रायपुर,एजेंसी। नवा रायपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह NFSU के रायपुर कैंपस का शिलान्यास किया। नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी कैंपस के अलावा हाईटेक फोरेंसिक लैब का भी शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम के दौरान शाह ने फिर नक्सलियों को कड़ी चेतावनी दी।
शाह ने कहा कि, अब बारिश में भी नक्सलियों को चैन की नींद नहीं सोने देंगे। चर्चा की कोई जरूरत नहीं है, नक्सली अपने हथियार डाल दें। इसके अलावा शाह ने NFSU को लेकर कहा कि, यहां से ग्रेजुएट/ पोस्ट ग्रेजुएट होने का मतलब नौकरी की गारंटी पक्की।
नवा रायपुर में शाह ने कई प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास किया।
शिलान्यास की तस्वीरें
पड़ोसी राज्यों के DGP-ADGP रैंक के अधिकारियों से मीटिंग
शिलान्यास कार्यक्रम के बाद गृहमंत्री शाह नवा रायपुर स्थित होटल रिसॉर्ट में छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्य ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के DGP और ADGP रैंक के अधिकारियों के साथ सुरक्षा संबंधित उच्चस्तरीय बैठक करेंगे।
इसके बाद 6.30 से 8.00 बजे तक नक्सल ऑपरेशन पर विशेष समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में नक्सल ऑपरेशनों की वर्तमान स्थिति, अंतरराज्यीय समन्वय, खुफिया तंत्र की मजबूती, और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा हो सकती है।
अमित शाह के स्वागत की कुछ तस्वीरें देखिए
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एयरपोर्ट में शॉल से स्वागत किया।
धरमलाल कौशिक और अमर अग्रवाल ने किया अमित शाह का स्वागत।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव, दोनों उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव ने किया अमित शाह का स्वागत।
जानिए क्या है NFSU?
जिस यूनिवर्सिटी कैम्पस का शिलान्यास शाह ने किया, इसे भारत सरकार गुजरात में चलाती है।
ये एक विश्वविद्यालय है जो फोरेंसिक विज्ञान, खोजी विज्ञान और अपराध विज्ञान में विशेषज्ञता (एक्सपर्ट) का कोर्स करवाता है।
नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) की स्थापना 2009 में हुई थी।
यहां से पढ़कर स्टूडेंट फोरेंसिक वैज्ञानिक, फोरेंसिक विश्लेषक, फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक बनकर अपना करियर संवार पाएंगे।
अमित शाह रायपुर में सेंट्रल फोरेंसिक लैब का भी भूमिपूजन करेंगे। ये छत्तीसगढ़ की अपने सबसे हाईटेक फोरेंसिक लैब होगी।
NFSU की स्थापना से क्या-क्या फायदे ?
NFSU की स्थापना से लंबित प्रकरणों की संख्या में कमी आएगी।
जिन जांचों के लिए अभी दूसरे राज्यों के विशेषज्ञों पर निर्भर हैं, उस तरह के प्रोफेशनल अब प्रदेश में तैयार होने लगेंगे।
आम लोगों को आसानी और जल्दी न्याय मिलेगा।
अभी रिपोर्ट लेट होने से आरोपी को अनावश्यक जेल में रहना पड़ता है।
रिपोर्ट जल्दी आएगी, जिससे कोर्ट अपना फैसला जल्दी सुनाएगा।
जांच रिपोर्ट की सत्यता पर सवाल नहीं उठेंगे।
टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन के नए एक्सपर्ट तैयार होंगे।
साइबर अपराधों की जांच।
आरोपियों की धरपकड़ आसान होगी।
ये कोर्स हो सकते हैं शुरू
यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, डिप्लोमा कोर्स शुरू होंगे। इनमें प्रमुख तौर पर फोरेंसिक साइंस, मेडिको लीगल, विहैवियरल (Behavioral) साइंस, साइबर सिक्योरिटी एंड डिजिटल फोरेंसिक, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पुलिस साइंस एंड सिक्योरिटी, फाॅर्मेसी, मैनेजमेंट, लॉ-फारेंसिक जस्टिस एंड पॉलिसी स्टडीज, फोरेंसिक साइकोलॉजी।
शाह का ऐसा है शेड्यूल
22 जून को सेक्टर-2 में नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) के रायपुर कैम्पस का शिलान्यास।
छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों के DGP/ADGP के साथ नवा रायपुर के ही एक रिसॉर्ट में बैठक होगी।
बैठक के बाद नक्सल ऑपरेशन की समीक्षा बैठक होगी। शाह रायपुर में ही रात बिताएंगे।
23 जून
अगले दिन 23 जून को अमित शाह अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ मुलाकात करेंगे।
इसके बाद BSF के जवानों के साथ उनकी मीटिंग होगी।
वे जवानों के साथ ही लंच करेंगे और नक्सल ऑपरेशन को लेकर चर्चा करेंगे।
प्रदेश के गृहमंत्री ने क्या कहा?
प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, इस सेक्टर में हमें मैनपावर की जरूरत है। कैम्पस खुलने से राज्य के यूथ को इस सेक्टर में कोर्स करने का मौका मिलेगा। यूथ फोरेंसिक साइंस सर्विस सेक्टर में करियर बना सकेंगे।
शाह एंटी नक्सल ऑपरेशन की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर रिव्यू मीटिंग भी लेंगे। (फाइल फोटो)
बस्तर पंडुम समारोह में शामिल होने छत्तीसगढ़ आए थे शाह
इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह तीन महीने पहले अप्रैल महीने में बस्तर के पंडुम समापन समारोह में शामिल होने छत्तीसगढ़ आए थे। समारोह में शामिल होने के बाद शाह ने रायपुर लौटकर एंटी नक्सल ऑपरेशन पर हाईलेवल मीटिंग ली थी। इस बैठक में एंटी नक्सल ऑपरेशन से जुड़े पुलिस, CRPF और BSF जैसे सेंट्रल फोर्स के कमांडर शामिल हुए थे।
शाहकीडेडलाइन, 2026तककरेंगेनक्सलवादकाखात्मा
31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने की बात अमित शाह ने रायपुर में बीते साल मीटिंग में कही थी। इस टारगेट को पूरा होने में करीब 1 साल से कम का समय बच हुआ है। साय सरकार बनने के बाद 350 से ज्यादा नक्सलियों का एनकाउंटर हुआ। इसलिए नक्सलवाद के खात्मे के लिए शाह का यह दौरा अहम माना जा रहा है।
भाजपा सरकार बनते ही 427 नक्सली मारे गए
छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अब तक 400 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं। 7 जून को दिल्ली दौरे पर पहुंचे सीएम साय ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर प्रदेश में चल रहे नक्सल ऑपरेशन की जानकारी दी थी।
CM ने बताया कि, कैसे प्रदेश में सेंट्रल फोर्स और स्टेट पुलिस मिलकर नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रही है। इस दौरान नक्सल प्रभावित जिलों में सरकार की योजनाएं सरेंडर पॉलिसी को लेकर भी अमित शाह और मुख्यमंत्री के बीच बातचीत हुई।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।