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कोरबा

किसी प्रकरण में आदेश जारी करने के बाद उसे लागू कराना भी आपकी जिम्मेदारी -कलेक्टर

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किसानों के पंजीयन कार्य में प्रगति  लाने के निर्देश

अविवादित नामांतरण, बटांकन, सीमांकन, त्रुटि सुधार के प्रकरणों में प्रगति लाने के दिए निर्देश

कोटवारी भूमि  का नामांतरण निरस्त करने के दिए निर्देश

कलेक्टर की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की बैठक हुई आयोजित

कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अजगर बहार तहसीलदार को किसान पंजीयन कार्य में न्यून प्रगति होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए एक सप्ताह में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने तहसीलदारों को अविवादित नामांतरण बटांकन नामांकन के प्रकरणों में  प्रगति लाने और नक्शा बटांकन त्रुटि सुधार के प्रकरणों में प्रगति  लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कोटवारी भूमि के नामान्तरण को निरस्त करते हुए शासन के रिकार्ड में दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषकों के पंजीयन कार्य की तहसीलवार समीक्षा करते हुए अजगरबहार तहसील  में प्रगति नहीं दिखने पर प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने तहसीलदार को सख्त हिदायत देते हुए निर्देशित किया कि वे सात दिवस के भीतर कृषक पंजीयन के कार्य में प्रगति लाना सुनिश्चित करें अन्यथा वेतन रोकने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि किसी प्रकरण में आदेश जारी करने के बाद उसे लागू कराना भी आपकी जिम्मेदारी है ताकि कोई पीड़ित आदेश के बाद भी किसी के पास चक्कर न काटे।

       राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर वसंत ने कहा कि कोटवारी भूमि का ट्रांजेक्शन अवैध है और उसका नामान्तरण भी अवैध है। उन्होंने सिंगल ट्रांजेक्शन वाले ऐसे प्रकरणों की जांच करने और रिकार्ड नहीं मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अविवादित नामांतरण और बंटवारा के प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा करते हुए अविवादित नामांतरण और बंटवारा के मामलों का आवेदन दर्ज होने के बाद समय.सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभारी अधिकारी को निर्देशित किया कि वे अधिक संख्या में लंबित प्रकरणों वाले तहसील को चिन्हित कर प्रकरणों के निराकरण में प्रगति लाने की दिशा में कार्य करें। कलेक्टर ने विवादित नामांतरण और बंटवारा भूमि व्यपवर्तन एखाता विभाजन नक्शा बटांकन की जानकारी ली। उन्होंने सीमांकन के प्रकरणों को दर्ज करने और मिशन मोड में कार्य करते हुए दर्ज प्रकरणों का समय पर निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ई.कोर्ट अंतर्गत लंबित प्रकरणों पर हो रही कार्यवाही की समीक्षा की और लंबित प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने त्रुटि सुधार डिजिटल सिग्नेचर किसान किताब आधार सीडिंग मसाहती ग्राम स्वामित्व योजना वन अधिकार पट्टा वितरण सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि आपके द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति ऑनलाइन पोर्टल में प्रदर्शित होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व के सभी पैरामीटर में आपके कार्यों की उपलब्धि प्रदर्शित होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमांकन महत्वपूर्ण विषय है। सीमांकन के प्रकरण ज्यादा आते हैं उनका निराकरण प्राथमिकता से किया जाए। सीमांकन के कोई भी प्रकरण लंबित न रहे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी तहसीलदार एवं एसडीएम अपने नियमित कोर्ट लगाए जिससे प्रकरणों का निश्चित समयावधि में निराकरण हो और आम जन को लाभ मिले। गलत प्रविष्टि और त्रुटि सुधार के लंबित 234 प्रकरणों को 10 दिवस के भीतर सुधार करके हटाएं। नक्शा बटांकन कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने लोक सेवा केंद्र अंतर्गत बनाये जाने वाले आयएजातिए निवास प्रमाणपत्र को समय सीमा के भीतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑपरेटरों को समय पर सम्पूर्ण दस्तावेजों के साथ अपलोड करने और उन्हें इस बाबत प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए ताकि किसी के आवेदन को वापस न लौटाया जा सकें। उन्होंने 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2025 तक तहसीलों में बनने वाले आय जाति प्रमाण पत्रों की तहसील वार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि निश्चित समयावधि में प्रमाण पत्र बनाए  जाए तथा पूर्ण दस्तावेज होने पर प्रकरण वापिस न किए जाएं।  बैठक में अपर कलेक्टर मनोज कुमार एसडीएम प्रभारी अधिकारी भू अभिलेख अधीक्षक भू अभिलेख सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित थे।

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कोरबा

कोरबा में पति-पत्नी ने पीया जहर:रथयात्रा में साथ नहीं ले जाने पर हुआ विवाद, दोनों की हालत खतरे से बाहर

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कोरबा। कोरबा जिले के रजगामार चौकी क्षेत्र केराकछार गांव में एक नवविवाहित जोड़े ने मामूली विवाद के बाद जहर का सेवन कर लिया। 23 वर्षीय अकील सिंह और 21 वर्षीय किरण सिंह को परिजनों ने तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना रथयात्रा कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। अकील सिंह रथयात्रा में जाने की तैयारी कर रहा था, तभी उसकी पत्नी किरण सिंह ने भी साथ चलने की जिद की। अकील ने मना कर दिया और अकेले ही कार्यक्रम में चला गया।

रात में देर से घर लौटने के बाद अगले दिन सुबह इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच फिर विवाद हो गया। गुस्से में पहले किरण ने घर में रखा जहर पी लिया। पत्नी के जहर पीने की जानकारी मिलने पर अकील ने भी आवेश में आकर जहर का सेवन कर लिया।

समय पर इलाज से बची दोनों की जान

परिजनों को घटना का पता चलते ही घर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दोनों को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण दोनों की जान बच गई और उनकी स्थिति अब स्थिर है।

रथयात्रा को लेकर विवाद, पुलिस ने दर्ज किए बयान

घटना की सूचना मिलने पर जिला अस्पताल चौकी पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची। पुलिस ने अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर पति-पत्नी के बयान दर्ज किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में विवाद का मुख्य कारण रथयात्रा में साथ न ले जाना बताया जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

एक साल पहले हुई थी शादी, ससुराल में रह रही थी पत्नी

बताया गया है कि अकील और किरण की शादी को अभी लगभग एक साल ही हुआ है। उनका विवाह सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। किरण मूल रूप से धरमजयगढ़ क्षेत्र के जमरगी डीह की निवासी है और शादी के बाद से केराकछार में अपने ससुराल में रह रही थी।

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कोरबा में गंदगी बनी दो बैलों की मौत की वजह:जहरीला कचरा खाने से तड़प-तड़पकर तोड़ा दम, गंदगी से ग्रामीणों में आक्रोश

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कोरबा में गंदगी बनी दो बैलों की मौत की वजह:जहरीला कचरा खाने से तड़प-तड़पकर तोड़ा दम, गंदगी से ग्रामीणों में आक्रोश

कोरबा। कोरबा जिले के हरदी बाजार ग्राम पंचायत क्षेत्र में गंदगी और लापरवाही के चलते दो बेजुबान बैलों की दर्दनाक मौत हो गई। रविवार (26 जुलाई) सुबह रोड स्थित जेपी सैलून के पीछे पुराने बिंझवार आश्रम परिसर में दोनों बैल मृत मिले। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कचरे में पड़े प्लास्टिक और जहरीले पदार्थ खाने से दोनों मवेशियों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।

रविवार सुबह राहगीरों ने सैलून के पीछे दोनों बैलों को मृत अवस्था में पड़ा देखा। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।

कचरे का ढेर बना मौत का कारण

स्थानीय लोगों के मुताबिक, आश्रम परिसर के आसपास दुकानदार और कुछ लोग लंबे समय से प्लास्टिक, पन्नी, थर्माकोल और अन्य कचरा फेंक रहे हैं। धीरे-धीरे यहां कचरे का बड़ा ढेर बन गया है, लेकिन ग्राम पंचायत ने इसकी सफाई के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।

भोजन की तलाश में पहुंचे, जहरीला कचरा खा लिया

ग्रामीणों का कहना है कि भूखे मवेशी अक्सर भोजन की तलाश में इस स्थान पर पहुंचते हैं। कचरे में पड़े प्लास्टिक, पन्नी और अन्य हानिकारक पदार्थ खा लेने से उनकी जान चली जाती है। रविवार को भी ऐसी ही आशंका जताई जा रही है।

बीमारी फैलने का भी खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि यह सिर्फ मवेशियों की मौत का मामला नहीं है, बल्कि गंदगी के कारण इलाके में बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। कचरे के ढेर से बदबू आती है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पंचायत ने कोई कार्रवाई नहीं की।

कार्रवाई की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से कचरा तत्काल हटाने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही मवेशियों के शव हटाने और मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रशासनिक टीम भेजने की भी मांग उठाई गई है।

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कोरबा

पत्नी से विवाद के बाद खंभे पर चढ़ा पति, मौत:कोरबा में 11 केवी लाइन की चपेट में आने से हादसा,आत्महत्या की आशंका,पुलिस जाँच जारी

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पत्नी से विवाद के बाद खंभे पर चढ़ा पति, मौत:कोरबा में 11 केवी लाइन की चपेट में आने से हादसा,आत्महत्या की आशंका,पुलिस जाँच जारी

कोरबा।

कोरबा जिले के मानिकपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत डिपरापारा में रविवार को एक दर्दनाक घटना में 40 वर्षीय व्यक्ति की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक घर के बाहर लगे बिजली के खंभे पर चढ़ गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 11 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आते ही वह नीचे गिर पड़ा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

11 केवी लाइन की चपेट में आया

मृतक की पहचान लवकुश साहू (40) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने घर के बाहर लगे करीब 10 फीट ऊंचे बिजली के खंभे पर दीवार के सहारे चढ़ा था। इसी दौरान वह 11 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगते ही वह नीचे गिर पड़ा और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

पत्नी से विवाद के बाद उठाया कदम, आशंका

घटना के समय उसकी पत्नी बिंदा साहू घर पर मौजूद थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद लवकुश के खंभे पर चढ़कर हाईटेंशन लाइन को छूने की बात सामने आई है। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है, हालांकि सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

परिवार का इकलौता कमाने वाला था

लवकुश हमाली का काम करता था और पत्नी-बच्चों के साथ रहता था। बताया गया कि पति-पत्नी के बीच पहले भी अक्सर विवाद होता था। बिंदा साहू का यह दूसरा विवाह था। परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा लवकुश ही था।

पुलिस और बिजली विभाग कर रहे जांच

घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिजली विभाग की टीम भी यह जांच कर रही है कि बिजली का खंभा और लाइन सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

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