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छत्तीसगढ़

रायपुर : पीएम सूर्यघर योजना से अब उपभोक्ता बन रहे हैं उत्पादक

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बिजली विभाग के ग्रिड से जुड़ता है पीएम सूर्यघर योजना से लगा सोलर पैनल

जितनी आवश्यकता उतनी खपत के बाद बची बाकी बिजली ग्रिड में 

ट्रांसफर करने से हो रही कमाई, बिल में मिल रही छूट

सोलर सिस्टम लगाने केंद्र के साथ अब राज्य शासन से भी मिलेगी सब्सिडी

रायपुर। माइनस में बिजली बिल आना, यह कभी किसी ने सोचा है। हर महीने की बिजली खपत के एवज में बिल आना और उसका भुगतान यह तो सालों से चलती आ रही प्रक्रिया है। लेकिन कोई ऐसी व्यवस्था हो जिससे बिजली का बिल माइनस में आए। अर्थात आप जिस बिजली का उपयोग कर रहे हों उसका बिल न आए, बल्कि अगले महीने के बिल से भी कुछ राशि की कटौती एडवांस में हो जाए। पहले यह सोचना मुमकिन नहीं था लेकिन आज पीएम सूर्यघर योजना से यह संभव हो पा रहा है। उपभोक्ताओं के बिजली के बिल अप्रैल-मई जैसे भीषण गर्मी के महीनों में भी माइनस में आ रहे हैं, जबकि इन महीनों में खपत कई गुना बढ़ जाती है। पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से उपभोक्ता अब अपने घर की छतों में छोटा सोलर बिजली घर लगाकर बिजली भी पैदा कर रहे हैं। जितनी बिजली की घर में खपत है उतना उपयोग किया, बाकी बिजली विद्युत विभाग के ग्रिड में ट्रांसफर कर दिया। विभाग उपभोक्ता से ली बिजली का अगले बिजली के बिल में एडजस्ट कर देता है।  
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के माध्यम से किफायती बिजली उपलब्ध कराना है। पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर सिस्टम लगाने शासन से सब्सिडी मिलती है जो सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कर दी जाती है। साथ ही, उन्हें सस्ती दरों पर बैंक लोन भी मिलता है। इस योजना से लोगों के बिजली के बिल कम हो रहे हैं और उनकी बचत बढ़ रही है। यह स्थायी ऊर्जा समाधान की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में इस योजना को व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 30 हजार तक की सब्सिडी राज्य सरकार द्वारा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इस योजना से जुड़कर लाभार्थी अपने घर की छतों पर सोलर सिस्टम लगाकर बिजली उत्पादन कर सकेंगे। उनका यह सिस्टम बिजली विभाग की ग्रिड से जुड़ा होगा। उत्पादित बिजली से खपत के बाद जो बिजली बचेगी वह ग्रिड में ट्रांसफर हो जाएगी। जो बिजली बिल में समायोजित हो जाएगी। इससे उतनी राशि बिजली बिल से घट जाएगी और उपभोक्ता को सीधे आर्थिक बचत के रूप में लाभ मिलेगा। इस योजना से हितग्राही सिर्फ बिजली के उपभोक्ता ही नहीं बल्कि उसके उत्पादक भी हो जाएंगे। योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीक के बिजली ऑफिस में संपर्क किया जा सकता है।

इस साल अप्रैल और मई के महीने में माइनस में रहा बिल – हितग्राही बाबूलाल

रायगढ़ जिले में कोड़ातराई के निवासी हैं बाबू लाल चौधरी उन्होंने अपने घर में पीएम सूर्यघर योजना के तहत 3 किलोवॉट का सोलर सिस्टम लगवाया है। इसमें उन्हें 1.90 लाख का खर्च आया। जिसमें से 78 हजार रुपए शासन से सब्सिडी मिली। उनके अप्रैल और मई महीनों के वर्ष 2024 और 2025 के बिल की तुलना कर के देखें तो उनका बिल जो अप्रैल 2024 में 1120 रुपए था वो सोलर पैनल लगने के बाद इस वर्ष अप्रैल 2025 में -1417 रुपए हो गया। जिसका मतलब हुआ कि इतनी बिजली वो विद्युत विभाग से आगे भविष्य में लेकर उपयोग कर सकते हैं लेकिन इसका उन्हें कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। क्योंकि उनके सोलर पैनल ने उनके घरेलू जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा की, जो बिजली विभाग की ग्रिड में ट्रांसफर हो गई। उन्हें 2581 रुपए रिबेट मिला। जिसमें उनका अप्रैल माह का बिल एडजस्ट हो गया और 1417 रुपए एडवांस में बिजली विभाग के पास जमा हो गया। वहीं मई 2025 में उनका बिजली का बिल -1127 रुपए रहा जो इसी अवधि में वर्ष 2024 में 1490 रुपए था। बाबूलाल चौधरी ने कहा कि अप्रैल और मई में जब भीषण गर्मी पड़ती है, कूलर पंखे लगातार चल रहे होते हैं। ऐसे में भी बिजली का बिल माइनस में आना बड़ी राहत है। सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि सोलर सिस्टम वाले विद्युत उपभोक्ता का विद्युत खपत यूनिट और उत्पादित यूनिट का आपस में समायोजन ऑटोमैटिक होता है। जो बिजली उपभोक्ता बिजली विभाग के ग्रिड में ट्रांसफर करते हैं वे उसका उपयोग बाद में अपनी जरूरत के अनुसार मुफ्त में कर रहे हैं।

केंद्र के साथ अब राज्य शासन से भी मिलेगी सब्सिडी

प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना में केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा भी हितग्राहियों को 30 हजार तक की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसमें 1 किलो व्हाट पर केंद्र से 30 हजार और राज्य से 15 हजार कुल 45 हजार, 2 किलो व्हाट पर केंद्र से 60 हजार और राज्य से 30 हजार कुल 90 हजार, 3 किलो व्हाट पर केंद्र से 78 हजार और राज्य से 30 हजार कुल 1 लाख 08 हजार की सब्सिडी दी जा रही है। 3 किलो व्हाट या उससे अधिक क्षमता पर 1 लाख 08 हजार की सब्सिडी स्थिर रहेगी।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में आज से रजिस्ट्री सस्ती, टोल महंगा:प्लास्टिक बोतल में बिकेगी शराब, 3 महीने का चावल एक साथ, टोल प्लाजा में कैश ट्रांजैक्शन बंद

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रायपुर,एजेंसी। आज यानी 1 अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही देशभर में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। नए टैक्स सिस्टम के लागू होने से टैक्स प्रक्रिया बदली है, वहीं हाईवे पर सफर करना अब महंगा हो गया है, क्योंकि टोल दरों में तक बढ़ोतरी की गई है।

इस बीच छत्तीसगढ़ में भी राहत और बदलाव दोनों साथ नजर आ रहे हैं। राज्य में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री सस्ती हो गई है। राशन दुकानों में अब तीन महीने का चावल एक साथ मिलेगा और नई आबकारी नीति के तहत शराब अब प्लास्टिक बोतलों में बिकेगी।

टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव

1 अप्रैल यानी आज से देश में नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा, जो 1961 के पुराने आयकर अधिनियम की जगह लेगा। इस नए कानून के तहत टैक्स सिस्टम को सरल बनाने की कोशिश की गई है। गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए ITR-3 और ITR-4 दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है, जिससे टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी।

अब तक लागू व्यवस्था में वित्तीय वर्ष और आकलन वर्ष अलग-अलग होते थे, जिससे अक्सर भ्रम की स्थिति बनती थी। नए प्रावधान में इस व्यवस्था को खत्म कर सिर्फ ‘टैक्स वर्ष’ लागू किया गया है। यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि को टैक्स वर्ष 2026-27 कहा जाएगा, जिससे टैक्स प्रक्रिया को आसान और स्पष्ट बनाने की कोशिश की गई है।

नए वित्तीय वर्ष से ये तमाम बदलाव शुरू हो जाएंगे।

नए वित्तीय वर्ष से ये तमाम बदलाव शुरू हो जाएंगे।

छत्तीसगढ़ के कई टोल प्लाजा में 5 से 20 रुपए तक की बढ़ोत्तरी की जा रही है।

छत्तीसगढ़ के कई टोल प्लाजा में 5 से 20 रुपए तक की बढ़ोत्तरी की जा रही है।

टोल पर नो-कैश: सिर्फ FASTag और UPI से भुगतान

आज यानी 1 अप्रैल से देशभर के टोल प्लाजा पर कैश ट्रांजेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब टोल टैक्स का भुगतान केवल FASTag या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही किया जा सकेगा, जिससे टोल सिस्टम को पूरी तरह कैशलेस बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

इस बदलाव के बाद बिना FASTag या पर्याप्त बैलेंस के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में UPI ही एकमात्र विकल्प बचेगा, क्योंकि कैश भुगतान की सुविधा पूरी तरह खत्म कर दी गई है।

PAN-KYC नियम सख्त: पहचान सत्यापन अनिवार्य

नए वित्तीय वर्ष से PAN और KYC से जुड़े नियमों को और सख्त किया गया है। बैंक खाते, निवेश और टैक्स से जुड़े सभी लेनदेन में पहचान सत्यापन अनिवार्य रहेगा, जिससे बिना वैरिफिकेशन के ट्रांजैक्शन पर रोक लगेगी। इस कदम का मकसद फर्जी खातों पर नियंत्रण और टैक्स चोरी पर लगाम कसना है।

PAN कार्ड के लिए केवल आधार ही नहीं बल्कि बर्थ सर्टिफिकेट या 10वीं कक्षा की मार्कशीट भी लगेगी।

रेल टिकट नियम सख्त: अब 8 घंटे पहले तक ही मिलेगा रिफंड

1 अप्रैल से ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियमों में बदलाव किया गया है। अब यात्रियों को ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा, जबकि पहले यह सीमा 4 घंटे थी। वहीं यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे।

इस बदलाव का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि समय पर टिकट कैंसिल नहीं करने पर रिफंड नहीं मिलेगा। हालांकि नियम सख्त होने से फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी और कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।

कॉमर्शियल गैस महंगी: चाय-नाश्ता और कैटरिंग पर असर

आज से तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़ा दिए हैं, जिसके बाद चेन्नई में इसकी कीमत ₹2246.50 और दिल्ली में ₹2078.50 हो गई है। सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों का खर्च बढ़ेगा, जिसका असर सीधे आम लोगों पर पड़ेगा।

चाय, नाश्ता और थाली की कीमतें बढ़ सकती हैं, वहीं शादी-ब्याह और कैटरिंग सेवाएं भी महंगी हो सकती हैं।

सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव: बेसिक पे कम से कम 50% जरूरी

1 अप्रैल से लागू नए वेतन नियमों के तहत कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अब उनके कुल CTC का कम से कम 50% रखना अनिवार्य होगा। कंपनियां भत्तों का हिस्सा 50% से ज्यादा नहीं रख सकेंगी, जिससे सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आएगा।

इसका सीधा असर कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी पर पड़ सकता है, क्योंकि बेसिक पे बढ़ने से EPF और ग्रेच्युटी में कटौती का हिस्सा भी बढ़ेगा। हालांकि लंबे समय में इसका फायदा यह होगा कि कर्मचारियों का रिटायरमेंट फंड और ग्रेच्युटी पहले से ज्यादा मजबूत होगी।

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छत्तीसगढ़

रायपुर में बर्खास्त पुलिसकर्मी ने पत्नी-बेटी को कुल्हाड़ी से काटा:खुद थाने पहुंचकर किया सरेंडर, बोला- किराएदार से अफेयर था, मुझे टॉर्चर करती थी

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रायपुर,एजेंसी। राजधानी रायपुर में एक बर्खास्त पुलिसकर्मी ने पत्नी और बेटी को कुल्हाड़ी से काट डाला। घटना बुधवार सुबह 7 बजे की है। आरोपी गुलाब साहू ने पहले पत्नी लता साहू पर कुल्हाड़ी से हमला किया, फिर बेटी चित्रा साहू (22) को मारा।

मामला विधानसभा थाना क्षेत्र के सेमरिया गांव का है। वारदात के बाद आरोपी ने खुद थाने पहुंचकर सरेंडर किया और पुलिस से कहा कि मेरी पत्नी का किराएदार से अफेयर था, मां बेटी दोनों के टॉर्चर से परेशान होकर उसने हत्या की।

बेटी चित्रा का सिर बुरी तरह से कुचलाया था, पत्नी की लाश नीचे जमीन पर पड़ी थी।

बेटी चित्रा का सिर बुरी तरह से कुचलाया था, पत्नी की लाश नीचे जमीन पर पड़ी थी।

4 साल पहले ही लता साहू ने बर्खास्त पुलिसकर्मी से दूसरी शादी की थी।

4 साल पहले ही लता साहू ने बर्खास्त पुलिसकर्मी से दूसरी शादी की थी।

चित्रा साहू (22) बर्खास्त पुलिसकर्मी की सौतेली बेटी थी।

चित्रा साहू (22) बर्खास्त पुलिसकर्मी की सौतेली बेटी थी।

अनुशासनहीनता के कारण सेवा से बर्खास्त

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी को पूर्व में अनुशासनहीनता के कारण सेवा से बर्खास्त किया जा चुका था। पुलिस हिरासत में आरोपी गुलाब साहू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

उसने बताया कि किराएदार ने घर गाड़ी पैसा का लालच देकर मेरी पत्नी का ब्रेनवॉश कर दिया था। वह कहता था कि बेटी को गोद ले लूंगा फिर हम ऐश करेंगे। मुझे निकालने की बात कहता था। उसकी बात में आकर मां बेटी मुझे घर से निकलने कहती थी।

जब हर समय टॉर्चर करने लगे तो मुझसे सहन नहीं हुआ, इसलिए दोनों की हत्या कर दी। मैं 2 साल पहले बिलासपुर में पुलिस में नौकरी में था, ट्रेनिंग करके छोड़ दिया था, फिर मार्केटिंग लाइन में आ गया था।

4 साल पहले की थी दूसरी शादी

पुलिस ने बताया कि लता साहू ने लगभग 4 साल साल पहले गुलाब साहू से दूसरी शादी की थी। चित्रा, लता की पहली शादी से बेटी थी। मर्डर की सूचना पड़ोसियों ने थाने में दी थी। जिसके बाद पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों के शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

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कोरबा

हनुमान जन्मोत्सव (02 अप्रैल):गेवरा बस्ती चौक में हनुमान चालीसा पाठ एवं विशाल भंडारे का आयोजन

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अजय जायसवाल ने क्षेत्रवासियों को किया आमंत्रित
कोरबा/कुसमुण्डा। जिला पंचायत कोरबा के पूर्व उपाध्यक्ष अजय जायसवाल एवं श्रीमती रीना अजय जायसवाल के आतिथ्य में हनुमान मंदिर सेवा समिति गेवरा बस्ती द्वारा 02 अप्रैल 2026 हनुमान जन्मोत्सव पर संगीतमय हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया जा रहा है। पंडित श्री रमाकांत महाराज के सानिध्य में हनुमान चालीसा पाठ होगा। हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन संध्या 5.30 बजे से प्रारंभ होगा और रात्रि 8.00 बजे विशाल भंडारे का भी आयोजन होगा।
जिला पंचायत कोरबा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं क्षेत्र के जनप्रिय नेता, समाजसेवी अजय जायसवाल ने क्षेत्र के समस्त लोगों को इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने का निवेदन किया है और पुण्य लाभ लेने की अपील की है। उन्होंने हनुमान जयंती की सभी को शुभकामनाएं प्रेषित की है।

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