करने को कोई आदेश नहीं है। इंडेन, भारत गैस और HP गैस के ग्राहकों को पहले की तरह सिलेंडर की आपूर्ति जारी रहेगी। सरकार ने सिर्फ PNG को बढ़ावा देने और दोहरे कनेक्शन को रोकने की नीति अपनाई है।  

क्या है नया LPG-PNG का नियम?

केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत जहां PNG नेटवर्क उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को धीरे-धीरे PNG अपनाने के लिए कहा गया है। साथ ही “नो ड्यूल कनेक्शन पॉलिसी” लागू की है। इसके अनुसार अगर किसी उपभोक्ता के घर में PNG कनेक्शन है, तो वह नया LPG कनेक्शन नहीं ले सकता और कई मामलों में LPG कनेक्शन सरेंडर करना पड़ सकता है।

क्या कहना है सरकार और तेल कंपनियों का 

सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि PNG अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है। इसमें सिलेंडर बुकिंग की जरूरत नहीं होती और गैस की आपूर्ति लगातार बनी रहती है। साथ ही, परिवहन और डिलीवरी से जुड़ी लागत भी कम होती है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 से अब तक 10 लाख से अधिक नए PNG कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं। करीब 1 लाख परिवार LPG छोड़कर PNG अपना चुके हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल देशभर में LPG कनेक्शन बंद करने जैसी कोई योजना नहीं है।

उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और LPG या PNG से जुड़े किसी भी बदलाव के लिए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही ध्यान दें।

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पेट्रोल, डीजल मार्जिन पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तर से पार

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नई दिल्ली, एजेंसी। सरकारी पेट्रोलियम विपणन कंपनियों के लाभ में सुधार की उम्मीद है। इसका कारण कच्चे तेल की घटती कीमतों से ईंधन विपणन मार्जिन में होने वाला सुधार है। हालांकि, बढ़ते कर्ज और ईंधन कर को लेकर अनिश्चितता इस क्षेत्र की लंबी अवधि की कमाई की संभावनाओं को सीमित कर सकती है। जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी रिफाइनरियों और खुदरा ईंधन विक्रेताओं के पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर संयुक्त मार्जिन अब हाल के पश्चिम एशिया संघर्ष से पहले के स्तर से ऊपर है। इसका कारण कच्चे तेल की कम कीमतें और केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती है। 

पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने से वैश्विक तेल की कीमतों में उछाल आया, लेकिन देश में पेट्रोल पंप पर ईंधन की खुदरा कीमतें काफी हद तक स्थिर रहीं। इसमें वृद्धि जरूरी बढ़ोतरी के मुकाबले बहुत कम रही। मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद भी, पेट्रोल पंप पर ईंधन के दाम लागत से कम थे। जेपी मॉर्गन ने कहा, ”पेट्रोल और डीजल पर पेट्रोलियम विपणन कंपनियों के संयुक्त मार्जिन के लिए हमारे अनुमान अब युद्ध-पूर्व स्तर से अधिक हैं। एलपीजी पर नुकसान अब भी अधिक है, लेकिन जल्द ही तेल की कीमतों के साथ इसमें भी कमी आनी चाहिए।” 

रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कमाई पर माल भंडार के स्तर पर नुकसान का असर पड़ सकता है, लेकिन दूसरी तिमाही में लाभ बेहतर होना चाहिए। इसमें कहा गया, ”मार्जिन में इस सुधार को लेकर हमारे उत्साह को दो बातें सीमित करती हैं। पिछले कुछ महीनों में ओएमसी पर काफी कर्ज चढ़ा है। इससे मूल्यांकन प्रभावित हुआ है और लाभ का एक बड़ा हिस्सा उत्पाद शुल्क में कटौती के कारण है। हो सकता है कि सरकार कुछ समय के लिए कर कम रखे, जिससे ओएमसी कर्ज चुका सके। हालांकि, भविष्य में उत्पाद शुल्क बढ़ने का जोखिम बना हुआ है।” 

सरकार ने मार्च में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में प्रति लीटर 10 रुपये की कटौती की थी ताकि खुदरा कीमतों में तुरंत बढ़ोतरी न हो। जब वैश्विक तेल की कीमतें युद्ध से पहले के स्तर पर आ जाएंगी और स्थिर हो जाएंगी, तो शुल्क को फिर से लगाया जा सकता है। तेल की कीमतें अगर कम होती रहती हैं तो सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों (ओएमसी)… भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल), इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल)… में से बीपीसीएल और आईओसी को निकट भविष्य में सबसे अधिक लाभ होने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज कंपनी का अनुमान है कि बीपीसीएल और आईओसीएल के लिए मौजूदा संयुक्त पेट्रोल और डीजल मार्जिन संघर्ष से पहले के स्तर से अधिक है, जबकि एचपीसीएल के मार्जिन काफी हद तक तेल की कीमतों में हाल के उछाल से पहले के स्तर पर या उससे ऊपर आ गए हैं। यह सुधार बेहतर संयुक्त रिफाइनिंग और विपणन परिवेश को दिखाता है। अगर कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहती हैं और रिफाइनिंग मार्जिन ऊंचा बना रहता है, बेहतर मार्जिन दूसरी तिमाही से कमाई को सहारा दे सकता है। 

हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में हाल की गिरावट के कारण पहले के बचे माल भंडार के स्तर पर नुकसान की वजह से पहली तिमाही की कमाई पर दबाव बने रहने की संभावना है। विश्लेषकों का यह भी मानना है कि हाल के महीनों में पेट्रोल, डीजल और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की बिक्री पर नुकसान उठाने के बाद तीनों तेल विपणन कंपनियों पर कर्ज का बोझ बढ़ सकता है। हालांकि, एलपीजी पर नुकसान अब भी काफी है लेकिन तेल की कम कीमतों का असर इस क्षेत्र पर पड़ने से नुकसान कम होने की उम्मीद है।

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Stock Return: इस स्टॉक ने कर दिया कमाल, 1 लाख के बना दिए 1 करोड़ रुपए

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मुंबई, एजेंसी। सोमवार को शेयर बाजार में अच्छी बढ़त देखी जा रही है। इस तेजी के बीच कुछ शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इस उतार-चढ़ाव के बीच एक शेयर लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड (Lloyds Metals And Energy Ltd) का है, जो निवेशकों के लिए मल्टीबैगर साबित हुआ है। हालांकि इस शेयर में सोमवार को गिरावट रही, लेकिन लॉन्ग टर्म में यह पैसा छापने की मशीन साबित हुआ है। इसने निवेशकों के एक लाख रुपए को एक करोड़ रुपए से ज्यादा में बदल दिया है।

सोमवार दोपहर 1 बजे के आसपास लॉयड मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड का शेयर 0.59% की गिरावट के साथ 1757.25 रुपए पर कारोबार कर रहा था। पिछले एक महीने में इस शेयर में बड़ा उतार-चढ़ाव रहा है। हालांकि इसके बाद भी इसने एक महीने में निवेशकों को 2 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है।

2026 में जबरदस्त तेजी

इस साल इस शेयर में जबरदस्त तेजी आई है। 1 जनवरी 2026 से लेकर अब तक इन 6 महीनों में यह शेयर करीब 30 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। पिछले एक साल में यह बढ़त करीब 17% रही है, जो इसके स्थिर और मजबूत प्रदर्शन को दर्शाती है।

5 साल में निवेशक बने करोड़पति

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह शेयर असली वेल्थ क्रिएटर साबित हुआ है। 5 साल एक महीने में इसने निवेशकों को करोड़पति बना दिया है यानी इतने समय में इसने एक लाख रुपए की रकम को करीब एक करोड़ रुपए में बदल दिया है। 

अगर आपने अप्रैल 2021 के आखिर में या मई 2021 के शुरुआत में इस शेयर में एक लाख रुपए निवेश किए होते तो वह रकम बढ़कर एक करोड़ रुपए से ज्यादा की हो चुकी होती। नवंबर 2020 में इस शेयर की कीमत 10 रुपए से भी नीचे थी, जहां से इसने ऐतिहासिक रैली दर्ज की।

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