नई दिल्ली, एजेंसी। गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस एक्शन मामले पर सदन में जवाब देंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि शाह विस्तार से जवाब देंगे लेकिन विपक्ष को भरोसा देना होगा कि वह बहस से भागेगा नहीं। उन्हें गृहमंत्री का जवाब बिना हंगामा किए सुनना पड़ेगा।
हालांकि शाह कब बोलेंगे, रिजिजू ने इसकी जानकारी नहीं दी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस एक्शन को लेकर विपक्ष लगातार गृहमंत्री के बयान की मांग कर रहा है। शाह संसद परिसर में नियमित रूप से आ रहे हैं, लेकिन उन्हें सदन में नहीं देखा गया है।
मानसून सत्र 20 जुलाई से चल रहा है। 13 अगस्त को इसका समापन है। तीन हफ्ते के दौरान लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई है। एंटी-पेपर लीक बिल पर बहस के अलावा किसी और मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई है।
शाह के बयान की मांग को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन
विपक्षी सांसदों ने शाह के बयान की मांग को लेकर सोमवार को भी संसद के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी ने हाथ में पोस्टर लिया था, जिस पर शाह की लोकसभा में गैरहाजिरी की तारीखें दर्ज थीं।
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ‘मोदिया बिंद’ लिखा चश्मा पहनकर संसद पहुंचीं।
संसद में आज की कार्यवाही से जुड़े अपडेट्स…
लोकसभा ने ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, 2026 को बिना चर्चा के पारित कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया और 10 अगस्त से 12 अगस्त के दौरान सदन में मौजूद रहने का आदेश दिया।
लोकसभा में चार अहम बिल पेश किए गए। इनमें ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, 2026, माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन अमेंडमेंट बिल, 2026 शामिल हैं।
अखिलेश बोले- छात्र आंदोलन के साथ चढ़ावा चोरी पर भी शाह बयान दें
अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष पहले दिन से ही चाहता है कि छात्रों के मुद्दे पर गृह मंत्री सदन में बयान दें, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। अभी दो दिन बाकी हैं। सरकार के पास दोनों मुद्दों- अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी और छात्र आंदोलन पर चर्चा करने का समय है।
भगवान राम को चढ़ाए गए चंदे में चोरी होना कोई सामान्य बात नहीं है। यह करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इसका जवाब कौन देगा।
सरकार बोली- एयरपोर्ट ऑपरेटरों के एयरलाइन कारोबार में आने पर रोक नहीं
केंद्र ने सोमवार को स्पष्ट किया कि प्रमुख एयरपोर्ट ऑपरेटरों के एयरलाइंस में हिस्सेदारी रखने पर कोई सरकारी रोक नहीं है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा में इस बात की जानकारी दी।
मंत्री मुरलीधर ने बताया कि हालांकि कुछ PPP एयरपोर्ट के मौजूदा समझौतों में एयरलाइंस और उनकी ग्रुप कंपनियों को एयरपोर्ट ऑपरेटरों में हिस्सेदारी रखने पर प्रतिबंध है। AAI को इन प्रतिबंधों में छूट के लिए अनुरोध मिला है, लेकिन नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अभी मामले की जांच नहीं की है।
दरअसल मीडिया रिपोर्टों में GMR और अडाणी ग्रुप के एयरलाइन कारोबार में प्रवेश की बात कही गई थी। हालांकि, अडाणी ग्रुप ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वह एयरलाइन कारोबार में प्रवेश के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है और रिपोर्टें बेबुनियाद हैं।
RJD सांसद बोले- सरकार ने लोकतांत्रिक परंपराओं को खत्म कर दिया
RJD सांसद मनोज झा ने कहा, “सरकार की असंवेदनशीलता का एक पिरामिड खड़ा हो गया है। छात्रों पर पैलेट गन चलाई गईं, कीलों वाली लाठियों का इस्तेमाल किया गया और चंदे व चढ़ावे की चोरी के मुद्दे भी हैं। कल ममता बनर्जी के साथ जो हुआ, उससे साफ होता है कि संसदीय लोकतांत्रिक परंपराओं और सदाचार के मानदंडों को खत्म कर दिया गया है।
संसद से पास हुआ बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 को लोकसभा में 3 अगस्त को पेश किया था। 6 अगस्त को लोकसभा ने ध्वनिमत से पारित किया। राज्यसभा में यह बिल सोमवार को पेश हुआ और आज ही बिल पारित कर दिया।
बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 का मकसद बैंकों के रिकॉर्ड को अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने के नियमों को मौजूदा डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था के हिसाब से अपडेट करना है।
दिल्ली में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल का भव्य महासम्मेलन सम्पन्न
देशभर के व्यापारियों ने एकजुट होकर उठाई व्यापार जगत की प्रमुख समस्याएं
कोरबा। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित विशाल व्यापारी महासम्मेलन अत्यंत सफल, सारगर्भित एवं ऐतिहासिक रहा। देशभर से आए व्यापारियों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने एक मंच पर एकत्रित होकर व्यापार एवं उद्योग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया तथा केंद्र सरकार से व्यापारियों के हित में आवश्यक सुधार एवं नीतिगत निर्णय लेने की पुरजोर मांग की।
महासम्मेलन का आयोजन भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में तथा विजय बघेल सांसद दुर्ग लोकसभा क्षेत्र विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ से सुधीर बंसल, राजेश बंसल सहित देश के लगभग 25 प्रदेशों से आए प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने सम्मेलन में सहभागिता की।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अशोक मोदी ने महासम्मेलन को अत्यंत सफल एवं महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस सम्मेलन में देशभर के व्यापारियों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर अत्यंत सारगर्भित चर्चा हुई। व्यापारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि सरकार व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाती है, तो व्यापारी अपना अधिक से अधिक समय व्यापार के विस्तार में लगा सकेंगे। इससे व्यापार बढ़ेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अंततः सरकार को भी अधिक राजस्व प्राप्त होगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
जीएसटी के सरलीकरण एवं लंबित रिफंड का मुद्दा प्रमुखता से उठा
अशोक मोदी ने बताया कि सम्मेलन में जीएसटी के सरलीकरण, अनावश्यक जटिलताओं को समाप्त करने तथा व्यापारियों के लंबित सेस के रिफंड का विषय प्रमुखता से उठाया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जीएसटी की अधिकतम दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है, लेकिन कई मामलों में व्यापारियों के पुराने एवं लंबित सेस रिफंड अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं। इस विषय को लेकर व्यापारी समुदाय द्वारा न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया गया है।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों की इच्छा है कि उनकी जायज समस्याओं का समाधान न्यायालय के माध्यम से होने की नौबत ही न आए। सरकार स्वयं व्यापारियों की समस्याओं को सुने और लंबित सेस टैक्स को रिफंड करे तथा अन्य जायज मांगों का शीघ्र समाधान करे, ताकि व्यापारियों को वर्षों तक कानूनी प्रक्रिया में समय और धन खर्च न करना पड़े।
ऑनलाइन व्यापार एवं विदेशी कंपनियों पर नियंत्रण की मांग
महासम्मेलन में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन व्यापार को लेकर भी व्यापारियों ने अपनी चिंता व्यक्त की। देश के लाखों छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन खरीदी-बिक्री के लिए समान एवं निष्पक्ष व्यापारिक व्यवस्था बनाए जाने की मांग की गई।
व्यापारियों ने कहा कि छोटे दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों को ऐसी नीतिगत व्यवस्था मिलनी चाहिए, जिससे वे बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ समान अवसर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
इसके साथ ही जेसीबी इंग्लैंड जैसी विदेशी कंपनियों पर भी प्रभावी नियंत्रण एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई, जो भारतीय बाजार में बड़ी मात्रा में व्यवसाय तो कर रही हैं, लेकिन देश की स्वदेशी एवं घरेलू कंपनियों के विकास को नुकसान पहुंचा रही हैं। विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों में, जहां विदेशी कंपनियों के कारण भारतीय कंपनियों के लिए समान अवसर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिससे हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को नुकसान हो रहा है। इसके लिये सरकार से प्रभावी नीति बनाने की मांग की गई।
व्यापारियों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा की भी मांग
महासम्मेलन में व्यापारियों की सामाजिक सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण विषय बनाया गया। व्यापारियों ने व्यापारी सुरक्षा, जीवन एवं स्वास्थ्य बीमा, पेंशन तथा सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की।
अशोक मोदी ने कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। व्यापारी स्वयं रोजगार देने के साथ-साथ लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराते हैं। इसलिए जिस प्रकार देश के अन्य वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं हैं, उसी प्रकार व्यापारियों के लिए भी सम्मानजनक एवं प्रभावी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था होना आवश्यक है।
पुराने मामलों को समाप्त करने की मांग
सम्मेलन में व्यापारियों के विरुद्ध लंबे समय से लंबित पुराने मामलों की समीक्षा कर पुराने एवं अनावश्यक मामलों को समाप्त/क्लोज करने की मांग भी जोरदार ढंग से रखी गई। इस अवसर पर यह सवाल भी प्रमुखता से उठाया गया कि जब किसानों का कर्ज माफ किया जा सकता है, तो व्यापारियों पर व्यर्थ में आरोपित ब्याज, पेनल्टी एवं टैक्स को क्यों नहीं माफ किया जा सकता? इस मांग का उपस्थित प्रतिनिधियों ने जोरदार समर्थन एवं स्वागत किया।
व्यापारियों का कहना था कि वर्षों पुराने मामलों के कारण व्यापारी अनावश्यक रूप से कानूनी प्रक्रिया में उलझे रहते हैं। ऐसे मामलों की समीक्षा कर, जहां कोई गंभीर विषय नहीं है, उन्हें समाप्त किया जाना चाहिए, जिससे व्यापारी निर्भय होकर अपने व्यापार एवं उद्योग पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
विजय बघेल का विशेष सम्मान
महासम्मेलन में दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल जी का विशेष रूप से सम्मान किया गया। अशोक मोदी ने बताया कि विजय बघेल जी हाल ही में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के साथ तीन दिवसीय विदेश प्रवास से लौटे हैं। इस अवसर पर सदन की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं तथा उनका सम्मान किया गया।
45 वर्षों से व्यापारियों की आवाज बुलंद कर रहा है भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
अशोक मोदी ने कहा कि भारतीय उद्योग व्यापार मंडल देशभर के व्यापारियों की आवाज को मजबूती से उठाने वाला संगठन है, जो पिछले 45 वर्षों से व्यापारियों के हितों एवं अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षरत है। संगठन ने हमेशा व्यापारियों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए सकारात्मक एवं लोकतांत्रिक तरीके से प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली का यह महासम्मेलन इस बात का प्रमाण है कि देशभर का व्यापारी समाज अपने अधिकारों एवं समस्याओं को लेकर जागरूक है और आवश्यकता पड़ने पर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी भारतीय उद्योग व्यापार मंडल व्यापारियों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाता रहेगा तथा सरकार के साथ संवाद के माध्यम से सरल कर व्यवस्था, व्यापारियों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, निष्पक्ष बाजार व्यवस्था एवं व्यापार के अनुकूल नीतियों के लिए निरंतर प्रयास करेगा।
महासम्मेलन में देश के लगभग 25 प्रदेशों से आए प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। सम्मेलन के सफल आयोजन से देशभर के व्यापारियों में नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार हुआ तथा व्यापारिक हितों के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प दोहराया गया।
अयोध्या, एजेंसी। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों से घिरे चंपत राय एक बार फिर मंदिर ट्रस्ट के महासचिव बनने की रेस में है। चंपत ने 26 जून को महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था।
सूत्रों के मुताबिक, 22 जुलाई को दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की राष्ट्रीय बैठक में उन्हें क्लीनचिट दे दी गई। इसके अगले ही दिन अयोध्या में उनके समर्थन में संतों ने बैठक की। मणिराम दास छावनी में हुई बैठक में कई प्रमुख संतों ने चंपत राय को बेदाग बताते हुए दोबारा महासचिव बनाने की मांग उठाई। ज्यादातर संतों ने इसका समर्थन भी किया।
इसके बाद से चंपत राय रोज संतों के पास पहुंच रहे हैं। वह मंदिरों में पहुंचकर संतों-महंतों से मुलाकात कर रहे हैं। राम मंदिर व्यवस्था को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं। खुद के प्रति विश्वास बढ़ाने की कोशिश में लगे हैं।
संत बोले- जांच में बेदाग हैं, तो दोबारा महासचिव बनें
रामवल्लभाकुंज के प्रमुख और राम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि संत समाज की नजर में चंपत राय निर्दोष हैं। अगर सभी जांचों में वे बेदाग साबित होते हैं, तो उन्हें दोबारा महासचिव बनाया जाना स्वागत योग्य होगा। इससे राम मंदिर की व्यवस्था और सनातन समाज के हित में काम होगा। अयोध्या के संत इसकी मांग भी कर रहे हैं।
स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि स्वर्गीय अशोक सिंहल के साथ और उनके बाद चंपत राय ने राम मंदिर आंदोलन और निर्माण में काफी योगदान दिया है। इसलिए उन्हें सम्मान मिलना चाहिए।
श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख और श्रीराममंदिर धार्मिक समिति के सदस्य स्वामी राजकुमार दास महाराज ने कहा कि चंपत राय निर्दोष हैं, तो महासचिव बनाया जाना चाहिए।
अयोध्या में चंपत राय के समर्थन में जुटे थे संत-महंत
23 जुलाई को अयोध्या में मणिराम दास छावनी ट्रस्ट के तुलसीदास प्राकृतिक चिकित्सालय परिसर में अयोध्या के प्रमुख संतों की बैठक हुई थी। ये बैठक चंपत राय के समर्थन को लेकर थी। इसमें महंत कमलनयन दास, राम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य स्वामी राजकुमार दास, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण, अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता महंत संजय दास, वैष्णव अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता महंत गौरीशंकर दास, तुलसीदास छावनी के महंत जनार्दन दास और रामकचहरी के महंत शशिकांत दास समेत कई संत शामिल हुए थे।
बैठक में चंपत राय के राम मंदिर आंदोलन में योगदान का जिक्र करते हुए उन पर लगे आरोपों को साजिश बताया गया था। संतों ने कहा था कि चंपत राय को दोबारा राम मंदिर ट्रस्ट का महासचिव बनाया जाना चाहिए।
संतों ने मंदिर-मंदिर जाकर चंपत के लिए समर्थन मांगा
बताया जा रहा है कि चंपत राय से जुड़े लोगों ने संतों-महंतों को समर्थन देने के लिए प्रेरित किया था। ये लोग मंदिर-मंदिर गए थे और चंपत राय के पक्ष में समर्थन मांगा था। इसके बाद पूरा माहौल बदल गया।
सूत्रों के अनुसार, ऊपर से संकेत मिलने के बाद ही विहिप में चंपत राय का विरोध पूरी तरह ठंडा पड़ गया। संतों ने चंपत राय के राम मंदिर आंदोलन की चर्चा की, उन पर लग रहे आरोपों को साजिश बताया।
चंपत राय के समर्थन में उनकी 81 साल की उम्र, बैंक खाते नहीं होने के दावे किए जाते रहे हैं। अब करीबियों के अनुसार, चंपत राय अपने पैतृक घर के हिस्से को भी अपने नाम नहीं रखेंगे। यही उनकी इकलौती संपत्ति है। इसको वे अपने भाई के नाम जल्द ही रजिस्ट्री करके पूरी तरह से संपत्ति से मुक्त हो जाएंगे।
नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस मुलाकात का वीडियो सोमवार को यूट्यूब पर लाइव किया गया।
पीएम मोदी ने बातचीत की शुरुआत में कहा, पिछले 10-12 सालों में अगर मैं इस आवास पर नियमित रूप से किसी से मिला हूं, तो वे खिलाड़ी हैं। 10-12 सालों में खिलाड़ियों की मेहनत, लगातार सफलता और नई ऊंचाइयों को छूने की परंपरा ने देश का मान बढ़ाया है।
PM मोदी की खिलाड़ियों के साथ बातचीत
चानू बोलीं- मैं अपने आंसू नहीं रोक सकी
PM मोदी ने वेटलिफ्टर मीराबाई चानू से कहा, आपके इतने आंसू टपक रहे थे कि मुझे लगा, हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा हो। चानू ने कहा,
पेरिस ओलिंपिक में मेडल से चूकने के बाद पिछले चार साल मेरे लिए बेहद मुश्किल रहे। इस दौरान मुझे लगातार चोटों और पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के बाद जब मैं पोडियम पर खड़ी थी और राष्ट्रगान बज रहा था, तब मैं अपने आंसू नहीं रोक सकी।
चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में विमेंस वेटलिफ्टिंग की 48 kg वेट कैटेगरी में कुल 190 किलो वजन उठाकर गोल्ड जीता था।
बेरवाल ने सुनाया पाकिस्तानी बॉक्सर का किस्सा
नरेंद्र बेरवाल ने 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स का एक मजेदार किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि उनका पहला मुकाबला पाकिस्तान के बॉक्सर से था। मुकाबले से पहले भारतीय सेना की ओर से उन्हें फोन आया था। कहा गया था कि पाकिस्तान से मुकाबला नहीं हारना है।
बेरवाल ने फाइट जीत ली। दोनों बॉक्सर इस दौरान चोटिल भी हुए। इसके बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। वहां पाकिस्तानी बॉक्सर ने बेरवाल से कहा- भाईजान, एक बात बोलूं, आपका नाम नरेंद्र है, आपके कोच का नाम नरेंद्र है और आपके प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है।
इसके बाद उसने मजाक में कहा कि उसे ‘नरेंद्र’ नाम से ही नफरत हो गई है। किस्सा सुनकर पीएम मोदी भी हंस पड़े।
जादुमणि बोले- पाकिस्तानी बॉक्सर को हराना तय कर लिया था
बॉक्सर जादुमणि सिंह ने पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले का अनुभव साझा किया। उन्होंने 26 जुलाई को प्री-क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान के रहमान सुमामा को 5-0 से हराया था। मुकाबला कारगिल विजय दिवस के दिन हुआ था।
जादुमणि ने कहा कि वे भारतीय सेना से जुड़े हैं। इसलिए उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि पाकिस्तान को हराना है। जीत के बाद उन्होंने अपना मेडल कारगिल के वीरों को समर्पित किया। पीएम मोदी ने भी उनके इस जज्बे की तारीफ की।
सीमा बोलीं- अब दोस्तों से कहूंगी, हां मोदी जी से मिली हूं
हरियाणा की सीमा कालीरमन ने भी मुलाकात का मजेदार किस्सा बताया। उन्होंने कहा कि उनके दोस्त अक्सर मजाक में पूछते थे- तुमने मोदी से मुलाकात कर ली।
सीमा ने कहा कि अब वह खुशी से उन्हें बता पाएंगी- हां, मैं मोदी जी से मिली हूं। सीमा ने डिस्कस थ्रो में 58.65 मीटर का थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
लवलीना के गलत नक्शे पर आपत्ति की मोदी ने तारीफ की
मुलाकात में बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन का किस्सा भी सामने आया। ग्लासगो के एक रेस्टोरेंट में भारत का गलत नक्शा देखकर लवलीना ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने रेस्टोरेंट के कर्मचारियों से नक्शा ठीक करने को कहा था।
पीएम मोदी ने इस कदम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मेडल जीतने की खुशी के बीच भी लवलीना ने नक्शे की गलती पहचानी। यह घटना लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
दिलीप ने मेडल अपने कोच को गिफ्ट किया
पैरा एथलीट दिलीप महादु गावित ने अपना मेडल कोच को डेडिकेट किया। उन्होंने बताया कि इवेंट के दिन गुरु पूर्णिमा थी। इसलिए उन्होंने मेडल अपने गुरु को गिफ्ट कर दिया।
दिलीप ने पैरा T47 कैटेगरी की 100 मीटर रेस में 10.71 सेकेंड का समय निकालकर गोल्ड जीता था।
मुक्केबाजों ने सबसे ज्यादा मेडल जीते
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कुल 39 मेडल जीते। इनमें 13 गोल्ड शामिल रहे। बॉक्सिंग भारत का सबसे सफल खेल रहा। भारतीय बॉक्सरों ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर समेत 10 मेडल जीते।
एथलेटिक्स से 10, वेटलिफ्टिंग से 8, पैरा एथलेटिक्स से 6, जूडो से 4 और पैरा पावरलिफ्टिंग से 1 मेडल मिला। यानी भारत के 39 में से 37 मेडल पांच खेलों से आए।