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रेखा गुप्ता दिल्ली की 9वीं सीएम बनीं:बोलीं- शीशमहल में नहीं रहूंगी, प्रवेश वर्मा समेत 6 मंत्री बनाए गए; शाम को यमुना जाएगी नई कैबिनेट

नई दिल्ली ,एजेंसी। दिल्ली में आज से ‘रेखा सरकार’। शालीमार बाग सीट से पहली बार की विधायक रेखा गुप्ता (50 साल) ने गुरुवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में शपथ ली। वे दिल्ली की 9वीं और चौथी महिला सीएम बन गई हैं।
रेखा से पहले सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित और आतिशी मुख्यमंत्री रहीं। इस समारोह में पीएम मोदी, अमित शाह के अलावा बीजेपी शासित 21 राज्यों के सीएम, डिप्टी सीएम भी मौजूद रहे। आप नेता अरविंद केजरीवाल और आतिशी शपथ में नहीं पहुंचे।
प्रवेश वर्मा समेत 6 मंत्रियों ने भी शपथ ली
रेखा के अलावा 6 मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र इंद्राज सिंह, कपिल मिश्रा और पंकज कुमार सिंह शामिल है।
रेखा बोलीं- मैं शीशमहल में नहीं रहूंगी
शपथ से पहले रेखा गुप्ता ने गुरुवार सुबह मीडिया से बातचीत में कहा, ‘यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मुझ पर भरोसा जताने के लिए मैं PM मोदी और पार्टी हाईकमान का शुक्रिया अदा करती हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं दिल्ली की CM बनूंगी। मैं शीशमहल में नहीं रहूंगी।’
दिल्ली के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास को भाजपा ने शीशमहल नाम दिया था। अरविंद केजरीवाल ने इसे बनवाया था। भाजपा का आरोप है कि केजरीवाल ने इसे बनवाने में नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपए खर्च किए थे। भाजपा ने इसे चुनावी मुद्दा भी बनाया था।
रेखा गुप्ता

शपथ ग्रहण की तस्वीरें…

दिल्ली सीएम पद की शपथ लेने के बाद रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री का अभिवादन किया।

सीएम रेखा गुप्ता के अलावा शपथ लेने के बाद 6 मंत्रियों ने पीएम मोदी का अभिवादन किया।

शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए सरकार के सीएम और डिप्टी सीएम मंच पर मौजूद थे।

Rekha Gupta: दिल्ली की नई CM, जानिए उनके पति मनीष गुप्ता क्या करते हैं?

दिल्ली के शालीमार बाग से पहली बार विधानसभा चुनाव जीतने वाली रेखा गुप्ता को बीजेपी विधायक दल ने अपना नेता चुना है। इसके साथ ही रेखा गुप्ता ने दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव भी प्राप्त किया है। रेखा गुप्ता का नाम राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन उनके साथ-साथ उनके पति मनीष गुप्ता की आय और संपत्ति भी लोगों की नजर में आ गई है। आइए, जानते हैं रेखा गुप्ता और उनके पति मनीष गुप्ता के बारे में पूरी जानकारी।
रेखा गुप्ता की संपत्ति और आय
रेखा गुप्ता के पास कुल 5.31 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें उनकी चल और अचल संपत्तियां शामिल हैं। हालांकि, उन पर 1.20 करोड़ रुपये का कर्ज भी है। रेखा गुप्ता ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने हलफनामे में यह जानकारी दी कि उनकी कुल पारिवारिक संपत्ति 5.25 करोड़ रुपये है। इसमें से रेखा गुप्ता के पास 3.55 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जबकि उनके पति मनीष गुप्ता के पास 1.44 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
मनीष गुप्ता का व्यवसाय
रेखा गुप्ता के पति मनीष गुप्ता का अपना व्यवसाय है। मनीष गुप्ता इंश्योरेंस और स्पेयर पार्ट्स के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह कोटक लाइफ इंश्योरेंस में एजेंसी एसोसिएट और बिजनेस ओनर हैं। इसके साथ ही उनका स्पेयर पार्ट्स का भी व्यापार है, जिससे उनकी वार्षिक आय काफी अधिक है। मनीष गुप्ता की 2023-24 में आय 97.33 लाख रुपये थी, जो रेखा गुप्ता की आय से काफी अधिक है। रेखा गुप्ता की आय की तुलना में मनीष गुप्ता की आय कई गुना ज्यादा है, जो दर्शाता है कि उनका व्यवसाय काफी सफल है।
रेखा गुप्ता और मनीष गुप्ता की संपत्ति का विवरण
अगर हम संपत्ति के विवरण पर नजर डालें, तो रेखा गुप्ता के पास 1.25 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है, जबकि मनीष गुप्ता के पास 1.14 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है। अचल संपत्ति के मामले में रेखा गुप्ता अपने पति से काफी आगे हैं। रेखा के पास 2.3 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है, जबकि मनीष गुप्ता के पास 30 लाख रुपये की अचल संपत्ति है।
रेखा गुप्ता के परिवार और उनका राजनीतिक सफर
रेखा गुप्ता का जन्म हरियाणा के जींद जिले के नंदगढ़ गांव में हुआ था। उनका परिवार बाद में दिल्ली में बस गया था, जहां रेखा गुप्ता ने अपनी शिक्षा प्राप्त की। रेखा गुप्ता ने 1998 में मनीष गुप्ता से शादी की और इसके बाद दिल्ली में अपने परिवार के साथ स्थायी रूप से बस गईं। रेखा गुप्ता की राजनीतिक यात्रा अब तक बहुत ही सफल रही है, और उनकी मेहनत ने उन्हें मुख्यमंत्री पद तक पहुंचाया है।
रेखा गुप्ता का परिवार और कर्ज
रेखा गुप्ता और मनीष गुप्ता पर कुल 1.20 करोड़ रुपये का कर्ज है। रेखा गुप्ता पर 48 लाख, 44 हजार रुपये का कर्ज है, जबकि मनीष गुप्ता पर 70 लाख, 39 हजार रुपये का कर्ज है। दोनों के संयुक्त रूप से 1.50 लाख रुपये की देनदारी है। हालांकि, इसके बावजूद उनके पास संपत्ति की कोई कमी नहीं है, और उनके व्यवसायों के चलते उनकी आय और संपत्ति लगातार बढ़ रही है।
रेखा गुप्ता की राजनीतिक यात्रा
रेखा गुप्ता ने पहली बार 2020 में शालीमार बाग विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उनकी मेहनत और राजनीतिक रणनीति के चलते वह बीजेपी विधायक दल की नेता बन गईं। अब उन्हें दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला है। उनकी सफलता न केवल उनके चुनावी हलफनामे से, बल्कि उनके राजनीतिक योगदान से भी साफ नजर आती है। रेखा गुप्ता ने राजनीति में एक महिला के रूप में अपनी पहचान बनाई है और अब दिल्ली की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं।
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क्रिकेटर रोहित शर्मा पद्मश्री से सम्मानित:सिंगर अलका याग्निक ने पद्म भूषण लेने से पहले मोदी के पैर छुए, 65 हस्तियों को मिले पद्म अवॉर्ड
नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में पद्म अवॉर्ड के दूसरे फेज में 65 हस्तियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 56 पद्मश्री दिए गए।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस केटी थॉमस को जनसेवा, सीनियर मलयालम जर्नलिस्ट पी नारायणन को साहित्य के लिए पद्म विभूषण दिया गया। झारखंड के पहले मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण दिया गया। अवॉर्ड लेने उनकी पत्नी रूपी सोरेन पहुंची।

सिंगर अलका याग्निक ने अवॉर्ड लेने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी के पैर छुए। क्रिकेटर रोहित शर्मा, एक्टर आर माधवन को पद्मश्री से नवाजा गया। पुरस्कार पाने वालों में एक्टर ममूटी और पूर्व टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज भी शामिल रहे।

2026 के पद्म पुस्कारों के लिए कुल 131 लोगों को चुना गया था। इससे पहले 25 मई को पहले चरण में भारतीय वुमन क्रिकेट टीम कैप्टन हरमनप्रीत कौर, एक्टर धर्मेंद्र समेत 66 हस्तियों पद्म अवॉर्ड दिए गए थे।
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रेलवे का महिलाओं को बड़ा तोहफा… दिल्ली-लखनऊ समेत इन स्टेशनों पर मुफ्त में मिलेंगे सैनिटरी पैड
नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय रेलवे ने ट्रेन में सफर करने वाली महिलाओं की सुविधा को लेकर एक अहम कदम उठाया है। रेल मंत्रालय ने महिलाओं को माहवारी (पीरियड्स) से जुड़ी जरूरी चीजें मुहैया करवाने का आदेश जारी किया है। उत्तर रेलवे ने दूरसंचार अवसंरचना क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इंडस टावर्स के सहयोग से 175 रेलवे स्टेशनों पर 500 सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित की हैं।
दिल्ली, लखनऊ, अंबाला, फिरोजपुर समेत कई स्टेशनों पर महिलाओं को 24 घंटे ही इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इंडस टावर्स के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रम ‘नारी सम्मान’ के अंतर्गत अब तक 3 करोड़ से अधिक सैनिटरी पैड वितरित किए जा चुके हैं।

सफर के दौरान महिलाओं की बड़ी समस्या का समाधान
रेल यात्रा के दौरान कई बार महिलाओं को अचानक सैनिटरी पैड की आवश्यकता पड़ जाती है, लेकिन स्टेशन पर पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई है। इंडस टावर्स ने अपने प्रमुख CSR कार्यक्रम ‘प्रगति’ के तहत इस परियोजना को लागू किया है, जिसका उद्देश्य मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं को आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध कराना है।
स्मार्ट तकनीक से लैस हैं मशीनें
स्थापित की गई वेंडिंग मशीनें इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तकनीक से जुड़ी हुई हैं। इस तकनीक की मदद से मशीनों में पैड का स्टॉक कम होने पर कंट्रोल सेंटर को स्वतः सूचना मिल जाती है। इससे समय रहते मशीनों को फिर से भरने की व्यवस्था की जा सकती है और महिलाओं को किसी भी समय सुविधा उपलब्ध रहती है।
महिलाओं के अनुकूल सार्वजनिक स्थान बनाने की दिशा में कदम
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने कहा कि भारतीय रेलवे प्रतिदिन लाखों यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाता है, जिनमें बड़ी संख्या में छात्राएं और कामकाजी महिलाएं शामिल हैं। ऐसे में उनकी सुविधा और सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इंडस टावर्स के साथ यह साझेदारी सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए अधिक समावेशी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
2030 तक 15 करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य
इंडस टावर्स के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) तेजिंदर कालरा ने कहा कि रेलवे जैसे देश के सबसे व्यस्त सार्वजनिक नेटवर्क पर इस तरह की सुविधा उपलब्ध कराना सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि कंपनी तकनीक आधारित समाधानों के माध्यम से वर्ष 2030 तक 15 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। यह परियोजना उसी व्यापक विजन का एक अहम हिस्सा है।
महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई यह पहल न केवल उनकी यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता और सम्मान को भी बढ़ावा देगी।
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भारत की सैन्य ताकत होगी और घातक, अमेरिका ने 4555 करोड़ की रक्षा डील को दी मंजूरी
वाशिंगठन/नई दिल्ली, एजेंसी। भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को और मजबूत करते हुए अमेरिका ने भारतीय सेना के AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों और M777A2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के लिए 482.2 मिलियन डॉलर (लगभग ₹4,555 करोड़) के सपोर्ट पैकेज को मंजूरी दे दी है। इस पैकेज में रखरखाव, तकनीकी सहायता, स्पेयर पार्ट्स और अन्य लॉजिस्टिक सेवाएं शामिल हैं। अमेरिका की Defense Security Cooperation Agency (DSCA) ने 17 जून को इस प्रस्तावित सौदे की आधिकारिक सूचना जारी की। यह एजेंसी अमेरिकी सरकार के फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) कार्यक्रम का संचालन करती है।

इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने भी अमेरिकी कांग्रेस को इस संभावित रक्षा सौदे के बारे में जानकारी दी थी। भारत में अमेरिका के राजदूत Sergio Gor ने कहा कि दोनों देश प्रतिदिन रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि M777A2 हॉवित्जर तोपों के लिए लगभग 230 मिलियन डॉलर का सपोर्ट पैकेज भी अंतिम चरण में है। राजदूत ने कहा कि यह प्रस्ताव अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप है और साथ ही भारत की रक्षा क्षमताओं को बनाए रखने और मजबूत करने में मदद करेगा।
भारत ने M777A2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों को अमेरिका से खरीदा था। इन हल्की लेकिन अत्यधिक प्रभावी तोपों को विशेष रूप से पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में तेजी से तैनात करने के लिए डिजाइन किया गया है। लद्दाख और उत्तरी सीमाओं पर इनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं, भारतीय वायुसेना और थलसेना के पास मौजूद AH-64E Apache हेलीकॉप्टर दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में गिने जाते हैं। ये सटीक हमले, टैंक रोधी अभियानों और युद्धक्षेत्र में सैनिकों को समर्थन देने में सक्षम हैं।
अमेरिकी रक्षा विभाग का कहना है कि यह पैकेज भारत को मौजूदा और भविष्य के सुरक्षा खतरों का सामना करने में मदद करेगा। इससे भारतीय सेना के महत्वपूर्ण हथियार प्लेटफॉर्म अधिक समय तक प्रभावी और संचालन योग्य बने रहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा केवल उपकरणों के रखरखाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते रणनीतिक सहयोग और भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों की गहराई को भी दर्शाता है। विश्लेषकों के अनुसार, भारत की सीमाओं पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सामरिक समीकरणों के बीच यह सौदा भारतीय सेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करेगा। साथ ही यह दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच रक्षा सहयोग के लगातार विस्तार का संकेत भी है।
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