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छत्तीसगढ़

रायपुर : फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को मिला रेडी टू ईट निर्माण का कार्य: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण हेतु रायगढ़ में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपे अनुबंध पत्र

बच्चों के पोषण अभियान के साथ महिलाओं की आर्थिक समृद्धि को मजबूती देगी यह पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण हेतु रायगढ़ में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपे अनुबंध पत्र
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण हेतु रायगढ़ में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपे अनुबंध पत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने के निर्णय पर अमल की पहल की शुरुआत आज रायगढ़ जिले से की गई है। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण के लिए अनुबंध पत्र सौंपे। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल, महापौर जीवर्धन चौहान एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण एवं वितरण का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। यह कार्य प्रारंभिक चरण में 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जाएगा। रायगढ़ इस पहल का पहला जिला बना है, जहाँ 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र वितरित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सार्थक पहल है। साथ ही, बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि विगत डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश कार्यों को धरातल पर उतारा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में  5500 रुपये प्रति मानक बोरा की वृद्धि तथा चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत जैसे कार्य इसके सशक्त उदाहरण हैं। साथ ही, रामलला दर्शन योजना एवं तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब तक प्रदेश की 1,460 पंचायतों में ऐसे सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों माताएं और बहनें सरल, सुरक्षित और सुलभ बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। आने वाले समय में शेष पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।

इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सतत कार्य कर रही है। पूरे देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसके अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी दिशा में रेडी टू ईट योजना प्रारंभ की जा रही है, जिसके प्रथम चरण में 6 जिलों को शामिल किया गया है। रायगढ़ ऐसा पहला जिला है जहाँ महिला समूहों को अनुबंध पत्र सौंपे गए हैं। वित्त मंत्री ने अनुबंध प्राप्त सभी महिला समूहों से गुणवत्ता युक्त कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि वे इस योजना को एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत करें। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि राज्य के पोषण अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में रेडी टू ईट कार्य हेतु 10 महिला समूहों का चयन किया गया है, जिन्हें अनुबंध पत्र प्रदान किए गए हैं। इन समूहों को रेडी टू ईट यूनिट की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत उद्योग विभाग द्वारा पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।रायगढ़ जिले की रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू परियोजनाओं के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट वितरण हेतु महिला समूहों का चयन किया गया है।

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छत्तीसगढ़

GGU लॉ डिपार्टमेंट पेपर लीक मामला, री-एग्जाम का नोटिफिकेशन रद्द:छात्रों के विरोध के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन का फैसला, 27 जुलाई से होना था एग्जाम

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) ने 27 जुलाई को होने वाली BA-LLB के छठे सेमेस्टर की परीक्षा का नोटिफिकेशन रद्द कर दिया है। छात्रों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह फैसला लिया। अब इस परीक्षा का नोटिफिकेशन भी रद्द कर दिया है।

छात्रों ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और री-एग्जाम के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। रजिस्ट्रार प्रो. अश्वनी दीक्षित और अन्य अधिकारियों ने छात्रों को समझाइश दी।

दोबारा परीक्षा के लिए समय नहीं, इसलिए विरोध

छात्रों का कहना था कि दोबारा परीक्षा के लिए उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया है, जिससे तैयारी करना संभव नहीं होगा। दोपहर से ही छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर विभागाध्यक्ष (HOD) से चर्चा कर रहे थे।

हालांकि कोई समाधान नहीं निकलने पर उनका आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र प्रशासनिक भवन पहुंच गए और विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि री-एग्जाम का नोटिफिकेशन वापस नहीं लिया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। छात्रों के बढ़ते विरोध और हंगामे को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आखिरकार री-एग्जाम की अधिसूचना निरस्त करने की घोषणा कर दी।

रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

बीए-एलएलबी के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा दोबारा कराने पर आपत्ति जताई थी। छात्रों का कहना था कि जिस फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है, उसे पारदर्शिता के लिए सार्वजनिक किया जाए। साथ ही री-एग्जाम संबंधी अधिसूचना वापस लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।

डेढ़ महीने तक दबी रही जांच रिपोर्ट

पेपर लीक मामले की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने 6 जून को अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी थी। इसके बावजूद करीब डेढ़ महीने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल को कार्यकाल विस्तार मिलने के बाद मंगलवार (21 जुलाई) को अचानक परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। इसे लेकर भी छात्र सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हुई।

समर्थ पोर्टल हैक नहीं, लॉगिन आईडी से लीक हुआ था पेपर

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच में सामने आया कि समर्थ पोर्टल हैक नहीं हुआ था, बल्कि लॉगिन आईडी और पासवर्ड के जरिए प्रश्नपत्र और अन्य डेटा लीक किया गया। कमेटी ने मामले की पुलिस जांच कराने की भी अनुशंसा की है।

जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने विभागीय जांच समिति बनाई है, जिसमें प्रो. एससी श्रीवास्तव, प्रॉक्टर प्रो. मुकेश कुमार सिंह, प्रो. खेमचंद देवांगन, ओएसडी प्रो. भारती अहिरवार और असिस्टेंट रजिस्ट्रार (परीक्षा) टी.पी. सिंह शामिल हैं।

पहले हटाए जा चुके हैं लॉ विभाग के डीन और एचओडी

पेपर लीक मामले में सवाल उठने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही लॉ विभाग के तत्कालीन एचओडी एवं डीन प्रो. सुधांशु रंजन मोहापात्रा को पद से हटा दिया है। उनकी जगह इतिहास विभाग के प्रो. प्रवीण मिश्रा को लॉ विभाग का नया एचओडी और डीन बनाया गया है। छात्रों ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति और विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष तक भी पहुंचाई थी।

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छत्तीसगढ़

शेयर ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने का झांसा:जांजगीर-चांपा में व्यापारी से 2.04 करोड़ की ठगी, आरोपी पति-पत्नी रायपुर से गिरफ्तार

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले में शेयर मार्केट में निवेश कर रकम दोगुनी करने का लालच देकर एक व्यापारी से 2 करोड़ 4 लाख 97 हजार 502 रुपये की ठगी करने वाले फरार पति-पत्नी को चांपा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार थे। पुलिस ने नया रायपुर से उन्हें पकड़कर लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और चेकबुक जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार, चांपा निवासी बैटरी व्यापारी हेमदत्त केशरवानी ने 24 मई को थाना चांपा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पहचान मारुति विहार कॉलोनी निवासी हरिशंकर गुप्ता और उनकी पत्नी रेखा गुप्ता से थी। हरिशंकर ने खुद को यूनियन बैंक चांपा का कर्मचारी बताया और शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया।

2 करोड़ से ज्यादा निवेश कराया

आरोपियों के झांसे में आकर व्यापारी ने बैंक से लोन लेकर तथा अन्य लोगों के माध्यम से चेक और आरटीजीएस के जरिए 2.04 करोड़ रुपये से अधिक उनके खातों में जमा करा दिए। बाद में आरोपियों ने केवल 39 लाख 99 हजार 400 रुपये लौटाए और बाकी रकम देने में टालमटोल करते हुए फरार हो गए।

तकनीकी जांच से नया रायपुर में मिले

मामला दर्ज होने के बाद चांपा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की लोकेशन नया रायपुर में ट्रेस की। पुलिस टीम ने दबिश देकर हरिशंकर गुप्ता (43) और रेखा गुप्ता (42) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने ठगी की बात स्वीकार कर ली।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और चेकबुक जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और चेकबुक जब्त किए हैं। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

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कोरबा

कोरबा प्रेस क्लब में जयसिंह और अरुण साव आमने-सामने:शपथ ग्रहण समारोह में विकास पर सियासी बहस, उपलब्धियों और चुनावी नतीजों को लेकर तीखी नोकझोंक

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कोरबा। कोरबा प्रेस क्लब के शपथ ग्रहण समारोह का मंच गुरुवार को उस समय राजनीतिक रंग में रंग गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रदेश सरकार के ढाई साल के कार्यकाल पर सवाल उठाए। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव और उद्योग मंत्री तथा स्थानीय विधायक लखनलाल देवांगन भी मौजूद थे।

अपने संबोधन में जयसिंह अग्रवाल ने कहा, “सरकार अपनी ढाई साल की सिर्फ ढाई उपलब्धियां ही बता दे।” उन्होंने कहा कि यदि विकास के दावे किए जा रहे हैं तो उन पर खुले मंच से सार्वजनिक बहस होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सरकार के किसी भी मंत्री को कोरबा के विकास कार्यों पर चर्चा की चुनौती दी।

डिप्टी सीएम अरुण साव ने चुनावी नतीजों का हवाला देकर किया पलटवार

डिप्टी सीएम अरुण साव ने चुनावी नतीजों का हवाला देकर किया पलटवार

कोरबा का दौरा करने की दी सलाह

जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव लंबे समय बाद कोरबा आए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रहने के बजाय कोरबा, कुसमुंडा, गेवरा, दीपका, कटघोरा और बालको का दौरा करें, ताकि जिले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

महापौर पर नरमी, सरकार पर सवाल

पूर्व मंत्री ने कहा कि कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत का कार्यकाल अभी केवल 16 महीने का है, इसलिए उनके कामकाज पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा। वहीं उन्होंने राज्य सरकार के ढाई साल के कार्यकाल को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी अधिकारियों की गड़बड़ी का खुले मंच से विरोध किया जाता था।

अरुण साव का पलटवार

जयसिंह अग्रवाल के बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा, “पहले जयसिंह अग्रवाल अपने कार्यकाल का आत्ममंथन करें। पांच साल कांग्रेस की सरकार रही, महापौर भी उनके घर से थी, लेकिन जनता ने चुनाव में जवाब दे दिया।”

उन्होंने दावा किया कि वर्तमान भाजपा सरकार ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए काम कर रही है।

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