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अमृतसर में ब्लास्ट, एक की मौत:बम उठाने आए व्यक्ति के चीथड़े उड़े; बब्बर खालसा पर शक, DIG बोले- यह आतंकी घटना
अमृतसर,एजेंसी। पंजाब के अमृतसर में मंगलवार सुबह हुए बम ब्लास्ट में एक शख्स की मौत हो गई। बम को ले जाते समय हुए धमाके में उसके हाथ-पैर उड़ गए। जख्मी हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। ब्लास्ट के बाद मौके पर आग भी लग गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह ब्लास्ट आतंकी संगठन बब्बर खालसा ने कराया है और मरने वाला इसी संगठन से जुड़ा था। धमाके के बाद मौके पर पहुंचे पंजाब पुलिस की बॉर्डर रेंज के DIG सतिंदर सिंह ने भी माना कि यह आतंकी घटना है। जिस शख्स की मौत हुई, वह हथियारों की खेप उठाने आया था। इसी दौरान धमाका हो जाने से उसके चीथड़े उड़ गए।
DIG ने कहा कि मरने वाले व्यक्ति की जेबों से कुछ सबूत मिले हैं। उसकी पहचान की जा रही है। वह किस आतंकी संगठन से जुड़ा था? यह भी पता लगाया जा रहा है।
अमृतसर देहाती पुलिस के एसएसपी मनिंदर सिंह ने कहा कि पाकिस्तानी एजेंसियां पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश में लगी हैं।
धमाके के बाद के 3 PHOTOS…

अमृतसर में जिस जगह धमाका हुआ, वहां मरने वाले शख्स के जूते और सामान बिखरा पड़ा मिला।

ब्लास्ट के बाद मौके पर झाड़ियों में आग लग गई।

यह धमाका खाली पड़ी जगह में बिजली के एक खंभे के पास हुआ। यह खंभा सड़क से 15 फीट दूर है। DIG के अनुसार, आतंकी संगठन हथियारों की खेप वगैरह इस तरह खंभों या किसी दूसरे परमानेंट चिन्ह वगैरह के आसपास रखते हैं ताकि उनकी सटीक लोकेशन पता रहे।
चश्मदीद बोले- तेज धमाका हुआ
यह धमाका अमृतसर शहर की रिहायशी कॉलोनी- ‘डिसेंट एवेन्यू’ के बाहर हुआ। कॉलोनी में रहने वाले एक चश्मदीद ने बताया कि सुबह साढ़े 9 बजे के आसपास अचानक तेज धमाका हुआ। ब्लास्ट की आवाज सुनकर जब लोग मौके पर पहुंचे तो वहां एक व्यक्ति दर्द से कराह रहा था। उसके हाथ-पैरों के चीथड़े उड़ चुके थे। कुछ झाड़ियों में आग भी लगी थी।
लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल को गुरु नानकदेव अस्पताल पहुंचाया। वहां उसने दम तोड़ दिया। धमाके की जानकारी मिलते ही बल कलां चौकी के इंचार्ज जोगिंदर सिंह और अमृतसर देहाती पुलिस के SSP मनिंदर सिंह मौके पर पहुंच गए।

मौके पर वारदात की जानकारी देता चश्मदीद।
DIG बोले- आतंकी संगठन के लिए काम कर रहा था मरने वाला
ब्लास्ट की जानकारी मिलने के बाद पंजाब पुलिस की बॉर्डर रेंज के DIG सतिंदर सिंह ने खुद घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने कहा कि मरने वाला शख्स किसी आतंकी संगठन की ओर से रखी गई हथियारों की खेप उठाने आया था। यह धमाका एक खंभे के पास हुआ। सामान्यत: आतंकी सटीक लोकेशन बताने के लिए इस तरह के खंभों या दूसरे किसी चिन्ह को चुनते हैं।
DIG के मुताबिक, मारे गए व्यक्ति की पहचान की जा रही है। उसकी जेब से कुछ सबूत मिले हैं, जिससे साफ है कि वह आतंकी संगठन के लिए काम कर रहा था। हालांकि, अभी तक ये क्लियर नहीं है कि उसका किस संगठन से लिंक है।

ब्लास्ट की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे अमृतसर देहाती पुलिस के SSP मनिंदर सिंह ने इसे आतंकी गतिविधि बताया।
एसएसपी ने कहा- हथियारों की खेप उठाने आया था मरने वाला
अमृतसर देहाती पुलिस के SSP मनिंदर सिंह ने बताया कि फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। हर एंगल से जांच चल रही है। SSP के अनुसार, पहले भी कई मामले सामने आए हैं, जिनमें हथियारों की खेप किसी अज्ञात जगह पर रखी गई और फिर आतंकी उसे उठा ले गए। हो सकता है कि मरने वाला भी यहां बम की कन्साइनमेंट उठाने आया हो और धमाके में मारा गया हो। पाकिस्तानी एजेंसियां पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश में लगी हैं।
इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई इस घटना के बाद डिसेंट एवेन्यू और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई। एक्स्ट्रा पुलिस बल तैनात किया गया है। कॉलोनी में रहने वाले लोगों से पूछताछ के अलावा आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही हैं।
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ईरान समझौता नेतन्याहू की हार और मोदी PM की विफलता: जयराम रमेश ने सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में पाकिस्तान की भूमिका नरेन्द्र मोदी सरकार की विदेश नीति के लिए झटका है और “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का लगातार तुष्टिकरण करना शर्मनाक और राष्ट्रविरोधी है।” पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन ईरान के लिए कई उपलब्धियां लेकर आया है तो यह इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पराजय भी है।

4 सूत्रीय इस्लामाबाद समझौता
रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, “अमेरिका और ईरान के बीच 14 सूत्रीय इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन अब आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। इस समझौते का नाम “इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू)” रखा जाना ही इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान की क्षेत्रीय प्रतिष्ठा और वैश्विक प्रभाव में नया उभार आया है।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान वही देश है जिसे नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद डॉ. मनमोहन सिंह ने वैश्विक मंच पर लगभग अलग-थलग कर दिया था। रमेश ने दावा किया कि यह प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति की दिशा और शैली दोनों के लिए एक गंभीर झटका है।
आने वाले 60 दिन अत्यंत महत्वपूर्ण
कांग्रेस नेता ने कहा, “पाकिस्तान अब पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक और सुरक्षा संरचना में पहले से कहीं अधिक गहराई से शामिल हो चुका है, जिसके भारत के लिए गंभीर और दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।” रमेश ने कहा, “यदि यह एमओयू अपनी भावना और शब्दों, दोनों के अनुरूप लागू होता है, तो यह एक बड़ी प्रगति होगी। लेकिन इसमें दोनों पक्षों के लिए “मेमोरेंडम ऑफ मिसअंडरस्टैंडिंग” (गलतफहमी का समझौता) बन जाने की भी संभावना है। फिलहाल इतना ही कहा जा सकता है कि आने वाले 60 दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।
एमओयू स्वयं ईरान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण
कांग्रेस महासचिव ने कहा, “यह एमओयू स्वयं ईरान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और कुछ हद तक अप्रत्याशित उपलब्धियां लेकर आया है। ईरान ने अपनी दृढ़ता और सहनशक्ति का प्रदर्शन किया है। जिन जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) देशों ने ईरान के जवाबी हमलों का पूरा भार झेला है, उन्होंने इस एमओयू का सतर्कता के साथ स्वागत किया है। लेकिन वे निस्संदेह अन्य देशों के साथ अपने संबंधों पर पुनर्विचार करेंगे।” उनके मुताबिक, यह एमओयू इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की स्पष्ट पराजय है, हालांकि वह अब भी विभिन्न तरीकों से इसे विफल कर सकते हैं।
इज़राइल के प्रति अंधभक्ति देश को भारी कीमत चुकाने पर मजबूर
रमेश ने कहा, “बेंजामिन नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ चुके हैं। यहां तक कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भी सार्वजनिक रूप से उनके प्रति अपनी नाराज़गी और निराशा व्यक्त की है। केवल प्रधानमंत्री मोदी ही लेबनान, गाज़ा और पश्चिमी तट सहित पूरे क्षेत्र में नेतन्याहू की कार्रवाइयों के समर्थन में अडिग बने हुए हैं। मोदी की इज़राइल के प्रति यह अंधभक्ति हमारे देश को भारी कीमत चुकाने पर मजबूर कर रही है।
कांग्रेस नेता का कहना है कि यह एमओयू अमेरिका के लिए एक गंभीर झटका है, जिसने इज़राइल के साथ मिलकर 28 फ़रवरी, 2026 को ईरान के विरुद्ध अधिकतम उद्देश्यों के साथ युद्ध शुरू किया था, लेकिन वे लक्ष्य पूरे नहीं हो सके। उन्होंने दावा किया, “एक बार फिर सैन्य शक्ति की सीमाएं उजागर हो गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ट्रंप के प्रति लगातार अपनाई जा रही तुष्टिकरण की नीति का ताज़ा उदाहरण बुधवार रात देखने को मिला, जब ट्रंप–मोदी द्विपक्षीय बैठक पर भारतीय विदेश मंत्रालय का आधिकारिक वक्तव्य जारी किया गया। यह (तुष्टिकरण) शर्मनाक है और वास्तव में राष्ट्र-विरोधी है।
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राज्यसभा चुनाव- झारखंड में क्रॉस वोटिंग, कांग्रेस उम्मीदवार की हार:भाजपा समर्थित उद्योगपति नाथवानी जीते, 12 राज्यों की 26 सीटों में से 19 NDA को
नई दिल्ली, एजेंसी। 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों के लिए गुरुवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी हो गई। इनमें से 19 सीटें NDA को, इंडिया ब्लॉक को 6 और एक सीट मिजोरम की जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) को मिली। इस चुनाव में NDA और इंडिया ब्लॉक को एक-एक सीट का फायदा हुआ।
गुरुवार को झारखंड की 2 और मिजोरम की एक राज्यसभा सीटों के रिजल्ट आए। झारखंड में एक सीट NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार उद्योगपति परिमल नाथवानी और दूसरी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने जीती।

झारखंड में क्रॉस वोटिंग की वजह से परिमल को जीत दर्ज मिली। यहां 3 वोट अवैध पड़े। कांग्रेस ने आरजेडी और लेफ्ट पर साथ ना देने का आरोप लगाया। वहीं, मिजोरम की एक सीट पर जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) प्रत्याशी के. लल्टलुआंगकिमा जीते।
झारखंड में कैसे हुई वोटिंग, पूरा गणित समझें
झारखंड में 81 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। अभी की मौजूदा स्थिति में NDA के 24, JMM-कांग्रेस के गठबंधन के 56 और JKLM का एक विधायक है।
- JMM के प्रत्याशी बैद्यनाथ राम को 31 वोट मिले हैं। इस तरह उनकी जीत तय हो गई।
- दूसरी सीट के लिए NDA समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी और कांग्रेस के प्रणव झा के बीच मुकाबला हुआ। नाथवानी को 30 वोट मिले, इनमें दो अवैध हो गए। वहीं, प्रणव झा को 20 मिले, इसके एक वोट अवैध हो गया।
- नाथवानी को एनडीए के 24 और 4 वोट क्रॉस वोटिंग में मिले और वह जीत गए।
26 में से 23 सीटों पर निर्विरोध उम्मीदवार जीते
10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव हुए। इनमें से 8 राज्यों की 21 सीटों पर प्रत्याशी निर्विरोध जीते, जबकि 2 राज्य (झारखंड और मिजोरम) की 3 सीटों पर उम्मीदवार ज्यादा होने की वजह से चुनाव हुए। वहीं, महाराष्ट्र और तमिलनाडु की एक- एक सीट पर उपचुनाव हुए, इनमें भी प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए।
मिजोरम से ZPM का कोई सांसद पहली बार राज्यसभा पहुंचा

के लल्टलुआंगकिमा (रेड टाई में) ने 5 जून को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरा था।
मिजोरम की सत्तारूढ़ जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) का कोई सांसद पहली बार राज्यसभा पहुंचा है। के लल्टलुआंगकिमा ने राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट जीत ली है। लल्टलुआंगकिमा को 36 में से 26 वोट मिले, जबकि विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) की उम्मीदवार जोथानसांगी हमार को 10 वोट मिले।
भाजपा के दो और कांग्रेस के एक विधायक ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जबकि ZPM के एक विधायक स्वास्थ्य कारणों से वोट नहीं डाल सके। 2017 में बनी ZPM के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। लल्टलुआंगकिमा पार्टी के पहले राज्यसभा सांसद बने हैं। वह 1972 के बाद राज्यसभा पहुंचने वाले मिजोरम के आठवें नेता हैं। राज्य में विधानसभा की 40 सीटें हैं।
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OTP और फिंगरप्रिंट के एक्टिवेट का झंझट खत्म: अब चेहरा दिखाते ही खुल जाएगा PF Account, जानें नया नियम
मुंबई, एजेंसी। देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एक बहुत बड़ी और राहत भरी घोषणा की है। अब पीएफ (PF) खाते से जुड़े यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को एक्टिवेट करने के लिए न तो आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी (OTP) का इंतजार करना होगा और न ही बायोमेट्रिक मशीन पर उंगलियों के निशान (Fingerprints) देने होंगे। नेटवर्क की खराबी या पुराना मोबाइल नंबर बंद होने जैसी तकनीकी समस्याओं को खत्म करने के लिए ईपीएफओ ने UMANG ऐप पर ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ (चेहरा पहचानने वाली हाई-टेक तकनीक) की नई शुरुआत कर दी है।


किसे मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?
अब तक पीएफ खाते को ऑनलाइन मैनेज करने के लिए UAN एक्टिवेट करना पहला और सबसे जरूरी कदम होता था लेकिन इसमें कई अड़चनें आती थीं। कई बार आधार से जुड़ा फोन नंबर खो जाने या ओटीपी न आने के कारण कर्मचारियों का काम हफ्तों अटका रहता था। नई तकनीक से यह समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है।

बढ़ती उम्र या कठिन शारीरिक श्रम के कारण जिन बुजुर्ग या कामकाजी कर्मचारियों के उंगलियों के निशान (Thumb Impression) मशीन पर मैच नहीं हो पाते थे उनके लिए केवल चेहरा स्कैन करना ही काफी होगा।

फोटो दिखाकर नहीं हो सकेगा फ्रॉड
इस आधुनिक सुरक्षा प्रणाली को बेहद सुरक्षित और फुलप्रूफ बनाया गया है ताकि किसी के पीएफ फंड के साथ कोई धोखाधड़ी न हो सके। इस पूरे सिस्टम को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की लाइव फेशियल रिकग्निशन तकनीक के साथ जोड़ा गया है।

इस सुविधा का लाभ लेने के लिए फोन में गूगल प्ले स्टोर से ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप डाउनलोड होना जरूरी है। यह ऐप केवल लाइव चेहरे को पहचानता है। यानी कोई भी व्यक्ति आपकी पुरानी फोटो या वीडियो कैमरे के सामने दिखाकर आपके खाते को हैक या एक्टिवेट नहीं कर सकता।
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