पाली शासन की मनसा को साकार करने संकुल कर्रा नवापारा के 11 स्कूलों के समन्वय से संकुल स्तरीय प्रवेशोत्सव अधिकारियों पालको एवं शिक्षकों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।खंड शिक्षा अधिकारी पाली श्री श्यामानंद साहू के मार्गदर्शन में प्राचार्य देवी प्रसाद खोसला एवं सीएसी दिलकेश मधुकर के सानिध्य में कक्षा पहली छठवीं एवं कक्षा नवमी के नव प्रवेशी बच्चों को भव्य कार्यक्रम में स्तर अनुसार दाखिला दिलवाया गया। बच्चों के चेहरे की मुस्कुराहट देखते ही बन रही थी उन्हें अक्षत कुमकुम का तिलक लगाकर ज्योति की लौ से आरती उतारी गयी। सबका मिठाई से मुंह मीठा किया गया तथा उन्हें सुंदर माला से सुशोभित भी किया गया। शासन से नि:शुल्क प्राप्त पाठ्य पुस्तक जनप्रतिनिधियों के कर कमलो से बच्चों को प्रदान किया गया। सत्र 2024-25 में टॉप करने वाले कक्षा 5वी से कुमारी आयुषी प्रथम,द्वितीय कु0 लक्ष्मी मरकाम,8 वीं में कु0 बिंदिया टोप्पो प्रथम,द्वितीय हिमांशु व कृतांशु यादव इसी तरह कक्षा 10वीं में विकास कुमार,एवं कु0 अवधि मरकाम उक्त सभी बच्चों को मंचस्थ अतिथियों के द्वारा मोमेंटो व पुष्प गुच्छ प्रदान किया गया।अभ्यागत उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सम्यक रूप से सरकारी स्कूलो का मान बढ़ाते हुए उद्बोधन दिए।तत्पश्चात न्योता भोजन के रूप में खीर-पूड़ी केला आदि फल से सब ने आतिथ्य स्वीकारा। मंच संचालन योगेश मिरी ने किया।इस अवसर पर जनपद सदस्य उत्तम सिंह, सांसद प्रतिनिधि संतोष सिंह, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह मार्तंड सिंह, बैसाखूराम,पंचगण,प्राचार्य देवी प्रसाद कोसला,सीएसी दिलकेश मधुकर,संकुल के समस्त शिक्षक/शिक्षिकाएं,पालक बच्चे आदि उपस्थित थे।
नैनीताल, एजेंसी। अगर किसी प्रोडक्ट के पैकेट पर लिखा वजन और अंदर मौजूद सामान का वजन अलग निकले, तो ग्राहक कानूनी कार्रवाई कर सकता है। उत्तराखंड में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां Surf Excel के कम वजन वाले पैकेट को लेकर उपभोक्ता ने HUL के खिलाफ केस जीता और कंपनी को मुआवजा देना पड़ा।
90 ग्राम की जगह निकला 70 ग्राम
मामला सितंबर 2020 उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर निवासी ज्ञान चंद्र गर्ग का है। गर्ग ने Surf Excel EW डिटर्जेंट का एक पैक खरीदा। आरोप है कि पैक पर 90 ग्राम लिखा था लेकिन तौलने पर उसका वजन केवल 70 ग्राम निकला। कंपनी और विक्रेता से समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, नैनीताल का रुख किया।
जिला आयोग ने HUL को ठहराया जिम्मेदार
सुनवाई के दौरान आयोग ने सीलबंद पैकेट का वजन कराया, जिसमें वजन 70 ग्राम ही पाया गया। आयोग ने HUL को मानसिक पीड़ा और आर्थिक नुकसान के लिए 50,000 रुपए तथा मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 10,000 रुपए देने का आदेश दिया। साथ ही अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए अलग से 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया था।
राज्य आयोग ने मुआवजा घटाया
HUL ने इस आदेश को राज्य उपभोक्ता आयोग में चुनौती दी। राज्य आयोग ने माना कि कम वजन वाला उत्पाद बेचना अनुचित व्यापार व्यवहार है और कंपनी की अपील खारिज कर दी। हालांकि, आयोग ने मानसिक पीड़ा और आर्थिक नुकसान के लिए दिए गए मुआवजे को 50,000 रुपए से घटाकर 40,000 रुपए कर दिया। वहीं 10,000 रुपए का मुकदमेबाजी खर्च बरकरार रखा और 50,000 रुपए का अलग जुर्माना रद्द कर दिया।
कोर्ट ने क्या कहा?
राज्य आयोग ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत जिला आयोग को मामले की सुनवाई का पूरा अधिकार है। आयोग ने यह भी माना कि शिकायतकर्ता ने पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर साबित किया कि उसे कम वजन वाला उत्पाद बेचा गया, जो स्पष्ट रूप से अनुचित व्यापार व्यवहार है।
बांकी मोगरा:– पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी/अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, बांकीमोंगरा, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) में दिनांक 21 जुलाई 2026, मंगलवार को प्राचार्य श्री एस. डिंडोरे के निर्देशन में हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के छात्र परिषद का चुनाव लोकतांत्रिक एवं पारदर्शी मतदान प्रक्रिया के माध्यम से सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।
चुनाव कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वप्रथम विद्यालय के दोनों माध्यमों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की पृथक-पृथक मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) तैयार की गई। इसके पश्चात विभिन्न पदों के लिए नामांकन पत्र प्राप्त किए गए, उनकी जांच की गई तथा नियमानुसार नाम वापसी की प्रक्रिया पूर्ण कर अंतिम प्रत्याशियों की सूची प्रकाशित की गई।
चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित अवधि में हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के सभी प्रत्याशियों ने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में जाकर लोकतांत्रिक एवं अनुशासित ढंग से अपना प्रचार-प्रसार किया तथा छात्र-छात्राओं से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। प्रत्याशियों ने अपने विचार, योजनाएँ एवं छात्रहित से जुड़े संकल्प विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किए। विद्यालय प्रशासन ने संपूर्ण चुनाव प्रचार को निर्वाचन आचार संहिता एवं विद्यालयीन अनुशासन के अनुरूप शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया।
निर्धारित कार्यक्रमानुसार मतदान दल का गठन किया गया तथा मतदान सामग्री का वितरण कर मतदान प्रक्रिया प्रारंभ की गई। विद्यालय के दोनों माध्यमों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया का सफल संचालन, मतदान दल का गठन, निर्वाचन सामग्री का वितरण, मतदान एवं मतगणना का कार्य तथा चुनाव को सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने का दायित्व पीएम श्री प्रभारी द्वय श्री एस. एस. पैकरा एवं श्री बी. के. शर्मा के कुशल मार्गदर्शन एवं देखरेख में सम्पन्न हुआ। विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने भी निर्वाचन कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
हिंदी माध्यम में विभिन्न पदों के लिए प्रत्याशी इस प्रकार रहे— शाला नायक पद हेतु तन्मय साहू, चैतन्य दास, सुमित दास एवं प्राची साहू; उप शाला नायक पद हेतु नियति बंजारे एवं नंदनी सोनी; सचिव पद हेतु आर्यन सांडे एवं आकाशी महंत; सांस्कृतिक सचिव पद हेतु रिया यादव, स्तुति चौहान, तृप्ति यादव एवं रुचिपाल; अनुशासन सचिव पद हेतु युवराज मौर्य, अशनुर चौहान, चन्द्र प्रभा साहू एवं निशा कुमारी; क्रीड़ा सचिव पद हेतु महेंद्र महंत, तरुण कुमार रवानी, सुमित कुमार एवं मोहम्मद अरमान; स्वच्छता सचिव पद हेतु डाली जायसवाल, ममता पाटले, पूजा जांगड़े एवं सिद्धी तथा पर्यावरण सचिव पद हेतु मुस्कान कौर, गरिमा महंत एवं नीरज दास ने चुनाव लड़ा।
अंग्रेजी माध्यम में शाला नायक पद हेतु आशी बर्मन एवं आशी राय; उप शाला नायक पद हेतु मनीष प्रताप एवं अंशु देवांगन; सचिव पद हेतु प्रतीक्षा जायसवाल एवं पल्लवी यादव; सांस्कृतिक सचिव पद हेतु श्वेता चित्रकार एवं काकुल आजाद; अनुशासन सचिव पद हेतु सुनिधि शर्मा एवं कुमारी आकांक्षा; क्रीड़ा सचिव पद हेतु सामिया एवं अभिकांत साहू; स्वच्छता सचिव पद हेतु रिया सिन्हा एवं निधि महंत तथा पर्यावरण सचिव पद हेतु भूमि साहू एवं तमन्ना कुर्रे ने अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत की।
मतगणना उपरांत हिंदी माध्यम में शाला नायक पद पर तन्मय साहू, उप शाला नायक पद पर नियति बंजारे, सचिव पद पर आर्यन सांडे, सांस्कृतिक सचिव पद पर रिया यादव, अनुशासन सचिव पद पर युवराज मौर्य, क्रीड़ा सचिव पद पर महेंद्र महंत, स्वच्छता सचिव पद पर डाली जायसवाल तथा पर्यावरण सचिव पद पर मुस्कान कौर निर्वाचित हुए।
इसी प्रकार अंग्रेजी माध्यम में शाला नायक पद पर आशी बर्मन, उप शाला नायक पद पर मनीष प्रताप, सचिव पद पर पल्लवी यादव, सांस्कृतिक सचिव पद पर काकुल आजाद, अनुशासन सचिव पद पर कुमारी आकांक्षा, क्रीड़ा सचिव पद पर अभिकांत साहू, स्वच्छता सचिव पद पर रिया सिन्हा तथा पर्यावरण सचिव पद पर भूमि साहू विजयी घोषित किए गए।
प्राचार्य श्री एस. डिंडोरे ने सभी निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि छात्र परिषद विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, उत्तरदायित्व, अनुशासन, सहयोग एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव-निर्वाचित प्रतिनिधि विद्यालय की प्रगति एवं छात्रहित में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
अंत में प्राचार्य ने पीएम श्री प्रभारी द्वय श्री एस. एस. पैकरा एवं श्री बी. के. शर्मा, निर्वाचन कार्य में संलग्न समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं का सफल एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन सम्पन्न कराने हेतु आभार व्यक्त किया तथा सभी निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों के उज्ज्वल एवं सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दीं।
बांकी मोगरा। थाना बाकी मोगरा परिसर से इन दिनों एक अजीबोगरीब मामले को लेकर चर्चा में है। थाने के भीतर खड़ी एक जप्त गाड़ी से कीमती सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई है। एक तरफ जहां वाहन मालिक ने सामान गायब होने का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन का कहना है कि 24 घंटे सुरक्षा वाले परिसर से चोरी होना नामुमकिन है। बहरहाल, पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा माजरा? – प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बीते 20 जून को खनन विभाग (माइनिंग डिपार्टमेंट) ने ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ट्रांसपोर्टर संजय यादव के 18 चक्का ट्रेलर (क्रमांक: सीजी 30 एफ 8112) को चांदनी चौक से जप्त किया था। कानूनी कार्रवाई के बाद गाड़ी को सुरक्षित रखने के लिए बांकी मोगरा थाना परिसर में खड़ा करवा दिया गया।
पीड़ित का दावा:–वाहन मालिक संजय यादव ने बताया कि परसों वह गाड़ी को स्टार्ट करने और बैटरी चार्ज करने थाना परिसर आए थे, तब तक सब कुछ ठीक था। लेकिन आज, 12 जुलाई को जब वे दोबारा पहुंचे, तो गाड़ी के ड्राइवर साइड का शीशा टूटा हुआ मिला। वाहन के अंदर रखा जैक, टोचन, टेप रिकॉर्डर और ड्राइवर का झोला समेत अन्य सामान गायब था।
थाना प्रभारी का रुख: “सुरक्षा पुख्ता, हर एंगल से होगी जांच”
इस संवेदनशील और हैरान करने वाले मामले पर बांकी मोगरा थाना प्रभारी ने बेहद जिम्मेदारी भरा बयान दिया है। उन्होंने कहा: “थाना परिसर में पुलिसकर्मियों की चौबीसों घंटे मौजूदगी रहती है, इसलिए यहाँ से चोरी होना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। फिर भी, प्रार्थी की शिकायत को पूरी गंभीरता से लिया गया है। यह वाकई चोरी का मामला है या इसके पीछे कोई और कहानी है, यह निष्पक्ष जांच के बाद ही साफ होगा।”
पुलिस ने प्रार्थी और स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया है कि मामले की तह तक जाने के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य पहलुओं की गहराई से तफ्तीश की जा रही है।
सवालों के घेरे में कानून व्यवस्था: क्या पुलिस को दी जा रही है चुनौती?
• क्या चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब थाने के भीतर भी हाथ साफ करने से नहीं कतरा रहे?
• क्या इलाके में कोई ऐसा शातिर गिरोह सक्रिय है जो पुलिस को सीधे चुनौती दे रहा है?
पुरानी घटनाओं पर भी अटकी सुई:– स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिनों पहले ही थाने से चंद कदमों की दूरी पर एक सूने मकान में अज्ञात चोरों ने सोने के जेवरात और मोटरसाइकिल पार कर दी थी, जिसका सुराग पुलिस अब तक नहीं लगा पाई है। चर्चाएं यह भी हैं कि क्षेत्र में बढ़ रही चोरियों के कई मामले सिर्फ कागजों और आवेदनों तक ही सीमित रह गए हैं, जिससे चोर बेखौफ घूम रहे हैं।
फिलहाल क्या है स्थिति? :– फिलहाल, थाना प्रभारी ने इस संबंध में ज्यादा विवरण साझा नहीं किया है, लेकिन पुलिस टीम जल्द ही सच सामने लाने और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने का दावा कर रही है। वहीं, इस अनोखी ‘चोरी’ को लेकर पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं आम हैं। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या हकीकत निकलकर सामने आती है।