छत्तीसगढ़
रायपुर निगम बजट…इलेक्ट्रॉनिक मार्केट और ट्रेड टावर बनेंगे:वर्किंग विमेंस हॉस्टल, युवाओं को हाईटेक लाइब्रेरी, दिव्यांग पार्क और बच्चों के लिए प्ले जोन बनाए जाएंगे
रायपुर,एजेंसी। रायपुर नगर निगम में मेयर मीनल चौबे ने 1529 करोड़ 53 लाख 28 हजार रुपए का बजट पेश कर दिया है। शहर में तीन जगहों पर वर्किंग विमेंस हॉस्टल और विमेन रेस्ट रूम बनाए जाएंगे, जिसमें सेनेटरी वेंडिंग मशीन और बेबी फीडिंग रूम भी होंगे। बच्चों के लिए प्ले जोन, युवाओं के लिए लाइब्रेरी का ऐलान किया गया है।
पब्लिक प्लेस पर महिला सुरक्षा के तहत सर्विलांस कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए 20 लाख का प्रावधान है। स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल लेन-देन का प्रशिक्षण मिलेगा। दिव्यांगों के लिए 10 करोड़ की लागत से दिव्यांग पार्क बनेंगे। इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, क्रिस्टल आर्केड कॉमर्शियल हब और ट्रेड टावर भी बनाए जाएंगे।
मेयर पीले रंग की मखमली फाइल में बजट लेकर निगम कार्यालय पहुंची थीं। फाइल में छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो छपी है। इस दौरान मीनल ने कहा कि पिछले महापौर ने लगभग 2000 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया था, उसमें सिर्फ 850 करोड़ रुपए ही खर्च हुए। हमारा जो बजट है वास्तविकता का बजट है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष संदीप साहू ने इसे फेलियर बजट कहा है। साहू के मुताबिक बजट में मूलभूत सुविधाओं की बात नहीं है। गौ संरक्षण के लिए गौ अभयारण्य बनाने का कोई प्रावधान नहीं है। मच्छरों के उन्मूलन के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं है।

विपक्ष बोला- फेलियर बजट
मीनल चौबे ने कहा- 15 साल के बाद भाजपा के मेयर के रूप में मैंने अपना पहला बजट पेश किया, हमने सभी क्षेत्रों के विकास के लिए बजट में सभी चीजों को शामिल किया है। बजट में जिन चीजों का उल्लेख किया है वह सभी कार्य पूरा करने का प्रयास करेंगे।
मीनल बोलीं पिछले महापौर ने लगभग 2000 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया था, उसमें सिर्फ 850 करोड़ रुपए ही खर्च हुए। हमारा जो बजट है वास्तविकता का बजट है। हम जितना अनुमान लगा रहे हैं उन सभी कामों को किया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष संदीप साहू ने इसे फेलियर बजट कहा है। साहू के मुताबिक बजट में मूलभूत सुविधाओं की बात नहीं है। गौ संरक्षण के लिए गौ अभयारण्य बनाने का कोई प्रावधान नहीं है। मच्छरों के उन्मूलन के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं है।
तालाबों के संरक्षण के लिए कोई विशेष व्यवस्था नही की गई।
कांग्रेस पार्षद आकाश तिवारी ने कहा- ट्रिपल इंजन की सरकार में विश्वास की कमी है जो इतना कम बजट पेश किया है। इस बजट में ट्रैफिक व्यवस्था कुछ सुधारने की बात कही गई है। लेकिन शहर में जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक समस्या वाले तात्यापारा चौक चौड़ीकरण को लेकर कुछ नहीं है।
इस बजट में कोई नई बात नहीं थी , पहले भी बुजुर्गों के बाबू की कुटिया और ओपन जिम था वहीं इस बजट में शामिल है। निगम की बीजेपी सरकार के पहले बजट से स्पष्ट हुआ है कि इनकी कथनी और करनी में अंतर है।
बजट में महिलाओं के लिए क्या खास?
- रायपुर में तीन जगहों पर वर्किंग विमेंस हॉस्टल बनेगा।
- पब्लिक प्लेस पर विमेंन रेस्ट रूम भी बनेंगे। जिसमें सैनेटरी वेंडिंग मशीन और बेबी फीडिंग रूम भी होंगे।
- सार्वजनिक स्थलों पर महिला सुरक्षा के तहत सर्विलेंस कैमरे लगेंगे। 20 लाख का प्रावधान किया गया है।
- निगम क्षेत्र में महिला टॉयलेट में सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाए जाएंगे। 25 लाख का प्रावधान है।
- महिला स्वावलंबन और रोजगार के लिए राज्य शासन द्वारा 10 करोड़ की राशि दी गई है। इस राशि से गारमेंट फैक्टरी का संचालन किया जाएगा। जिससे स्थानीय महिलाओं और युवाओं को रोजगार से जोड़कर आर्थिक समृद्धि प्रदान की जाएगी।
- स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल लेनदेन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनके परिवार के सदस्यों को शासन के अन्य योजनाओं का लाभ दिलवाया जायेगा।
- वेंडिंग जोन को विकसित किया जाएगा। साथ ही मार्केट डेवलपमेंट प्लान के तहत बाजारों को विकसित किया जाएगा।
- तृतीय लिंग के समूहों को चिन्हांकित कर उनको / उनके रूचि के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें और आर्थिक/सामाजिक रूप से सशक्त बन सके।
पिछला कार्यकाल सपनों के नाम रहा- मीनल
- मेयर ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल वार्षिक 1901 करोड़ 31 लाख 93 हजार का बजट था, केवल 819 करोड़ 19 लाख 30 हजार का खर्च किया गया।
- वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल वार्षिक 1608 करोड़ 74 लाख 43 हजार का बजट था, इसमें केवल 889 करोड़ 66 लाख 87 हजार का व्यय किया गया।
- वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल वार्षिक 1475 करोड़ 15 लाख 23 हजार रूपए बजट था, इसमें केवल 980 करोड़ 58 लाख 90 हजार का व्यय किया गया।
बजट की बड़ी बातें
- महादेव घाट के सौंदर्यीकरण के लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान
- व्यापार के लिए 2 सौ 19 करोड़ से इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, कमर्शियल हब और ट्रेड टावर बनेंगे।
- दिव्यागजनों के लिए 10 करोड़ रुपए की लागत से दिव्यांग पार्क, दिव्यांग फ्रेंडली भवन और टॉयलेट का किया जाएगा निर्माण
- तालाबों के संवर्धन के लिए 30 करोड़ रूपए का प्रावधान
- यातायात व्यवस्था सुधारने शहर के 18 प्रमुख चौक चौराहों और मार्गों का 61 करोड़ रुपए का प्रावधान
- अमृत मिशन योजना में छुटे हुए इलाकों में नई टंकियों और पेयजल लाइन का विस्तार का प्रावधान
- पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान
- राजस्व वसूली के लिए डोर -टू – डोर सर्व के लिए नियुक्त की जाएगी एजेंसी
- खेल मैदानों में 5 करोड़ 89 लाख रुपए की लागत से लाइट की व्यवस्था होगी।
- भाठागांव से रायपुरा ,Nh 53 से अग्रसेन धाम, BSNL ऑफिस मोवा अटारी रोड तक सवा दो करोड़ की लागत से स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रावधान
- साइंस सेंटर रिंग रोड नंबर 3 , मोवा मेन रोड से अशोक आइकन तक सवा करोड़ रूपए की लागत से स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रावधान
- जलभराव रोकने शहर के अलग अलग इलाकों में 2 सौ करोड़ रुपए से नाला निर्माण का प्रावधान
- वाटर हार्वेस्टिंग के 900 रीचार्जिंग पिट का तैयार होगा।
मेयर बोलीं- बेटी अब बेबस नहीं..
मेयर मीनल ने अभिभाषण से पहले ये लाइनें पढ़ीं ।
” बेटी अब बेबस नहीं, कहानी नई लिख रही है,
हाथों में कलम लिए, शहर की तकदीर गढ़ रही है।
रायपुर की गलियों से चलकर, जो धीरे-धीरे आगे बढ़ी, वही बेटी, अब शहर की एक नई पहचान लिख रही है।

मेयर ने 1529 करोड़ 53 लाख 28 हजार रुपए का बजट पेश किया।
इस बार के बजट पिछले साल की तुलना में करीब 400 करोड़ रुपए की कटौती की गई है।

कोरबा
15 जून को छोटे खातेदारों को रोजगार ,पुनर्वास एवं भू विस्थापितों की समस्याओं को लेकर जन आक्रोश रैली के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी किसान सभा,
भू विस्थापितों की रैली में शामिल होंगे लोकसभा सांसद अमराराम
आंदोलन को सफल बनाने के लिए पोस्टर के साथ गांव-गांव माइक प्रचार ,बैठक के साथ घर-घर पर्चे वितरण कर भू विस्थापितों को किया जा रहा एकजुट
आंदोलन में कोरबा के चारों परियोजना के साथ रायगढ़ और सरगुजा संभाग के भी भू विस्थापित होंगे शामिल
कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में छोटे खातेदारों को रोजगार देने,भूविस्थापितों के लंबित रोजगार प्रकरणों के निराकरण,पूर्व में अधिग्रहित जमीन की वापसी,पट्टा,आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाने,पेयजल की व्यवस्था करने,बसावट एवं खनन प्रभावित गांवों की अन्य समस्याओं को लेकर 15 जून को जन आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट घेराव की घोषणा की है किसान सभा द्वारा शुरू किया गया आंदोलन भू विस्थापितों का जन सैलाब बनकर कोरबा की सड़कों पर दिखने वाला है कई भू विस्थापित संगठन इस घेराव में शामिल हो रहे है। जिला प्रशासन से भी कई बार हस्तक्षेप कर समस्याओं के समाधान की मांग की गई लेकिन प्रशासन ने समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया इस लिए विस्थापितों ने किसान सभा के नेतृत्व में अब आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव गांव में बैठक कर पर्चे वितरण के साथ भू विस्थापितों को एकजुट भी किया जा रहा है और किसान सभा ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए पोस्टर,पर्चे के साथ गांव गांव माइक प्रचार कर भू विस्थापितों को संगठित करने का काम कर रही है। कलेक्ट्रेट घेराव और जन आक्रोश रैली को लेकर भू विस्थापित संगठनों के साथ आम जनता का व्यापक जन समर्थन मिल रहा है।

जन आक्रोश रैली और कलेक्ट्रेट घेराव से पहले घंटाघर में सभा आयोजित होगी जिसे प्रमुख रूप से माकपा के लोकसभा सांसद और किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड अमराराम,किसान सभा के राष्ट्रीय नेता अवधेश कुमार, आदिवासी एकता महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और सचिव सुरेंद्र लाल सिंह एवं बाल सिंह सहित किसान सभा के प्रदेश के नेता और भू विस्थापित संगठनों के नेता संबोधित करेंगे।
जनआक्रोश रैली और कोरबा कलेक्टर घेराव लोकसभा के सांसद अमराराम के नेतृत्व में होगा
कलेक्ट्रेट घेराव को सफल बनाने के लिए गांव गांव में नुक्कड़ सभा,घर घर पर्चे वितरण एवं भू विस्थापितों को एकजुट करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है आंदोलन में कोरबा जिले के कोरबा,दीपका,गेवरा,कुसमुंडा के साथ रायगढ़ और सरगुजा संभाग के भी प्रभावित शामिल होंगे।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि एसईसीएल के कुसमुंडा,गेवरा,दीपका,कोरबा सभी क्षेत्रों में छोटे खातेदारों को रोजगार देने,भू विस्थापितों के लंबित रोजगार,जमीन वापसी,पट्टा,बसावट एवं प्रभावित गांव की मूलभुत समस्याओं के निराकार के लिए जिला प्रशासन और एसईसीएल के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है जिससे भू विस्थापितों के सब्र का बांध टूट चुका है। 15 जून को कोरबा की सड़को पर भू विस्थापितों। का आक्रोश जन सैलाब के रूप में दिखने वाला है। प्रबंधन और प्रशासन पहले एकजुट था अब सभी क्षेत्रों के भू विस्थापित अपने अधिकार को लेने के लिए एकजुट हो रहे है। किसानों की जमीन का अधिग्रहण जिला प्रशासन द्वारा किया जाता है और उद्योगों को जमीन नियमों के पालन के तहत सौंपा जाता है लेकिन उद्योग जमीन तो ले लेती है लेकिन विस्थापित जमीन अधिग्रहण के बाद रोजगार और पुनर्वास के लिए भटकते हैं जिला प्रशासन को जमीन अधिग्रण के साथ विस्थापित किसानों के अधिकार को दिलाने के लिए भी सामने आना होगा।
किसान सभा नेता जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू,जय कौशिक,पवन यादव यादव,अमरजीत कंवर आदि ने भू-विस्थापितों की समस्याओं के लिए जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन दोनों को ही जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि कुसमुंडा में जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर 1685 दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है और समस्याओं की ओर कई बार प्रशासन और प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन भू-विस्थापितों की समस्याओं के निराकरण के प्रति कोई भी गंभीर नहीं है।
भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष रेशम यादव, सचिव दामोदर श्याम ने कहा कि जिनकी जमीन एसईसीएल ने ली है, उन्हें बिना किसी शर्त के रोजगार दिया जाये क्योंकि जमीन ही उनके जीने का एकमात्र सहारा थी जबरन नए नए नियम बनाना बंद किया जाए । छोटे बड़े खातेदार के नाम पर किसानों को बांटने का काम बंद किया जाए। 15 जून को चारों क्षेत्र से पूरे परिवार सहित हजारों भू-विस्थापित कलेक्ट्रेट घेराव में शामिल होंगे।
कलेक्ट्रेट घेराव में कई भू विस्थापित संगठन शामिल होंगे।
प्रमुख मांगे´
1) छोटे खातेदार के नाम पर भू विस्थापितों के रोके गए रोजगार में तत्काल रोजगार दो ।एसईसीएल में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई है और की जा रही है हर खाते में स्थायी रोजगार प्रदान किया जाये।
2) बांगों बांध के जलाशय के ठेका प्रणाली समाप्त किया जाए।और विस्थापित आदिवासी एवं स्थानीय मछुवारा समितियों को मछली पकड़ने का अधिकार दिया जाए।
3) वन टाइम सेटलमेंट कर रोजगार के पुराने लंबित मामलो का जल्द से जल्द निराकरण किया जाये | अर्जन के बाद जन्म वाले प्रकरण और एक खाता एक रोजगार नियम के विरुद्ध अलग अलग खाता का सयोंजन के कारण रोजगार से वंचितों को रोजगार प्रदान किया जाये |
4) बसावट के नाम पर 3 लाख और 15 लाख रुपए के नाम से भेदभाव बंद किया जाए और सभी क्षेत्रों के भू विस्थापितों को एक समान बसावट की 15 लाख राशि दी जाए।
5) शासन की योजनाओं से प्राप्त पट्टों एवं शासकीय और वन भूमि पर बने मकानों का मुआवजा एवं सौ प्रतिशत सोलिशियम और बसाहट की पात्रता का लाभ दिया जाये ।
6) पुराने अर्जित भूमि को मूल खातेदारों को वापस करायी जाये | अधिग्रहण के बाद जिन जमीनों पर 40 सालों में भी कोल इंडिया ने भौतिक कब्जा नहीं किया है और जिन जमीनों पर किसान ही पीढ़ियों से काबिज हैं उन्हें किसानों के नाम वापस किया जाए।
7)अर्जित गाँव से विस्थापन से पूर्व उनके पुनर्वास स्थल की सर्वसुविधायुक्त व्यवस्था किया जाये |
8) एसईसीएल में आऊट सोर्सिंग से होने वाले कार्यों में भू विस्थापितों एवं प्रभावित गांव के बेरोजगारों को 100% रोजगार में रखा जाये।
9) प्रभावित एवं पुनर्वास गांव की महिलाओं को स्वरोजगार योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाये।
10) पुनर्वास गांव में कबीज भू विस्थापित परिवार को पूर्ण काबिज भूमि का पट्टा दिया जाये।
11) डिप्लेयरिंग प्रभावित गांव सुराकछार बस्ती में किसानों को हुये नुकसान का क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रदान किया जाये।
12) पूर्व में विस्थापित ग्रामों के भू विस्थापित जिन्हें बसावट नहीं दिया गया है उन्हें बसावट प्रदान किया जाए।
13) डंपिंग की मिट्टी को वापस खोदे गए खदान में भरा जाए इस डंपिंग के मिट्टी का प्रयोग दूसरे कार्यों में ना किया जाए।
14) एसईसीएल कुसमुंडा द्वारा गेवरा का अधिग्रहण 2018 में हो चुका है लेकिन अभी तक वहां पर किसानों को मुआवजा,रोजगार आदि की सुविधा नहीं दी गई है उन्हें तत्काल रोजगार मुआवजा दिया जाए नहीं तो पूर्व में जारी अधिग्रहण रद्द किया जाए।
15) खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था किया जाए।
16) आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए।
कोरबा
जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा का हुआ आयोजन:जनप्रतिनिधियों ने जनहित के मुद्दे उठाए
बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में शुक्रवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.पवन कुमार सिंह ने की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग सहित जिला पंचायत सदस्यगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सामान्य सभा की बैठक में शिक्षा, सहकारिता, उद्योग विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से संबंधित कार्यों एवं प्रगति की समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विकास कार्यों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के सुझाव दिए।

बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्यों ने कृषि क्षेत्र से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा करते हुए लघु एवं सीमांत किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने तथा आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले में खाद, उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
जिला स्तरीय अधिकारियों ने बैठक में अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, उनकी प्रगति तथा हितग्राहियों को मिल रहे लाभों की जानकारी प्रस्तुत की। अध्यक्ष डॉ.पवन कुमार सिंह ने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, श्रीमती शांति मरावी, श्रीमती अनंत सुष्मिता कमलेश, श्रीमती सावित्री अजय कंवर, श्रीमती सुषमा रवि रजक, विनोद कुमार यादव (अधिवक्ता), श्रीमती माया रूपेश कंवर, कौशल नेटी, विद्वान सिंह मरकाम, उपसंचालक पंचायत मिथलेश किसान, जिला पंचायत के लेखाधिकारी राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती अमिता साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा
12 साल का कार्यकाल पूरा, भाजपा महिला मोर्चा ने सरकार की उपलब्धियां बताई
कोरबा। भाजपा महिला मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 4399 दिनों के कार्यकाल व केन्द्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर उपलब्धियों को साझा किया। भाषण, पेटिंग व रंगोली प्रतियोगिताएं भी हुईं। जिसमें प्रतिभागियों ने कला व विचारों के जरिए पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं व उपलब्धियां लोगों तक पहुंचाई।

राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का संकल्प दोहराया। भाजपा जिला कार्यालय पंडित दीनदयाल कुंज टीपी नगर कोरबा में आयोजित कार्यक्रम की मुख्य वक्ता महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री संतोषी दीवान और अध्यक्षता महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार ने की। वक्ताओं ने कहा पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए आयाम बने हैं। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रतिभागियों को महापौर संजू देवी राजपूत ने पुरस्कृत किया।
इस मौके पर भाजपा जिला महामंत्री संजय शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा, ज्योति वर्मा, रुक्मणी नायर, अर्जुन गुप्ता, नीरज ठाकुर, संजय राठौर, वैशाली रत्नपारखी, महिला मोर्चा जिला महामंत्री अनुसुईया राठौर, स्वाति कश्यप मौजूद रहीं। समापन विकसित भारत के संकल्प को साकार करने और जनसेवा के लिए समर्पित भाव से काम करने के आह्वान के साथ हुआ।
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