नई दिल्ली, एजेंसी। गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस एक्शन मामले पर सदन में जवाब देंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि शाह विस्तार से जवाब देंगे लेकिन विपक्ष को भरोसा देना होगा कि वह बहस से भागेगा नहीं। उन्हें गृहमंत्री का जवाब बिना हंगामा किए सुनना पड़ेगा।
हालांकि शाह कब बोलेंगे, रिजिजू ने इसकी जानकारी नहीं दी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस एक्शन को लेकर विपक्ष लगातार गृहमंत्री के बयान की मांग कर रहा है। शाह संसद परिसर में नियमित रूप से आ रहे हैं, लेकिन उन्हें सदन में नहीं देखा गया है।
मानसून सत्र 20 जुलाई से चल रहा है। 13 अगस्त को इसका समापन है। तीन हफ्ते के दौरान लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई है। एंटी-पेपर लीक बिल पर बहस के अलावा किसी और मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई है।
शाह के बयान की मांग को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन
विपक्षी सांसदों ने शाह के बयान की मांग को लेकर सोमवार को भी संसद के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी ने हाथ में पोस्टर लिया था, जिस पर शाह की लोकसभा में गैरहाजिरी की तारीखें दर्ज थीं।
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ‘मोदिया बिंद’ लिखा चश्मा पहनकर संसद पहुंचीं।
संसद में आज की कार्यवाही से जुड़े अपडेट्स…
लोकसभा ने ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, 2026 को बिना चर्चा के पारित कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया और 10 अगस्त से 12 अगस्त के दौरान सदन में मौजूद रहने का आदेश दिया।
लोकसभा में चार अहम बिल पेश किए गए। इनमें ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, 2026, माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन अमेंडमेंट बिल, 2026 शामिल हैं।
अखिलेश बोले- छात्र आंदोलन के साथ चढ़ावा चोरी पर भी शाह बयान दें
अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष पहले दिन से ही चाहता है कि छात्रों के मुद्दे पर गृह मंत्री सदन में बयान दें, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। अभी दो दिन बाकी हैं। सरकार के पास दोनों मुद्दों- अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी और छात्र आंदोलन पर चर्चा करने का समय है।
भगवान राम को चढ़ाए गए चंदे में चोरी होना कोई सामान्य बात नहीं है। यह करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इसका जवाब कौन देगा।
सरकार बोली- एयरपोर्ट ऑपरेटरों के एयरलाइन कारोबार में आने पर रोक नहीं
केंद्र ने सोमवार को स्पष्ट किया कि प्रमुख एयरपोर्ट ऑपरेटरों के एयरलाइंस में हिस्सेदारी रखने पर कोई सरकारी रोक नहीं है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा में इस बात की जानकारी दी।
मंत्री मुरलीधर ने बताया कि हालांकि कुछ PPP एयरपोर्ट के मौजूदा समझौतों में एयरलाइंस और उनकी ग्रुप कंपनियों को एयरपोर्ट ऑपरेटरों में हिस्सेदारी रखने पर प्रतिबंध है। AAI को इन प्रतिबंधों में छूट के लिए अनुरोध मिला है, लेकिन नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अभी मामले की जांच नहीं की है।
दरअसल मीडिया रिपोर्टों में GMR और अडाणी ग्रुप के एयरलाइन कारोबार में प्रवेश की बात कही गई थी। हालांकि, अडाणी ग्रुप ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वह एयरलाइन कारोबार में प्रवेश के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है और रिपोर्टें बेबुनियाद हैं।
RJD सांसद बोले- सरकार ने लोकतांत्रिक परंपराओं को खत्म कर दिया
RJD सांसद मनोज झा ने कहा, “सरकार की असंवेदनशीलता का एक पिरामिड खड़ा हो गया है। छात्रों पर पैलेट गन चलाई गईं, कीलों वाली लाठियों का इस्तेमाल किया गया और चंदे व चढ़ावे की चोरी के मुद्दे भी हैं। कल ममता बनर्जी के साथ जो हुआ, उससे साफ होता है कि संसदीय लोकतांत्रिक परंपराओं और सदाचार के मानदंडों को खत्म कर दिया गया है।
संसद से पास हुआ बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 को लोकसभा में 3 अगस्त को पेश किया था। 6 अगस्त को लोकसभा ने ध्वनिमत से पारित किया। राज्यसभा में यह बिल सोमवार को पेश हुआ और आज ही बिल पारित कर दिया।
बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 का मकसद बैंकों के रिकॉर्ड को अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने के नियमों को मौजूदा डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था के हिसाब से अपडेट करना है।
नई दिल्ली, एजेंसी। बिहार के 15 जिलों की 575 पंचायतों में करीब 50 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। कटिहार में सरकारी स्कूल और कोचिंग सेंटर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। बच्चे नाव में बैठकर पढ़ रहे हैं। प्रदेश के 26 जिलों बारिश का यलो अलर्ट है। आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।
यूपी में बारिश से नदियां उफान पर हैं। 26 जिलों में बाढ़ के हालात हैं। करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित है। वहीं, लखीमपुर में शारदा नदी का कटान तेज होने से 24 घंटे में 7 मकान नदी में समा गए हैं।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के आदि कैलाश मार्ग पर दोबाट में लैंडस्लाइड से सड़क फिर बंद हो गई। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को हेलमेट पहनाकर भेजा जा रहा है। चार दिन पहले लैंडस्लाइड में कई घोड़े-खच्चर मारे गए थे। रास्ते में पड़े शवों से बदबू और सांस लेने में परेशानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
राजस्थान के 26 जिलों में 17 सितंबर तक बारिश का यलो अलर्ट है। मंगलवार को अजमेर, पाली समेत कुछ अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं, मध्य प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में 17 से 19 सितंबर तक और 18 से 21 सितंबर तक पूर्वी हिस्से में बारिश हो सकती है।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
गुजरात के ऊना जिले में चार घंटे में 8 इंच से अधिक बारिश हुई, जिससे 200 से अधिक घरों में पानी भर गया।
बिहार के कटिहार में बाढ़ के पानी में स्कूल डूबे हैं। गांव के टीचर नाव पर ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
बिहार में भोजपुर के ज्वइनिया गांव में एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने बाढ़ पीड़ितो को राहत सामग्री बांटी।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर हेलमेट पहनाकर यात्रियों को आगे भेजा जा रहा।
यूपी के सिद्धार्थनगर में बारिश के बीच दीवार भरभराकर गिर गई।
यूपी के सहारनपुर में प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर के पास नदी में बाढ़ आ गई। पुलिस ने श्रद्धालुओं को अलर्ट कर दिया था।
छत्तीसगढ़ : बारिश थमने से चढ़ा पारा, राजनांदगांव में 35° तापमान
छत्तीसगढ़ में आज कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है। पिछले 24 घंटे में रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ अब तापमान बढ़ने लगा है। राजनांदगांव सबसे गर्म रहा, यहां पारा 35 डिग्री तक पहुंच गया।
गुजरात: कच्छ के मांडवी में 7 इंच बारिश
गुजरात में पिछले 24 घंटे में 110 में बारिश हुई। कच्छ के मांडवी में सबसे ज्यादा 7 इंच बारिश दर्ज की गई। सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक हुई बारिश से कई जगह सड़कों पर पानी भर गया।
जूनागढ़, गिर सोमनाथ, राजकोट, अमरेली, आनंद और मेहसाणा के कुछ इलाकों में भी सुबह हल्की बारिश हुई। राज्य में अब तक 84.74% बारिश हुई है, लेकिन करीब 15% बारिश की कमी है।
यूपी: 26 जिलों में बाढ़ से 4 लाख लोग प्रभावित, लखीमपुर में 7 मकान नदी में बहे
यूपी में मानसून अभी सक्रिय है। मौसम विभाग ने बुधवार को 56 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, बारिश से नदियां उफान पर हैं। 26 जिलों में बाढ़ के हालात हैं। करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित है। सिद्धार्थनगर में बारिश के बीच दीवार भरभराकर गिर गई।
मध्य प्रदेश: 19 सितंबर से नया सिस्टम एक्टिव होगा, राज्य में 4.3 इंच कम बारिश हुई
मध्य प्रदेश में भारी बरसात का एक और दौर आ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर के बाद नया सिस्टम एक्टिव होगा। यदि सिस्टम स्ट्रॉन्ग रहा तो प्रदेश की बारिश का कोटा फुल हो सकता है। कोटे के बराबर पहुंचने में 4.3 इंच बारिश की और जरूरत है।
बिहार: सेंट्रल टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी, 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बिहार के 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। पटना समेत बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।
राजस्थान: 26 जिलों में बारिश का अलर्ट, 19 सितंबर से मानसून की विदाई
राजस्थान में मानसून अंतिम चरण में है। आज 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। मंगलवार को अजमेर, पाली समेत कुछ अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश होने और हवा चलने से कई शहरों में मंगलवार को तापमान में गिरावट हुई।
झारखंड: बिजली गिरने का का यलो अलर्ट, हल्की बारिश की संभावना
राजधानी रांची में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 21 सितंबर तक रांची और आसपास के इलाकों में रोजाना एक-दो बार बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।
उत्तराखंड: अल्मोड़ा में रामगंगा नदी उफान पर, सभी जिलों में बारिश की चेतावनी
उत्तराखंड के सभी जिलों में आज बारिश की संभावना है। अल्मोड़ा के चौखुटिया क्षेत्र में देर रात मूसलाधार बारिश हुई, जिससे रामगंगा नदी अचानक उफान पर आ गई। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग पर दोबाट में पहाड़ी दरकने से सड़क फिर बंद हो गई।
नई दिल्ली, एजेंसी। पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारतीय नौसेना के जहाज से टकरा गया। घटना कब की है, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इससे पहले 2011 में भी दोनों देशों के जहाजों में टक्कर हुई थी।
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में आया और गलत दिशा में मुड़ गया, जिससे दोनों जहाज टकरा गए।
ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी जहाज का नाम PNS हुनैन है। इसे समुद्री निगरानी और गश्त के लिए इस्तेमाल किया जाता है। टक्कर में इसको नुकसान पहुंचा है। हालांकि, भारतीय नौसेना के जिस जहाज से इसकी टक्कर हुई, इसका पता नहीं चल पाया है।
घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने घटना को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर बताया।
दिशा बदलने के दौरान दोनों की टक्कर हुई
ANI के मुताबिक, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत उत्तर अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज तेज रफ्तार से भारतीय जहाज के करीब आ गया।
पाकिस्तानी जहाज ने जिस तरह अपनी दिशा बदली, उसे असुरक्षित और गैर-पेशेवर बताया गया है। इसके बाद दोनों जहाजों के बीच दूरी लगातार कम होती गई और आखिर में वे आपस में टकरा गए।
2011 में टकराए थे भारतीय-पाकिस्तानी जहाज
भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच समुद्र में इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है। 2011 में भारतीय नौसेना के INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के PNS बाबर के बीच भी टक्कर हुई थी।
टक्कर को लेकर पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारतीय जहाज ने उसके काम में रुकावट डाली और खतरनाक तरीके से जहाज चलाया।
भारत ने इस आरोप को गलत बताया। भारत के मुताबिक, PNS बाबर ने INS गोदावरी को दाईं तरफ से पार करने की कोशिश की और इसी दौरान उसके हेलिकॉप्टर डेक वाले हिस्से से टकरा गया। इस दौरान हेलिकॉप्टर का जाल क्षतिग्रस्त हुआ था।
भारत ने तब भी 1991 के समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला देते हुए पाकिस्तान के सामने विरोध दर्ज कराया था।
साल 2011 में INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के PNS बाबर की टक्कर हो गई थी।
PNS बाबर, सोमालियाई समुद्री लुटेरों से छुड़ाए गए MV सुएज जहाज को सुरक्षित ले जा रहा था। यह मिस्र के मालिकाना हक वाला जहाज था।
इसे सोमालियाई समुद्री लुटेरों ने बंधक बना लिया था। बाद में करीब 20 लाख डॉलर से ज्यादा की फिरौती दिए जाने के बाद जहाज और उसके 22 सदस्यीय चालक दल को छोड़ा गया था।
भारत ने पाकिस्तान से क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी चार्ज डी’अफेयर्स से कहा कि वह भारत की आपत्ति पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। भारत ने कहा कि समुद्र में सभी सैन्य जहाजों को सावधानी से काम करना चाहिए और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करना चाहिए।
भारत ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय चार्ज डी’अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने भारत की ओर से विरोध दर्ज कराने को कहा गया है।
कोलकाता, एजेंसी। भाजपा ने पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाश्वर सरकार को टिकट दिया है।
हसीरानी रथ CM शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की मां हैं। 6 मई की देर रात मध्यमग्राम के पास चंद्रनाथ को गोली मार दी गई थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई।
इस साल अप्रैल-मई में हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीती थीं। तृणमूल कांग्रेस को 80 और कांग्रेस को 2 सीटें मिली थीं। इन नतीजों के बाद ममता बनर्जी 15 साल बाद सत्ता से बाहर हो गईं।
नंदीग्राम में TMC के दो गुट भी आमने-सामने
उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट भी आमने-सामने हैं। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउज्जमान शेख को मैदान में उतारा है। वहीं ममता वाले गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
दोनों गुट खुद को असली TMC बताते हुए ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं और 16 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। अगर उपचुनाव से पहले आयोग इस विवाद पर फैसला नहीं कर पाता है, तो मौजूदा चुनाव चिह्न फ्रीज किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में दोनों गुटों को अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरना पड़ सकता है।
कांग्रेस ने नंदीग्राम से मिलन प्रधान और रेजीनगर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी को उम्मीदवार बनाया है। CPI(M) ने रेजीनगर से अधिवक्ता सैयद असद अली को और CPI ने नंदीग्राम से शांति गोपाल गिरी को टिकट दिया है।
नंदीग्राम से शुभेंदु ने ममता को हराया, लगातार दो बार से भाजपा जीत रही
नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
2021 में ममता बनर्जी ने यहीं से बंगाल के मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की।
बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई।
बंगाल सहित 4 राज्यों की 6 सीटों पर उपचुनाव
तमिलनाडु में 2 सीट: मदुरांतकम और धारापुरम- ये दोनों विधानसभा सीटें मरागथम कुमारवेल और पी. सत्यबामा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं। दोनों सीटों की फाइनल वोटर लिस्ट 23 फरवरी को जारी की गई।
पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी सीट: यह सीट एन. रंगासामी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। सीट की मतदाता सूची 14 फरवरी को पब्लिश हुई।
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर-नंदीग्राम सीट: रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर और नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई। इन सीटों की अंतिम वोटर लिस्ट 28 फरवरी को जारी की गई।
असम की नगांव लोकसभा सीट: असम की नागांव लोकसभा प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इस सीट की अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को जारी की गई थी।