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Online Banking Transaction Limits: एक दिन में कितना पैसा कर सकते हैं ट्रांसफर? जानें क्या है असली लिमिट
मुंबई, एजेंसी। आज के दौर में डिजिटल बैंकिंग ने हमारी जिंदगी को बेहद आसान बना दिया है। मोबाइल बैंकिंग, UPI और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की बदौलत अब चंद सेकेंड्स में पैसे एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पहुंच जाते हैं लेकिन जितनी तेजी से यह सुविधा बढ़ी है उतनी ही रफ्तार से साइबर अपराधों में भी इजाफा हुआ है। यही वजह है कि इनकम टैक्स और रिजर्व बैंक (RBI) ने खातों में कैश जमा करने और बड़े लेन-देन को लेकर सख्त नियम बनाए हैं। अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि एक बार में बैंक से कितना पैसा भेजा जा सकता है और आखिर ठग लिमिट होने के बावजूद करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कैसे कर लेते हैं? आइए समझते हैं इसके पीछे का पूरा गणित।

ऑनलाइन फंड ट्रांसफर
डिजिटल माध्यम से पैसे भेजने के लिए मुख्य रूप से चार तरीकों का इस्तेमाल होता है जिनकी सीमाएं इस प्रकार हैं:
1. UPI: आमतौर पर यूपीआई के जरिए एक दिन में अधिकतम 1 लाख रुपये तक ट्रांसफर किए जा सकते हैं। हालांकि कुछ बैंक या चुनिंदा कैटेगरी (जैसे एजुकेशन या मेडिकल) के लिए यह लिमिट थोड़ी ज्यादा हो सकती है।
2. IMPS: इस सर्विस के जरिए तुरंत पैसा ट्रांसफर होता है। ज्यादातर बैंक इसके तहत एक दिन में 5 लाख रुपये तक भेजने की सुविधा देते हैं पर यह हर बैंक के नियम के अनुसार बदल सकती है।
3. NEFT: आरबीआई की तरफ से एनईएफटी के जरिए पैसे भेजने की कोई न्यूनतम (Minimum) या अधिकतम (Maximum) सीमा तय नहीं है। हालांकि सुरक्षा कारणों से बैंक अपने स्तर पर इस पर दैनिक लिमिट लगा सकते हैं।
4. RTGS: यह बड़े लेन-देन के लिए होता है। इसमें कम से कम 2 लाख रुपये ट्रांसफर करना अनिवार्य है। अधिकतम राशि की आरबीआई की कोई लिमिट नहीं है लेकिन बैंक अपनी गाइडलाइंस के मुताबिक सीमा तय कर सकते हैं।
क्या है मनी म्यूल और कैसे फंसते हैं आम लोग?
जब ट्रांसफर की इतनी सीमाएं हैं तो ठग करोड़ों रुपये कैसे उड़ा लेते हैं? इसके लिए वे एक खास और खतरनाक तरीके का इस्तेमाल करते हैं जिसे ‘मनी म्यूल’ (Money Mule) कहा जाता है। साइबर अपराधी एक बार में करोड़ों रुपये अपने पर्सनल अकाउंट में ट्रांसफर नहीं करते। वे आम और सीधे-साधे लोगों के बैंक खातों को अपना जरिया बनाते हैं। ठग किसी व्यक्ति को लालच देकर या झांसे में लेकर उसके खाते में ठगी का पैसा मंगवाते हैं और फिर उसे तुरंत कई अन्य छोटे-छोटे खातों में ट्रांसफर करवा देते हैं।
इस प्रक्रिया से असली अपराधी पर्दे के पीछे छिप जाता है और जब पुलिस या एजेंसियां जांच करती हैं तो वह आम खाताधारक पकड़ा जाता है जिसका अकाउंट इस्तेमाल हुआ था। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की एक रिपोर्ट के अनुसार देश भर में करीब 27.3 लाख से ज्यादा ‘मनी म्यूल’ बैंक खातों की पहचान की जा चुकी है जिनका इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा था। वहीं साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते में पैसों का लेन-देन न करें। किसी को भी अपना एटीएम कार्ड, नेट बैंकिंग पासवर्ड या ओटीपी (OTP) शेयर न करें।
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लखनऊ में आग लगने से 14 लोगों की मौत, जान बचाने के लिए छत से कूदे… PM मोदी ने जताया दुख
लखनऊ, एजेंसी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार दोपहर तीन मंजिला एक वाणिज्यिक इमारत में आग लग गई। इस हादसे में 14 लोगों की मौत, जबकि कई गंभीर घायल है। जानकारी के अनुसार कई लोग जान बचाने के लिए छत से कूद पड़े। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन दल ने बचाव और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”इस घटना में कुछ लोगों के हताहत होने की आशंका है।”

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगों के इमारत में फंसे होने की आशंका थी। हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि अग्निशमन विभाग को अपराह्न करीब तीन बजे अलीगंज थाना क्षेत्र के उषा मेहता मार्ग पर स्थित एक कोचिंग संस्थान की इमारत में आग लगने की सूचना मिली। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के बाद कई लोग इमारत से बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि कुछ अन्य लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, किसी के फंसे होने के बारे में पुलिस या अग्निशमन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।
घटनास्थल के नजदीक रहने वाली एक महिला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मौके पर अफरातफरी मची हुई थी और कुछ लोग कह रहे थे कि छात्र अब भी इमारत के अंदर हो सकते हैं। घटनास्थल से सामले आई तस्वीरों में अग्निशमन कर्मी सुरक्षा उपकरणों से लैस होकर सीढ़ियों की मदद से बाहर से इमारत पर चढ़ते नजर आ रहे हैं। अग्निशमन कर्मियों की एक अन्य टीम को बगल की उतनी ही ऊंचाई वाली इमारत से ऊपर की तरफ से रास्ता बनाकर अंदर दाखिल होते देखा गया, जबकि अन्य टीम आग बुझाने की कोशिशें करती नजर आ रही थीं।
बचाव अभियान में शामिल अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए हाइड्रोलिक सीढ़ी से लैस वाहन सहित 14 दमकल वाहन मौके पर भेजे गए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक युवक को रेलिंग के पास आग की लपटों के बीच बिल्डिंग की पहली मंज़िल से गिरते हुए देखा गया। बाहर मौजूद लोगों को उसे तुरंत उस जगह से दूर ले जाते हुए देखा गया। हालांकि, इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही युवक के बारे में कोई जानकारी मिल पाई है।
एक स्थानीय निवासी ने ‘पीटीआई-भाषा’को बताया, ”जब मैं घटनास्थल पर पहुंचा, तो मैंने देखा कि इमारत से धुआं निकल रहा था। कुछ छात्रों को पहले ही बचा लिया गया था और 4-5 छात्र खुद इमारत से बाहर निकलने में कामयाब रहे।” एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया,”हो सकता है कि आग किसी चिंगारी से लगी हो। अपनी जान बचाने के लिए सात-आठ छात्र इमारत से कूद गए। हालांकि, अब भी करीब 20 से 25 छात्रों के अंदर फंसे होने की आशंका है।” मौके पर मौजूद अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) बबलू कुमार ने पुष्टि की कि आग से बचने के लिए कुछ लोग इमारत से कूदे थे। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना में किसी की मौत हुई है या नहीं।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्राथमिकता इमारत के अंदर फंसे किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने कहा, ”कितने लोग फंसे हो सकते हैं, इस बारे में चश्मदीदों से अलग-अलग जानकारी मिल रही है। कुछ समय बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।” पाठक ने बताया कि इमारत में स्थित एक कोचिंग संस्थान में आग लगी थी और सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही हैं। उन्होंने कहा, ”कुछ बच्चों को बचा लिया गया है। उनके दोस्त बता रहे हैं कि दो-तीन या तीन-चार बच्चे अब भी अंदर हो सकते हैं।
अग्निशमन दल के कर्मचारी सबसे ऊपरी मंजिल तक पहुंच गए हैं, लेकिन अभी तककोई नहीं मिला है। सभी कमरों और शौचालय की जांच कर ली गई है।” उन्होंने बताया कि घने धुएं के कारण बचाव अभियान मुश्किल हो रहा था, इसलिए अग्निशमन विभाग के कर्मचारी बगल की इमारत की दीवार तोड़कर भी अंदर दाखिल हुए। पाठक ने कहा, ”गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हमारी प्राथमिकता घायलों को अस्पताल पहुंचाना, उनका बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करना और सभी को सुरक्षित बाहर निकालना है।”
उन्होंने कहा कि अस्पताल, एम्बुलेंस और चिकित्सा दल तैयार हैं और घायलों के इलाज की पुख्ता व्यवस्था की गई है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि तीन मंजिला इमारत की निचली मंजिल पर ‘पेट शॉप’ (पालतू जानवरों की दुकान) और ऊपरी मंजिल पर एक एनिमेशन सेंटर था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ दमकलकर्मी गीले कंबल लेकर इमारत के अंदर गए और कुछ घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। मौके पर मौजूद ‘पीटीआई-भाषा’ के संवाददाता ने देखा कि आग पर काबू पाने के दौरान स्ट्रेचर और ‘बॉडी बैग’ (शव को रखने के लिए)भी इमारत के अंदर ले जाए गए। हालांकि, धुआं अभी भी एक चुनौती बना हुआ था।
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नितिन नबीन ने कृषि विशेषज्ञ एस.एस. जौहल से की मुलाकात
लुधियाना, एजेंसी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने आज लुधियाना में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व उप-कुलपति और पद्मश्री पुरस्कार विजेता एस.एस. जौहल से उनके निवास स्थान पर मुलाकात की। यह मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाए जा रहे ‘विशिष्ट व्यक्तियों से संपर्क’ कार्यक्रम का हिस्सा थी। नितिन नबीन के साथ पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और प्रदेश महासचिव अनिल सरीन भी मौजूद थे।

इस अवसर पर एस.एस. जौहल ने केवल सिंह ढिल्लों के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए कहा कि वे दोनों अक्सर किसान मुद्दों पर चर्चा करते रहे हैं। बातचीत के दौरान नितिन नबीन ने उन्हें कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न नीतिगत कदमों और उपायों से अवगत कराया। उन्होंने कृषि और किसानी से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की कि कैसे कृषि को किसानों के लिए अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाया जा सकता है। उन्होंने इस विषय पर एस.एस. जौहल से विशेषज्ञ विचार और मूल्यवान सुझाव भी मांगे।
इस बातचीत का मुख्य फोकस कृषि क्षेत्र में उभरती चुनौतियों का समाधान करने के साथ-साथ किसानों की समृद्धि को स्थायी बनाने के लिए नए रचनात्मक और अभिनव तरीके तलाशने पर रहा। इस मुलाकात के दौरान भाजपा के लुधियाना जिला अध्यक्ष रजनीश धीमान और एडवोकेट बिक्रम सिंह सिद्धू भी उपस्थित थे।
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नेपाल पुलिस का बड़ा एक्शनः भारत पहुंचने से पहले पकड़ी गई 17 किलो से ज्यादा अफीम, 5 गिरफ्तार
काठमांडू, एजेंसी। नेपाल पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 17.266 किलोग्राम अफीम बरामद की है। यह खेप भारत के रास्ते विभिन्न शहरों में भेजी जानी थी। मामले में दो नेपाली महिलाओं सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, नेपाल के बर्दिया जिले में 21 जून को मोतीपुर थाना पुलिस और मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो, नेपालगंज की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान बढ़ैया ताल गांवपालिका वार्ड नंबर-4, खरैनी निवासी संध्या घर्ती मगर और बासगढ़ी नगरपालिका वार्ड नंबर-3, लछमणपुर निवासी मीना रोकाया को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने इनके कब्जे से 15 किलो 340 ग्राम अफीम, 34 हजार नेपाली रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए। दोनों आरोपियों को बरामद मादक पदार्थ के साथ मोतीपुर थाना पुलिस को सौंप दिया गया।बर्दिया जिले के पुलिस प्रवक्ता एवं डीएसपी रेशम बोहरा के अनुसार, एक अन्य सूचना के आधार पर गुलरिया नगरपालिका वार्ड नंबर-8 स्थित एक मकान में छापा मारा गया। वहां एक बैग से 1 किलो 960 ग्राम अफीम बरामद हुई। इस मामले में जाजरकोट जिले के बारेकोट गांवपालिका वार्ड नंबर-4 निवासी यम बहादुर रावत, लोकेंद्र बहादुर रोकाया तथा रोल्पा जिले की गंगादेवी गांवपालिका वार्ड नंबर-6 निवासी केसर सिंह केसी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने इनके पास से 8,300 भारतीय रुपये नकद और नेपाली नंबर की एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अफीम की यह खेप भारत-नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के रुपईडीहा मार्ग से भारत लाई जानी थी और बाद में अन्य शहरों तक पहुंचाई जानी थी। सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं।नेपाल पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए निगरानी और अभियान लगातार जारी रहेंगे।
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